एससी/एसटी एक्ट और यूजीसी नियमों को लेकर बढ़ा असंतोष

आरक्षण, यूजीसी नियम और एससी/एसटी एक्ट को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, शंकराचार्य अपमान का आरोप

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।आरक्षण व्यवस्था, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियम, एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग तथा मौनी अमावस्या के दिन आदि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी और संतों के साथ हुए कथित अपमानजनक व्यवहार के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी देवरिया के माध्यम से सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि इन सभी विषयों पर राष्ट्रपति स्तर से स्वतः संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ज्ञापनकर्ताओं ने कहा कि देश शिक्षा, प्रतिभा और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन जाति आधारित राजनीति और नीतियाँ समाज को विभाजित करने का कार्य कर रही हैं।

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आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुँच पा रहा है। मांग की गई कि सभी वर्गों के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों का व्यापक सर्वे कर समान आधार पर आरक्षण का लाभ दिया जाए, जिससे सामाजिक समरसता बनी रहे।
यूजीसी के नए नियमों पर आपत्ति
ज्ञापनकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 13 जनवरी 2026 को लागू किए गए यूजीसी के नए नियम शिक्षा संस्थानों में जातिगत विभाजन को बढ़ावा देंगे। उनका कहना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता और निष्पक्षता प्रभावित होगी। इस नियम को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

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एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा
ज्ञापन में एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई गई। कहा गया कि कई मामलों में इसका प्रयोग राजनीतिक दबाव और व्यक्तिगत द्वेष के लिए किया जा रहा है, जिससे कानून की मूल भावना प्रभावित हो रही है। इस पर प्रभावी नियंत्रण और पारदर्शी जांच प्रणाली लागू करने की मांग की गई।

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मौनी अमावस्या की घटना पर रोष
ज्ञापन में मौनी अमावस्या के दिन आदि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी और अन्य संतों के साथ शिखा अपमान और अपराधियों जैसा व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया। इसे सनातन परंपरा और संत समाज का अपमान बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
यह ज्ञापन समाजसेवी राहुल मिश्रा और अभय प्रताप शुक्ल के नेतृत्व में सौंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।

Editor CP pandey

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