Friday, July 17, 2026
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भारत एक खोज प्रतियोगिता में 444 बच्चों ने किया प्रतिभाग

बघौचघाट,देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
पथरदेवा विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत कस्बा बघौचघाट स्थित सेंट्रल पब्लिक स्कूल में भारत एक खोज युवा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में देवरिया एवं कुशीनगर जनपद के विभिन्न विद्यालयों के 444 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने डेढ़ घंटे में 100 अंकों की ओएमआर आधारित सामान्य ज्ञान परीक्षा दी। भारत सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष बलिंदर सिंह कुशवाहा की देखरेख में प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई।इस दौरान देवरिया एवं कुशीनगर जनपद के 444 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।विजेता छात्रों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।
प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावियों को प्रथम स्थान पर साईकिल,द्वितीय स्थान पर पंखा एवं तृतीय स्थान पर दीवार घड़ी,मेडल व नगद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।
प्रतियोगिता के आयोजक बलिन्दर सिंह कुशवाहा ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की प्रतिभा को निखारना एवं उनका मनोबल बढ़ाना है।ताकि भविष्य में और आगे बढ़े।
इस मौके पर आयोजक अखण्ड भारत सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष बलिन्दर सिंह कुशवाहा, प्रधानाचार्य दिनेश सिंह,शिक्षक चंचल ठाकुर,राम नगीना कुशवाहा,रमेश तिवारी, जितेंद्र यादव,चंदन वर्मा,आदित्य कुशवाहा,जमालुद्दीन आलम, कमलेश यादव,मदन प्रसाद,साहिल सिद्दीकी, विवेक सिंह,वाजिद अली,अजीत सिंह,दिनेश गुप्ता,गफ्फार अंसारी, अरविंद गुप्ता,बलिंदर चौहान,सनी कुशवाहा, मुन्ना प्रसाद,सीमा यादव,फलवंती शर्मा,राणा प्रताप ठाकुर,संजय दूबे आदि शिक्षक उपस्थित रहे।

जोत से अधिक यूरिया लेने वाले माफियाओं पर जिला प्रशासन कसा शिकंजा, तीन पर एफआईआर दर्ज

भूमिहीन व्यक्ति ने 13 बार में लिया 32 बोरी अनुदानित यूरिया

अवैध यूरिया भंडारण करने वाले माफियाओं की तलाश जारी

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में गलत मंशा से जोत से अधिक उर्वरक क्रय कर उसकी अवैध बिक्री और भंडारण करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए आज जिला प्रशासन द्वारा तीन लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है।
जनपद में एक मै.टन से अधिक यूरिया उर्वरक क्रय करने वाले क्रेताओं की जिला कृषि अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर जांच की गई। जांच में पाया गया कि निजामुद्दीन पुत्र वकील निवासी ग्राम हरदीडाली, सरफुद्दीन पुत्र शमशुद्दीन, इरफान पुत्र हकीमुल्ला द्वारा अपनी जोत से ज्यादा यूरिया की खरीद की गई है। जांच में यूरिया खरीद की मंशा अवैध भंडारण और बिक्री की बात सामने आई है, जिसके लिए तीनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिला कृषि अधिकारी की जांच में पाया गया कि निजामुद्दीन द्वारा जुलाई, 2025 में 17 बार में कुल 35 बोरी नीम कोटेड यूरिया क्रय किया गया है। तहसील नौतनवा के रिकार्ड के अनुसार निजामुद्दीन के पास मात्र 1.410 हे. खेत है। इसी प्रकार सरफुद्दीन द्वारा जुलाई, 2025 में 13 बार में कुल 32 बोरी नीम कोटेड यूरिया क्रय किया गया है। सरफुद्दीन द्वारा लिखित रूप में बयान देकर यह स्वीकार किया गया है कि उसके पास खेत नहीं है। इरफान पुत्र हकीमुल्लाह निवासी ग्राम हरदीडाली के द्वारा जुलाई, 2025 में 10 बार में कुल 25 बोरी अनुदानित नीम कोटेड यूरिया क्रय किया गया है। इरफान ने लिखित रूप में स्वीकार किया है कि उसके द्वारा मात्र दो एकड़ खेत में बटाई पर खेती किया जाता है। इरफान द्वारा यह भी )स्वीकार किया गया है कि उसने रूपये 250/-प्रति बोरी का लाभ लेकर अतिरिक्त यूरिया का विक्रय अन्य को किया गया है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि यूरिया एक अनुदानित तथा आवश्यक वस्तु है और कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार जनपद में धान की लिए यूरिया की आवश्यकता 01 एकड़ में 02 बोरी यूरिया, जबकि 01 हे० में 05–06 बोरी यूरिया का मानक निर्धारित है।
जांच में पाया गया कि तीनों व्यक्तियों ने उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 व आवश्यक वस्तु अधिनियम-1995 में उल्लिखित प्राविधानों का उल्लघंन करते हुए जुलाई, 2025 में अपनी आवश्यकता से अधिक यूरिया उर्वरक को क्रय किया तथा अतिरिक्त यूरिया को ऊचें दाम पर बेंच दिया। इस सन्दर्भ में जिला कृषि अधिकारी द्वारा तीनों के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1995 की धारा 3/7, उर्वरक मूवमेन्ट आर्डर-1973 व बी.एन.एस. – 2023 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत थाना सोनौली में प्राथमिकी दर्ज कराया गया है।
इससे पूर्व जिलाधिकारी द्वारा दैनिक समीक्षा में सर्वाधिक उर्वरक खरीद करने वाले किसानों की सूची की समीक्षा करते हुए सर्वाधिक खरीद करने वाले किसानों की जांच करने का निर्देश दिया गया था। जांच में पाया गया कि जून माह में कुल 186 लोगों द्वारा और जुलाई में कुल 261 द्वारा 01 एमटी से अधिक यूरिया का क्रय किया गया। जांच में संदिग्ध पाए गए किसानों की सूची को जिलाधिकारी द्वारा कृषि मंत्री से भी साझा किया गया और विभागीय जांच का अनुरोध किया गया। कृषि मंत्री द्वारा कृषि विभाग की एक टीम द्वारा भी सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच कराया गया है। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा संबंधित एसडीएम को ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार ऐसे लोगों के विरुद्ध जांच अभी जारी है। आगे यदि और लोग दोषी पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उनके निर्देशानुसार वर्तमान में खरीद करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

