फाइल फोटो जागृति जी न्यायिक अधिकारी

देवरिया की न्यायिक अधिकारी जागृति का निधन: एम्स गोरखपुर में इलाज के दौरान थमीं सांसें, न्यायिक और अधिवक्ता जगत में शोक की लहर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया की न्यायिक अधिकारी जागृति के असामयिक निधन की खबर से न्यायिक और अधिवक्ता जगत में शोक छा गया है। अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन), एफटीसी प्रथम के पद पर कार्यरत जागृति ने उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एम्स गोरखपुर में भर्ती कराया गया था, जहां हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से सहकर्मियों, अधिवक्ताओं और शुभचिंतकों के बीच गहरा दुःख व्याप्त है।
न्यायिक सेवा में अपनी जिम्मेदारी निभा रहीं जागृति का इस तरह असमय दुनिया से विदा हो जाना सभी को स्तब्ध कर गया है। जिस उम्र में जीवन में आगे बढ़ने, नए लक्ष्य हासिल करने और अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने की उम्मीद होती है, उसी समय उनका निधन अनेक लोगों के लिए गहरा भावनात्मक आघात बन गया है।
उनके निधन से न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारियों, अधिवक्ताओं और परिचितों के बीच शोक का माहौल है। सहयोगियों ने उनके असामयिक निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दुखद घटना ने एक बार फिर जीवन की अनिश्चितता का एहसास करा दिया है।
अधिवक्ता संघ की ओर से भी न्यायिक अधिकारी जागृति के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की गई। अधिवक्ता सुधीर कुमार पाठक, राजीव श्रीवास्तव, अरुण राव, नसीम लारी, अशोक कुमार मिश्र, धनेश श्रीवास्तव और अरविंद कुमार गिरी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में दुःख सहने की शक्ति देने की कामना की।
जागृति के निधन से उनके परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। किसी अपने को अचानक खो देने का दर्द शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता। इस मुश्किल घड़ी में परिजनों, सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है।
दैनिक राष्ट्र की परम्परा परिवार भी न्यायिक अधिकारी जागृति के असामयिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।