प्रकृति की ख़ूबसूरती पेड़ पौधों,
उनके पल्लव पुष्पों से दिखती है,
इन्सानी ख़ूबसूरती वैसे ही उनके
विचार व्यवहार पर निर्भर करती है।
नीचा दिखाने वाले सरे राह मिलेंगे,
लड़ने झगड़ने वाले हर ठौर मिलेंगे,
ईर्ष्या द्वेष करने वाले व जलने वाले
हमारे जीवन में हमेशा मिलते रहेंगे।
हमारा जीवन सुखद तब होगा,
जब ऐसे लोगों से दूर ही रहोगे,
सुनोगे उनकी व सबकी हर बात,
परंतु अपने दिल की बात करोगे।
किसी ने जीवन को स्वप्न कहा है,
किसी ने पहेली, किसी को लगता है,
इस जीवन में जो कुछ भी होना है,
सब इंसान के भाग्य से ही होता है।
कुछ लोग हैं जो पुरुषार्थ परिश्रम,
मेहनत को अत्यंत महत्व देते हैं,
वहीं भाग्य के मानने वाले हर बात
हेतु भाग्य को ज़िम्मेदार ठहराते हैं।
परंतु कर्मशील इंसान हमेशा ही
अपने भाग्य का निर्माण करता है,
यही मतभेद इंसान की दुविधा है,
तो जीवन की वास्तविकता क्या है।
इस दुविधा को अध्यात्म मिटाता है
जीवन के सत्य से पर्दा उठाता है,
आदित्य दुःख- सुख मानव जीवन
के नियत पहलू हैं यह बतलाता है।
डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
भगवान वाल्मीकि जयंती विशेष: रामलीला से पहले क्यों लाई जाती है रामतीर्थ की अखंड ज्योति?…
करवा चौथ पर चांद-सा निखरेगा आपका रूप! घर पर ही करें बॉडी पॉलिशिंग, त्वचा बनेगी…
26 अक्टूबर विशेष: प्रस्तुति: अभिषेक कुमार इतिहास केवल उन लोगों की कहानी नहीं है, जिन्होंने…
26 अक्टूबर: जन्मदिन विशेष रिपोर्ट -अभिषेक कुमार इतिहास के पन्नों में 26 अक्टूबर की तारीख…
26 अक्टूबर 2026, सोमवार | दैनिक पंचांग एवं राशिफल | सभी 12 राशियां सोमवार का…
ऑपरेशन ट्राइडेंट से अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क में खलबली, 38 ठिकानों पर छापेमारी और 1,424 बैंक…