श्रीजन कल्याणेश्वर मंदिर में गायत्री महायज्ञ सम्पन्न

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)।
सैनिक नगर स्थित श्रीजन कल्याणेश्वर महादेव मंदिर में गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में श्री गायत्री महायज्ञ आयोजित हुआ।
आयोजन का संचालन जितेंद्र सिंह, घनश्याम त्रिपाठी और डॉ. वीरेंद्र यादव ने किया। यज्ञ के दौरान पूजा-पाठ और भक्ति के साथ अध्यात्म और कर्मकांड के विभिन्न पक्षों पर चर्चा की गई।
मुख्य यजमान के रूप में कर्नल रवि सिंह और उनकी पत्नी शालिनी सिंह उपस्थित रहे। मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र अपनी समिति के सदस्यों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
मंदिर समिति के उपाध्यक्ष कैप्टन धर्म देव सिंह ने श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया और मंदिर के आचार्य पंडित बृजेश कुमार मिश्र का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और सामूहिक रूप से विश्व शांति और कल्याण की कामना की।

हरतालिका तीज की शुरुआत नहाय-खाय से, कल सुहागिन महिलाएं रखेंगी निर्जला व्रत

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सावन-भादो मास के प्रमुख व्रतों में से एक हरतालिका तीज का पर्व इस वर्ष मंगलवार को मनाया जाएगा। हालांकि इसकी शुरुआत आज (सोमवार) से ही नहाय-खाय की परंपरा के साथ हो चुकी है। सुहागिन महिलाएं इस व्रत को पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख-समृद्धि की कामना के लिए करती हैं।

परंपरा के अनुसार, नहाय-खाय के दिन व्रती महिलाएं स्नान कर पवित्र भोजन ग्रहण करती हैं और अगले दिन निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं। मंगलवार को महिलाएं सोलह श्रृंगार कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करेंगी और हरतालिका व्रत कथा का श्रवण करेंगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत की शुरुआत स्वयं मां पार्वती ने की थी। कहा जाता है कि भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तप कर हरतालिका व्रत रखा था। उनके तप से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। तभी से यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है।

पूरे देश में खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस पर्व को बड़े धूमधाम और श्रद्धा से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी और घरों में भी महिलाएं विधि-विधान से भगवान शिव-पार्वती का पूजन कर व्रत करेंगी।
कहा जाता है कि जो भी महिला श्रद्धा और विश्वास के साथ हरतालिका तीज का व्रत करती है, उसके वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और दांपत्य जीवन अटूट रहता है।

130वें संविधान संशोधन विधेयक पर लोकसभा में जोरदार हंगामा, शाह बोले– “प्रधानमंत्री ने खुद दिया था प्रस्ताव”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) संसद के मानसून सत्र में सोमवार को गहमागहमी उस समय तेज हो गई जब गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 लोकसभा में पेश किया। इस विधेयक के तहत प्रावधान किया गया है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी मंत्री को गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए जाने पर 30 दिन से अधिक की सजा होती है, तो उन्हें अपने पद से हटना होगा।

गृह मंत्री शाह ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक को लाने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल रही है। शाह ने सदन में कहा— “प्रधानमंत्री ने स्वयं आग्रह किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय भी इस दायरे में शामिल होना चाहिए। सवाल यह है कि क्या संवैधानिक पदों पर बैठे लोग जेल से शासन करें, यह उचित है?”

