भूगोल की पढ़ाई के खुले नए रास्ते, अब किसी भी संकाय के छात्र ले सकेंगे प्रवेश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने भूगोल विषय की प्रवेश पात्रता और डिग्री संरचना में बड़ा बदलाव करते हुए छात्रों के लिए नए अवसरों का रास्ता खोल दिया है। अब स्नातक स्तर पर कला, विज्ञान या वाणिज्य किसी भी संकाय से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र भूगोल विषय में प्रवेश ले सकेंगे। इसके साथ ही विभाग में बीए, बीएससी, एमए और एमएससी (भूगोल) पाठ्यक्रम संचालित करने को भी मंजूरी मिल गई है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में हुई विद्या परिषद की बैठक में भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. स्वर्णिमा सिंह द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।
नए निर्णय के अनुसार, स्नातक स्तर पर किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी, चाहे वे कला, विज्ञान या वाणिज्य संकाय से हों, भूगोल विषय में प्रवेश के पात्र होंगे। इससे विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को भूगोल विषय में अध्ययन का अवसर मिलेगा।
स्नातकोत्तर स्तर पर प्रवेश के लिए विज्ञान संकाय से स्नातक डिग्री अथवा कला संकाय से भूगोल विषय सहित बीए उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पात्र माना जाएगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे विषय की शैक्षणिक गुणवत्ता और विशेषज्ञता को मजबूती मिलेगी।
विद्या परिषद ने भूगोल विभाग में बीए (भूगोल) और बीएससी (भूगोल) के साथ एमए (भूगोल) एवं एमएससी (भूगोल) की डिग्रियां संचालित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इससे विद्यार्थियों को अपनी रुचि और शैक्षणिक पृष्ठभूमि के अनुरूप कला तथा विज्ञान दोनों धाराओं में भूगोल की पढ़ाई का विकल्प मिलेगा।
बैठक में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को अधिक शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से भूगोल विषय में अध्ययन, शोध और रोजगार की संभावनाओं को नई गति मिलेगी।

rkpNavneet Mishra

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