जन्म दिवस विशेष
एकात्म मानववाद’सिद्धांतके जनक पं.दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय (राष्ट्र की परम्परा) पं. दीनदयाल उपाध्याय का जन्म २५सितम्बर,१९१६ को मथुरा जिले के नगला चन्द्रभान ग्राम में हुआ था। उनके पिताका नाम भगवतीप्रसाद उपाध्याय…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
एकात्म मानववाद’सिद्धांतके जनक पं.दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय (राष्ट्र की परम्परा) पं. दीनदयाल उपाध्याय का जन्म २५सितम्बर,१९१६ को मथुरा जिले के नगला चन्द्रभान ग्राम में हुआ था। उनके पिताका नाम भगवतीप्रसाद उपाध्याय…
✍️डॉ. सत्यवान सौरभ सांप्रदायिकता और आरक्षण ने भारी संख्या में युवाओं का मानसिक और राजनीतिक विकास रोक दिया है। उन्हें कुंठित बना दिया है। उनकी ज़रूरत समाप्त हो चुकी है…
✍️डॉ सत्यवान सौरभ एक साथ चुनावों से देश की संघवाद को चुनौती मिलने की भी आशंका है। एक साथ चुनाव होने से लोकतंत्र के इन विशिष्ट मंचों और क्षेत्रों के…
जी-4 देशों की संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार पर प्रतिबद्धता जताई भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य बनाने अनेक देशों ने हामीं…
✍️आर.के. सिन्हा महात्मा गांधी का दिल्ली के मंदिर मार्ग पर स्थित वाल्मिकि मंदिर में देश की आजादी से पहले रहना बेहद खास था। वे वहां 1 अप्रैल 1946 से 10…
✍️नवनीत मिश्र गोस्वामी तुलसीदास जी राम भक्ति शाखा के सर्वोच्च कवि है। उन्होंने भगवान राम को अपना इष्टदेव माना है। तुलसी दास भक्ति मार्ग वेदशास्त्र पर आधारित है। कवि के…
अपना राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा। इसको लहराते देख गर्व से सीना चौड़ा हो जाता है। इस के सम्मान में इसे सैल्यूट करने का मन चाहता है। हमारे राष्ट्रीय प्रतीकों का…
•प्रियंका सौरभ सड़क विकास और रखरखाव के वित्तपोषण के लिए टोल एकत्र किए जाते हैं। परिणामस्वरूप, यह टोल टैक्स लगाकर नवनिर्मित टोल सड़कों की लागत की भरपाई करता है। यह…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा) क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया कि आपके घर, परिवार या आप पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तो उसका असर सबसे पहले…
महाराष्ट्र ( राष्ट्र की परम्परा )द्वितीय ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप का आयोजन आर आर स्पोर्ट्स एकेडमी मुलुंड ईस्ट में सिहान मुजफ्फर सैयद के द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रमुख…
✒️•नवनीत मिश्र युग पुरुष स्वामी विवेकानंद जी का जन्म जिस समय हुआ, उस समय भारत की सामाजिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियां विषमताओं व उथल-पुथल से भरी थी। सन 1857 की…
सर्वे भवन्तु सुखिन :सर्वे संतु निरामया :,सर्वे भद्रानि पश्यन्ति,मा कश्चिद दुःखभागभवेत। सभी सुखी हों, पतन्जलि का यह योग सूत्र व“ॐ सहनाववतु सहनौ भुनक्तु, सहवीयंकरवावहै तेजस्विना वधीतमस्तु, मा विद्वषावहै” के अनुसार…
•कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’ प्राचीन काल में हमारे देश भारतवर्ष के ऋषि- मुनि व संत महात्मा वनों में पर्वतों में जाकर रहते थे और तपस्या के बल पर अपनी…
आज पेड न्यूज, मीडिया ट्रायल, गैर-मुद्दों को वास्तविक समाचार के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि वास्तविक मुद्दों को दरकिनार किया जा रहा है, वास्तविक और समाज हित…
जाने-अनजाने प्लस डायरेक्टली इंडायेक्टली इक्वल टू माफियाओं आतंकियों अपराधियों को कठोर संदेश त्वरित, फास्ट्रेक कार्रवाई के खौफ़ से अपराधियों के मुख्यधारा में वापस लौटने की संभावनाओं को बल मिलने को…