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बीबीएयू में राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला, जिम्मेदार पत्रकारिता और फैक्ट-चेकिंग पर दिया गया जोर

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शनिवार को जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर की मीडिया कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में जिम्मेदार पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया, फैक्ट-चेकिंग और विकसित भारत के निर्माण में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की, जबकि मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं डीडी न्यूज के एडिटर अशोक श्रीवास्तव रहे। मंच पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष प्रो. एन.एल. गुप्ता, महासचिव प्रो. गीता भट्ट, जनसंचार एवं पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रो. गोविंद जी. पाण्डेय तथा राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना और कुलगीत के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, पौधा और शॉल भेंटकर किया गया।
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए आर्थिक विकास के साथ सामाजिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त नागरिकों का निर्माण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है और सूचना साझा करने से पहले तथ्यों का सत्यापन करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि फर्जी खबरों और भ्रामक नैरेटिव से समाज को बचाया जा सके।
मुख्य अतिथि अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब नई पीढ़ी को दूरदृष्टि और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने युवाओं को ‘जेन-वी’ यानी विजन वाली पीढ़ी बनने का आह्वान किया। उन्होंने डिजिटल युग में तकनीक के साथ निरंतर अपडेट रहने और तथ्यपरक पत्रकारिता को अपनाने पर बल दिया।
प्रो. एन.एल. गुप्ता ने महासंघ की गतिविधियों, शिक्षा के भारतीयकरण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और मूल्यपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी दी। वहीं प्रो. गीता भट्ट ने कहा कि मीडिया समाज में सकारात्मक बदलाव और जनजागरूकता का सशक्त माध्यम है तथा शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में मीडिया एवं शैक्षिक संगठनों के समन्वय की आवश्यकता है।
तकनीकी सत्र में अशोक श्रीवास्तव ने मीडिया नैरेटिव के प्रभाव और फैक्ट-चेकिंग के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। दूसरे सत्र में रील्स निर्माण, मोबाइल पत्रकारिता, वीडियो ऑप्टिमाइजेशन, डिजिटल युग में प्रिंट मीडिया की प्रासंगिकता तथा प्रभावशाली कंटेंट निर्माण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। तीसरे सत्र में प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया गया, जबकि चौथे सत्र में महासंघ के मीडिया प्रकोष्ठ की कार्ययोजना से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. लोकनाथ ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो. महेंद्र कुमार पाढी, प्रो. रचना गंगवार, डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. लोकनाथ सिंह, डॉ. कुंवर सुरेन्द्र बहादुर, डॉ. बबिता पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी और प्रतिभागी उपस्थित रहे।

rkpNavneet Mishra

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