Tuesday, July 21, 2026
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राजकीय पशु चिकित्सालय रुद्रवार में कर्मचारी ने की आत्महत्या, क्षेत्र में शोक की लहर

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) राजकीय पशु चिकित्सालय रुद्रवार में शुक्रवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 48 वर्षिय सतीश कुमार ने अस्पताल परिसर में बने एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सतीश मूल रूप से कस्बे के मोहल्ला डोमनपुरा के निवासी थे।घटना की जानकारी शनिवार सुबह हुई, जब सतीश की पत्नी इंदु देवी जागीं और पति को चारपाई पर न पाकर खोजबीन करने लगीं। अस्पताल के कमरे की खिड़की से झांकते ही उन्होंने पति को फंदे से लटका देखा। यह दृश्य देखकर वे चीखने लगीं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर कब्जे में ले लिया और पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए बलिया भेज दिया। इस बीच फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर जांच कर साक्ष्य जुटाए। मृतक अपने पीछे पत्नी और पांच बच्चों – तीन बेटियां अमृता (22), गोल्डी (20), संध्या (18) तथा दो बेटे कृष्णा (15) व अरुण (9) को छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी अनिल राय ने बताया कि सतीश लंबे समय से शराब के आदी थे। कई बार उन्हें समझाया गया था, लेकिन आदत नहीं छोड़ पाए। इसी कारण घर में अक्सर विवाद होता रहता था। आशंका है कि घरेलू तनाव से क्षुब्ध होकर उन्होंने यह कदम उठाया होगा। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। ग्रामीणों ने घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि सतीश मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे, लेकिन नशे की आदत ने उनकी जिंदगी पर गहरा असर डाला। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

देवरिया में धूमधाम से मना 79वां स्वतंत्रता दिवस, न्यायालय से लेकर प्रशासनिक भवनों तक फहराया तिरंगा

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) 79वें स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व जिले में हर्षोल्लास, देशभक्ति और उत्साह के वातावरण में मनाया गया। न्यायालय परिसर से लेकर जिला प्रशासन और देवरिया क्लब तक तिरंगा लहराया और आज़ादी के अमर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

राष्ट्र के प्रति समर्पण और सत्यनिष्ठा से दायित्व निर्वहन का आह्वान

जनपद न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राम मिलन सिंह ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व अधिवक्ता तथा न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे। जनपद न्यायाधीश ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण और सत्यनिष्ठा से दायित्व निर्वहन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान न्यायपालिका को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी देता है कि शासन की संस्थाएं संवैधानिक सीमाओं के भीतर कार्य करें। उन्होंने सभी से ऐसी सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि निर्माण का संकल्प लेने का आग्रह किया जो हर नागरिक के लिए न्याय और जीवन की परिपूर्णता सुनिश्चित कर सके। इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार तिवारी ने शांति, समृद्धि और राष्ट्रीय गौरव की शुभकामनाएं दीं।

देवरिया क्लब में मुख्य समारोह


जिला प्रशासन द्वारा आयोजित मुख्य समारोह देवरिया क्लब में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के मुख्य आतिथ्य में हुआ। उन्होंने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व उनके परिजनों को अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत, नृत्य और कविताएं प्रस्तुत कर माहौल को भावविभोर कर दिया। कृषि मंत्री ने कहा कि आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले वीर सपूतों की गाथाएं सदैव राष्ट्रहित और समाज सेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी, जिला महामंत्री श्रीनिवास मणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी दिव्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर, मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पांडेय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने किया ध्वजारोहण


जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कैंप कार्यालय और कलेक्ट्रेट प्रांगण में ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान के साथ सलामी दी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गोष्ठी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके आश्रितों को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा और शहीद स्मारकों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बाल सुधार गृह और वृद्धा आश्रम में फल व मिष्ठान वितरित कर वंचित वर्ग तक खुशी और सम्मान पहुंचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लेकर उन्होंने लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया, वहीं महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में रोगियों के बीच फल वितरण भी किया।

स्वतंत्रता दिवस पर जिलेभर में सरकारी, अर्धसरकारी और निजी संस्थानों में तिरंगा फहराया गया और आज़ादी के नायकों को नमन किया गया।

जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचे सीएम योगी, 645 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण

