कविता

“मनीषा की अरदास”

मत रो माँ, अब मत रो,तेरी बेटी की आवाज़ हम सब हैं,न्याय की राह पर चल पड़े,अब जाग उठा हर…

1 year ago

“ना बहन रोए, ना बहू”

रिश्तों में मोहब्बत का दिया जलना चाहिए,ना बहन रोए, ना बहू को तन्हा रहना चाहिए। जिस घर में बेटियों को…

1 year ago

प्रकृति की नाराज़गी हैं भयंकर…!

नाराज़ प्रकृति की नाराज़गी हैं भयंकर,स्वार्थवश संसाधनों का 'दोहन' निरंतर।प्रकृति-मानव का संबंध सदियों पुराना,ऊपर उठाया लाभ चुरा लिया खजाना।पिघल रहे…

1 year ago

पहली बार

आजमैं पहली बारमन्दिर की ओर चल पड़ाघण्टों वहाँ बैठा रहाऔर जब घर लौटा —तो रात भर बस यही सोचता रहाकि…

1 year ago

तुलसी जयंती की पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन आयोजित, गीतों और कविताओं से श्रोतागण भावविभोर

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा तुलसी जयंती की पूर्व संध्या पर एक भव्य काव्य संध्या का आयोजन…

1 year ago

कारगिल विजय दिवस : भारतीय सेना के शौर्य का प्रतीक

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) भारत में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतवासियों के…

1 year ago

नियति का खेल

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) सूख गई नदी लहरों का पता नहीं।जीव जंतु बेहाल है पानी का पता नहीं।।टूटी हुई है नाव…

1 year ago

शिव ही आदि, शिव ही अंत

शिव ही आदि, शिव ही अंत हैं,शिव ही ब्रह्म, शिव ही ब्रह्मतंत्र हैं।शिव ही बीज, शिव ही वृक्ष विशाल,शिव में…

1 year ago

असम्भव कोई कार्य नहीं

स्वभाव और विचारों में अंतर हो तो,भी स्नेह में अंतर नहीं होना चाहिए,अच्छाई साबित करना जरूरी नहीं है,पर हमें अच्छा…

1 year ago

असम्भव कोई कार्य नहीं

स्वभाव और विचारों में अंतर हो तो,भी स्नेह में अंतर नहीं होना चाहिए,अच्छाई साबित करना जरूरी नहीं है,पर हमें अच्छा…

1 year ago