कविता

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम: योगेश्वर श्री कृष्ण

अच्युतम केशवम, कृष्ण दामोदरम,रामनारायणम, जानकीवल्लभम,राम जन्में थे त्रेता में दशरथ के घर,कृष्ण जन्मे थे द्वापर में कारागार में। राम का…

11 months ago

घोर कलियुग है भाई

स्थानीय समाचार पत्रों का समाचारमन को कितना विचलित कर देता है,ऐसा लगता है, घोर कलियुग है, भाईभाई, मित्र मित्र की…

11 months ago

और जब मरो तो मर कर जियो

प्रथम से लेकर अंतिम साँस तक,मानव जीवन की वास्तविकता है,इन साँसों को जी भर कर जियो,और जब मरो तो मर…

12 months ago

“मनीषा की अरदास”

मत रो माँ, अब मत रो,तेरी बेटी की आवाज़ हम सब हैं,न्याय की राह पर चल पड़े,अब जाग उठा हर…

12 months ago

“ना बहन रोए, ना बहू”

रिश्तों में मोहब्बत का दिया जलना चाहिए,ना बहन रोए, ना बहू को तन्हा रहना चाहिए। जिस घर में बेटियों को…

12 months ago

प्रकृति की नाराज़गी हैं भयंकर…!

नाराज़ प्रकृति की नाराज़गी हैं भयंकर,स्वार्थवश संसाधनों का 'दोहन' निरंतर।प्रकृति-मानव का संबंध सदियों पुराना,ऊपर उठाया लाभ चुरा लिया खजाना।पिघल रहे…

12 months ago

पहली बार

आजमैं पहली बारमन्दिर की ओर चल पड़ाघण्टों वहाँ बैठा रहाऔर जब घर लौटा —तो रात भर बस यही सोचता रहाकि…

12 months ago

तुलसी जयंती की पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन आयोजित, गीतों और कविताओं से श्रोतागण भावविभोर

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा तुलसी जयंती की पूर्व संध्या पर एक भव्य काव्य संध्या का आयोजन…

1 year ago

कारगिल विजय दिवस : भारतीय सेना के शौर्य का प्रतीक

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) भारत में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतवासियों के…

1 year ago

नियति का खेल

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) सूख गई नदी लहरों का पता नहीं।जीव जंतु बेहाल है पानी का पता नहीं।।टूटी हुई है नाव…

1 year ago