Tuesday, July 21, 2026
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बलिदानियों के सम्मान में अब्दुल्लागंज रेंज में तिरंगा यात्रा

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) आजादी के अमृत काल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नवाबगंज स्थित आरक्षित अब्दुल्लागंज रेंज में बलिदानियों के सम्मान में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा क्षेत्रीय वन अधिकारी पंकज साहू के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में रेंज टीम के सहयोग से निकाली गई।

तिरंगा यात्रा का शुभारंभ अब्दुल्लागंज रेंज कार्यालय से हुआ, जो बरवालिया चौराहा होते हुए पुनः रेंज कार्यालय पर संपन्न हुई। इस अवसर पर क्षेत्रीय वन अधिकारी पंकज साहू ने जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के अमर बलिदानियों के त्याग और संघर्ष के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज पहले से अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रहा है। इसका उदाहरण हाल ही में सम्पन्न ‘ऑपरेशन सिंदूर’ है, जिसमें हमारी सेना की वीरता और अदम्य साहस ने पूरे देश को गौरवान्वित किया।

उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि सभी लोग अपने-अपने क्षेत्र में देश के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्रनिर्माण में योगदान दें, ताकि एक सशक्त और मजबूत भारत का सपना साकार हो सके।

इस अवसर पर उप क्षेत्रीय वन अधिकारी शंभूनाथ यादव, वन दरोगा सुरेश पासवान, शुभम सिंह, वन रक्षक सुरेश वर्मा, देव वर्मा, मनोज तिवारी, अवनीश कुमार, अंबुज पाण्डेय सहित वन विभाग के कई कर्मी मौजूद रहे।

धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी, इस्कॉन मंदिर में विशेष महाभिषेक और 501 पकवानों का भोग

पटना(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर राजधानी पटना के इस्कॉन मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं। पूरे मंदिर परिसर को वृंदावन की तर्ज पर सजाया गया है। थाईलैंड, बैंकॉक, कोलकाता और बैंगलोर से विशेष रूप से फूल मंगवाए गए हैं, जिनसे मंदिर की भव्य सजावट की गई है।
सुबह 7 बजे से ही मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। यहां दिनभर भजन-कीर्तन और पूजन-अर्चन की विशेष व्यवस्था रहेगी। जन्माष्टमी इस बार 6 शुभ योग में मनाई जा रही है, जिसके कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। बारिश को देखते हुए मंदिर परिसर में वॉटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। भीड़-प्रबंधन के लिए मंदिर के दक्षिणी और उत्तरी छोर पर बैरिकेडिंग की गई है। दक्षिण साइड से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लाइन अशोक सिनेमा हॉल से शुरू होगी, जबकि उत्तर साइड से आने वालों के लिए मौर्या लोक से ही लाइन लगाई जाएगी। इस दौरान मंदिर परिसर में रुकने की अनुमति नहीं होगी।आज श्रीकृष्ण को 501 पकवानों का महाभोग अर्पित किया जाएगा। प्रसाद वितरण के लिए 5 पुजारी तैनात रहेंगे, ताकि भीड़ की स्थिति न बने। मायापुरी और वृंदावन से आए कलाकार दिनभर भजन-कीर्तन प्रस्तुत करेंगे। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन रात 12 बजे होगा। इस समय भगवान श्रीकृष्ण का विशेष महाभिषेक किया जाएगा। देर रात 1 बजे तक दरबार श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा और भगवान की लीलाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा।अन्य मंदिरों में भी सजावट पटना के अन्य मंदिरों में भी जन्माष्टमी को लेकर खास सजावट की गई है। महावीर मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। यहां भी रात 12 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। प्रसाद के लिए विशेष नैवेद्यम तैयार किए जा रहे हैं।भव्य सजावट, दिव्य वातावरण और धार्मिक उल्लास के बीच पटना में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार श्रद्धा और आस्था के चरम पर मनाया जा रहा है।

इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी पर यातायात परामर्श, कई मार्गों पर लगेंगी रोक

दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) यातायात पुलिस ने ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में शनिवार को होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए यात्रा परामर्श जारी किया है।

परामर्श के अनुसार, दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में सड़कें बंद की जाएंगी, मार्ग परिवर्तित किए जाएंगे और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। कैप्टन गौड़ मार्ग और संत नगर लाल बत्ती के बीच राजा धीर सेन मार्ग पर केवल पैदल आवाजाही की अनुमति होगी। वाहन चालकों को कैप्टन गौड़ मार्ग, आउटर रिंग रोड, महात्मा गांधी मार्ग और लाला लाजपत राय मार्ग जैसे वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।

श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे भीड़भाड़ से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन, खासतौर पर दिल्ली मेट्रो का उपयोग करें। मेट्रो से आने वाले लोग एनएसआईसी ओखला मेट्रो स्टेशन पर उतरकर कैप्टन गौड़ मार्ग होते हुए मंदिर पहुंच सकते हैं। यातायात पुलिस ने लोगों से पहले से यात्रा की योजना बनाने और मार्ग में लगे संकेतों व पुलिस निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

