महिला बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में जिला कारागार गोरखपुर की महिला बैरक में “महिला बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग” विषय पर विशेष योग प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा तथा कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में किया गया।
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की गतिविधियां “योग फॉर हेल्दी एजिंग” विषय के अंतर्गत आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में महिला बंदियों को योग के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में योग एवं ध्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की एक समग्र जीवन पद्धति है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन के संदेश में कहा गया कि योग महिला बंदियों में आत्म-निरीक्षण, आत्म-नियंत्रण और आत्मविश्वास की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के साथ पुनर्वास की प्रक्रिया भी मजबूत होगी।
योग प्रशिक्षकों ने महिला बंदियों को ताड़ासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, सुखासन, बालासन, शवासन, पश्चिमोत्तानासन, मन पवनमुक्तासन, अधोमुख श्वानासन, उष्ट्रासन तथा सेतु बंधासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। साथ ही नाड़ी शोधन, अनुलोम-विलोम प्राणायाम तथा ध्यान साधना के माध्यम से तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने के उपाय बताए गए।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण हास्य योग रहा, जिसमें महिला बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके अतिरिक्त महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बटरफ्लाई आसन, अर्ध कटि चक्रासन तथा मरीचि आसन का भी अभ्यास कराया गया।

महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि भविष्य में इच्छुक महिला बंदियों को प्रशिक्षित कर “योग साथी” के रूप में विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक डी.के. पांडे, जेलर अरुण कुमार तथा उप-जेलर अनीता श्रीवास्तव सहित कारागार प्रशासन के अधिकारियों ने सहयोग प्रदान किया। महिला बंदियों ने योगाभ्यास के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए इसे नियमित रूप से अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रतिदिन योग एवं ध्यान करने, ओम् उच्चारण करने तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। महिला बंदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योगाभ्यास से उन्हें मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और नई ऊर्जा का अनुभव हुआ।

rkpNavneet Mishra

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