
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में किसान कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में पूर्वी जोन के जिला अध्यक्षों की सूची जारी की गई है। सूची में पूर्वांचल के 22 जिलों और संगठनात्मक इकाइयों के अध्यक्षों के नाम शामिल हैं। इस घोषणा के बाद राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में हलचल तेज होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि देवरिया जिले की जिम्मेदारी श्री धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय को सौंपी गई है। वहीं गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, मऊ, बलिया और आजमगढ़ समेत कई जिलों में भी संगठन की कमान अलग-अलग पदाधिकारियों को दी गई है।
जारी सूची के अनुसार, किसान कांग्रेस के प्रदेश पूर्वी जोन में वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, आजमगढ़, गोरखपुर और बस्ती मंडल से जुड़े जिलों को शामिल किया गया है। संगठन की इस व्यवस्था के तहत जिला स्तर पर नेतृत्व तय कर किसानों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संबंधित अध्यक्षों को दी गई है।
देवरिया में धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय को जिला अध्यक्ष बनाए जाने से स्थानीय संगठन की गतिविधियों पर सबकी नजर रहेगी। किसानों की समस्याएं, कृषि उपज का उचित मूल्य, खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई, बिजली और सरकारी योजनाओं का लाभ जैसे मुद्दे किसान कांग्रेस के लिए अहम हो सकते हैं। हालांकि, इन विषयों पर संगठन की आगामी रणनीति और कार्यक्रमों को लेकर अभी किसी विशेष घोषणा की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पूर्वी जोन की सूची में वाराणसी से नीरज पाण्डेय, चंदौली से श्रीकांत पाठक, गाजीपुर से राघवेंद्र चतुर्वेदी और जौनपुर से सलामत अली को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। प्रयागराज क्षेत्र में यमुनापार की जिम्मेदारी रितेश राय और गंगापार की जिम्मेदारी श्याम बाबू यादव एडवोकेट को दी गई है। प्रतापगढ़ में विंदेश्वरी पटेल, कौशाम्बी में मथुरा प्रसाद दूबे और फतेहपुर में मोहित कुमार मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मिर्जापुर मंडल में मिर्जापुर जिले से आनंद कुमार त्रिपाठी, सोनभद्र से कोल और भदोही से विष्णु उपाध्याय को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। आजमगढ़ मंडल में आजमगढ़ से मुरारी राय, बलिया से सुजीत पाठक और मऊ से श्हंसनाथ तिवारी को संगठन की जिम्मेदारी मिली है।
गोरखपुर मंडल में गोरखपुर से मानवेन्द्र प्रताप सिंह, देवरिया से धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय, कुशीनगर से श्याम नारायण तिवारी और महराजगंज से विजय कुमार मिश्र को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं बस्ती मंडल में बस्ती से अब्दुल ररूफ, संतकबीर नगर से अजय सिंह और सिद्धार्थनगर से सौरभ वरुण उर्फ सौरभ पंछी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
किसान कांग्रेस के लिए जिला स्तर का नेतृत्व इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि किसानों से जुड़े स्थानीय मुद्दे सीधे जिला प्रशासन और शासन तक पहुंचाने में संगठन की भूमिका रहती है। ऐसे में नई सूची में शामिल पदाधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय करने, किसानों से संवाद बढ़ाने और उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने की चुनौती होगी।
अब देखना होगा कि नई टीम अपने-अपने जिलों में किस तरह संगठनात्मक गतिविधियों को गति देती है और किसानों के मुद्दों को लेकर जमीनी स्तर पर कितनी सक्रियता दिखाती है। देवरिया सहित पूर्वांचल के जिलों में नए जिला अध्यक्षों की भूमिका आने वाले समय में संगठन की सक्रियता और जनसंपर्क की दिशा तय करने में अहम हो सकती है।