भीषण सड़क हादसा, चार की मौत, 11 घायल

शिवपुरी /मध्यप्रदेश(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। शनिवार तड़के जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार गुजरात के मेहसाणा और सुरेंद्रनगर जिले के करीब 20 संगीत कलाकार वाराणसी में आयोजित शिवकथा कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के बाद लौट रहे थे। इसी दौरान सुरवाया थाना क्षेत्र से गुजरते समय उनकी मिनी बस (ट्रेवलर) अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ दूसरी लेन में पहुंच गई और सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई।

सुरवाया मेडिकल कॉलेज पुलिस थाने के प्रभारी नंद किशोर गुप्ता ने बताया कि हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 घायल हैं, जिनमें सात की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस का जश्न मातम में बदला: तिरंगा उतारते वक्त हाई वोल्टेज करंट से आठवीं के छात्र की दर्दनाक मौत

बेगूसराय, (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जहां पूरे देश में खुशियों का माहौल था, वहीं बेगूसराय जिले में तिरंगा लहराने की खुशी अचानक मातम में बदल गई। वार्ड नंबर 27, पहाड़चक स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में शुक्रवार शाम तिरंगा उतारते वक्त एक दर्दनाक हादसा हो गया।

जानकारी के मुताबिक, झंडे का खंभा ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई वोल्टेज तार से टकरा गया। करंट लगते ही आठवीं कक्षा का छात्र आयुष कुमार (13 वर्ष) बुरी तरह झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झंडा उतारने के बाद खंभा हटाते समय अनजाने में वह तार से सट गया। अचानक तेज धमाका, चिंगारियां और बच्चों की चीख-पुकार से स्कूल का माहौल दहशत में बदल गया।

इस हादसे में दो अन्य छात्र भी करंट से झुलस गए, जिन्हें तुरंत बेगूसराय के एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया है। मृतक आयुष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पिता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की असामयिक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव और स्कूल में शोक की लहर है, लोग रोते-बिलखते परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हैं।

स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के ठीक ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज तार को हटाने की मांग कई बार की गई, लेकिन विभाग ने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया, जिसके कारण यह मासूम जान चली गई।

हादसे की खबर मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी (डीएम) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।

गांव के लोगों ने दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सातवीं पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की सातवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में कहा,
“सभी देशवासियों की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन। राष्ट्र के चौतरफा विकास को लेकर उनका समर्पण और सेवा भाव विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान के लिए हर किसी को प्रेरित करने वाला है।”

प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्रियों, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई गणमान्य लोग राजधानी स्थित वाजपेयी के स्मारक ‘सदैव अटल’ पहुंचे और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापकों में से एक थे और तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। उनका पहला कार्यकाल वर्ष 1996 में मात्र 13 दिनों का रहा। इसके बाद 1998 में वह पुनः प्रधानमंत्री बने और 13 महीने तक इस पद पर रहे। वर्ष 1999 में वह तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और अपने कार्यकाल को पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने।

वाजपेयी को भारत में आर्थिक सुधारों को गति देने, बुनियादी ढांचे के विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए याद किया जाता है। उनके कार्यकाल में देश ने तेजी से विकास का मार्ग अपनाया और भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई।

वाजपेयी की दूरदृष्टि, ओजस्वी वक्तृत्व कला और सर्वसमावेशी दृष्टिकोण आज भी देशवासियों को प्रेरित करते हैं। उनकी स्मृतियां और कार्य सदैव भारत के विकास पथ पर प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

नीतीश कुमार की बड़ी घोषणा: उद्योग लगाने वालों को मिलेगा विशेष पैकेज, रोजगार सृजन पर फोकस

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य की जनता, विशेषकर युवाओं को बड़ा तोहफा देते हुए उद्योग और रोजगार से जुड़ी ऐतिहासिक घोषणा की है। शनिवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से उद्यमियों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देने की आधिकारिक जानकारी साझा की।

सीएम ने बताया कि 2020 में सात निश्चय-2 के तहत 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे उनकी सरकार ने पूरा कर लिया है। अब अगले पांच वर्षों में बिहार में एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।

उद्योगों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को सरकार अब विशेष आर्थिक पैकेज उपलब्ध कराएगी। इसके तहत—

कैपिटल सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी और जीएसटी प्रोत्साहन राशि दोगुनी की जाएगी।

सभी जिलों में उद्योगों के लिए जमीन की व्यवस्था की जाएगी।

अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को मुफ्त में जमीन दी जाएगी।

उद्योग से संबंधित भूमि विवादों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी सुविधाओं का लाभ उन्हीं उद्यमियों को मिलेगा, जो अगले छह महीने के भीतर बिहार में उद्योग लगाने की पहल करेंगे। मुख्यमंत्री का दावा है कि इस कदम से राज्य में रोजगार के अवसरों में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

