कविता

सूरज को दीपक दिखाना

सुना था अच्छे व श्रेष्ठ रचनाकार,कवि चलते चलते जो देख लेते हैं,उस पर तुरन्त कविता लिख देते हैं,वही तो अब…

10 months ago

निःसंदेह यही कर्म फल हैं

निःसंदेह यही कर्म फल हैं निसंदेह हम अपने कर्मों कीवजह से ही बीमार पडते हैं,खानपान में परहेज़ न करना,समयानुसार वस्त्र…

10 months ago

सकारात्मक सोच

घड़ी की क़ीमत कितनी भी होकिंतु समय न वश में कर पाती,कितना भी शक्तिमान कोई होनियति न कभी वश में…

10 months ago

सनातन धर्म कहता है कि

कहा गया है सत्य बोलें, प्रिय बोलें,अप्रिय हो जो वह सत्य नहीं बोलें,जो प्रिय असत्य हो वह नहीं बोलें,सनातन धर्म…

11 months ago

मित्र को मित्र से प्रमाण नहीं चाहिये

इससे अच्छा क्या होगा कि कोईछोटी छोटी बात पर करे प्रशंसा,स्वीकार करे आपको मुसीबत में,ज़रूरत के समय करे जो सहायता।…

11 months ago

सत्य और जीवन का महत्व

यह सत्य है कि सत्य कभी भीदावा नहीं करता कि मैं सत्य हूँ,लेकिन झूठ तो हमेशा ही यहीदावा करता है…

11 months ago

हिन्दी: नारे व स्वतंत्रता संग्राम

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन केप्रमुख वचन व नारों में हिंदी थी,स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी के नारोंकी अत्यंत विशिष्ट भूमिका थी। स्वतंत्रता…

11 months ago

कविता अनुपस्थिति में उपस्थिति है: डॉ. सुधाकर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नागरी प्रचारिणी सभागार में मंगलवार को युग द्रष्टा जनवादी कवि ध्रुवदेव मिश्र पाषाण की जयंती पर…

11 months ago

जीवन की वास्तविकता!

प्रकृति की ख़ूबसूरती पेड़ पौधों,उनके पल्लव पुष्पों से दिखती है,इन्सानी ख़ूबसूरती वैसे ही उनकेविचार व्यवहार पर निर्भर करती है। नीचा…

11 months ago

हाथी जैसी चाल चल रहा तन्त्र

ऑफिस में आओ मिलो आकर,काम सही हो जाएगा मिलकर,बस एक इशारा वो देते हैं फिर,जेब गर्म उनकी कर दो जाकर।…

11 months ago