Friday, July 17, 2026
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सैंड आर्टिस्ट ने पीपल पत्ते में तस्वीर उकेर मेजर ध्यानचंद को दी श्रद्धांजलि व आई लव हॉकी लिखकर एशिया कप 2025 के खिलाड़ियों को दी बधाई

राजगीर/नालंदा बिहार (राष्ट्र की परम्परा)
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देशभर में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जा रहा हैं। इस खास दिन से मगध सम्राट राजा जरासंध की ऐतिहासिक भूमि राजगीर में पहली बार पुरुष हॉकी एशिया कप 2025 की शुरुआत हो रहीं हैं। जिसे लेकर एक बार फिर से उत्साहित हुए देश के चर्चित अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले भारत एवं विश्व हॉकी जगत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उनके सम्मान में पीपल पत्ते में उनकी आकृति बनाकर अनोखी श्रद्धांजलि दिया हैं। इंटरनेशनल सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने अपने 5 घंटे के कठिन मेहनत के बाद दुनिया के सबसे छोटी 3 सेंटीमीटर वाले पीपल के हरे पत्ता पर अत्यधिक सूक्ष्म और बारीक रूप से मेजर ध्यानचंद का तस्वीर बनाकर स्लोगन भी लिखा “आई लव हॉकी, बिहार हैं तैयार”
वहीं यह तस्वीर देखते ही देखते शोशल मिडिया पर वाइरल हो गयी।वही सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने मिडिया को बताया कि 29 अगस्त को बिहार में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उनके सम्मान में एशिया हॉकी कप आयोजित किया गया है। इसके लिए बिहार सरकार के खेल विभाग को धन्यवाद है। मुझे विश्वास हैं कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।बता दें कि सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र की यह कलाकृति हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद को समर्पित है और इसका उद्देश्य पूरे देश में फिट इंडिया मिशन के माध्यम से शारीरिक गतिविधि, सामुदायिक सहभागिता और खेल भावना को प्रोत्साहित करना है।
गौरतलब है कि राजकीय खेल अकादमी सह खेल परिसर राजगीर में हॉकी एशिया कप 2025 का आयोजन दिनांक 29 अगस्त से 7 सितम्बर 2025 तक चलने वाली पुरुष हॉकी प्रतियोगिता में भारत, चीन, जापान , चीन ताइपे, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, कज़ाख़िस्तान एवं बांग्लादेश समेत कुल आठ देशों की टीमें यहां भाग ले रहीं हैं। यह बिहार के लिए गर्व की बात हैं। इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत सैकड़ों राजनैतिक हस्तियों और खेल प्रेमियों ने भी ने बिहार में आयोजित हॉकी टूर्नामेंट में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों और टीमों को शुभकामनाएं दीं हैं।

नाबालिग लड़कियों को मोबाइल से दूर रखने और आत्मरक्षा के लिए रिवॉल्वर देने का प्रस्ताव, छिड़ी बहस

बागपत(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और सामाजिक मर्यादा को लेकर नई बहस छिड़ गई है। राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने 18 साल से कम उम्र की लड़कियों को मोबाइल फोन देने का कड़ा विरोध किया है, वहीं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की महापंचायत में बेटियों को आत्मरक्षा के लिए रिवॉल्वर देने का प्रस्ताव सामने आया है।

भराला गुरुवार को खिंदोड़ा गांव में लापता बच्ची के परिजनों से मिलने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने कहा,

“18 साल से कम उम्र की लड़कियों को मोबाइल फोन नहीं देना चाहिए। मोबाइल की वजह से आए दिन ब्लैकमेलिंग, वीडियो वायरल और आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि समाज को बेटियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे और परिवारों को इस दिशा में जागरूक रहना होगा।

दूसरी ओर, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की हालिया महापंचायत में एक अलग प्रस्ताव रखा गया। उसमें कहा गया कि बेटियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें आत्मरक्षा हेतु रिवॉल्वर दी जानी चाहिए, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में अपनी रक्षा कर सकें।

इस मुद्दे पर अब सामाजिक और राजनीतिक हलकों में गहन चर्चा शुरू हो गई है। एक पक्ष का मानना है कि मोबाइल से दूरी बनाकर लड़कियों को गलत संगत और साइबर अपराधों से बचाया जा सकता है, जबकि दूसरा पक्ष कह रहा है कि तकनीक से दूर रखने के बजाय सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता पर जोर दिया जाना चाहिए। वहीं, रिवॉल्वर देने के प्रस्ताव पर भी लोग बंटे हुए हैं—कुछ इसे महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे व्यावहारिक रूप से खतरनाक बता रहे हैं।

