Category: लेख

महादेव गोविंद रानाडे: राष्ट्रसेवा और सामाजिक चेतना के अग्रदूत

पुनीत मिश्र महादेव गोविंद रानाडे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन महान चिंतकों और समाज सुधारकों में अग्रणी थे, जिन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग किया।…

शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय: करुणा, विद्रोह और यथार्थ के साहित्यकार

नवनीत मिश्र बंकिमचंद्र चटर्जी और रवींद्रनाथ ठाकुर जैसे महान साहित्यकारों की परंपरा से प्रेरणा लेने के बावजूद शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय ने भारतीय साहित्य को एक बिल्कुल अलग दिशा दी। जहां बंकिमचंद्र…

भारत–नेपाल सांस्कृतिक सेतु के निर्माण में अवधी की भूमिका

नेपाल में अवधी संस्कृति के सशक्त संवाहक: आनन्द गिरि मायालु की प्रेरक यात्रा प्रस्तुति-चरना गौर नेपाल की बहुभाषिक पहचान में अवधी भाषा और संस्कृति को नई ऊर्जा देने वाले व्यक्तित्व…

किसान से संविधान तक: भारत के राष्ट्र-निर्माण पर सांप्रदायिक हिंसा की छाया

भारत का राष्ट्र-निर्माण विमर्श बनाम सामाजिक यथार्थ:- किसान,सांप्रदायिक हिंसा और लोकतांत्रिक परीक्षा भूमिका:- एक समग्र विश्लेषण गोंदिया – 14 जनवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित पोंगल महोत्सव के मंच से…

मकर संक्रांति: सूर्य की गति, संस्कृति की चेतना

नवनीत मिश्र सूर्य की गति और उत्तरायण का वैज्ञानिक आधार मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण की यात्रा आरंभ…

पशु अधिकार बनाम मानव जीवन: 20 जनवरी की सुनवाई से तय होगी भारत की सार्वजनिक सुरक्षा नीति

गोंदिया – भारत में आवारा कुत्तों का मुद्दा कोई नया नहीं है,लेकिन 13 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद यह विषय केवल एक पशु-प्रेम या करुणा…

मकर संक्रांति: पतंगबाजी, आनंद, संस्कृति और चेतना

— डॉ. सत्यवान सौरभ मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति में सिर्फ़ एक तारीख वाला त्योहार नहीं है, बल्कि यह मौसम के बदलाव, सामाजिक जीवन और लोक संस्कृति का एक रंगीन रूप…

महर्षि महेश योगी: आंतरिक चेतना से वैश्विक शांति तक का आध्यात्मिक प्रवास

पुनीत मिश्र भारतीय आध्यात्मिक परंपरा ने समय-समय पर ऐसे महापुरुष दिए, जिन्होंने साधना को सीमित आश्रमों और ग्रंथों से निकालकर जन-जीवन से जोड़ा। महर्षि महेश योगी ऐसे ही युगद्रष्टा थे,…

“मास्टर दा” सूर्य सेन: क्रांति, साहस और बलिदान की अमर गाथा

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का संकलन नहीं है, बल्कि वह उन व्यक्तित्वों की जीवंत स्मृति है जिन्होंने राष्ट्र की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व अर्पित…

राजनीतिक शक्ति नहीं, आध्यात्मिक नेतृत्व : विवेकानंद की ‘विश्वगुरु भारत’ की अवधारणा

स्वामी विवेकानंद का ‘विश्वगुरु भारत’ : खंडित विश्व के लिए वेदांत की प्रासंगिकता (जहाँ से विश्व को दिशा मिले : विवेकानंद और विश्वगुरु भारत की संकल्पना) — डॉ. सत्यवान सौरभ…

विश्वविद्यालय, सत्ता और साहित्य की अपमानित गरिमा

डॉ. प्रियंका सौरभ गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान हिन्दी के वरिष्ठ कथाकार मनोज रूपड़ा के साथ हुआ सार्वजनिक दुर्व्यवहार केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना…

पश्चिम बंगाल से उठता सवाल: क्या सत्ता कानून से ऊपर हो सकती है?

नवनीत मिश्र पश्चिम बंगाल की घटना केवल एक क्षणिक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं और संस्थागत संतुलन पर गहराते संकट की ओर संकेत करती है। जब कोई केंद्रीय एजेंसी…

अमेरिकी टैरिफ नीति से भारतीय निर्यात और वैश्विक व्यापार को खतरा

अमेरिका क़े संभावित 500 प्रतिशत तक टैरिफ प्लान से भारत के फार्मास्यूटिकल्स टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स,आईटी हार्डवेयर और स्टील जैसे क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है गोंदिया – वैश्विक राजनीति…

यूपी पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2026 की तिथियां घोषित, मई में ऑनलाइन होगी परीक्षा

एजुकेशन डेस्क(राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए बड़ी खबर है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने यूपी पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2026…