Wednesday, April 15, 2026
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वेद माता गायत्री की साधना से गूंजा जन कल्याणेश्वर महादेव मंदिर परिसर

गायत्री महायज्ञ से सैनिक नगर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार, सर्वजन कल्याण का लिया गया संकल्प


लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी लखनऊ के सैनिक नगर कॉलोनी स्थित श्री जन कल्याणेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित गायत्री महायज्ञ लखनऊ क्षेत्रवासियों के लिए आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का सशक्त माध्यम बना। रविवार 4 जनवरी 2026 को संपन्न इस विराट आयोजन का उद्देश्य सर्वजन के कल्याण, सुख-शांति और उज्ज्वल भविष्य की कामना रहा।
देवाधिदेव महादेव श्री जन कल्याणेश्वर महादेव भगवान शंकर जी एवं वेद माता गायत्री के दिव्य संरक्षण में प्रातः 10 बजे प्रारंभ हुआ यह महायज्ञ विधि-विधान एवं वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न कराया गया। दोपहर 2 बजे प्रसाद वितरण के साथ यज्ञ का समापन हुआ। यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, अग्नि में आहुति और सामूहिक साधना ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से ओतप्रोत कर दिया।
गायत्री महायज्ञ लखनऊ में सैनिक नगर कॉलोनी एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और सामाजिक कल्याण का संकल्प लिया। यज्ञ स्थल पर अनुशासन, श्रद्धा और सामूहिक सहभागिता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विद्यावाचस्पति डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उपाध्यक्ष कैप्टन डीडी सिंह सपत्नीक सहित अनेक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं महिलाएं इस अवसर पर उपस्थित रहीं। गायत्री परिवार से जुड़े आचार्य शशि भूषण पांडेय, घनश्याम त्रिपाठी एवं जितेंद्र सिंह सपत्नीक ने विधिपूर्वक यज्ञ संपन्न कराया, जबकि मंदिर आचार्य पंडित ब्रजेश कुमार मिश्र का सहयोग भी सराहनीय रहा।
महायज्ञ के समापन अवसर पर डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ने सभी सहयोगियों, आचार्यों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने शीघ्र ही मंदिर परिसर में वेद माता गायत्री की प्रतिमा स्थापना की घोषणा की। साथ ही, गायत्री परिवार की विचारधाराओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘अखंड ज्योति’ पत्रिका एवं ‘युग निर्माण योजना’ को मंदिर में नियमित रूप से उपलब्ध कराने का संकल्प भी लिया।
यह गायत्री महायज्ञ लखनऊ न केवल धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवन दृष्टि को सुदृढ़ करने का प्रेरक संदेश भी दे गया।

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