परंपरायें जो रूढ़ियाँ बन चुकी हैं,उनमें समुचित सुधार आवश्यक है,मानव जीवन के स्वर्ग नर्क यहीं हैं,जो आता है निश्चय ही…
मेरा मन क्यों भटकता जा रहा है,किसी अंजान भय से तड़प रहा है,मन के अंदर क्या कुछ हो रहा है,भीतर…
मन बसत मेरो वृंदावन में,मन बसत मेरो वृंदावन में,रंग रंगीली होली आयी,सारे जग की ख़ुशियाँ लायी,रंग गुलाल अबीर फ़िज़ायें,फागुन की…
एक नाविक ने एक पेंटर को बुलायाऔर अपनी नाव पेंट करने को कहा,पेंटर ने नाव को लाल पेंट कर दिया,जैसा…
कुछ लोग आगे पीछे रहते हैं,हँसते खेलते समय बिताते हैं,इसका तात्पर्य यह नहीं होता है,कि ऐसे सब लोग सच्चे मित्र…
जिस प्रकार छोटी छोटी आंखे साराआसमान देखने की ताक़त रखतीं हैं,वैसे ही जीवन में विषमतायें होने पर,भी ज़िन्दगी ख़ुशनुमा बन…
मेरी कविताओं में मित्रों किसी तरहकी कोई राजनीति तो मत खोजो,जिनक़ा नहीं दूर तक मुझसे कोईनाता है, उन अपवादों को…
एक गीत वक्त में परिवर्तन लाता है,एक विचार दुनिया ही बदल देता है,एक कदम यात्रा की शुरू कर देता है,एक…
पलप्रतीपल बदला भारत पल–पल में बदल रहा है परिवेश, व्यवस्था बदल रहा जब खुद को अब हमें भी बदलना होगा,…
कबीर लहरि समंद की,मोती बिखरे आई।बगुला भेद न जानई,हंसा चुनि-चुनि खाई॥ समुद्र की उफनती लहरो में क़ीमतीमोती आ आ करके…