निजी निवेश को मिलेगा बढ़ावा
नीतीश कुमार ने कहा कि रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के लिए निजी निवेश को आकर्षित करना आवश्यक है। सरकार उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को हर संभव मदद और प्रोत्साहन देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी, ताकि इच्छुक उद्यमी समय पर योजना का लाभ उठा सकें।

‘हिस्ट्रीशीटर’ का शव मिला, मौत का कारण पोस्टमार्टम से होगा स्पष्ट

मेरठ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)मवाना थाना क्षेत्र के निलोहा गांव के पास राजमार्ग किनारे एक ‘हिस्ट्रीशीटर’ का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त अंकित (31) निवासी मीनाक्षीपुरम, थाना गंगानगर के रूप में की। अंकित गंगानगर थाने का कुख्यात ‘हिस्ट्रीशीटर’ था, जिस पर करीब 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मृतक के शरीर पर गोली या किसी धारदार हथियार से चोट के निशान नहीं मिले हैं, हालांकि उसकी जांघ की हड्डी टूटी हुई पाई गई है। उन्होंने कहा कि मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

उन्होंने बताया कि फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ के साथ-साथ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।

नाले में डूबने से युवक की मौत

अमेठी(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) मोहनगंज थाना क्षेत्र के सरदारगंज गांव में शुक्रवार को नाले में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। घटना से गांव में मातम का माहौल है।

पुलिस के अनुसार, सरदारगंज निवासी विनोद कुमार (28) शुक्रवार को नाले में मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान पानी का बहाव तेज होने और गहराई अधिक होने के कारण वह नाले में डूब गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

सूचना पर पहुंची मोहनगंज पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना मोहनगंज के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

मृतक की अचानक हुई मौत से परिजनों में कोहराम मच गया और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।

79 वाँ सवतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2025 का आगाज़ – ट्रंप को संदेश,आरएसएस का जिक्र, रोजगार योजना ,आत्मनिर्भरता, मेड इन इंडिया,नक्सलवाद और अवैध घुसपैठियों को सन्देश

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारतीय स्वतंत्रता दिवस15 अगस्त2025 पर पूरे विश्व के सैलानियों भारतीय उत्सवों पर रुचि रखने वालों स्वतंत्रता का मूल्य जानने वालों विदेश में बेस मूल भारतीयों सहित,पूरे भारतवर्ष ने 79 वाँ स्वतंत्रता दिवस अपार उत्साह, जोश और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया। तड़के सुबह से ही देश के हर कोने में तिरंगे की शोभा देखते ही बन रही थी,चाहे वह महानगरों की ऊँची-ऊँची इमारतें हों, गांवों की गलियाँ हों या फिर स्कूल-कॉलेजों के प्रांगण।दिल्ली के लाल किले से पीएम द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ पूरे देश में एक स्वर में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष गूँज उठे। राजधानी से लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों तक सुरक्षा बलों की परेड, सांस्कृतिक झाँकियों और देश की प्रगति की झलक दिखाते आयोजनों ने उत्सव को भव्य बना दिया। शहरों में सजावट रोशनी और झंडारोहण समारोह ने वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, शहीदों के बलिदान और आज़ादी के महत्व को जीवंत किया गया। विभिन्न राज्यों में पारंपरिक नृत्यों, संगीत और झाँकियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया गया। ग्रामीण इलाकों में भी ग्राम पंचायतों, स्थानीय क्लबों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने ध्वजारोहण कर देशप्रेम का संदेश दिया।सेना, नौसेना और वायुसेना ने अपने- अपने ठिकानों पर गरिमामय समारोह आयोजित किए, जिनमें युद्धक उपकरणों,विमाननकौशल और अनुशासन की अद्भुत मिसाल पेश की गई। स्वतंत्रता दिवस पर विभिन्न राज्यों के राजभवनों में राज्यपालों ने ध्वजारोहण किया और नागरिकों को राष्ट्र की एकता,अखंडता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।कई शहरों में तिरंगा यात्राएँ निकाली गईं, जिनमें आम नागरिक, विद्यार्थी,व्यापारी और सामाजिक संगठन एक साथ शामिल हुए। शाम होते-होते ऐतिहासिक इमारतों और स्मारकों पर तिरंगे के रंगों से जगमगाती रोशनी ने पूरे देश को मानो एक धागे में बाँध दिया। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का आयोजन केवल परंपरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह देश की नई ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक बन गया। भारत के हर नागरिक ने, चाहे वह देश में हो या विदेश में, इस दिन को गर्व और सम्मान के साथ मनाया,और यह संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों मेंभारत को और अधिक सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित बनाने में अपना योगदान देंगे।इस साल का थीम ‘नया भारत’ है, समारोह की एक खास परंपरा यह रही कि यह प्रधानमंत्री का लगातार 12वीं बार लाल किले से भाषण था, जिसके चलते वे इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए इस विशेष श्रेणी में नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर आ गए।