मथुरा (राष्ट्र की परम्परा)। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को मथुरा पहुंचे और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मथुरा और ब्रज क्षेत्र के लिए 645 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 118 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसे मथुरावासियों के लिए एक बड़ा तोहफा माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी ने मथुरा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार प्रदेश से “गुलामी के अंश” को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा, “हमने वहां 500 वर्षों के गुलामी के प्रतीक को हटाया और अब मथुरा में भी यही कार्य करेंगे।” उनका यह बयान लंबे समय से चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह विवाद की ओर इशारा माना जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, बलदेव, गोवर्धन और राधा कुंड को तीर्थ स्थल के रूप में उनकी पौराणिक मान्यता के साथ पुनः स्थापित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह परिषद ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास और तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “आज उत्तर प्रदेश अपनी आध्यात्मिक विरासत और अत्याधुनिक विकास, दोनों में ही दुनिया के लिए नया प्रतिमान स्थापित कर रहा है।” उन्होंने यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं और 5000 साल पुरानी पौराणिक धरोहर के संरक्षण हेतु आधुनिक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया।

सभा में मुख्यमंत्री योगी के साथ प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री, जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पूरा ब्रज क्षेत्र जन्माष्टमी के उल्लास और सीएम योगी के इस बड़े विकास पैकेज से गदगद दिखाई दिया।

अलास्का में पुतिन-ट्रंप की ऐतिहासिक मुलाकात, यूक्रेन युद्ध पर हुई लंबी चर्चा, लेकिन ठोस समाधान नहीं

अलास्का (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अलास्का में हुई ऐतिहासिक शिखर बैठक ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। लगभग पाँच साल बाद दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात में पुतिन ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि अगर 2022 में ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो यूक्रेन में युद्ध कभी शुरू नहीं होता।

ट्रंप के उस दावे पर टिप्पणी करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी मौजूदगी रूस को यूक्रेन पर हमला करने से रोक सकती थी, पुतिन ने साफ शब्दों में कहा—”मैं इसकी पुष्टि कर सकता हूँ।”

करीब तीन घंटे चली इस उच्च-स्तरीय वार्ता में यूक्रेन युद्ध प्रमुख विषय रहा। पुतिन ने ट्रंप की “संघर्ष के सार को समझने की इच्छा” की सराहना की और कहा कि रूस की सच्ची रुचि शांति स्थापित करने में है, लेकिन इसके लिए सभी मूल कारणों को खत्म करना होगा और रूस की सभी सुरक्षा चिंताओं पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने ट्रंप के इस विचार से भी सहमति जताई कि यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

पुतिन ने बैठक स्थल अलास्का को “हमारे देशों के साझा इतिहास को देखते हुए एक तार्किक जगह” बताया। हालांकि, गहन और रचनात्मक बातचीत के बावजूद, यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने या रोकने पर कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। यह युद्ध, जो अब चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है, 1945 के बाद से यूरोप का सबसे घातक संघर्ष बन गया है।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से यह मुलाकात कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे अमेरिका-रूस संबंधों में संभावित नए अध्याय की संभावना और यूक्रेन संकट पर नई पहल की उम्मीदें भी जुड़ गई हैं।

नहर में मिली 14 वर्षीय छात्रा का शव

औरंगाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के मौलाबाग स्थित पटना मेन कैनाल नहर से एक किशोरी का शव बरामद होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान ओबरा थाना क्षेत्र के तेंदुआ हरकेश निवासी सोनाली कुमारी (14 वर्ष) के रूप में हुई है।जानकारी के अनुसार, सोनाली 15 अगस्त को डिहरा स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने गई थी। झंडा फहराने के बाद जब वह घर लौट रही थी, तभी रास्ते में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति ने उसके साथ मारपीट की। इससे घबराकर वह भागने लगी। ग्रामीणों का कहना है कि इसी दौरान वह नहर की ओर भागी, लेकिन वहां कैसे गिरी, यह कोई नहीं जान पाया।शाम तक सोनाली के घर नहीं पहुंचने पर परिजन और ग्रामीण उसकी खोजबीन करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार की सुबह नहर किनारे घूमने गए लोगों ने सोनाली का शव पानी में तैरते हुए देखा। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही दाउदनगर थाना के सब-इंस्पेक्टर सुदीश कुमार, पीएसआई भाषा पल्लवी और आदित्य कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेज दिया।थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि परिजनों को मामले की जानकारी दे दी गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना की खबर फैलते ही मौलाबाग नहर पुल पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सके गा ।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, कार सवार दो सगे भाइयों की मौत

