बदहाली का आंसू बहा रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मरीज चिंतित

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ठूठीबारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धरमौली की बदहाल स्थिति ने क्षेत्रवासियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। अस्पताल में जरूरी दवाइयों का अभाव, मशीनों की खराबी और चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में सफाई व्यवस्था भी बदतर स्थिति में है।
प्राप्त समाचार के अनुसार ठूठीबारी कस्बे के टोला धरमौली में स्थित सामुदायिक अस्पताल अपनी बदहाली की दास्तां बयां कर रहा है। करीब 30 हजार की आबादी के लिए बनाया गया यह अस्पताल आज मात्र एक शोपीस बनकर रह गया है। यहां न तो स्थायी डॉक्टर हैं, न महिला चिकित्सक की व्यवस्था है और न ही इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध हैं। हालत यह है कि अस्पताल उधार के डॉक्टरों के भरोसे चल रहा है, जो मरीजों की जरूरतों को पूरा करने में नाकाफी साबित हो रहे हैं। निचलौल से रोस्टर के जरिये छः दिन में तीन डाक्टर दो दो दिन मरीजों को देखते है । इस अस्पताल से निकटतम निचलौल सामुदायिक अस्पताल की दूरी 13 किलोमीटर और मिश्रौलियां समुदायिक अस्पताल की दूरी 14 किलोमीटर है। इतनी दूरी तय करना बीमार लोगों, खासकर गंभीर हालत में मरीजों के लिए आसान नहीं है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां नेपाल से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं हैं, जिससे उनकी परेशानियां दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं। अस्पताल में महिला डाक्टर का न होना एक बड़ी समस्या है। क्षेत्र की महिलाएं स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर खुलकर बात करने में असहजता महसूस करती हैं, लेकिन महिला चिकित्सक की अनुपस्थिति में उन्हें मजबूरन पुरुष डाक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता है या फिर इलाज छोड़ देना पड़ता है। इसके अलावा, इमरजेंसी व्यवस्था का अभाव होने से दुर्घटना या अचानक बीमारी के मामलों में मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि अस्पताल भवन तो तैयार है, दवाइयां व उपकरण भी पर्याप्त मात्रा में है लेकिन स्टाफ की कमी है । शासन ने इस अस्पताल को बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली, लेकिन इसके संचालन और रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। नेपाल से आने वाले मरीजों के लिए भी यह अस्पताल उम्मीद की किरण बन सकता था, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा। लोगो की मांग है कि अस्पताल में स्थायी डॉक्टरों की नियुक्ति, महिला चिकित्सक, इमरजेंसी सेवाएं और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि यह अस्पताल लोगों के हित में काम आ सके।

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