साथियों बात अगर हम लाल किले की प्राचीर से भारतीय पीएम के संबोधन रूपी हुंकार की करें तो,79वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम ने लालकिले पर लगातार 12 वीं बार तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने अब तक का सबसे लंबा भाषण दिया।पीएम ने 103 मिनट के भाषण की शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर से की। इस पर 13 मिनट से ज्यादा बोले, टैरिफ का बिना नाम लिए ट्रम्प को संदेशदिया ‘भारत के किसान,पशुपालक, मछुआरे, हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। इससे जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है।भारत, अपने किसानों, पशुपालकों, मछुआरों के संबंध में कभी भी कोई समझौता नहीं स्वीकार करेगा।’पीएम का यह बयान ऐसे समय में आया है अमेरिका और भारत के बीच एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) पर बातचीत हो रही है। इसमें अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि और डेयरी सेक्टर में टैक्स कम करे।साथ ही मक्का, सोयाबीन, सेब, बादाम, एथेनॉल जैसे सामान पर टैरिफ कम करने और अमेरिकी डेयरी उत्पादों को भारत में ज्यादा बेचने कीअनुमति दे।12 साल में पहली बार लाल किले से आरएसएस का जिक्र हुआ,आज गर्व के साथ मैं इस बात का जिक्र करना चाहता हूं कि आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ।100 साल की राष्ट्र की सेवा बहुत ही गौरवपूर्ण है।व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर मातृभूमि के लिए अपना जीवन समर्पित किया, सेवा, समर्पण संगठन और अप्रतिम अनुशासन जिसकी पहचान रही है। ऐसा आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है।उन्होंने आतंकवाद, सिंधु समझौता, आत्मनिर्भरता, मेड इन इंडिया, नक्सलवाद और अवैध घुसपैठियों पर अपनी बात रखी। उन्होंने पहली बार लाल किले से आरएसएस का जिक्र किया।पीएम ने कहा,’ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने वो करके दिखाया, जो दशकों तक भुला नहीं सकते। सैकड़ों किमी दुश्मन की धरती में घुसकर आतंकियों को नेस्तनाबूद किया। पाकिस्तान की नींद अभी तक उड़ी है।अगर हम आत्मनिर्भर न होते, तो क्या ऑपरेशन सिंदूर इतनी तेजी से कर पाते। इसी कारण दुश्मन को पता भी नहीं चला कि कौनसा हथियार उन्हें खत्म कर रहा, उन्होंने दो ऐलान किए जीएसटी घटेगा, आज से रोजगार वाली नई योजना (1)जीएसटी रिफॉर्म: इस दिवाली पर सरकारजीएसटी रिफॉर्म ला रही है। इससे आम लोगों को टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी।(2)23.5 करोड़ नौजवानों को रोजगार:आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले बेटे-बेटी को 15 हजार रुपए सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनियों को भी जो ज्यादा रोजगार जुटाएगा, उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना करीब 3.5 करोड़ नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर बनाएगी। 

साथियों बात अगर हम 79 में स्वतंत्रता दिवस के लाल किला समारोह में आमंत्रित को की करें तो85 गांवों के सरपंच हुए विशेष मेहमान,इस साल समारोह में 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 85 गांवों के 210 सरपंचों को विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया था जो रेखांकित करने वाली बात है। 

साथियों बात अगर हम 79 वाँ स्वतंत्रता दिवस वैश्विक स्तरपर मूल भारतीयों द्वारा मनाए जाने की करें तो, यूएसए में भारतीय समुदाय, विशेषकर ब्रॉवर्ड सेंटर, में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत और खान-पान के कार्यक्रम आयोजित किए गए, साथ ही कई भारतीय रेस्तरां ऑफर्स भी पेश कर रहे थे।इसी दौरान, सिंगापुर और स्लोवाकिया के राजनयिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ भेजीं, सिंगापुर के उच्चायुक्त ने “हैप्पी 79 वाँ इंडिपेंडेंस डे” की बधाई दी, वहीं स्लोवाकिया के राजदूत ने समृद्धि, शांति और सौभाग्य की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।सिंगापुर के उच्चायुक्त ने “हमारी दोस्ती और 60-वर्षीय द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती की आशा” व्यक्त की, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने द्विपक्षीय सहयोग और भारत-सिंगापुर साझेदारी पर प्रकाश डाला ।इन उत्सवों ने यह साबित कर दिया कि भारतीय स्वतंत्रता दिवस केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर में फैले भारतीयों के गर्व, पहचान और एकता का वैश्विक उत्सव बन चुका है। तिरंगे की छांव में, चाहे न्यूयॉर्क की भीड़ हो या लंदन का स्क्वायर, पेरिस की नदी हो या बर्लिन की ऐतिहासिक दीवार—हर जगह भारत की आत्मा और उसके स्वतंत्र होने का जश्न गूंजता लगातार रहा। 

