देवरिया: बरहज में भवन निर्माण के दौरान ढही ईंट की रेलिंग, मलबे में दबकर राजमिस्त्री की दर्दनाक मौत

​दर्दनाक हादसा: देई डीहा गांव में प्लास्टर करते समय अचानक भरभरा कर गिरी कमजोर रेलिंग।

​अनाथ हुए बच्चे: एक साल पहले ही सिर से उठा था मां का साया, अब पिता की मौत से चार मासूमों के भविष्य पर मंडराया संकट।

​बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बरहज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देई डीहा में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ एक मकान के निर्माण कार्य के दौरान ईंट से बनी रेलिंग अचानक भरभरा कर गिर गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक राजमिस्त्री की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से ही मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

​प्लास्टर करते समय अचानक हुआ हादसा

​मिली जानकारी के अनुसार, बरहज थाना क्षेत्र के पिपरा भुली गांव निवासी रमेश प्रसाद (पुत्र मुखलाल प्रसाद, उम्र 40 वर्ष) पेशे से राजमिस्त्री थे। वह प्रतिदिन की भांति अपने काम पर निकले थे और देई डीहा गांव में आकाश जायसवाल के मकान पर निर्माण कार्य कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रमेश छत की रेलिंग पर प्लास्टर का काम कर रहे थे, तभी अचानक कमजोर होने के कारण पूरी रेलिंग भरभरा कर ढह गई। रमेश प्रसाद सीधे मलबे की चपेट में आ गए और उसके नीचे बुरी तरह दब गए।

​मकान मालिक और मजदूरों ने पहुँचाया अस्पताल

​हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद अन्य मजदूरों, दूसरे राजमिस्त्री और मकान मालिक आकाश जायसवाल ने आनन-फानन में भारी मशक्कत के बाद रमेश को मलबे से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत इलाज के लिए बरहज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​मासूमों के सिर से उठा इकलौता सहारा

ग्रामीणों ने बताया कि 40 वर्षीय रमेश प्रसाद के कंधे पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। उनके परिवार में दो बेटियां और दो बेटे हैं। बेहद दुखद बात यह है कि महज एक वर्ष पहले ही रमेश की पत्नी की भी मृत्यु हो चुकी थी। पत्नी की मौत के बाद रमेश ही अकेले कमाकर बच्चों का भरण-पोषण कर रहे थे। इस हादसे ने चारों बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। परिजनों और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

​घटना की सूचना मिलते ही बरहज पुलिस तुरंत पीएचसी पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन द्वारा मृतक के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए देवरिया सदर भेजने की तैयारी की जा रही थी। इस घटना के बाद से दोनों गांवों (पिपरा भुली और देई डीहा) में शोक की लहर है।

Karan Pandey

Recent Posts

टीसीएस के साथ डीडीयू का करार, 2400 विद्यार्थियों को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने उद्योग और शिक्षा के बीच समन्वय…

19 hours ago

31 जुलाई को नुक्कड़ नाटक के जरिए स्वच्छता का संदेश देंगे डीडीयू के रोवर्स-रेंजर्स

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की जिला संस्था भारत स्काउट एवं…

19 hours ago

नशा मुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण: प्रो. पूनम टंडन

एनसीसी शिविर में 500 कैडेट्स ने ली नशा मुक्ति की शपथ गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीन…

19 hours ago

गुरु पूर्णिमा पखवाड़े में विद्यार्थियों को मिला करियर मार्गदर्शन, विशेषज्ञों ने बताए सफलता के सूत्र

चितरंगी (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय सांदीपनि मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चितरंगी में गुरु पूर्णिमा पखवाड़े…

20 hours ago

एसडीएम के आश्वासन पर सपा नेता विजय रावत ने समाप्त की भूख हड़त

भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर, कथनी और करनी में बड़ा अंतर – व्यास यादव,…

20 hours ago

देवरिया जीआरपी की बड़ी सफलता: 8 घंटे में शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी के आभूषण व ₹6,900 नकद बरामद

रेलवे स्टेशन देवरिया सदर पर कार्रवाई, बलिया, मऊ और देवरिया के दर्ज मामलों से जुड़ा…

20 hours ago