महोबा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) खन्ना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार एक अज्ञात ट्रक की टक्कर से कार सवार दो सगे भाइयों की मौत हो गई। यह हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही दोनों की जान चली गई।

महोबा नगर क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) दीपक दुबे ने बताया कि शुक्रवार को खन्ना थाना क्षेत्र अंतर्गत बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर ‘ऑल्टो’ कार को एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार दोनों भाइयों – आशुतोष द्विवेदी (32) और उत्कर्ष द्विवेदी (26) – की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों बांदा जिले के अतर्रा कस्बा निवासी और हिन्दू इंटर कॉलेज के शिक्षक संतोष द्विवेदी के बेटे थे।

परिजनों के अनुसार, आशुतोष दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, जबकि छोटा भाई उत्कर्ष दिल्ली के एक शासकीय विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत था। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

सीओ ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात ट्रक की तलाश शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना से परिजनों और क्षेत्र में शोक की लहर है।

दो अलग-अलग घटनाओं में दो की मौत

सहारनपुर, (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के ग्राम मल्हीपुर निवासी 28 वर्षीय अनिल गुरुवार शाम से लापता था। परिजनों ने रातभर खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उसका शव गांव के पास एक आम के बाग में पेड़ से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक (नगर) व्योम बिंदल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कारण स्पष्ट होगा। मृतक का मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है।

वहीं, देवबंद थाना क्षेत्र में गीले कपड़े प्रेस करते समय करंट लगने से एक किशोरी की मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की।

नागालैंड के राज्यपाल ला गणेशन का निधन, यूपी की राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने जताया शोक

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। नागालैंड के राज्यपाल ला गणेशन का शुक्रवार को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ थे और चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक और प्रशासनिक जगत में शोक की लहर है।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने शोक संदेश में कहा, “नागालैंड के माननीय राज्यपाल श्री ला. गणेशन जी का निधन अत्यंत दुःखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति एवं उनके शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

कोहिमा स्थित राजभवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि श्री ला गणेशन का निधन शुक्रवार को हुआ। तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले ला गणेशन लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहे और विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। नागालैंड के राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल को वहां की जनता और प्रशासन ने हमेशा यादगार बताया।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के अनेक नेताओं ने भी उनके निधन पर संवेदनाएं प्रकट करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।

राजद सुप्रीमो लालू यादव चुनावी मोड में, आरा दौरे से कार्यकर्ताओं को दिया बड़ा संदेश

पटना /आरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद अब बस होने ही वाला है और प्रदेश की सियासत पूरी तरह गर्मा चुकी है। तमाम राजनीतिक दल चुनावी रणनीति को धार देने में जुट गए हैं। ऐसे माहौल में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव एक बार फिर सक्रिय भूमिका में नजर आने लगे हैं। शनिवार सुबह उनका अंदाज़ बिल्कुल चुनावी था, जब वह पटना से अपनी वैनिटी वैन में सवार होकर आरा रवाना हुए।आरा पहुंचने पर लालू यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं, संगठन की मजबूती पर चर्चा की और आगामी चुनावी रणक्षेत्र के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने यह संदेश दिया कि चुनावी जीत केवल मेहनत और जनता से सीधे जुड़ाव से ही संभव है।
इस दौरे के दौरान लालू यादव पूर्व विधायक अरुण यादव से भी मिले। आरा और आसपास के इलाकों में अरुण यादव को राजद का मजबूत स्तंभ माना जाता है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात औपचारिक से अधिक रणनीतिक मानी जा रही है। राजनीतिक हलकों में इसे स्थानीय समीकरण साधने और संगठन को और मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य कारणों के चलते लालू यादव चुनावी गतिविधियों में सीमित भूमिका निभाते रहे। लेकिन इस बार उनकी सक्रियता ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि उनकी मौजूदगी संगठन को एकजुट करने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में अहम साबित होगी।राजद इस बार पिछली बार की तुलना में बिल्कुल नई रणनीति पर काम कर रहा है। पार्टी का फोकस केवल पारंपरिक वोट बैंक तक सीमित न रहकर युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंचने पर भी है। लालू यादव का चुनावी मैदान में उतरना इस बात का संकेत है कि राजद प्रचार-प्रसार में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।सूत्रों के मुताबिक, लालू यादव की यह यात्रा सिर्फ आरा दौरे तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में वह बिहार के अन्य जिलों का भी दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कैंपेन राजद के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि लालू यादव की जनाधार पर पकड़ और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है।लालू यादव की सक्रियता का बड़ा राजनीतिक संदेश यही है कि राजद अब पूरी ताकत के साथ चुनावी अखाड़े में उतर चुका है।

