इंदौर/मध्यप्रदेश(राष्ट्र की परम्परा)
दैहिक रुप में मौजूदगी ,
टिका रहता है मात्र कुछ ही सांसों पर
इतने विराट शरीर का अस्तित्व ।
एक स्वप्न सा प्रतीत होता है
मृत्यु के पश्चात, अस्तित्व ।
जीवन पर्यंत करता रहता है संघर्ष ,
अपने अस्तित्व को पुख्ता
करने के लिए मनुष्य ।
कितने जामें पहनता है
अस्तित्व के संघर्ष के लिए ।
परंतु अंत में , मृत्यु ही अटल सत्य है
यह सभी जानते हैं ।
लेकिन जीवटता ही प्रेरित करती है
अस्तित्व के संघर्ष के लिए ।
लेखिका-मनीषा सेंगर
सुंदरता की अंधी दौड़ पर सरकार की सख्ती: कॉस्मेटिक इंजेक्शन पर CDSCO की बड़ी चेतावनी,…
इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की भर्ती प्रक्रिया में…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और ऑर्गेनाइजेशन ऑफ…
देवरिया,(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देने की दिशा…
✍️ दिव्या भोसले लोकतंत्र में पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि सत्ता से…
कोल्हुई (राष्ट्र की परम्परा)। थाना क्षेत्र के कस्बा स्थित सोनार गली में बुधवार दोपहर एक…