दर्शक हिंदी वाला, कमाई हिंदी से… फिर इंटरव्यू अंग्रेजी में क्यों?
दर्शक, कमाई और पहचान हिंदी की, सितारों की जुबान अंग्रेजी…! हिन्दी दिवस विशेष व्यंग्य अपनी हिंदी की तो बात ही निराली है। जिस देश में हिंदी फिल्मों के कलाकार हिंदी…
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दर्शक, कमाई और पहचान हिंदी की, सितारों की जुबान अंग्रेजी…! हिन्दी दिवस विशेष व्यंग्य अपनी हिंदी की तो बात ही निराली है। जिस देश में हिंदी फिल्मों के कलाकार हिंदी…
हिंदी दिवस 2026: अनुच्छेद 343 से राजभाषा कानून तक हिंदी का संवैधानिक सफर, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया, महाराष्ट्र14 सितंबर भारत के भाषाई और संवैधानिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण तारीख…
ब्रिक्स सम्मेलन 2026: मोदी-शी-पुतिन एक मंच पर, महंगे तेल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को कितनी मिलेगी ऑक्सीजन?गोंदिया (राष्ट्र की परम्परा)। नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को…
अन्न का कण है ब्रह्म समान,व्यर्थ न जाने देना,आनंद का क्षण ईश्वर-वर,हृदय में सदा संजो लेना।दोनों का जो करे सम्मान,जीवन धन्य हो जाता,भूखे को रोटी, मन को खुशी,ये रहस्य अमृत…
अस्पताल में कभी-कभी ऐसी घटनाएं सामने आ जाती हैं, जो चिकित्सा व्यवस्था की गंभीरता के बीच सवाल भी खड़े करती हैं और व्यंग्य का विषय भी बन जाती हैं। रीवा…
भारत में जल संकट अब केवल भविष्य की आशंका नहीं, बल्कि वर्तमान की गंभीर चुनौती बन चुका है। देश के अनेक हिस्सों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है।…
लेखक: चंद्रकांत सी. पूजारी, गुजरात लोकतंत्र में राजनीति को समाज सेवा का सर्वोच्च माध्यम माना जाता है। जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे जनता की आशाओं, आकांक्षाओं और…
सुप्रीम कोर्ट का आदेश बनाम स्थानीय प्रशासन: न्यायिक आदेश की अवहेलना का जवाब कौन देगा? जब न्यायपालिका को पूछना पड़े—“मजिस्ट्रेट ऐसा करने की हिम्मत कैसे कर सकता है?” (rkpnewsup.com लॉगिन…
BRICS शिखर सम्मेलन 2026: नई दिल्ली से वैश्विक आर्थिक शक्ति संतुलन की नई पटकथा दुनिया की आर्थिक और कूटनीतिक व्यवस्था ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां किसी राष्ट्र की…
वेजब सिनेमा मनोरंजन से आगे बढ़कर संस्कृति, आस्था और भारतीय स्मृति का आईना बन जाए भारत को समझने के लिए केवल उसके महानगरों, बाजारों, आर्थिक विकास और आधुनिक जीवनशैली को…
हिसार (राष्ट्र की परम्परा)। डॉ. सत्यवान सौरभ समकालीन हिंदी पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में सक्रिय एक स्वतंत्र पत्रकार, स्तंभकार, कवि, साहित्यकार एवं सामाजिक विचारक हैं। विगत दो…
माता-पिता वृद्धाश्रम में, बच्चे विदेश में—क्या यही है आधुनिक सफलता की कीमत?सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से मांगी वृद्धाश्रम, पेंशन और चिकित्सा सुविधाओं की रिपोर्ट; बुजुर्गों की वास्तविक स्थिति पर अब…
हर बार मौत, हर बार जांच और फिर वही जहरीली शराब—कब टूटेगा माफिया का नेटवर्क? लेखक: एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीगोंदिया, महाराष्ट्र | विशेषज्ञ स्तंभकार, साहित्यकार, अंतरराष्ट्रीय लेखक, चिंतक, कवि, संगीत…
हर विधायक को कार और 75 हजार रुपये! जनसेवा का नया मॉडल या सुविधा का नया अध्याय? व्यंग्य | संजय एम. तराणेकरकवि, समीक्षक व स्तंभकार | इन्दौर, मध्य प्रदेश (rkpnewsup.com…
भारत की नई वैश्विक आर्थिक छलांग: पूंजी, अंतरिक्ष, विदेशी मुद्रा और ब्रिक्स के सहारे विजन 2047 की निर्णायक राह विशेषज्ञ स्तंभकार: एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं, गोंदिया, महाराष्ट्र भारत आज उस…