विपक्ष का कड़ा विरोध

विधेयक पेश होते ही विपक्षी दलों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राजद, आप और अन्य विपक्षी दलों ने इसे “असंवैधानिक” करार देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा इस कानून का इस्तेमाल गैर-भाजपा शासित राज्यों को अस्थिर करने और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए करेगी। विपक्षी सांसदों का कहना था कि ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर नेताओं को झूठे मामलों में जेल भेजा जाएगा और इस विधेयक का सहारा लेकर उन्हें पद से हटाया जाएगा।

सदन का माहौल

जैसे ही अमित शाह ने विधेयक प्रस्तुत किया, विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस सांसदों ने कहा कि यह विधेयक संघीय ढांचे और लोकतंत्र की मूल आत्मा पर हमला है। वहीं, भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर “भ्रष्टाचारियों को बचाने” का आरोप लगाया।

आगे की राह

विधेयक पर अब संसदीय समिति में चर्चा होगी या सीधे मतदान के लिए लाया जाएगा, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। लेकिन इतना तय है कि इस विधेयक को लेकर आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक राजनीति और भी गरमाएगी।

एनडीए में सीट बंटवारे पर अंतिम दौर की बातचीत, भाजपा-जेडीयू के बीच बनी सहमति

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने शेष हैं और सियासी हलचल तेज़ हो गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच तकरीबन सहमति बन गई है।

जानकारी के अनुसार, दोनों प्रमुख सहयोगी दल 243 विधानसभा सीटों में से लगभग बराबर-बराबर यानी 100 से 105 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [लोजपा (आरवी)] को लगभग 20 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, लोजपा (आरवी) की ओर से 40 सीटों की मांग रखी गई है, जो फिलहाल विवाद का मुख्य बिंदु बनी हुई है।

सूत्रों का कहना है कि बाकी बची सीटें जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) [हम(से)] और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को दी जा सकती हैं। वहीं, अगर मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी), जो इस समय राजद-कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा है, पाला बदलकर एनडीए में आ जाती है तो समीकरण बदल सकते हैं।

पिछला चुनावी परिदृश्य 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू ने 115 और भाजपा ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था। उस समय एनडीए में शामिल वीआईपी को 11 और हम(से) को 7 सीटें मिली थीं। वहीं, लोजपा ने गठबंधन से अलग होकर अकेले 135 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।
परिणाम में जेडीयू 43 सीटों पर सिमट गई जबकि भाजपा ने 74 सीटें जीतकर बड़ा सहयोगी बनकर उभरी। इसके बावजूद जेडीयू इस बार 100 से कम सीटें स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं बताई जा रही है।

सूत्रों की मानें तो भाजपा और जेडीयू के बीच सीट बंटवारे को लेकर लगभग सहमति बन चुकी है। अब सबसे बड़ी चुनौती लोजपा (आरवी) को मनाने और छोटे सहयोगी दलों के बीच संतुलन बनाने की है।

माना जा रहा है कि जल्द ही एनडीए सीट बंटवारे की आधिकारिक घोषणा कर सकता है, जिससे महागठबंधन के भीतर भी नई हलचल मचने की संभावना है।