फिलहाल, यह बहस समाज में “सुरक्षा बनाम स्वतंत्रता” के सवाल को और तेज कर रही है।

देवरिया जिला कारागार का डीएम और एसपी ने किया निरीक्षण, सुरक्षा व सुविधाओं को लेकर दिए निर्देश

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) जिलाधिकारी देवरिया दिव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर ने शुक्रवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की देखभाल और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।निरीक्षण में जिलाधिकारी ने कैदियों की स्वास्थ्य सेवाओं और भोजन व्यवस्था की जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं पुलिस अधीक्षक ने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की और कहा कि सुरक्षा इंतज़ामों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के अंत में डीएम और एसपी ने कारागार अधीक्षक समेत सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मा० अपर जिला जज, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), कारागार अधीक्षक सहित न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में चोरों का आतंक, दो दिनों में तीन जगहों पर लाखों की चोरी

सिकन्दरपुर/(राष्ट्र की परम्परा)

सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में बीते दो दिनों के भीतर चोरों ने तीन अलग-अलग जगहों पर धावा बोलकर लाखों रुपये का सामान पार कर लिया। कभी मकानों तो कभी दुकानों पर हाथ साफ कर रहे चोरों की करतूतों से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। पहली घटना सिवान कला गांव की है। राधेश्याम राम रोजी-रोटी के सिलसिले में परिवार समेत बाहर गए थे। शुक्रवार को लौटने पर उन्होंने देखा कि आदर्श इंटर कॉलेज के सामने बने उनके नवनिर्मित मकान का ताला टूटा हुआ है। चोरों ने नकब लगाकर टीवी, वीडियो कैमरा, टुल्लू पंप, गैस चूल्हा, पंखा, बर्तन, साड़ियां और सोने-चांदी के जेवर समेत लाखों रुपये का सामान उड़ा दिया था। अन्य सामान बिखरा पड़ा मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। दूसरी घटना तिलौली गांव की है। यहां अभिषेक तिवारी की खड़ग सिंह मार्ग स्थित जनरल स्टोर व पशु आहार की थोक दुकान का गुरुवार की रात ताला तोड़कर चोरों ने लाखों रुपये का सामान समेट लिया। शुक्रवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे व्यापारी ने ताला टूटा देखा तो सन्न रह गए। उन्होंने तत्काल घटना की सूचना मालदह चौकी पुलिस को दी। तीसरी घटना महुलानपार गांव में घटी। यहां सोनभद्र में रह रहे सुदालत राम के घर को चोरों ने निशाना बनाया। मुख्य द्वार का ताला तोड़कर अंदर घुसे चोरों ने सभी कमरों और अलमारियों को अस्त-व्यस्त कर दिया औऱ समान चुरा ले गए। चोरी की जानकारी उनके भतीजे राजेश राम ने दी और थाने में तहरीर दाखिल की।लगातार हो रही इन वारदातों से क्षेत्रीय जनता भयभीत है और पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई व रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग कर रही है।

देवरिया में पिकप वाहन से 12 गोवंश बरामद, चार गो-तस्कर गिरफ्तार

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत देवरिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बनकटा पुलिस ने शुक्रवार को रामपुर बुजुर्ग चेकपोस्ट के पास एक पिकप वाहन से 12 गोवंशीय पशु (11 जीवित व 1 मृत) बरामद कर चार गो-तस्करों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महबूब आलम उर्फ समीर निवासी मऊ, रियाज खान उर्फ बिकाऊ और सेराज खान उर्फ रियाज (दोनों निवासी बलिया) तथा एक नाबालिग के रूप में हुई है। पकड़े गए सेराज खान का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिस पर पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि बरामद वाहन व पशुओं को कब्जे में लेकर थाना बनकटा पर केस दर्ज किया गया है। आरोपियों पर गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम एवं अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक जयप्रकाश दूबे, हेड कांस्टेबल प्रमोद प्रजापति, कांस्टेबल विद्यासागर, संदीप निगम और पीआरडी जवान सुभाष कुशवाहा शामिल रहे।

पूर्व सैनिकों व शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलेगा निःशुल्क विधिक परामर्श: जनपद न्यायाधीश

