Category: लेख

SIR विवाद ने बढ़ाई चुनावी तपिश! 13 करोड़ नामों से लेकर CEC ज्ञानेश कुमार तक, 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में क्या होगा?

मतदाता सूची से सुप्रीम कोर्ट तक चुनावी घमासान! SIR, CEC ज्ञानेश कुमार और 13 करोड़ नामों के विवाद पर देशभर में बहस गोंदिया 2 अक्टूबर का दिन भारत के लोकतांत्रिक…

AI की ताकत बनी वरदान या संकट? बिल गेट्स की चेतावनी ने दुनिया को सोचने पर किया मजबूर

एआई का बढ़ता खतरा! बिल गेट्स की चेतावनी से बढ़ी चिंता, हथियारों से लेकर साइबर अपराध तक मंडरा रहा बड़ा संकट नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी…

मिलावटखोरी से स्वास्थ्य तक खतरा, कानून के साथ जवाबदेही भी जरूरी

मिलावटखोरी पर लगाम के लिए सख्त कानून ही नहीं, ईमानदार तंत्र भी जरूरी लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। खाद्य पदार्थों में मिलावट का कारोबार देश के सामने लंबे समय से एक…

कम पेट्रोल, कम प्रदूषण और ज्यादा विकल्प! CAFE-3 के नए नियमों से कैसे बदलेगा भारतीय ऑटो बाजार

1 अप्रैल 2027 से यात्री वाहनों का नया दौर! CAFE-3 के नए मानदंड अधिसूचित, कम ईंधन खपत और कम प्रदूषण पर जोरपेट्रोल-डीजल वाहनों के बढ़ते खर्च के बीच सरकार का…

देवी की पूजा से बेटी के अधिकार तक: पितृसत्ता पर उठे सवाल ने छेड़ी राष्ट्रीय बहस

नारी शक्ति के लिए कानूनों का कवच, फिर भी पितृसत्ता की जड़ें क्यों मजबूत? संसद, सरकार, न्यायपालिका और समाज की भूमिका पर व्यापक विश्लेषण गोंदिया, महाराष्ट्र। भारत की सांस्कृतिक पहचान…

पॉक्सो बना वैवाहिक जंग का हथियार तो सुप्रीम कोर्ट ने खींची लक्ष्मण रेखा! न्याय के तराजू पर तीन संवेदनशील मामले

वैवाहिक विवादों में पॉक्सो के संभावित दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश, डोंबिवली पार्षद की जमानत पर रोक और दिल्ली-एनसीआर यौन अपराधों पर स्वतःसंज्ञान ने न्याय, सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता…

28-30 सितंबर बैंक हड़ताल: पांच-दिवसीय बैंकिंग की मांग पर सरकार और यूनियनों में टकराव

भारतीय बैंकिंग के सामने बड़ा सवाल: काम का बढ़ता बोझ या कर्मचारियों की घटती ताकत? सरकार, बैंककर्मी और जनता के बीच क्यों गहराया टकराव? गोंदिया (महाराष्ट्र)। भारतीय बैंकिंग क्षेत्र 28…

डिजिटल युग में पितृ पक्ष का संदेश: मृत्यु के बाद नहीं, जीवन रहते माता-पिता का मान जरूरी

पितृ पक्ष 2026: मृत्यु के बाद भव्य श्राद्ध, लेकिन जीते-जी माता-पिता की उपेक्षा क्यों?डिजिटल पीढ़ी के सामने संस्कारों की सबसे बड़ी परीक्षा, अब संवेदनाओं की सामाजिक क्रांति जरूरी गोंदिया (राष्ट्र…

विरासत की सीढ़ी से संगठन तक, राजनीति में परिवार का भरोसा

व्यंग्य : परिवार का भरोसा, रिश्तेदारी में परोसा संजय एम. तराणेकर राजनीति में भरोसे का भी अपना एक पारिवारिक अध्याय होता है, जो शायद कभी समाप्त नहीं होता। बस शर्त…

जिस डेटा की जरूरत नहीं, उसका भुगतान क्यों? ट्राई के नए नियम का उपभोक्ताओं पर असर

ट्राई का बड़ा बदलाव: डेटा नहीं चाहिए तो सिर्फ कॉल-एसएमएस का विकल्प, मोबाइल रिचार्ज बाजार में बढ़ेगी उपभोक्ता पसंद गोंदिया । मोबाइल फोन आज केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि…

ड्रग्स के वैश्विक सिंडिकेट पर भारत का रणनीतिक प्रहार

36 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त रणनीति से तस्करी, कार्टेल, सिंथेटिक ड्रग्स, गुप्त प्रयोगशालाओं और डिजिटल नेटवर्क पर निगरानी एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया (महाराष्ट्र) संयुक्त संकल्प और साझा जिम्मेदारी से…

व्यंग्य : सांड टंकी पर और व्यवस्था नीचे मुस्तैद!

जनाब! अपनी समस्याओं को सुलझाने और समाधान तलाशने के लिए अब केवल इंसान ही टंकी पर नहीं चढ़ते, जानवर भी इस नई परंपरा में शामिल होने लगे हैं। फर्क इतना…

गरीब बनना भी आसान नहीं साहब, पहले करोड़पति बनना पड़ता है!

जब करोड़पति को भिखारी बनने का शौक चढ़े! व्यंग्यकार : संजय एम. तराणेकर वाह रे लोकतंत्र! यहाँ कुछ लोग गरीबों की जिंदगी समझने के लिए गरीब बनते हैं और कुछ…

क्यों कहलाते हैं भगवान विश्वकर्मा देवताओं के दिव्य शिल्पी? जानिए शास्त्रों में वर्णित स्वरूप

भगवान विश्वकर्मा : सृष्टि के दिव्य शिल्पकार और सनातन परंपरा के प्रथम वास्तुविद लेखक : पंडित सुधीर तिवारी सनातन धर्म की विराट परंपरा में भगवान विश्वकर्मा का स्थान अत्यंत विशिष्ट…

प्लास्टिक से ई-कचरे तक: फेंकी हुई चीजों में छिपी नई अर्थव्यवस्था की ताकत

विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026: क्या प्लास्टिक और ई-कचरे का कबाड़ बनेगा नई अर्थव्यवस्था की ताकत? फेंकने की संस्कृति पर ब्रेक, कचरे से कमाई और संसाधनों के पुनः उपयोग का…