जिंदा होकर भी कागजों में ‘मृत’ खड़क सिंह – न्याय के लिए वर्षों से लगा रहे अधिकारियों के चक्कर

देवरिया/सलेमपुर।(राष्ट्र की परम्परा)
राजस्व विभाग की लापरवाही ने एक जिंदा व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित कर दिया है। सलेमपुर तहसील क्षेत्र के मझौली राज निवासी खड़क सिंह पुत्र दशरथ लंबे समय से अपने जीवित होने के सबूतों के साथ उपजिलाधिकारी कार्यालय सहित उच्चाधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला है।

बताया जा रहा है कि रोजी-रोटी की तलाश में खड़क सिंह सालों पहले अपने परिवार के साथ असम के तिनसुकिया चले गए थे। बीच-बीच में वे अपने पैतृक घर मझौली राज भी आते रहते थे। इसी दौरान एक सड़क दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हुए और लंबे समय तक उनका इलाज चलता रहा। ठीक होने के बाद जब वे वापस अपने गांव पहुंचे तो उनके भाइयों ने कह दिया कि अब यहां से चले जाओ, तुम राजस्व अभिलेखों में मृत हो चुके हो।

दस्तावेजों की जांच करने पर खड़क सिंह को पता चला कि राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया है। तभी से वे लगातार अधिकारियों से दस्तावेजों में सुधार और खुद को जीवित दर्ज कराने की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन व्यवस्था की उदासीनता के चलते वर्षों बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है।

अब वृद्ध और अशक्त खड़क सिंह अपने जीवित होने के सबूत लेकर बार-बार अधिकारियों के सामने अपनी व्यथा सुनाते हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक उन्हें इस लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और कौन होगा इस पूरे मामले का जिम्मेदार?

rkpnews@desk

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