साथियों बात अगर हम देश के कोने-कोने में आजादी व देशभक्ति की की लहर की करें तो देशभर में सुबह से ही स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी और निजी संस्थानों में ध्वजारोहण के कार्यक्रम आयोजित हुए।बच्चों ने देशभक्ति गीत गाए, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, और आज़ादी के मतवालों की कहानियों पर नाटक प्रस्तुत किए। गली-गली और गाँव-गाँव में घरों की छतों पर तिरंगे लहराते दिखाई दिए। बाज़ारों में मिठाइयों की महक और सजावट की रौनक देखते ही बनती थी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म भी तिरंगे के रंगों में रंगा हुआ था, जहाँ लोग स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ साझा कर रहे थे।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि 79 वाँ सवतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2025 का आगाज़-ट्रंप को संदेश, आरएसएस का जिक्र रोजगार योजना आत्मनिर्भरता, मेड इन इंडिया, नक्सलवाद और अवैध घुसपैठियों को सन्देश, राष्ट्रीय  ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ पूरे देश में एक स्वर में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष गूँज उठे, 79 वाँ  स्वतंत्रता दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि भारत की उपलब्धियों चुनौतियों व भविष्य की योजनाओं का प्रतीक बनकर उभरा।

-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

अहंकार असफ़लताओं का वह घड़ा है, जिसका भरकर फूटना निश्चित है – नम्रता, ईमानदारी, शांतिप्रियता सफ़ल जीवन के मूल मंत्र-एडवोकेट किश सनमुखदास भावनानी

मैं सर्वश्रेष्ठ हूं, यह आत्मविश्वास है लेकिन मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूं यह अहंकार