दिल की धड़कनें अब रहेंगी सुरक्षित, बस्ती में आधुनिक कार्डियक सुविधा

ताहिरा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का नया भवन लोकार्पित

बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। रेलवे स्टेशन रोड स्थित ताहिरा ए मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के नये भवन का लोकार्पण एक भव्य समारोह में किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश की प्रतिष्ठित हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया।
मुख्य अतिथि जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. अफसार आलम ने मुख्य भवन का शुभारंभ करते हुए कहा कि “ताहिरा हॉस्पिटल न सिर्फ़ इलाज का केंद्र बनेगा, बल्कि मानवता की सेवा का भी प्रतीक होगा। यहां हृदय रोग सहित जटिल बीमारियों के लिए अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध होंगी। अब बस्ती के मरीजों को बड़े शहरों की ओर भागने की आवश्यकता नहीं होगी।”
उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही डेरा एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल परिसर में पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे।
विशिष्ट अतिथि प्रो. सोहराब आलम (डीन, स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंस एंड रिसर्च, जामिया) ने इब्ने सीना कन्वेंशन ट्रेनिंग हॉल का उद्घाटन किया और कहा कि यह हॉल शोध और प्रशिक्षण का केंद्र बनेगा। यहां से तैयार होने वाली नई पीढ़ी के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद एवं समाजसेवी हिना परवीन ने स्वर्गीय रुखसाना मेमोरियल ऑपरेशन थिएटर का लोकार्पण किया। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन थिएटर इंसानियत और सेवा का प्रतीक है, जिसका हर कोना गरीबों और जरूरतमंदों की दुआओं से गूंजेगा।
वरिष्ठ कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुहैल अहमद ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि “हमारी टीम का उद्देश्य है कि यहां आने वाला हर मरीज खुद को सुरक्षित और परिवार जैसी देखभाल पाने वाला महसूस करे। ताहिरा हॉस्पिटल अब बस्ती और आसपास के जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की धुरी बनेगा।”
कार्यक्रम के अंत में ताहिरा हॉस्पिटल के संरक्षक, उलेमा बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष एवं एम.एन. पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर शोऐब अहमद नदवी ने अपने जोशीले संबोधन में कहा कि “हमारा मक़सद केवल इलाज करना नहीं, बल्कि इंसानियत की खिदमत करना है। गरीब, बेसहारा और मजलूमों को यहां विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। यह अस्पताल बस्ती की धरती पर रहमत और बरकत का केंद्र साबित होगा।”
ताहिरा हॉस्पिटल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि यहां गरीबों, बेसहारा और वंचित वर्गों के मरीजों को न सिर्फ़ रियायती दरों पर इलाज मिलेगा, बल्कि गंभीर परिस्थितियों में निःशुल्क उपचार की भी व्यवस्था होगी। हॉस्पिटल प्रबंधन का मानना है कि “स्वास्थ्य सेवा कोई व्यापार नहीं, बल्कि इंसानियत का फर्ज़ है।” इस संकल्प के साथ अस्पताल ने स्थानीय सामाजिक संगठनों और दानदाताओं के सहयोग से एक “रोगी सहायता कोष” भी स्थापित करने की घोषणा की है, जिससे कोई भी मरीज आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित न हो।
समारोह में आफरीन अफसार आलम (एलएलएम गोल्ड मेडलिस्ट), डायरेक्टर जुबेर अहमद, ई. इकबाल अहमद, ई. मेराज अहमद, एडवोकेट सेराज, डॉ. महफूस, डॉ. ए.आर. खान, मौलाना असद, मशहूर आलम चौधरी, शमशेर अहमद, जफर अली, अंसार अली, परवेज अहमद, वसीम अहमद, डॉ. मुजम्मिल, महमूद आलम, फिरोज नदवी, असद बस्तवी, पप्पू सरदार, हाजी एहसान, प्रधान अफजल नदवी, एजाज अहमद, रहमतुल्ला एडवोकेट, अमरनाथ तिवारी, आशीष श्रीवास्तव, सुभाष यादव, मौलाना सईद अहमद, अभिषेक प्रताप सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
स्थानीय नागरिकों ने इस शुभारंभ को बस्ती जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब लोगों को राजधानी या बड़े महानगरों में इलाज के लिए भागना नहीं पड़ेगा।

