निःसंदेह यही कर्म फल हैं
निसंदेह हम अपने कर्मों की
वजह से ही बीमार पडते हैं,
खानपान में परहेज़ न करना,
समयानुसार वस्त्र न बदलना।
इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/no-permission-to-take-law-into-ones-own-hands-government/
स्वास्थ्य विरोधी हों आदतें,
व्यायाम व आराम न करना,
अपने शरीर का ज़रूरत भर
पूर्ण रखरखाव नहीं करना।
यह सभी अपने ही कर्म हैं,
स्वस्थ होने के लिये उपचार,
अच्छा शुद्ध भोजन खाना,
निःसंदेह यही कर्म फल हैं।
इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/hyderabad-faces-a-deluge-not-a-water-crisis-himayat-sagar-and-osman-sagar-gates-opened/
भोजन पदार्थों में मिलावट,
नक़ली खाद्य पदार्थ का सेवन,
नक़ली दवाइयों का सेवन भी,
कर्म फल के रूप में भोगते हैं।
हमें शक किस बात का रह गया,
समाज की दशा और दिशा भी,
व्यक्ति विशेष के लिए कर्मफल है,
आदित्य जैसी करनी वैसी भरनी है।
डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
सुनीता कुमारी पूर्णियां बिहार भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में समय की गणना केवल दिनों…
बहन की प्रताड़ना से आहत होकर युवती ने लगाई थी फांसी, पुलिस ने की कार्रवाई…
कूटरचना कर लोगों को बनाता था शिकार, पुलिस ने दबोचा आरोपी गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)गुलरिहा थाना…
एनडीआरएफ की टीम का सर्च ऑपरेशन जारी, गांव में पसरा मातम मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि…
सिकंदरपुर /बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा ) आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा सत्र 2025-26 के विभिन्न स्नातकोत्तर…