सीतापुर(राष्ट्र की परम्परा)।
विद्युत विभाग जिले में मीटर रीडिंग का काम आउटसोर्सिंग के माध्यम से करता है। ठेका माध्यम से मीटर रीडिंग व बिल वितरण का काम किया जाता है। बिजली बिल में गड़बड़ी का मुख्य कारण हर महीने रेग्युलर मीटर रीडिंग नहीं होना है। मीटर रीडरों की मनमानी के कारण इस तरह की स्थिति निर्मित हो रही है। विभागीय मानीटरिंग के अभाव में मीटर रीडरों की मनमानी जारी है। इसका खामियाजा सामान्य बिजली उपभोक्ता को भुगतना पड़ रहा।उपभोक्ता लालतुना ने प्रार्थना पत्र देकर बिसवां एसडीओ से शिकायत की विधुत विभाग द्वारा क्षेत्र में कार्यरत बिलरीडर अजय पुत्र रामभुखन ग्राम देबियापुर अपने अन्य साथी हरीओम के साथ हमारे घर पर 3 माह पहले बिल निकालने के लिए आया। जिसने मीटर मे खाराबी व बिल अधिक आने की बात कहकर।मीटर सही करवाने के नाम पर उपभोक्ता से 3000 हजार रू० नगद लिए तथा 6000 हजार रूपये पूरा बिल जना करने के नाम पर लिया। उपभोक्ता ने जब रसीद मागी गई।तो 3 माह से टाल माटोल बता रहॉ है। मीटर रीडर से परेशान होकर उपभोक्ता ने पुलिस व विधुत विभाग के जिम्मेदार लोगों से शिकायत की।
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