Category: लेख

बीमारी, पढ़ाई और कर्ज़ के बीच पिसता भारतीय परिवार — क्या यही है विकास की असली तस्वीर?

भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन क्या आम भारतीय परिवार भी उसी गति से आगे बढ़ पा रहें है?- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण “GDP से आगे सोचने का…

नारी शक्ति: संस्कार से सत्ता तक सामाजिक परिवर्तन की असली ताकत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय सभ्यता की आत्मा में नारी शक्ति का विशेष स्थान रहा है। नारी यहां केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि संस्कार, संवेदना और सृजन की वह सतत…

तप की चेतना और समाज परिवर्तन की अनिवार्यता- जब व्यक्ति बदलेगा, तभी समाज बदलेगा

कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में तप केवल कठिन साधना या व्यक्तिगत मोक्ष का साधन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली जीवन- दृष्टि है। मंत्र…

मतदान से लोकतंत्र सशक्त, उदासीनता से कमजोर होती जनशक्ति

लेखक – कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। लोकतंत्र में मतदान केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि वह सबसे सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए जनता अपने भविष्य की दिशा तय…

तुलसी पूजन दिवस: भारतीय संस्कृति, स्वास्थ्य और पर्यावरण चेतना का प्रतीक

नवनीत मिश्र भारतीय संस्कृति में तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि आस्था, आयुर्वेद और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत प्रतीक है। तुलसी पूजन दिवस हमें उस परंपरा की याद दिलाता है,…

महामना मदन मोहन मालवीय: राष्ट्रबोध, शिक्षा और संस्कृति का उज्ज्वल दीप

पुनीत मिश्र भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल आंदोलनों और संघर्षों का विवरण नहीं है, बल्कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की साधना का भी साक्ष्य है, जिन्होंने राष्ट्र की आत्मा को…

धर्मवीर भारती : प्रेम, प्रश्न और पहचान के लेखक

धर्मवीर भारती आधुनिक हिन्दी साहित्य के उन रचनाकारों में हैं, जिन्होंने लेखन को केवल सौंदर्यबोध तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे मनुष्य की पहचान, उसके अंतर्द्वंद्व और उसके सामाजिक सच…

25 दिसंबर: जब इतिहास ने मौन होकर मानव सभ्यता की दिशा बदल दी

25 दिसंबर केवल एक तारीख नहीं, बल्कि वह दर्पण है जिसमें सत्ता, साधना, विज्ञान, संस्कृति और मानवीय संवेदना—सब एक साथ प्रतिबिंबित होते हैं। इस दिन घटित घटनाओं ने कभी साम्राज्यों…

“वीर बाल दिवस से विकसित भारत तक: 26 दिसंबर और भारत की बाल शक्ति की ऐतिहासिक विरासत”

छोटे साहबजादों का स्मरण आते ही सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है व सिर श्रद्धा से झुक जाता है साहिबजादों का बलिदान किसी एक धर्म के वर्चस्व का नहीं,…

भारतीय राजनीति के अजातशत्रु भारत रत्न पंडित अटल बिहारी वाजपेयी

नवनीत मिश्र भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ ऐसे नेता आए हैं, जिनका व्यक्तित्व और विचारधारा केवल उनके समय तक सीमित नहीं रहे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी…

आयुष्मान आरोग्य मंदिर का एनक्यूएएस के लिए वर्चुअल निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखी गई

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आयुष्मान आरोग्य मंदिर नदुआ मेंराष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणीकरण के लिए भारत सरकार द्वारा नामित विशेषज्ञ टीम ने वर्चुअल माध्यम से विस्तृत निरीक्षण किया। इस…

पुत्र के निर्माण में माता-पिता की निर्णायक भूमिका: संस्कार, संवाद और जिम्मेदारी की सीख

डॉ. सतीश पाण्डेयमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पुत्र का जीवन केवल जन्म से लेकर शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह संस्कार, संवेदना, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक…

बांग्लादेश जल रहा है लेकिन हौसले बुलंद हैं-शांतनु डे/संजय पराते

बांग्लादेश अशांति की स्थिति में है। यह नफ़रत की आग में जल रहा है। हिंसक, कट्टरपंथी, उन्मादी उग्रवादियों द्वारा एक के बाद एक भयानक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा…

मन और साहित्य के अन्वेषक: पद्म भूषण जैनेन्द्र कुमार

पुनीत मिश्र हिन्दी साहित्य के इतिहास में जैनेन्द्र कुमार का नाम उन रचनाकारों में लिया जाता है, जिन्होंने कथ्य से अधिक मनुष्य के अंतर्मन को साहित्य का केंद्र बनाया। वे…

राजनैतिक व्यंग्य और सत्ता का डर: फिल्म, आस्था और कानून की कहानी

मूर्खता और अड़ियलपन से भरी नकटी सरकार -विष्णु नागर तो मोदी सरकार ने अपनी नाक केरल में कटवा ली। यही इन्हें पसंद भी है। संसद हो या सड़क, सब जगह…