लघुकथा

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अधूरी चिट्ठी

गाँव के पुराने बरगद के पेड़ के नीचे एक टूटी-फूटी लकड़ी की चारपाई पड़ी रहती थी। उसी पर रामनाथ बैठा रहता था।उसकी उम्र लगभग लगभग सत्तर बरस थी। चेहरे पर झुर्रियां भरी हुई थी, बाल सफेद और रंग गेहुंआ था।आखों के नीचे काले घेरे थे,पर आँखों में एक अजीब सी चमक—जैसे किसी का इंतज़ार हो।
एक लम्बा इंतजार
हर दिन की तरह आज भी उसने अपनी पुरानी थैली खोली, उसमें से एक पीली पड़ चुकी चिट्ठी निकाली और उसे बार-बार पढ़ने लगा। यह चिट्ठी उसकी पत्नी सुशीला की थी, जो बरसों पहले शहर नौकरी करने गए बेटे को भेजी थी।
पर बेटे ने कभी उस चिट्ठी का जवाब नहीं दिया।
रामनाथ के होंठ काँपे—
“कितनी बार लिखी उसने, कि तेरे बिना घर सूना लगता है। तेरी माँ तेरी राह देख रही है। तू बस एक बार गाँव लौट आ…”
चिट्ठी पढ़ते-पढ़ते उसकी आँखें भीग जातीं। सुशीला अब इस दुनिया में नहीं थी। उसका देहांत पाँच बरस पहले हो चुका था। जाते-जाते भी उसने रामनाथ से कहा था—
“अगर बेटा लौटे, तो कहना कि माँ आख़िरी दम तक उसका इंतज़ार करती रही।”
लेकिन बेटा आज तक न आया।
गाँव के लोग अकसर रामनाथ से कहते,
“अब भूल जाओ बाबूजी, शहर में लोग व्यस्त रहते हैं, कौन लौटकर आता है गाँव?”
पर रामनाथ हर शाम बरगद के नीचे बैठकर बेटे की राह देखता।
बरसात आई, जाड़ा आया, गर्मियाँ भी गुज़रीं, मगर उसका इंतज़ार वही रहा।
एक दिन डाकिया गाँव में आया। बूढ़े रामनाथ ने दौड़ते हुए पूछा,
“भाई, मेरे नाम कुछ आया है क्या?”
डाकिया ने मुस्कुराते हुए कहा,
“नहीं बाबूजी, अब तो सब मोबाइल से बात करते हैं, चिट्ठी कौन लिखता है!”सारे लोग मोबाइल से ही बात किया करते है।
रामनाथ का दिल और टूट गया। उसने धीरे से उस पुरानी चिट्ठी को अपनी छाती से लगा लिया, जैसे वही उसकी आख़िरी आस हो।
कई साल बीते। एक दिन गाँव में खबर आई कि शहर से एक आदमी आया है, बड़ी कार में। वह सीधा बरगद के पेड़ के पास पहुँचा। वह रामनाथ का बेटा था।
पर अफ़सोस—वह तब आया, जब चारपाई पर पड़ी ठंडी देह को लोग कंधों पर उठाकर श्मशान ले जा रहे थे।
रामनाथ की झुर्रियों से भरे चेहरे पर अब भी वही चिट्ठी रखी थी, जिसे उसने मरते दम तक सीने से लगाया हुआ था।
बेटे ने पहली बार वह चिट्ठी पढ़ी और फूट-फूटकर रो पड़ा।
रिश्तों को संभालने के लिए वक्त कभी भी सही या ग़लत नहीं होता, बस देर नहीं करनी चाहिए। क्योंकि खो जाने के बाद पछतावे के आँसू भी किसी को लौटा नहीं पाते।

सुनीता कुमारी
पूर्णिया बिहार

मढ़ौरा रेल इंजन कारखाने से ‘कोमो’ की पहली खेप अफ्रीका रवाना

भारत ने गिनी को भेजे अत्याधुनिक रेल इंजन, मेक इन इंडिया को मिली नई उड़ान

छपरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार के सारण जिले के मढ़ौरा स्थित रेल इंजन कारखाने ने एक नया कीर्तिमान रच दिया है। यहां तैयार किए गए आधुनिक रेल इंजन अब अफ्रीकी देश गिनी की पटरियों पर दौड़ने को तैयार हैं। इसी क्रम में चार इंजन की पहली खेप ‘कोमो’ नाम से गिनी के लिए रवाना कर दी गई है।

यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया अवधारणा को वैश्विक मंच पर मजबूती प्रदान करती है। गिनी के लिए बनाए गए इन इंजनों की क्षमता 4500 हार्स पॉवर है, जबकि आने वाले समय में 6000 हार्स पॉवर तक की क्षमता वाले इंजन के निर्माण की योजना भी तैयार है।

तीन हजार करोड़ का समझौता

मई-जून 2025 में गिनी से एक प्रतिनिधिमंडल मढ़ौरा पहुंचा था। उसी दौरान 140 लोकोमोटिव इंजन के निर्यात के लिए 3000 करोड़ रुपये का एक बड़ा करार हुआ। इस करार के तहत सिर्फ दो महीने बाद ही पहली खेप तैयार कर रवाना कर दी गई। आने वाले महीनों में ‘कोमो’ की अन्य खेपें भी गिनी भेजी जाएंगी।

रंग और डिजाइन में खास

भारत में सप्लाई होने वाले रेल इंजनों का रंग जहां लाल और पीला रखा जाता है, वहीं गिनी को निर्यात किए गए इंजनों का रंग नीला रखा गया है।
इन इंजनों का कैब पूरी तरह से एयरकंडीशंड है। इनमें इवेंट रिकॉर्डर, लोको कंट्रोल सिस्टम, उन्नत एएआर ब्रेक सिस्टम और अन्य अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इनकी खासियत यह है कि इन्हें गिनी की भौगोलिक और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

