Indian Culture

भारत की सुरसम्राज्ञी आशा भोसले का अवसान: एक युग का अंत, एक अमर धरोहर की शुरुआत

“सुरों की रानी चली गईं: आशा भोसले के साथ खत्म हुआ एक स्वर्णिम युग” Rkpnews गोंदिया/मुंबई। भारतीय संगीत जगत के…

1 month ago

वेद माता गायत्री: सामाजिक परिवर्तन और आध्यात्मिक चेतना का आधार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आधुनिक युग में जहां भौतिक प्रगति तेजी से हो रही है, वहीं मानसिक तनाव, नैतिक गिरावट…

1 month ago

होलिका दहन 2026: अहंकार की राख पर जली आस्था की ज्योति, सत्य की जीत का संदेश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सत्य, भक्ति और साहस की अमर गाथा है।…

2 months ago

रंगों में रची समरसता की संस्कृति: होली का व्यापक संदेश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। फाल्गुन की बयार के साथ जब रंगों की छटा बिखरती है, तो केवल चेहरे ही नहीं,…

3 months ago

वैलेंटाइन वीक 7–14 फरवरी 2026 बनाम भारतीय विकल्प

प्यार, भावनाएँ, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन की वैश्विक आवश्यकता एक समग्र विश्लेषणगोंदिया। वैश्विक स्तर पर हर वर्ष…

3 months ago

महामृत्युंजय मंत्र: भय से मुक्ति और चेतना के उत्थान का वैदिक सूत्र

कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय वैदिक परंपरा में महामृत्युंजय मंत्र केवल एक धार्मिक मंत्र नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु…

4 months ago

भारतीय संस्कृति और जनभाषा की आत्मा: पाणिनी के सूत्रों में छिपा भारत

कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। यदि भारतीय संस्कृति की आत्मा को समझना हो, उसकी वैचारिक जड़ों तक पहुँचना हो और…

5 months ago

भारतीय संस्कृति की आत्मा: गायत्री मंत्र में निहित चेतना, विवेक और नैतिक शक्ति

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय संस्कृति केवल रीति-रिवाजों, पर्व-त्योहारों और अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चेतना, विवेक, करुणा…

5 months ago

रक्त से आगे संस्कारों का रिश्ता: माता-पिता और पुत्र के अटूट बंधन से गढ़ता है समाज का भविष्य

— डॉ. सतीश पाण्डेयमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। माता-पिता और पुत्र का रिश्ता केवल जन्म से जुड़ा रक्त संबंध नहीं होता,…

5 months ago

देश की आत्मा को स्वर देने वाले जनकवि- कवि प्रदीप

✍️ पुनीत मिश्र जब भी भारत में देशभक्ति की धुनें गूंजती हैं, जब भी किसी समारोह में राष्ट्रप्रेम की भाव-लहर…

5 months ago

पंचाग के अनुसार सूर्य की पहली किरण के साथ अपने भीतर के अंधेरे को मिटाइए

श्री पंचांग — 7 दिसंबर 2025, रविवार(धार्मिक, आध्यात्मिक व दैनिक जीवन के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका) आज का दिन आस्था, संयम…

5 months ago

आज भी बरकरार है बताशे का महत्व, धार्मिक और मांगलिक आयोजनों में होती है विशेष भूमिका

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। समय के साथ भले ही मिठाइयों के रूप बदल गए हों, लेकिन बताशे का महत्व आज…

7 months ago