गोंदिया – पृथ्वीलोक पर सृष्टि में सबसे बुद्धिमान जीव मानव की जब से उत्पत्ति या संरचना हुई है, रचनाकर्ता ने गुण अवगुण का पिटारा भी साथ में सृष्टि पर संलग्न कर दिया,इस सृष्टि पर सर्वश्रेष्ठ प्राणी मानव, अपनी बुद्धि कौशलता के आधार पर उस पिटारे में से चुनकर अपने जीवन यात्रा में सलंग्न करें,पिटारे में कई गुणों के रूप में अच्छाई, आत्मविश्वास, परोपकार, नम्रता, दीनता, शांतिप्रियता, मनोबल, उत्साह जैसे हजारों पुष्प और अवगुणों के रूप में अहंकार, दुष्टता, गुस्सा, मैं मैं, धोखा, कुटिलता, क्रोध, द्वेष, दुष्चक्र रूपी हजारों बेशर्म की पत्तियां समाहित है।
साथियों बात अगर हम उस पिटारे में मानव द्वारा उठाए गए गुणों रूपी पुष्प, अवगुणों रूपी बेशर्म पत्तियों की करें तो एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र, यह मानता हूं ki हजारों वर्ष पूर्व आदि-अनादि प्राचीन काल से ही हमें इन दोनों स्वरूपी मानव की चर्चा इतिहास में दर्ज पढ़ने को मिली है, जिसका भारतीय स्तरपर राम-रावण कृष्ण-कंस वैश्विक स्तरपर हिटलर, अनेक तानाशाह सहित अनेक हमारे सामने उदाहरण हैं जो आज तक के युग में भी आधुनिक मानव इसी तर्ज पर भी हैं और आगे भी होते रहेंगे,बस हम इस आर्टिकल द्वारा सीखना है कि उस पिटारे में से हमें पुष्प ही चुनकर लेनाहै न कि बेशर्म की पत्तियां हर उदाहरण में मेरा पक्ष सकारात्मकता की ओर है।
साथियों बात अगर हम आज के विषय आत्मविश्वास और अहंकार की करें तो इन दोनों शब्दों में ही पिटारे के गुण- अवगुण का मूल समाया हुआ है सबसे पहले हम चर्चा आत्मविश्वास की करेंगे कि हर व्यक्ति को यह पुष्प उसके जीवन की सफ़लता के हर पड़ाव पर अत्यंत जरूरी है उसे सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए आत्मविश्वास उसकी सफ़लता की पहली सीढ़ी है जिसके सहारे वह आगे बढ़ने में सक्षम होगा।
साथियों आत्मविश्वास मनुष्य के अंदर ही समाहित होता है। आपको इसे कहीं और अन्य जगह से लाने की जरूरत नहीं है। यह आपके अंदर ही है, बस जरूरत है अपने अंदर की आंतरिक शक्तियों को इकट्‍ठा कर अपने आत्मविश्वास को मजबूत करने की,वर्तमान समय में अगर हमें कुछ पाना है, किसी भी क्षेत्र में कुछ करके दिखाना है, जीवन को खुशी से जीना है, तो इन सबके लिए आत्मविश्वास का होना परम आवश्यक है। आत्मविश्वास में वह शक्ति है जिसके माध्यम से हम कुछ भी कर सकते है। आत्मविश्वास से हमारी संकल्प शक्ति बढ़ती है और संकल्प शक्ति से बढ़ती है हमारी आत्मिक शक्ति।
साथियों बात अगर हम आत्मविश्वास के बल पर वैश्विक प्रसिद्ध महामानव द्वारा अपने विज़न की सफलताओं की करें तो, इसी आत्मविश्वास ने कोलंबस को अमेरिका की खोज़ में सहयोग दिया था। नेपोलियन ने इसी शक्ति से ओतप्रोत होकर अपने सेनापति से कहा था कि यदि आल्पस पर्वत हमारा मार्ग रोकता है तो वह नहीं रहेगा और सचमुच उस विशाल पर्वत को काटकर रास्ता बना लिया गया। महात्मा गांधी भी इस आत्मविश्वास के बल पर सत्य और अहिंसा के अस्त्र बनाकर स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े। अंततः वे भारत माता की दासता रूपी बेड़ी को काटने में सफल रहे।
साथियों अब्राहम लिंकन ने अथक प्रयास कर दासों को मालिकों के शिकंजे से मुक्त कराया। उन्होंने अपनी डायरी में लिखा था कि मैंने अपने ईश्वर को वचन दिया है कि दासों की मुक्ति का कार्य अवश्य पूरा करूंगा। इमर्सन का कथन है- संसार के सारे युद्धों में इतने लोग नहीं हारते, जितने कि सिर्फ घबराहट से। इसलिए अपने ऊपर विश्वास रखकर ही आप दुनिया में बड़े से बड़ा काम सहज ही कर सकते हो और अपना जीवन सफल बना सकते हो।
साथियों आत्मविश्वास एक ऐसा मंत्र है, जिसके आगे सारे संकट दूर हो जाते हैं। दृढ़ इच्छाशक्ति वाले के सामने मुसीबतों का पहाड़ भी सपाट मैदान की तरह बन जाते हैं और जिनके पास इसकी कमी होती है वह छोटी-मोटी समस्याओं से भी इतने घबरा जाते हैं कि उससे बचने के उपाय ढूंढ़ते-ढूंढ़ते खुद ही अपने आस पास के लोगों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। इतिहास गवाह है कि कई लोगों ने केवल अपने आंतरिक ताकत के बल पर ही साम्राज्य कायम किया, नहीं तो एक सामान्य से मुखिया के घर में पैदा हुआ चंद्रगुप्त मौर्य कभी सम्राट नहीं बनता।
साथियों अगर हम इतिहासको खंगालें तो विश्व के अधिकांश महानतम व्यक्ति चाहे वो गांधी हों या फिर माक्र्स, सभी के जीवन की शुरुआत सधारण तरीके से हुई, कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए उन्होंने अपने जीवन का सफ़र शुरू किया लेकिन आत्मविश्वास की दृढ़ता की वजह से ही कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए वैश्विक मानव की श्रेणी में पहुंचे।
साथियों बात अगर हम अहंकार की करें तो प्राचीन काल से लेकर आज तक के युग में जिसने भी अहंकार किया है या मैं मैं, मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूं, मेरे जैसा कोई नहीं रूपी बेशर्म की पत्तियों का चुनाव किया है वह आखिर नष्ट हुआ है, यह अवगुण रूपी पिटारे की पत्तियां मानव को नष्ट कर डालती है, क्योंकि यह अवगुण मानव का शत्रु है जो किसी भी क्षेत्र में अपने आप को सर्वश्रेष्ठ समझकर और अहंकार करते हैं उनका विनाश हुआ है! अहंकार चूर चूर हुआ है, जो हमने रावण, कंस, हिटलर सहित आज के युग में भी अनेक मानव देखे हैं जिनका सब कुछ नष्ट हुआ है क्योंकि अहंकार की खाई रूपी फिसलन पर जिसने भी पैर रखा है वह उस खाई में फिसलता ही गया है,वह न केवल खुदको बल्कि अपने कुल, कुटुंब को भी इस खाई में धकेलकर बहा ले जाता है।
साथियों बात अगर हम पिटारे से पुष्प उठाने के सकारात्मक फायदों की करें तो हम कितने भी सर्वश्रेष्ठ हो परंतु मैं मैं का भाव कभी अपने अंदर नहीं घुसने देना है! मानाकि तुम बहुत बड़े टॉप लेवल के अधिकारी, नेता, व्यवसाई, व्यापारी विधि विशेषज्ञ, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, तांत्रिक विशेषज्ञ या किसी भी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञ हो तो भाव यह होना चाहिए कि आप यह सोचिए कि आप के मुकाबले दुनिया में कोई और तुमसे अच्छा जरूर होगा, और सिर्फ़ मैं तक सीमित होना है नकि केवल मैं ही और मैं मैं को अपने अंदर पनपने देना है, क्योंकि यहीं से अहंकार, घमंड की उत्पत्ति होती है जिससे अपने आप को बचाना है, क्योंकि अहंकार असफलताओं का वह घड़ा है जिसका भरकर फूटना तय है जबकि नम्रता, नींवांपन और शांतिप्रियता सफ़ल जीवन का मूल मंत्र है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे किआत्मविश्वास बनाम अहंकार मैं सर्व श्रेष्ठ हूं यह आत्मविश्वास है, लेकिन सिर्फ मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूं यह अहंकार है, अहंकार सफ़लताओं का वह घड़ा है जिसका भरकर फूटना तय है, नम्रता, नींवांपन, ईमानदारी और शांतिप्रियता सफ़ल जीवन के मूल मंत्र है।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

