असमंजस और अहंकार

ज़िन्दगी असमंजस से भरी,
जो चाहते वो मिलता नहीं,
जो मिले उससे संतोष नहीं,
उम्मीद कभी पूरी होती नहीं।

उम्मीदों का है फ़साना,
शब्दों का ही अफ़साना,
उम्मीदें तो बदल पाएँगे
पर कहे शब्द कैसे बदलेंगे।

बंदूक़ से निकली हुई गोली
और मुँह से निकले हुए शब्द,
न गोली अंदर वापस जाती
न कही हुई बात वापस आती।

न चाहो जो वह मिलता रहे,
जो चाहो वह कभी ना मिले,
चाहत नफ़रत बनी ज़िंदगी,
एक अफ़साना है ज़िन्दगी।

प्रार्थना कर मन ही मन ख़ुश होना,
इस ख़ुशी से दूसरों की सेवा करना
सेवा है माध्यम औरों तक पहुँचना,
पहुँचकर उनको भी अपना बनाना।

अपना बनाना है रिश्ता निभाना,
स्नेह से प्रस्फुटित रिश्ता जताना
संवाद और सम्वेदना से महसूस
कर रिश्ता दिल से आगे बढ़ाना ।

जीवन असमंजस का है आकर,
गलफ़हमियों से रिश्ते मुरझाते,
आदित्य मत होने दो अहंकार,
इससे आने से रिश्ते बिखर जाते।

डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’

इसे पढ़ें –📰 सपा यूथ फ्रंटल संगठनों ने मनाया सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन

rkpnews@desk

Recent Posts

20 अक्टूबर का राशिफल: दशहरे पर किस राशि को मिलेगा तरक्की का संकेत? जानें शुभ रंग और उपाय

विजयादशमी 2026 राशिफल: दशहरे पर किस राशि की चमकेगी किस्मत? जानें धन, नौकरी, शिक्षा, प्रेम…

9 minutes ago

तमस से कॉकरोच तक…!

नफरत की राजनीति पर तीखा प्रहार, लोकतंत्र बचाने का आह्वान सत्य, विवेक और मानवीय मूल्यों…

5 hours ago

जलते पुतले, बढ़ते रावण: दशहरे का बदलता अर्थ

पुतलों का दहन नहीं, मन और समाज में छिपी बुराइयों का संहार ही दशहरे का…

5 hours ago

मिठाई ताजा या पुरानी? काउंटर पर ‘टुडे’ लिखा, खाद्य सुरक्षा विभाग से जवाब मांग रहे सवाल

देवरिया में मिठाई की दुकानों पर ‘टुडे’ का खेल! पुरानी मिठाई को ताजा बताकर बेचने…

10 hours ago

₹2 के चक्कर में रेस्टोरेंट पर ₹1.06 लाख की मार! ₹18 की बोतल ₹20 में बेचना पड़ा भारी

ग्राहक के दो रुपये लौटाने से इनकार पड़ा महंगा, उपभोक्ता आयोग का बड़ा आदेश; जानिए…

10 hours ago