जिले में सैनिक विधिक सहायता केंद्र का शुभारंभ

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला न्यायाधीश मोहनलाल विश्वकर्मा ने जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय परिसर में सैनिक विधिक सहायता केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश डी.एन. गोस्वामी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जय प्रकाश, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल राम प्रकाश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और युद्ध विधवाएँ उपस्थित रहीं।
सैनिक विधिक सहायता केंद्र की स्थापना का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के परिजनों तथा उनके आश्रितों को निःशुल्क एवं सक्षम विधिक सहायता प्रदान करना है। यह केंद्र केंद्रीय सैनिक बोर्ड, राज्य सैनिक बोर्ड तथा जिला सैनिक बोर्ड के सहयोग से रक्षा मंत्रालय के पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजना का हिस्सा है। इसके माध्यम से लाभार्थियों को नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) के राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े विधिक सेवा अधिवक्ताओं तक सहज, त्वरित और प्रभावी पहुँच सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश मोहनलाल विश्वकर्मा ने कहा कि “सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करते हैं। उनके परिवारों को न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए यह विधिक सहायता केंद्र एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगा।”
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डी.एन. गोस्वामी ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों के आश्रितों को निःशुल्क विधिक परामर्श, सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल राम प्रकाश मिश्रा ने कहा कि यह केंद्र सैनिक परिवारों के कल्याण और पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने पूर्व सैनिकों और युद्ध विधवाओं से अपील की कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ।
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सैनिकों और युद्ध विधवाओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए न्याय तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन रमाकांत, वेलफेयर ऑर्गनाइजर ने किया।इस अवसर पर सूबेदार यदुनंदन मिश्रा, हवलदार जंग बहादुर सिंह राठौर, नायब सूबेदार रामबचन, हवलदार चंद्रभान भर्ती, बिमला देवी, इसरावती देवी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

बलिया में गंगा नदी तीसरी बार खतरे के निशान से ऊपर

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

गंगा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाते हुए तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर लिया है। गंगा के उफान ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदी किनारे अंतिम संस्कार स्थलों पर जलभराव होने से लोग अब सड़क किनारे शवदाह करने को मजबूर हो गए हैं। शुक्रवार को बैरिया तहसील के नौरंगा चक्की गांव में गंगा की कटान से 10 पक्के मकान नदी में समा गए। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहली बार गंगा का इतना भयावह रूप देखा है। इस गांव तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता भी अब नदी के पानी में डूब गया है। गंगा के बढ़े जलस्तर से जिले की लगभग 70 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। अब तक करीब 70 मकान नदी की गोद में समा चुके हैं। सदर तहसील क्षेत्र के महावीर घाट पर अंतिम संस्कार करने आए लोगों को भारी संकट का सामना करना पड़ा। गंगा किनारे जगह न मिलने पर निर्माणाधीन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के पास सड़क पर ही शवदाह करना पड़ा। शहर के निचले इलाके जलमग्न
नदी का पानी शहर में भी घुस आया है। निहोरा नगर, महावीर घाट, कृष्णा नगर, बेदुआ, गायत्री कॉलोनी और मुहम्मदपुर जलमग्न हो गए हैं। सड़कें डूबने से आवागमन ठप हो गया है और लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। ग्रामीण इलाकों में दिक्कतें
गंगा की बाढ़ का असर ग्रामीण इलाकों में भी गहराता जा रहा है। दुबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, केहरपुर और चक्की नौरंगा समेत कई गांवों में पानी घुस चुका है। तटवर्ती इलाकों के लोग बेहद परेशान हैं।
सरयू का जलस्तर घटा, लेकिन संकट बरकरार सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर जरूर घट रहा है, लेकिन गंगा अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में फिलहाल थोड़ी कमी आई है, पर खतरा अभी टला नहीं है।