भविष्य की राह

मढ़ौरा रेल इंजन कारखाने की यह उपलब्धि भारत के रेल निर्यात क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल भारत की तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन हुआ है बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय इंजनों की मांग भी बढ़ेगी।

सेवानिवृत्त न्यायाधीशों का बयान: अमित शाह की टिप्पणी को बताया ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सलवा जुडूम फैसले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी पर की गई टिप्पणी पर अब न्यायपालिका के पूर्व दिग्गजों ने नाराजगी जताई है। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर और न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर समेत 18 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के समूह ने शाह की टिप्पणी को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया है।

न्यायाधीशों के इस समूह ने अपने साझा बयान में कहा,
‘‘सलवा जुडूम मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले की सार्वजनिक रूप से गलत व्याख्या करने वाला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। यह फैसला न तो प्रत्यक्ष और न ही निहितार्थों में नक्सलवाद या उसकी विचारधारा का समर्थन करता है।’’

बयान में यह भी कहा गया कि किसी उच्च राजनीतिक पदाधिकारी द्वारा शीर्ष अदालत के फैसले की ‘‘पूर्वाग्रहपूर्ण गलत व्याख्या’’ से न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है और इससे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों पर नकारात्मक असर पड़ने का खतरा है।

बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ए. के. पटनायक, न्यायमूर्ति अभय ओका, न्यायमूर्ति गोपाल गौड़ा, न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर और न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर सहित कुल 18 सेवानिवृत्त न्यायाधीश शामिल हैं।

गौरतलब है कि शाह ने बीते शनिवार को केरल में कहा था,
‘‘सुदर्शन रेड्डी वही व्यक्ति हैं जिन्होंने नक्सलवाद की मदद की। उन्होंने सलवा जुडूम पर फैसला सुनाया। अगर सलवा जुडूम पर फैसला नहीं सुनाया गया होता, तो नक्सली चरमपंथ 2020 तक खत्म हो गया होता।’’

इस बयान को लेकर अब न्यायिक बिरादरी से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है और इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाला कदम बताया गया है।

बाढ़ का कहर : लोकाइन नदी के तेज बहाव में समाया घर, ग्रामीणों में दहशत

नालंदा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )बिहार में सक्रिय मानसून ने नदियों के जलस्तर को एक बार फिर तेजी से बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में नालंदा जिले के एकंगरसराय प्रखंड के केशोपुर पंचायत स्थित केला बिगहा गांव में लोकाइन नदी के तेज बहाव और कटाव के कारण एक घर भरभरा कर नदी में समा गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

ग्रामीणों के अनुसार, लोकाइन नदी का जलस्तर इस बार सामान्य से तीन गुना अधिक बढ़ गया है। इससे न सिर्फ कटाव तेज हो गया है, बल्कि कई घर नदी की चपेट में आने के कगार पर पहुंच गए हैं। प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं और प्रशासनिक मदद की बाट जोह रहे हैं।

गांव के लोगों ने बताया कि कटाव स्थल पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। किसी भी समय और घर नदी में समा सकते हैं। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू करने, राहत शिविर लगाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

फिलहाल गांव में अफरा-तफरी का माहौल है और लोग अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है, जिससे ग्रामीणों की नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।

इस वीडियो की पुष्टि राष्ट्र की परम्परा नहीं करता यह वायरल वीडियो है।

कोचिंग सेंटर में छात्रा से छेड़छाड़, शिक्षक गिरफ्तार

पालघर(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक निजी कोचिंग सेंटर के शिक्षक को 16 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

पुलिस अधिकारी ने सोमवार को जानकारी दी कि यह घटना नाला सोपारा इलाके के एक कोचिंग सेंटर में हुई। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 42 वर्षीय आरोपी शिक्षक, जो रसायन विज्ञान पढ़ाता है, ने उसे शनिवार दोपहर “अतिरिक्त कक्षा” के बहाने बुलाया। इसके बाद वह छात्रा को अपने दफ्तर में ले गया, जहां उसने कथित तौर पर उसके साथ छेड़छाड़ की।

पीड़िता ने साहस जुटाकर अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन तुरंत पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामला दर्ज कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारी ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं और पोक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि वे इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं ताकि किसी और छात्र-छात्रा के साथ ऐसी घटना हुई हो तो उसे भी सामने लाया जा सके। वहीं, स्थानीय लोगों ने इस शर्मनाक कृत्य की निंदा करते हुए आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

