
आगरा में जनगणना से लेकर वोटर लिस्ट से जननी सुरक्षा योजना का जाना DM मनीष बंसल ने हाल

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। आगरा में जनगणना-2027 की तैयारियों से लेकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सरकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने तक प्रशासन ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अलग-अलग बैठकों के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना में कोई परिवार छूटने न पाए, पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहें और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय से लोगों तक पहुंचे। प्रशासन ने डिजिटल जनगणना, नए मतदान केंद्रों की पहचान और योजनाओं की प्रगति को लेकर समयबद्ध कार्ययोजना पर जोर दिया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना के लिए फील्ड ट्रेनरों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। उत्तर प्रदेश में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा मिलेगी, जबकि 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गणना का काम निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी सावधानी और जिम्मेदारी से पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल लोगों की संख्या जानने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने का महत्वपूर्ण आधार है। इसी से भविष्य की विकास योजनाओं, सरकारी नीतियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के नियोजन में मदद मिलती है। इसलिए प्रत्येक परिवार की गणना सुनिश्चित करने के साथ उपलब्ध कराई गई सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखना भी जरूरी है।
डिजिटल जनगणना को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष रूप से युवाओं से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपने आसपास के बुजुर्गों और तकनीकी रूप से असमर्थ लोगों को डिजिटल फॉर्म भरने में मदद करें। स्व-गणना के प्रचार-प्रसार के लिए विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और एनजीओ की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, लेखपाल और अन्य स्थानीय कर्मचारियों तथा शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
जनगणना के दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से कुल 40 प्रश्नों के माध्यम से निर्धारित जानकारियां एकत्र की जाएंगी। इनमें नाम, परिवार में संबंध, लिंग, आयु, वैवाहिक स्थिति, सामाजिक एवं शैक्षिक स्थिति, भाषा, रोजगार, व्यवसाय, प्रवास, प्रजनन संबंधी विवरण तथा कुछ अन्य जानकारियां शामिल होंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सटीक आंकड़े ही बेहतर योजनाओं का आधार बनते हैं, इसलिए नागरिक सही जानकारी उपलब्ध कराएं और प्रशासन के साथ सहयोग करें।
मतदाता सूची को लेकर भी जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा की। बैठक में महिला एवं युवा मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ाने, पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने, गलत प्रविष्टियों में सुधार करने और मतदाताओं की सुविधा के लिए नए मतदान केंद्र बनाने पर जोर दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 12 नवंबर 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में सुधार से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इनका निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6, नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 और नाम या अन्य विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी बूथ स्तर पर सक्रिय सहयोग करने की अपील की, ताकि कोई पात्र मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि 17 अक्टूबर 2026 को जनपद के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहेंगे। नागरिक इस दौरान मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम हटवाने या विवरण में सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे। राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंटों की अद्यतन सूची उपलब्ध कराने को भी कहा गया है, ताकि मतदाता सूची की जांच और सुधार में समन्वय बना रहे।
मतदान केंद्रों की व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों की समीक्षा की जाएगी। नई विकसित कॉलोनियों, मल्टीस्टोरी बिल्डिंग और बड़े आवासीय परिसरों में नए मतदान केंद्र बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सामान्यतः एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की व्यवस्था रखी जाए और मतदान केंद्र ऐसे स्थानों पर बनाए जाएं, जहां लोगों को वोट डालने के लिए अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े। परिवार के सदस्यों को भी यथासंभव अलग-अलग मतदान केंद्रों पर भेजने की स्थिति से बचाया जाए।
मतदान केंद्रों का निरीक्षण और नए केंद्रों के लिए भवनों की पहचान करने की प्रक्रिया 16 से 18 अक्टूबर तक पूरी की जानी है। प्रारंभिक सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित कर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी। सुझावों और शिकायतों पर विचार करने के बाद 26 अक्टूबर तक सूची को अंतिम रूप देने तथा 27 अक्टूबर तक आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजने की कार्ययोजना बनाई गई है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में डे-एनआरएलएम बैंक क्रेडिट लिंकेज में डी श्रेणी मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों ने तकनीकी त्रुटि के कारण डेटा गलत दर्ज होने की जानकारी दी, जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को मुख्यालय से संपर्क कर डेटा संशोधित कराने के निर्देश दिए।
जननी सुरक्षा योजना और फैमिली आईडी में सी श्रेणी प्राप्त होने पर भी संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। जिलाधिकारी ने लाभार्थियों का भुगतान सुनिश्चित करने तथा फैमिली आईडी निर्माण का लक्ष्य पूरा करने के लिए पंचायत सचिवों को लक्ष्य निर्धारित कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि निर्धारित 670 जोड़ों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 368 विवाह संपन्न हुए हैं। शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए 26 अक्टूबर को बाह में 120 जोड़ों तथा 28 अक्टूबर को नगर निगम क्षेत्र में लगभग 170 सत्यापित जोड़ों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। जिलाधिकारी ने लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने और इसके बाद नई मांग के अनुसार शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग की नई सड़कों, पशुपालन, पंचायतीराज, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, एमएसएमई और आईसीडीएस सहित अन्य विभागों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि योजनाओं की प्रगति केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र लाभार्थियों को समय से वास्तविक लाभ मिले और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
जनगणना, मतदाता सूची और विकास योजनाओं की इन समीक्षाओं के जरिए जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में आंकड़ों की शुद्धता, नागरिक सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष निगरानी रहेगी। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर इन लक्ष्यों को किस तेजी और प्रभावशीलता के साथ पूरा करते हैं।
