मेंहदावल के लहरौली ठाकुराई गांव में सड़क निर्माण पर विवाद, किसान ने पीडब्ल्यूडी व ठेकेदार पर लगाए गंभीर आरोप
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मेंहदावल तहसील के लहरौली ठाकुराई गांव में सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव के एक किसान ने अपनी निजी कृषि भूमि पर जबरन सड़क निर्माण कराए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिकायत की है। मामला जिलाधिकारी आलोक कुमार तक पहुंचने पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित उपजिलाधिकारी को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
गांव निवासी हीरालाल का आरोप है कि उनकी निजी भूमि, गाटा संख्या-117 पर बिना सहमति के जेसीबी से खुदाई कर सड़क निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें न तो पूर्व सूचना दी गई और न ही भूमि अधिग्रहण अथवा अन्य वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई। विरोध दर्ज कराने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया।
किसानो का दावा है कि राजस्व अभिलेखों और सरकारी नक्शे में सड़क का निर्धारित मार्ग उनकी भूमि से अलग है। उनके अनुसार प्रस्तावित मार्ग पर पहले से खड़ंजा सड़क मौजूद है, इसके बावजूद उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का उपयोग सड़क निर्माण के लिए किया जा रहा है। इससे फसल और जमीन दोनों को नुकसान पहुंचने की बात उन्होंने शिकायत में कही है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य सरकारी अभिलेखों के अनुरूप कराया जाए। साथ ही उनकी भूमि को हुए नुकसान का नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाए तथा जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
मामले की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित एसडीएम को निष्पक्ष जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल सड़क निर्माण को लेकर गांव में चर्चा का माहौल है। एक ओर किसान अपनी कृषि भूमि को बचाने की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन जांच के माध्यम से पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की बात कह रहा है। अब सभी की निगाहें एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि सड़क निर्माण निर्धारित योजना के अनुरूप हो रहा है या शिकायत में लगाए गए आरोपों में तथ्य हैं।