विश्व हिन्दू परिषद का स्थापना दिवस सकुशल सम्पन्न

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा )
विश्व हिंदू परिषद जिला देवरिया नगर में स्थापना दिवस का कार्यक्रम रविवार को जिलाध्यक्ष उपेंद्र शाही की अध्यक्षता में देर रात संपन्न हुआ | कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियो प्रांत संगठन मंत्री राजेश और मंचासीन अतिथियों द्वारा भगवान
श्रीरामदरबार व श्रीकृष्ण के चित्र पर पूजन अर्चन के पश्चात प्रारम्भ हुआ | तथा प्रांत संगठन मंत्री राजेश द्वारा जिला उपाध्यक्ष दीपू जयसवाल, पूनम मिश्रा, अनिल जायसवाल, गुड्डू सिंह, व प्रखंड अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, मनोज कुशवाहा, विकास मिश्रा, संध्या श्रीवास्तव, को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रांत संगठन मंत्री ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद समाज के स्वाभिमान को जगा कर देश धर्म संस्कृति के रक्षार्थ खड़ा किया है, जाति वर्ग संप्रदाय में बटे हिंदू समाज को एकजुट कर राष्ट्र के प्रति गौरव निष्ठा एवं भक्ति की भावना पैदा करने का कार्य विगत 61 वर्षों से करता चला रहा है | प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख डॉ डीके सिंह ने कहां की विश्व हिंदू परिषद की स्थापना कृष्ण जन्माष्टमी के दिन मुंबई के सांदीपनि आश्रम में 1964 में हुई जिसके फल स्वरुप समाज में समरसता एवं सद्भावना का विस्तार हो रहा है, यह एक ईश्वरीय संगठन है| प्रांत उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम मरोदिया ने कहा कि जिस संस्था का बीजारोपण 1964 में हुआ वह आज का एक विशाल बट वृक्ष बन गया है, जिसकी शाखाएं देश-विदेश तक फैली हुई है। विश्व हिंदू परिषद का कार्य 80 देश में हो रहा है। प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख ने कहा की विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 29 अगस्त जन्माष्टमी के दिन मुंबई स्थित स्वामी चिमनी आनंद के सांदीपनि आश्रम में हुआ | भारत अग्रवाल ने कहा कि सरसंघचालक गुरु माधवराव सदाशिवराव गोलवरकर के निर्देश में संगठन स्थापित हुआ, इसका उद्देश्य हिंदू समाज को मजबूत करना | नगर अध्यक्ष डॉक्टर सुनील अग्रवाल ने कहा कि हिंदू जीवन दर्शन और अध्यात्म की रक्षा संवर्धन और प्रचार एवं विदेशों में रहने वाले हिंदुओं से तालमेल रखकर हिंदू और हिंदुत्व की रक्षा के लिए उन्हें संगठित संगठन और मजबूत करना है डॉ। मिथिलेश सिंह ने कहा कि इस संगठन का ध्येय वाक्य धर्मो रक्षति रक्षित: है। आज विश्व हिंदू परिषद स्वास्थ्य शिक्षा आत्म सशक्तिकरण आदि क्षेत्रों में 4277 सेवा प्रकल्प के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद समाज को जोड़ने का कार्य कर रहा है | मंच का संचालन जिला मंत्री राम सिंह ने किया और कहा कि विश्व हिन्दू परिषद की पहचान बरगद का वृक्ष है यह एक बट और बृक्ष की तरह खड़ा है, इसका भी वाक्य धर्मो रक्षति रक्षिता है | बैकुंठ नाथ कुशवाहा ने कहा कि आप धर्म की रक्षा करें तो धर्म आपकी रक्षा करेगा। प्रांत धर्म रक्षा प्रमुख भागवत ने कहा कि हमारा धर्म हिंदू धर्म है हिंदू धर्म ही सनातन धर्म है और सनातन धर्म ही हिंदू धर्म है, इस धर्म की उत्पत्ति अनादि काल से है जब से पृथ्वी कई उत्पति हुई तब से यह हिंदू धर्म विधमान है | कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उपेंद्र शाही ने सभी को आशीर्वाद इस कामना के साथ दिया कि सभी हिंदू एकत्रित हो हमारा सनातन धर्म की रक्षा करें | इस स्थापना दिवस कार्यक्रम में सैकड़ो लोग उपस्थित रहे तथा विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी गण, बजरंग दल, मातृशक्ति, दुर्गावाहिनी, सारे आयामों की पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम मे
निर्भय शाही,जय शिव मिश्र, अवध किशोर त्रिपाठी,अभिषेक मौर्य पवन जायसवाल, राजेश अग्रवाल,उपेंद्रनाथ त्रिपाठी, प्रेमशिला तिवारी,कृष्णावती, सरिता श्रीवास्तव,अनिता,श्रीवास्तव,अपराजिता,अजय कुमार गुप्ता, गिरधारी लाल अग्रवाल, अशोक कुशवाहा, विनोद सिंह, रंजीत कुशवाहा, दीपक सिंह, अशोक सिंह, धर्मराज पांडे, धनंजय कुमार, शेषनाथ मिश्रा, कृष्णकांत श्रीवास्तव, मुकेश, अंकुर,इत्यादि सैकड़ो पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी संग्राम तेज

