गुरुदेव डॉ.विश्वनाथ त्रिपाठी का भावुक हो जाना: विनय कांत मिश्र
संस्मरण: जनपद सिद्धार्थनगर की विभूति और हिन्दी साहित्य के मूर्धन्य साहित्यकार गुरुदेव डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी सर का सान्निध्य विगत 23 वर्षों से इन पँक्तियों के लेखक को मिलता रहा है।सिद्धार्थनगर…
