महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सत्य, भक्ति और साहस की अमर गाथा है। फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि में जलती होलिका भारतीय संस्कृति के उस गहन दर्शन को प्रकट करती है, जहां अग्नि दहन ही नहीं, बल्कि शुद्धिकरण और नवसृजन का प्रतीक बनती है।
हर वर्ष जलती होलिका यह संदेश देती है कि अन्याय और अहंकार चाहे कितने भी प्रबल क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और आस्था की ही होती है।
पौराणिक कथा: जब भक्ति ने अहंकार को पराजित किया
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार असुरराज हिरण्यकश्यप ने कठोर तपस्या कर वरदान प्राप्त किया और स्वयं को ईश्वर से भी ऊपर समझने लगा। उसने राज्य में अपनी पूजा का आदेश दिया, लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु का अनन्य भक्त था।
पुत्र की अटूट भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने उसे मृत्यु के मुख में धकेलने का षड्यंत्र रचा। उसकी बहन होलिका को वरदान था कि अग्नि उसे जला नहीं सकती। योजना के तहत वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी, लेकिन परिणाम विपरीत हुआ—होलिका जलकर राख हो गई और प्रह्लाद सुरक्षित बाहर आ गए।
यह कथा केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि यह स्पष्ट संदेश है कि अहंकार का अंत निश्चित है और सच्ची आस्था की रक्षा स्वयं ईश्वर करते हैं।
ये भी पढ़े – मिडिल ईस्ट संकट: 14 देशों से निकलने का अलर्ट
होलिका दहन का सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व
होलिका दहन हमें तीन महत्वपूर्ण सीख देता है:
• अहंकार का पतन निश्चित है।
• सच्ची श्रद्धा किसी भी संकट से बड़ी होती है।
• सत्य और धर्म की राह कठिन जरूर, पर विजय उसी की होती है।
आज के दौर में, जब समाज में तनाव, प्रतिस्पर्धा और द्वेष बढ़ रहे हैं, यह पर्व आत्ममंथन का अवसर बन जाता है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम अपने भीतर के क्रोध, ईर्ष्या और अहंकार को अग्नि में समर्पित करें और सकारात्मकता की ओर कदम बढ़ाएं।
युवाओं के लिए संदेश
प्रह्लाद की अडिग भक्ति बताती है कि परिस्थिति चाहे कितनी भी कठिन हो, विश्वास और साहस से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। यह संदेश आज के युवाओं के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक है।
ये भी पढ़े- Iran-Israel तनाव के बीच राहत: IndiGo जेद्दा से चलाएगा 10 स्पेशल फ्लाइट्स
कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शासन…
देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…
निचलौल रेफर के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, रेस्क्यू टीम…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शनिवार को जनसंचार एवं पत्रकारिता…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने भूगोल विषय की…
बभनान/बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा सूर्य प्रताप…