गोरखपुर ( राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुरविश्वविद्यालय संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग में आयोजित दीक्षारम्भ कार्यक्रम के अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजवंत राव ने अपने उद्बोधन में कहा कि अनुशासन, धैर्य और स्व-मूल्यांकन सफलता का मूल मन्त्र है।
उन्होंने कहा कि दीक्षारम्भ कार्यक्रम भारतीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा है तथा भारत सरकार का यह उपक्रम सराहनीय और अनुकरणीय है। प्रो. राव ने विद्यार्थियों से कहा कि संतुष्टि सबसे बड़ा गुण है। विश्वविद्यालय में ज्ञान प्राप्त करना, ज्ञान से स्वयं को अर्थवान बनाना, समाज के अनुकूल प्रस्तुत करना तथा शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता का भाव रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम में विभागीय समन्वयक डॉ. देवेन्द्र पाल ने स्वागत एवं प्रास्ताविकी प्रस्तुत की। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने किया, जबकि संचालन एवं संयोजन डॉ. ज्ञानधर भारती द्वारा किया गया। इस अवसर पर विभाग के समस्त शिक्षक एवं नवागत छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
कानूनी मापन व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव: अब CNG, LPG और हाइड्रोजन पंपों पर नहीं होगी…
बरहज(राष्ट्र की परम्परा)प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने22 मई को देवरिया आगमन के दौरान जनपद…
सीडीओ ,वीसी जीडीए व एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार रहे सक्रिय गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)संघ लोक सेवा…
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों…
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)बरहज निवासी वरिष्ठ पत्रकार सौरभ तिवारी को भारत सरकार के प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो…
नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा)ज्यूडिशियल काउंसिल ने पर्यावरण संरक्षण और बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त…