Category: लेख

“संविधान, समाज और आध्यात्मिक बाज़ार: भारत से विश्व तक एक वैचारिक पड़ताल”

आधुनिक युग में आध्यात्मिकता का पुनराविष्कार: संभवतः आस्था,पहचान और करियर के बीच बदलता भारतीय समाज- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पिछले कुछ वर्षों में भारतीय समाज ही…

नेताजी के कंधे पर चढ़कर गांधी पर प्रहार और हिंदू राष्ट्र का भागवत एलान

लेखक: बादल सरोजकोलकाता/नागपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ नेतृत्व द्वारा दिए जा रहे बयानों ने एक बार फिर महात्मा गांधी, स्वतंत्रता…

प्रकृति के सुकुमार महाकवि सुमित्रानंदन पंत: शब्दों में बसी संवेदना की अमर यात्रा

पुनीत मिश्र हिंदी साहित्य की वह उजली धारा, जिसमें प्रकृति, मानवता और सौंदर्य एक साथ प्रवाहित होते हैं। उसका नाम सुमित्रानंदन पंत है। उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण करते हुए यह…

छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध: पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ‘मास्टरजी’ की साहित्यिक विरासत

डॉ. संदीप मिश्र छत्तीसगढ़ की धरती केवल खनिज, वन और नदियों के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि यह ऐसी विभूतियों की जन्मस्थली भी रही है जिन्होंने अपने साहित्य से…

भारत की राजनीतिक फंडिंग प्रणाली पर अंतरराष्ट्रीय नजर: इलेक्टोरल ट्रस्ट्स मॉडल कितना निष्पक्ष?

लोकतंत्र और राजनीतिक चंदे की पारदर्शिता का प्रश्न- 2024-25 के आंकड़े यह दिखाते हैं कि इलेक्टोरल ट्रस्ट्स मॉडल भी सत्ता संतुलन की समस्या से मुक्त नहीं है सुप्रीम कोर्ट द्वारा…

पैसे देकर मिलने वाला सम्मान: शिक्षा की आत्मा पर हमला

शिक्षा पुरस्कार घोटाला: अब चुप नहीं रहेंगे शिक्षक, सम्मान के नाम पर हो रहा संगठित व्यापार पटना (राष्ट्र की परम्परा) शिक्षा को किसी भी सभ्य समाज की नैतिक रीढ़ माना…

छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर की केरल में संघी गिरोह द्वारा भीड़-हत्या-संजय पराते

केरल के पलक्कड़ जिले में वलयार नामक जगह पर छत्तीसगढ़ के प्रवासी मज़दूर राम नारायण बघेल की हत्या की देशव्यापी गूंज हुई है। केरल में माकपा के नेतृत्व में वामपंथी…

1971 के रण में अदम्य पराक्रम की मिसाल: परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का

जयन्ती पर विशेष- पुनीत मिश्र भारत के सैन्य इतिहास में 1971 का भारत–पाकिस्तान युद्ध अद्वितीय शौर्य, रणनीतिक कुशलता और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। इसी युद्ध में भारतीय सेना के…

अमृत काल का निर्णायक बजट: केंद्रीय बजट 2026-27 से विकसित भारत तक का रोडमैप

विजन 2047 की दिशा में केंद्रीय बजट 2026-27: अमृत काल से विकसित भारत तक की निर्णायक कड़ी – एक अंतरराष्ट्रीय समग्र विश्लेषण केंद्रीय बजट 2026-27 और विकसित भारत का राष्ट्रीय…

इतिहास के पन्नों में दर्ज बलिदान, परिवर्तन और उपलब्धियों का दिन

27 दिसंबर का दिन विश्व और भारत के इतिहास में कई ऐसी घटनाओं का साक्षी रहा है, जिन्होंने राजनीति, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और समाज की दिशा को प्रभावित किया। यह…

लोकतंत्र केवल शासन-प्रणाली नहीं, बल्कि हर नागरिक का जीवंत दायित्व है

— चंद्रकांत सी. पूजारी, गुजरात लोकतंत्र को अक्सर एक राजनीतिक व्यवस्था के रूप में देखा जाता है—जहां चुनाव होते हैं, सरकारें बनती हैं और संविधान के अनुसार शासन चलता है।…

मनरेगा का खात्मा संविधान के नीति-निर्देशक सिद्धांतों पर बुलडोजर

बृन्दा करात/ संजय पराते केंद्र सरकार ने संसद में अपने बहुमत का इस्तेमाल करके महात्मा गांधी ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म कर दिया है। इसकी जगह जो नया…

मानवता का सर्वोच्च धर्म: बाबा आमटे का सेवा-संकल्प

डॉ. संदीप पाण्डेय नर सेवा ही नारायण सेवा है, यह कथन बाबा आमटे के जीवन में केवल विचार नहीं, बल्कि उनका संपूर्ण आचरण था। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण…

कार्टून की रेखाओं में सजी संस्कृति: केशव शंकर पिल्लई का रचनात्मक संसार

पुण्यतिथि पर विशेष – जितेन्द्र कुमार पाण्डेय भारतीय कार्टून कला को जन-जन तक पहुँचाने वाले केशव शंकर पिल्लई, जिन्हें के. शंकर पिल्लई के नाम से अधिक जाना जाता है, केवल…

जलियांवाला बाग से लंदन तक: स्वाभिमान का अमर प्रतीक क्रांतिवीर उधम सिंह

जलियांवाला बाग से लंदन तक: स्वाभिमान का अमर प्रतीक क्रांतिवीर उधम सिंहअदम्य साहस, अटूट संकल्प और राष्ट्र के स्वाभिमान के लिए सर्वस्व अर्पित कर देने का नाम है- क्रांतिवीर उधम…