स्वतंत्रता दिवस पर खामपार आयुष चिकित्सालय में ध्वजारोहण व सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आयोजन

(भाटपार रानी से बृजेश मिश्र की रिपोर्ट)

भाटपार रानी, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पचास शैय्या एकीकृत आयुष चिकित्सालय, खामपार देवरिया में स्वतंत्रता दिवस पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार यादव द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि क्षेत्र के लोकप्रसिद्ध कवि श्री शास्त्री जी रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कई देशभक्ति रचनाओं का वाचन किया, जिससे समारोह का माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया तथा लोगों में राष्ट्र सेवा का जोश चौगुना हो उठा।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यादव ने अपने संदेश में स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि हमें अपने अंदर सदैव देशप्रेम की भावना को जीवंत रखना चाहिए। वहीं नोडल अधिकारी डॉ. मनीष चन्द्र मल्लिक ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों व अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर चिकित्सालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनमानस और गणमान्य अतिथि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

बलिदानियों के सम्मान में अब्दुल्लागंज रेंज में तिरंगा यात्रा

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) आजादी के अमृत काल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नवाबगंज स्थित आरक्षित अब्दुल्लागंज रेंज में बलिदानियों के सम्मान में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा क्षेत्रीय वन अधिकारी पंकज साहू के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में रेंज टीम के सहयोग से निकाली गई।

तिरंगा यात्रा का शुभारंभ अब्दुल्लागंज रेंज कार्यालय से हुआ, जो बरवालिया चौराहा होते हुए पुनः रेंज कार्यालय पर संपन्न हुई। इस अवसर पर क्षेत्रीय वन अधिकारी पंकज साहू ने जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के अमर बलिदानियों के त्याग और संघर्ष के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज पहले से अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रहा है। इसका उदाहरण हाल ही में सम्पन्न ‘ऑपरेशन सिंदूर’ है, जिसमें हमारी सेना की वीरता और अदम्य साहस ने पूरे देश को गौरवान्वित किया।

उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि सभी लोग अपने-अपने क्षेत्र में देश के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्रनिर्माण में योगदान दें, ताकि एक सशक्त और मजबूत भारत का सपना साकार हो सके।

इस अवसर पर उप क्षेत्रीय वन अधिकारी शंभूनाथ यादव, वन दरोगा सुरेश पासवान, शुभम सिंह, वन रक्षक सुरेश वर्मा, देव वर्मा, मनोज तिवारी, अवनीश कुमार, अंबुज पाण्डेय सहित वन विभाग के कई कर्मी मौजूद रहे।

धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी, इस्कॉन मंदिर में विशेष महाभिषेक और 501 पकवानों का भोग

पटना(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर राजधानी पटना के इस्कॉन मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं। पूरे मंदिर परिसर को वृंदावन की तर्ज पर सजाया गया है। थाईलैंड, बैंकॉक, कोलकाता और बैंगलोर से विशेष रूप से फूल मंगवाए गए हैं, जिनसे मंदिर की भव्य सजावट की गई है।
सुबह 7 बजे से ही मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। यहां दिनभर भजन-कीर्तन और पूजन-अर्चन की विशेष व्यवस्था रहेगी। जन्माष्टमी इस बार 6 शुभ योग में मनाई जा रही है, जिसके कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। बारिश को देखते हुए मंदिर परिसर में वॉटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। भीड़-प्रबंधन के लिए मंदिर के दक्षिणी और उत्तरी छोर पर बैरिकेडिंग की गई है। दक्षिण साइड से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लाइन अशोक सिनेमा हॉल से शुरू होगी, जबकि उत्तर साइड से आने वालों के लिए मौर्या लोक से ही लाइन लगाई जाएगी। इस दौरान मंदिर परिसर में रुकने की अनुमति नहीं होगी।आज श्रीकृष्ण को 501 पकवानों का महाभोग अर्पित किया जाएगा। प्रसाद वितरण के लिए 5 पुजारी तैनात रहेंगे, ताकि भीड़ की स्थिति न बने। मायापुरी और वृंदावन से आए कलाकार दिनभर भजन-कीर्तन प्रस्तुत करेंगे। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन रात 12 बजे होगा। इस समय भगवान श्रीकृष्ण का विशेष महाभिषेक किया जाएगा। देर रात 1 बजे तक दरबार श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा और भगवान की लीलाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा।अन्य मंदिरों में भी सजावट पटना के अन्य मंदिरों में भी जन्माष्टमी को लेकर खास सजावट की गई है। महावीर मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। यहां भी रात 12 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। प्रसाद के लिए विशेष नैवेद्यम तैयार किए जा रहे हैं।भव्य सजावट, दिव्य वातावरण और धार्मिक उल्लास के बीच पटना में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार श्रद्धा और आस्था के चरम पर मनाया जा रहा है।

इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी पर यातायात परामर्श, कई मार्गों पर लगेंगी रोक

दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) यातायात पुलिस ने ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में शनिवार को होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए यात्रा परामर्श जारी किया है।

परामर्श के अनुसार, दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में सड़कें बंद की जाएंगी, मार्ग परिवर्तित किए जाएंगे और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। कैप्टन गौड़ मार्ग और संत नगर लाल बत्ती के बीच राजा धीर सेन मार्ग पर केवल पैदल आवाजाही की अनुमति होगी। वाहन चालकों को कैप्टन गौड़ मार्ग, आउटर रिंग रोड, महात्मा गांधी मार्ग और लाला लाजपत राय मार्ग जैसे वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।

श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे भीड़भाड़ से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन, खासतौर पर दिल्ली मेट्रो का उपयोग करें। मेट्रो से आने वाले लोग एनएसआईसी ओखला मेट्रो स्टेशन पर उतरकर कैप्टन गौड़ मार्ग होते हुए मंदिर पहुंच सकते हैं। यातायात पुलिस ने लोगों से पहले से यात्रा की योजना बनाने और मार्ग में लगे संकेतों व पुलिस निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

भीषण सड़क हादसा, चार की मौत, 11 घायल

शिवपुरी /मध्यप्रदेश(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। शनिवार तड़के जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार गुजरात के मेहसाणा और सुरेंद्रनगर जिले के करीब 20 संगीत कलाकार वाराणसी में आयोजित शिवकथा कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के बाद लौट रहे थे। इसी दौरान सुरवाया थाना क्षेत्र से गुजरते समय उनकी मिनी बस (ट्रेवलर) अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ दूसरी लेन में पहुंच गई और सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई।

सुरवाया मेडिकल कॉलेज पुलिस थाने के प्रभारी नंद किशोर गुप्ता ने बताया कि हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 घायल हैं, जिनमें सात की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस का जश्न मातम में बदला: तिरंगा उतारते वक्त हाई वोल्टेज करंट से आठवीं के छात्र की दर्दनाक मौत

बेगूसराय, (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जहां पूरे देश में खुशियों का माहौल था, वहीं बेगूसराय जिले में तिरंगा लहराने की खुशी अचानक मातम में बदल गई। वार्ड नंबर 27, पहाड़चक स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में शुक्रवार शाम तिरंगा उतारते वक्त एक दर्दनाक हादसा हो गया।

जानकारी के मुताबिक, झंडे का खंभा ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई वोल्टेज तार से टकरा गया। करंट लगते ही आठवीं कक्षा का छात्र आयुष कुमार (13 वर्ष) बुरी तरह झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झंडा उतारने के बाद खंभा हटाते समय अनजाने में वह तार से सट गया। अचानक तेज धमाका, चिंगारियां और बच्चों की चीख-पुकार से स्कूल का माहौल दहशत में बदल गया।

इस हादसे में दो अन्य छात्र भी करंट से झुलस गए, जिन्हें तुरंत बेगूसराय के एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया है। मृतक आयुष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पिता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की असामयिक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव और स्कूल में शोक की लहर है, लोग रोते-बिलखते परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हैं।

स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के ठीक ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज तार को हटाने की मांग कई बार की गई, लेकिन विभाग ने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया, जिसके कारण यह मासूम जान चली गई।

हादसे की खबर मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी (डीएम) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।

गांव के लोगों ने दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की है।