दिल्ली की सुरक्षा और मजबूत: स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती जल्द, पाकिस्तान की हरकत के बाद बड़ा कदम

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) को हवाई खतरों से सुरक्षित रखने के लिए भारत जल्द ही अपना स्वदेशी मल्टीलेयर्ड इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) तैनात करने जा रहा है। यह अत्याधुनिक व्यवस्था दुश्मन के मिसाइल, ड्रोन और तेज गति से उड़ने वाले लड़ाकू विमानों जैसे सभी हवाई खतरों को निष्क्रिय करने में सक्षम होगी।

वरिष्ठ रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह प्रणाली भारत में विकसित क्विक रिएक्शन सर्वेस-टु-एयर मिसाइल (QRSAM), वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) और अन्य उन्नत स्वदेशी तकनीकों पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य दिल्ली और आसपास के सभी संवेदनशील स्थलों को बहु-स्तरीय हवाई सुरक्षा प्रदान करना है।

पाकिस्तान ने इस वर्ष किया था दिल्ली को निशाना बनाने का प्रयास

यह निर्णय ऐसे समय आया है जब मई 2025 में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत को निशाना बनाने की कोशिश की थी। उसी के बाद दिल्ली की हवाई सुरक्षा को और मजबूत बनाना रणनीतिक रूप से आवश्यक माना गया।

भारत पहले अमेरिकी NASAMS-II सिस्टम खरीदने की तैयारी में था, जिसका इस्तेमाल अमेरिका वॉशिंगटन डीसी और व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए करता है। लेकिन अत्यधिक कीमत के कारण यह सौदा आगे नहीं बढ़ सका, जिसके बाद स्वदेशी प्रणाली को प्राथमिकता दी गई।

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भारतीय वायुसेना और DRDO मिलकर तैयार करेंगे सुरक्षा कवच

IADWS का संचालन भारतीय वायुसेना करेगी, जबकि DRDO जटिल नेटवर्किंग, सेंसर फ्यूजन और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम जैसी तकनीकों को विकसित करेगा।
DRDO पहले से ही कई सफल एयर डिफेंस सिस्टम बना चुका है—

• QRSAM

• Medium Range SAM

• Project Kusha के तहत Long Range SAM

इन सभी तकनीकों से IADWS को एक मजबूत, आधुनिक और पूर्ण स्वदेशी एयर डिफेंस संरचना बनाया जाएगा।

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एस-400 स्क्वाड्रनों की डिलीवरी जारी, एस-500 पर भी विचार

सूत्रों का कहना है कि भारत रूसी S-400 सुदर्शन सिस्टम की शेष दो स्क्वाड्रनों की डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। साथ ही रूस के S-500 जैसे उन्नत सिस्टम को भारतीय एयर डिफेंस नेटवर्क में शामिल करने पर भी विचार हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वदेशी IADWS की तैनाती भारत की आत्मनिर्भर रक्षा रणनीति को नई मजबूती देगी और राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी।

Karan Pandey

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