स्वतंत्रता दिवस पर एम एम टी के नन्हें-मुन्नों की देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियाँ

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) 79वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जनपद के मुन्सफ कॉलोनी स्थित एम एम टी स्कूल में बच्चों के बीच देशभक्ति की लहर छा गई। स्कूल प्रांगण में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में नन्हें-मुन्ने बच्चों ने अपने जोश, उत्साह और मनमोहक अदाओं से सभी का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद मंच पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ दी गईं। बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर शानदार नृत्य और स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित नाट्य मंचन कर उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया। मंच पर जब ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन-गण-मन’ की स्वर लहरियाँ गूंजीं तो पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया।

स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल देश प्रेम की भावना को प्रबल करते हैं बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिक जुड़ाव भी बढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि मंचीय गतिविधियाँ बच्चों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम में अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजते कार्यक्रम स्थल पर हर किसी के चेहरे पर गर्व और आनंद की झलक साफ दिखाई दे रही थी।

79वें स्वतंत्रता दिवस धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

बघौचघाट,देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) पथरदेवा विकास खंड क्षेत्र में शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस पर विभिन्न संस्थानों एवं कार्यालयों पर धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। इस दौरान स्कूली बच्चों द्वारा प्रभात फेरी,तिरंगा यात्रा,देशभक्ति के नारे एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा क्षेत्र देशभक्ति में सराबोर हो गया।

इस पावन मौके बघौचघाट थाने पर थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार अस्थाना, जूनियर हाई स्कूल बघौचघाट पर ग्राम प्रधान रामबेलाश व प्रधानाचार्य असरफ अली,देवता देवी महिला महाविद्यालय बघौचघाट अहिरौली में प्रबंधक नीलेश्वर राय,स्वामी विवेकानन्द महाविद्यालय कोटवा मिश्र केडी चौराहा पर प्रबंधक इ रणजीत गौतम,एमडीबी पब्लिक स्कूल कोईलसवा खुर्द में प्रबंधक मुकेश कुशवाहा,चंदा देवी इंटर कालेज प्रबंधक रामजी यादव,प्राथमिक विद्यालय बघौचघाट में ग्राम प्रधान रामबेलाश यादव,किंग्स पब्लिक स्कूल पर प्रबंधक जमशेद आलम व धर्मवीर गुप्ता,मदर डिवाइन पब्लिक स्कूल बंजरिया में डॉ विवेक सिंह पटेल,मेंदीपट्टी जूनियर हाई स्कूल पर ग्रामप्रधान उपेंद्र लाल श्रीवास्तव,साइन पब्लिक स्कूल मलसी में प्रधानाचार्य नासिर अहमद,एम एम टी यू एन स्कूल पर ग्राम प्रधान अफजल अंसारी,महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज कुर्मीपट्टी में प्रधानाचार्य हरेंद्र सिंह,पीएम श्री विद्यालय पथरदेवा में प्रधानाध्यापक सफीक अहमद,डॉ अंबेडर जनता शिक्षण संस्थान पथरदेवा में प्रबंधक डॉ विंध्याचल मद्धेशिया व प्रधानाचार्य अजय सिंह,जनता इंटर कॉलेज महुआरी में प्रधानाचार्य डॉ आशुतोष मिश्रा,सर्वोदय शिक्षण संस्थान पथरदेवा में प्रधानाचार्य राजेश तिवारी,स्व परमानन्द इंटर कॉलेज मलसी में राजेश यादव,एम बी एकेडमी बघौचघाट अहिरौली में अध्यक्ष अखिलेश्वर राय एवं प्रबंधक विकास कुमार राय,सेंट्रल पब्लिक स्कूल पर प्रधानाचार्य दिनेश सिंह, टी एस इंटरनेशनल स्कूल पकहां में प्रधानसंघ अध्यक्ष मुरारी मोहन शाही,मदरसा मलसी खास में प्रधानाचार्य सादिक अली, मदरसा सेमरी पर प्रबंधक एहसानुल्लाह सिद्दीकी ने ध्वजारोहण किया।जहां विभिन्न देशभक्ति नारे,गीत,सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति देकर सभी को झूमने पर मजबूत कर दिया।

जी एम एकेडमी में धूमधाम से मनाया गया ७९वां स्वतंत्रता दिवस

79वें स्वतंत्रता दिवस पर जी एम एकेडमी के बच्चों में दिखा उत्साह, निदेशिका डॉ. संभावना मिश्रा ने किया ध्वजारोहण

कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी, स्वतंत्रता पर्व पर हम सबकी जिम्मेदारी –मोहन द्विवेदी

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारतवर्ष का ७९ वां स्वतंत्रता दिवस नगर के ख्यातिप्राप्त विद्यालय जी एम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।
विद्यालय की निदेशिका डॉ. संभावना मिश्रा ने प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया।
तत्पश्चात विद्यालय के नन्हे मुन्ने बच्चों ने अपने जोश और उत्साह का परिचय देते हुए भाषण, गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया। इस क्रम में काव्या उपाध्याय, अंबुज, आर्यन, विराट, आराध्या, वैष्णवी, आयुष गुप्ता, जया शुक्ला, स्टेजी, सृष्टि पांडेय, अपर्णा यादव, नैन्सी तिवारी, नीतिका आदि के कार्यक्रम की खूब सराहना हुई।
कार्यक्रम को आशुतोष तिवारी, सुनील गुप्ता आदि ने संबोधित किया। भारत माता की जयघोष एवं स्वतंत्रता के दीवानों तथा महापुरुषों के लिए लिए प्रयोग नारों से विद्यालय का प्रांगण गुंजायमान हो गया।

प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने 79 वें स्वतंत्रता दिवस पर समस्त छात्र-छात्राओं एवं अध्यापक अध्यापिकाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन तथा राष्ट्र की सेवा तन, मन और धन से करने एवं समस्त प्राणियों के प्रति सहानुभूति रखने की सलाह दी।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की छात्रा अनन्या दीक्षित ने किया। समस्त छात्र-छात्राओं को मिष्ठान खिलाकर राष्ट्र के इस महान पर्व का समापन किया गया। इस मौके पर दिलीप कुमार सिंह, एस.एन.पांडेय, वी वी सहदेव,अजय मिश्र,डी. मिश्र ए के तिवारी, प्रमोद कुमार, सीमा पांडेय, श्वेता राज, बी के तिवारी, सरस्वती पांडेय, डी एन उपाध्याय, जी के मिश्र, विभूषिका, मधु, शिवांगी, विकास, राकेश, अखिलेश, सुधीर, आलोक, अनस, अनामिका, अभिषेक, नीलम, अनुष्का, मुन्ना राज, चंदन, संजना, साधना, खुशबू, रागनी, भारती, अंकिता, काजू तिवारी, श्रुति, ध्रुव कुमार, प्रभात, संपूर्णानंद, अमूल्य, आदित्य, वी एस पांडेय, साक्षी , सरिता, पी गोस्वामी, अनीता, रेनू, अल्का, पंकज, संदीप, महेश, उधम, अंशु, श्याम बिहारी, नम्रता, जोया, सुनील आदि समस्त अध्यापक अध्यापिकाएं उपस्थित थे।

राजकीय पॉलिटेक्निक बिल्सी, बदायूं में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया

बिल्सी/बदायूं (राष्ट्र की परम्परा)। इंदिरा गांधी कंप्यूटर साक्षरता मिशन (IGCSM) द्वारा संचालित राजकीय पॉलिटेक्निक, बिल्सी में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया और छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। इस दौरान मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य राजेश्वर सिंह पटेल, दिल्ली मुख्यालय से पधारे नवल जी तथा ग्राम प्रधान अवनीश सिंह ने संयुक्त रूप से तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के बाद सभी उपस्थितजन ने सम्मानपूर्वक राष्ट्रगान गाया। इसके उपरांत दीप प्रज्वलन कर औपचारिक रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नवल जी ने IGCSM के चेयरमैन डॉ. सौरभ सिंघल का संदेश छात्रों तक पहुंचाया, जिसमें उन्होंने देशभक्ति, अनुशासन और शिक्षा के महत्व पर बल दिया। मुख्य अतिथि राजेश्वर सिंह पटेल ने अपने संबोधन में पॉलिटेक्निक शिक्षा की उपयोगिता, तकनीकी कौशल के महत्व और युवाओं के कंधों पर देश के भविष्य की जिम्मेदारी के बारे में प्रेरणादायक विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने वीर शहीदों के बलिदान को याद करने और उनके आदर्शों पर चलने का अवसर देता है। कार्यक्रम में धर्मेंद्र पाल, आकाश पटेल, अंश चौहान, कुमारी सलोनी सहित समस्त स्टाफ ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, भाषण, नृत्य और नाटक जैसी विविध प्रस्तुतियां दीं, जिनमें स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, त्याग और योगदान को भावपूर्ण तरीके से दर्शाया गया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए तालियों से उत्साहवर्धन किया। अंत में सभी ने देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए निरंतर प्रयास करने तथा अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहने का संकल्प लिया। यह भव्य कार्यक्रम पूर्ण रूप से IGCSM के अध्यक्ष डॉ. सौरभ सिंघल के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।