बरहज(राष्ट्र की परम्परा)
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने22 मई को देवरिया आगमन के दौरान जनपद के दो सड़कों के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान बरहज स्थित निमार्णाधीन मोहन सेतु के बारे में सीएम द्वारा यह कहा गया कि गैर भाजपा कि पिछली सपा सरकार ने मोहन सिंह सेतु निर्माण के लिए सिर्फ एक लाख रुपए की टोकन मनी दी गई थी।उसे हमारी सरकार त्वरित गति से पूर्ण कराएगी जिसको सुनकर राजनीतिक तापमान बढ गया है।
बता दे की मोहन सेतु के निर्माण की आधारशिला समाजवादी नेता मोहन सिंह की निधन के बाद उन्हें कंधा देने आए सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव से स्थानीय लोगों द्वारा सरयू नदी पर पक्के इस पुल की मांग के बाद उनकी स्वीकृति के उपरांत रखी गई थी जो मोहन सिंह की सुपुत्री एवं पूर्व राज्य सभा सदस्य कनकलता सिंह के अथक प्रयत्नों के बाद संभव हो सका था।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी के बाद सपा नेत्री एवं इस मोहन सिंह सेतु के निर्माण हेतु अनवरत प्रयत्नशील पूर्व राज्यसभा सदस्य कनकलता सिंह ने प्रेस को जारी अपने एक प्रेस व्यक्तव्य में कहा है कि सपा की सरकार ने मोहन सिंह सेतु के निर्माण हेतु कुल 51 करोड़ रुपए अवमुक्त किए थे जिसकी बदौलत दो तिहाई पुल बनकर तैयार है।इसके निर्माण हेतु लगभग 04 करोड़ रुपए का मुआवजा किसानों को दिया गया था।सपा की सरकार गए हुए 09 वर्ष होने को है लेकिन पुल का निर्माण ज्यों का त्यों लंबित पड़ा हुआ है वह भी तब जब भाजपा के बरहज सहित पूरे जिले में सभी विधायक ,देवरिया और बांसगांव के सांसद,जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख, टाउन एरिया चेयरमैन आदि सभी भाजपा के हैं।
सपा नेत्री एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य कनकलता सिंह ने कहा है कि मोहन सिंह सेतु के निर्माण से जहां बरहज इलाके का विकास तीव्र गति से होगा वहीं इससे मेरा दिली लगाव भी है क्योंकि यह मेरे प्रयत्न से मेरे स्मृतिशेष पिता की स्मृति में बनना है इसलिए मैं चाहूंगी कि सरकार विलंब से ही सही देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर 09 वर्ष बाद ही त्वरित गति से इसका निर्माण कार्य कराए।
सपा नेत्री कनकलता सिंह ने पिछले और वर्तमान भाजपा विधायक और सांसद को गैरजिम्मेदार बताते हुए कहा है कि सत्ताधारी दल के विधायक और सांसद इतने निष्क्रिय हैं कि उनकी सरकार में उनके क्षेत्र में पूर्व से जारी जनहित की परियोजनाएं 09 -09 साल से लंबित हैं और वे कालर टाइट कर जनता में घूमते हुए लज्जा तक महसूस नहीं कर रहे हैं।एक मैं थी जो पिता मोहन सिंह की मृत्यु के बाद राजनीति में आकर अपनी सरकार में मानक में न होने के बावजूद बरहज में पुल स्वीकृत करा 51 करोड़ रुपए आबंटित करा तत्कालीन मंत्री शिवपाल सिंह यादव से शिलान्यास करवा करके निर्माण कार्य शुरू करवा दी थी, एक ये सत्ताधारी दल के विधायक और सांसद हैं जो खुद की मटरगस्ती में मस्त हैं।
सपा नेत्री ने प्रदेश के मुखिया और गोरखपुर को अपना गृह क्षेत्र मानने वाले योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है कि जिस तरह से मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने सिर्फ सैफई ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद,एटा आदि जनपदों को समुन्नत बनाया है वैसे ही आप भी गोरखपुर, देवरिया,कुशीनगर, महाराजगंज को यूपी के नक्शे पर अव्वल बनाईए और 09 साल बाद ही सही त्वरित गति से इस मोहन सेतु को बजट देकर निर्माण कार्य पूर्ण कराइए।
