महासुदर्शन धर वासुदेव को नमन,
श्री धन्वंतरि भगवान जी को नमन,
अमृत कलश जिनके हाथों में है,
महाप्रभू त्रिलोकनाथ को नमन।
सर्व भय से निर्भय करने वाले,
सर्व रोगों से निरोगी करने वाले,
सर्व पापों को नष्ट करने वाले,
त्रिलोक पथगामी प्रभू को नमन।
महाविष्णुस्वरूप, धन्वंतरिस्वरूप,
श्री श्री श्री औषधचक्र धारी प्रभू,
श्री ॐ नमोनारायण जी को नमन,
महाप्रभू त्रिलोक स्वामी को नमन।
भगवान धनवंतरि अमृतधारी हैं,
सारे अनिष्ट वही नष्ट करते हैं,
आदित्य त्रिलोक नाथ को नमन,
विष्णु अवतार श्रीराम को नमन।
डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर में विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l बी.आर.डी.बी.डी. पी.जी. कॉलेज आश्रम बरहज में बी.ए. छठवें सेमेस्टर के राजनीति…
फाइल फोटो बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। थाना क्षेत्र के ग्राम करौंदी में लंबे समय से…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)माँ बगलामुखी के पावन प्राकट्य दिवस एवं जयंती के अवसर पर गोरखपुर…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सनातन आस्था और सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक सोमनाथ मंदिर में आयोजित…
संपूर्ण समाधान दिवस में 39 शिकायते, 04 का मौके पर निस्तारण महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।…