हर्षोल्लास से मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती

डॉ० अंबेडकर एक अदम्य प्रेरणा और आधुनिक भारत के शिल्पकार – विजय बहादुर सिंह

वंचितों और शोषितों के हक की लड़ाई के नायक थे बाबा साहब – डॉ० शैलेन्द्र प्रताप सिंह

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले आधुनिक भारत के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर ने केवल स्वतंत्र भारत के संविधान की आधारशिला ही नहीं रखी, बल्कि सामाजिक समानता, न्याय और वंचितों के उत्थान के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका जीवन अनगिनत चुनौतियों, अटूट साहस और असाधारण सफलता की एक ऐसी प्रेरक गाथा है जो आज भी करोड़ों लोगों को अन्याय के खिलाफ लड़ने तथा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की शक्ति प्रदान करता है। उक्त बातें पं. दीनदयाल इण्टर कॉलेज में आयोजित भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर संस्था के संस्थापक विजय बहादुर सिंह ने कही। डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ अंबेडकर ने चुनौतियों को अपनी ताकत बनाया। उन्होंने न केवल उच्च शिक्षा प्राप्त की, बल्कि कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से डिग्री भी हासिल की। संस्था के प्रधानाचार्य डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अंबेडकर जयंती का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, भाई-चारा और न्याय के विचारों को फैलाना है। डॉ. अंबेडकर ने संविधान निर्माण में जो योगदान दिया, वह भारत को एक आधुनिक, लोकतांत्रिक और समतावादी राष्ट्र बनाने की नींव था। उन्होंने महिलाओं, पिछड़े वर्गों और दलित समुदाय को अधिकार दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा एक जागरूकता रैली निकाली गई। तत्पश्चात् छात्र-छात्राओं के मध्य एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी में लोकतंत्र में संविधान की भूमिका विषय पर छात्रों ने एक जीवंत चर्चा की। इस अवसर पर कमलेश भारती, अंशु खरवार, धीरज साहनी, दिव्यांशु पटेल, करन कुमार, आर्यन, राहुल साहनी, दिव्या भारती, नव्या जायसवाल, आकांक्षा चौहान, सुगंधा चौहान, नेहा धारिया, स्नेहा गुप्ता, संजना कन्नौजिया, रितिका, करिश्मा, अर्पिता अंशिका पटेल सहित तमाम छात्र-छात्राओं ने बाबा साहब के संबंध में अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। इस दौरान संस्था के आनन्द प्रकाश राव, जितेंद्र वर्मा, एस. एन. पाण्डेय, राकेश साहनी, अवधेश प्रजापति, घनश्याम राव, नेहा डालमिया, उमा वर्मा, ऐश्वर्या शर्मा, नीलम प्रजापति, इशरत जहां आदि शिक्षक शिक्षिकाए उपस्थित रहें।

Karan Pandey

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