कविता

हँसते रिश्ते व आत्म सुख

खुल कर हँसना, आत्म- सुकून दे,मन में मन हँसना दिल को सुकून दे,प्रेम सदा हँसता मुस्कुराता जीवन दे,प्रेम सुखी जीवन…

4 months ago

ज्ञान और विज्ञान

अनुचित स्पर्धा की चाहत भीलोगों की नक़ल कराती है,औरों की कृतियाँ, अंदाज,तरीक़ा भी औरों का अपनाती है। अपना कहने की…

4 months ago

असमंजस और अहंकार

ज़िन्दगी असमंजस से भरी,जो चाहते वो मिलता नहीं,जो मिले उससे संतोष नहीं,उम्मीद कभी पूरी होती नहीं। उम्मीदों का है फ़साना,शब्दों…

4 months ago

पुण्य भारी पड़ रहा है

पुण्य भारी पड़ रहा है कहा किसी ने,यह प्रतिक्रिया मुझे दी एक मित्र ने,स्वास्थ्य तो शरीर का देखा जाता है,मन:स्थिति…

4 months ago

पार्थ, रहना सजग

युद्ध जीत भी जाना तोहे पार्थ, तुम रहना सजग।धृतराष्ट्र सदा ही आयेंगे,गले लगाने तुमको पग-पग। है युगों युगों का सत्य…

5 months ago

दुआओं में शक्ति

दुआओं में बहुत शक्ति होती है,जो किसी के लिये भी की जाती है,दुआ देना अहंकार नहीं होता है,दुआ तो प्रभू…

5 months ago

दुनिया स्वार्थ में अंधी होती है

जीवन में प्रचंड चक्रवात, तूफानका आना भी अति आवश्यक है,तभी हमें पता चलता है कि कौनहमारा हाथ पकड़ कर चलता…

5 months ago

जीवन के सिद्धांत

सबका जीवन अपनी ही,पसंद का क़ायल होता है,अवसर वादिता का जीवनमिथ्या जीवन कहलाता है। जीवन के परिवर्तन स्वेच्छा से हों,बहाने…

5 months ago

सूरज को दीपक दिखाना

सुना था अच्छे व श्रेष्ठ रचनाकार,कवि चलते चलते जो देख लेते हैं,उस पर तुरन्त कविता लिख देते हैं,वही तो अब…

5 months ago

निःसंदेह यही कर्म फल हैं

निःसंदेह यही कर्म फल हैं निसंदेह हम अपने कर्मों कीवजह से ही बीमार पडते हैं,खानपान में परहेज़ न करना,समयानुसार वस्त्र…

5 months ago