कर्तव्य करिए, फल की इच्छा नहीं
आस्था और विश्वास की ताक़त से
टूटते हुये सम्बंध बार बार जुड़ जाते हैं,
लोगों की उजड़ी अंधियारी दुनिया में
इनके द्वारा हरियाली प्रकाश फैलाते हैं।

आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम,
ईमानदारी के साथ साथ आस्था,
विश्वास और उच्च मानवीय मूल्य ही
किसी को भी जीवन में महान बनाते हैं।

धैर्य और सत्य वह सच्चे पथ हैं जिन
पर चलकर हम नहीं कभी पछताएँगे,
ऐसे पथ पर चलते रहिये, न अपना
शीश और न नज़रें कभी झुकायेंगे।

मत्स्य पियासी जब जल में हो तो
कितनी अनहोनी अद्भुत है यह बात,
हम सब अंश ईश के हैं पर फिर भी
खोज रहे हैं जीवन से मोक्ष की चाहत।

ईश्वर ने हमें निरंतर कर्तव्य करते
रहने के लिए ही इंसान बनाया है,
फल की इच्छा बिना कर्तव्य करते
रहिये, गीता में भी स्पष्ट बताया है।

आदित्य बिना किसी मोह और
माया के अपने कर्तव्य करते रहिए,
कर्तव्य धर्म है, कर्तव्य ही पूजा है,
कर्तव्य करिये, नेतागीरी कम करिए।

  • डॉ. कर्नल
    आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
Editor CP pandey

Recent Posts

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: सशक्तिकरण या प्रॉक्सी राजनीति का नया खतरा?

नारी शक्ति कानून पर सवाल: क्या बढ़ेगा प्रॉक्सी कंट्रोल? विशेष संसद सत्र (16-18 अप्रैल 2026)…

13 hours ago

नीतीश युग का अंत, सम्राट चौधरी के साथ नई राजनीति की शुरुआत

बिहार में सत्ता का नया अध्याय: सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से बदलेगा राजनीतिक समीकरण…

15 hours ago

डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव अर्जुन सिंह के कपरवार स्थित आवास…

16 hours ago

कांग्रेसियों ने कांग्रेस कार्यालय पर डॉ भीमराव की जयंती मनाई

समाज के उद्धारक थे बाबा भीमराव अम्बेडकर - रविप्रताप सिंह बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)मंगलवार को डॉ…

16 hours ago

बाबा साहब आंबेडकर जयंती पर डीएम दीपक मीणा ने अर्पित की श्रद्धांजलि

संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के प्रतीक को किया नमन अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया संकल्प गोरखपुर(राष्ट्र…

16 hours ago