आज यात्रा विराम होगी

राहुल-तेजस्वी की ‘वोट अधिकार यात्रा’, विपक्ष ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। चुनाव आयोग द्वारा जारी विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। महागठबंधन का आरोप है कि सत्तापक्ष के दबाव में हजारों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने 17 अगस्त से ‘वोट अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की है।

करीब आठ दिनों की लगातार यात्रा के बाद रविवार को यह कारवां अररिया पहुंचा। यहां भारी भीड़ के बीच राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि “जनता के वोट का अधिकार छीना नहीं जा सकता। लोकतंत्र में मतदाता ही सबसे बड़ा निर्णायक होता है, लेकिन भाजपा सत्ता के लोभ में चुनाव आयोग पर दबाव बनाकर मताधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।”

यात्रा के दौरान विपक्षी नेताओं ने विभिन्न जिलों में जनसंपर्क किया और मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करें। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष संस्था की तरह कार्य करना चाहिए, लेकिन आज उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। तेजस्वी यादव ने भी आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष योजनाबद्ध तरीके से खास वर्गों के नाम वोटर लिस्ट से हटवा रहा है।

महागठबंधन की यह यात्रा 25 अगस्त को विराम पर रहेगी और सोमवार 26 अगस्त से पुनः आरंभ होगी। इस दौरान यात्रा सुपौल और मधुबनी जिलों में पहुंचेगी। विपक्ष का दावा है कि यह अभियान राज्य के हर जिले तक जाएगा और लोगों को मताधिकार बचाने की लड़ाई में जोड़ेगा।

चुनाव से पहले इस तरह की सक्रियता और आरोप-प्रत्यारोप ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और महागठबंधन की यह यात्रा जनता को कितना प्रभावित कर पाती है।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का भाजपा पर हमला, बोले – “वोट चोरी से सत्ता चोरी तक पहुँच गई है बीजेपी”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर लोकतंत्र अस्थिर करने और विपक्षी सरकारों को गिराने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले “वोट चोरी” करती थी और अब “सत्ता चोरी” में जुट गई है।

खरगे इंदिरा भवन में हरियाणा और मध्यप्रदेश की जिला कांग्रेस समितियों (DCC) के नवनियुक्त अध्यक्षों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने, बूथ और मंडल स्तर पर वफादार कार्यकर्ताओं को शामिल करने और गुटबाजी से बचने की अपील की। खरगे ने कहा – “कांग्रेस ने अपने मजबूत संगठन के दम पर लंबे समय तक शासन किया है। अगर हमें सत्ता में वापसी करनी है तो संगठन को फिर से खड़ा करना होगा।”

लोकतंत्र पर “बुलडोज़र” चलाने का आरोप कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर आरोप लगाया कि संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन तीन विधेयक लाए गए, जिनमें संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 भी शामिल है। इस संशोधन के तहत यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री 30 दिन तक जेल में रहते हैं तो उन्हें पद से हटाया जा सकेगा।

खरगे ने कहा – “इन विधेयकों से भाजपा विपक्षी सरकारों को 30 दिनों में गिरा सकती है। गिरफ्तारी को हथियार बनाकर लोकतंत्र को अस्थिर किया जा रहा है। यह लोकतंत्र पर बुलडोज़र चलाने जैसा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं पर गंभीर भ्रष्टाचार के मामले होने के बावजूद उन्हें पार्टी में शामिल कर मंत्री बनाया जाता है, जबकि विपक्षी नेताओं को एजेंसियों के जरिए परेशान किया जाता है।

राहुल गांधी भी रहे मौजूद बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा कि यह बैठक संगठन को जनता की आवाज़ बुलंद करने के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राहुल गांधी बिहार से लौटकर शाम को इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

उन्होंने जानकारी दी कि उनकी वोटर अधिकार यात्रा सोमवार को एक दिन के लिए रुकेगी और मंगलवार को बिहार के सुपौल से आगे बढ़ेगी।