जनपद न्यायालय में 5 सितंबर को होगी वाहन स्टैंड की नीलामी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला न्यायाधीश के आदेश के अनुपालन में नीलामी समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि वाहन स्टैंड की नीलामी 5 सितंबर 2025 को अपराह्न 1:30 बजे न्यायालय परिसर में की जाएगी। बैठक में समिति के सदस्य सिविल जज (सीडी) सुनील कुमार सिंह-पंचम और सिविल जज (जूडि) अभिनव त्रिपाठी उपस्थित रहे।
समिति ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए न्यूनतम बोली 5 लाख 80 हजार 800 रुपये तय की गई है, जो पिछले वर्ष (5 लाख 28 हजार रुपये) से 10 प्रतिशत अधिक है। फार्म के साथ 58,080 रुपये नगद धरोहर राशि जमा करना अनिवार्य होगा। यह ठेका 9 सितंबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक मान्य रहेगा।
निर्णय लिया गया कि जिन ठेकेदारों या उनके परिजनों पर पूर्व ठेकों से संबंधित कोई बकाया है, वे नीलामी में भाग नहीं ले सकेंगे। यदि ऐसे व्यक्ति को ठेका मिल भी जाता है तो उसे निरस्त कर पुनः नीलामी कराई जाएगी।
नीलामी में बोली लगाने का अधिकार केवल उसी प्रतिभागी को होगा जिसने फार्म के साथ निर्धारित धरोहर राशि नगद जमा की होगी। किसी प्रकार का चेक, ड्राफ्ट अथवा बिल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि नीलामी तिथि में परिवर्तन, धरोहर राशि, स्वीकृति या अस्वीकृति तथा किसी विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय का अधिकार जिला जज, संत कबीर नगर के पास सुरक्षित रहेगा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश मैसूर स्थित सुत्तुर मठ में जगद्गुरु

डॉ. शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामीजी की 110वीं जयंती समारोह में शामिल

मैसूर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मैसूर स्थित श्री सुत्तुर मठ में आयोजित जगद्गुरु डॉ. श्री शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामीजी की 110वीं जयंती समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने संत परंपरा और भारतीय संस्कृति में महास्वामीजी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रहे हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय हितों पर जोर देते हुए नागरिकों से आह्वान किया कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्र संकट के दौर से गुजरा है, तब-तब एकता और सामूहिकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति बनी है।

वैश्विक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए चौहान ने कहा कि कुछ देशों के नेता तानाशाही प्रवृत्ति अपनाकर न केवल अपने देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए संकट पैदा कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र, संवाद और सहयोग ही शांति और प्रगति के सच्चे मार्ग हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में राष्ट्रीय एकता ही विकास की गारंटी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संतों और महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर सुत्तुर मठ के साधु-संतों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धांजलि अर्पित की गई और महास्वामीजी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तरीय रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता मे पटना जाने का रास्ता हुआ प्रसस्त

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी लखनऊ के निर्देशानुसार युवा उत्सव कार्यक्रम के अन्तर्गत छात्रों के बीच एचआईवी-एड्स विषयक जागरूकता हेतु जनपद कुशीनगर में विगत दिनों भारतीय इंटरमीडिएट कालेज पडरौना के सभागार में जनपद स्तरीय रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता में 16 छात्रों ने प्रतिभाग किया था, जिसमे प्रथम विजेता जागृति कुशवाहा – श्रष्टि सिंह, द्वितीय ऋतिक शर्मा-दिव्य सागर की जोड़ी रही एवं तृतीय विजेता प्रियांशी गुप्ता-सूर्यांश कश्यप रहे। जिला क्षय रोग अधिकारी डाक्टर एस एन त्रिपाठी के अध्यक्षता में कुशीनगर के सभी विजेता छात्रों को यू पी राज्य स्तरीय ऑनलाइन रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता का अवसर मिलने पर भारतीय इंटर कालेज,पडरौना के सभागार में प्रतियोगिता ऑनलाइन 11 बजे से शुरू हुआ। कुल तीन राउण्ड की प्रतियोगिता में भारतीय इण्टर कालेज पडरौना, कुशीनगर के छात्र अव्वल रहे , प्रदेश में प्रथम प्रियांशी गुप्ता एवं द्वितीय सूर्यांश कश्यप ने स्थान अर्जित कर जिले का नाम रौशन किया है। विजेताओं को एस बी डी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट के प्रधान निदेशक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता एन पी कुशवाहा द्वारा प्रतियोगिता में सफल छात्रों को माल्यार्पण कर मिष्ठान कराकर कहा कि, ग्रामीण क्षेत्रो में प्रतिभा की कमी नही है सभी छात्रों को राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता में विजेता होने की कामना करते है ।राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार दस हजार रु0 एवं द्वितीय पुरस्कार सात हजार रु0 राशि प्रदान किया जाना है तथा सफल विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन, भारत सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली रीजनल/नेशनल लेवल क्विज प्रतियोगिता आगामी 12 सितम्बर को पटना, बिहार में भौतिक रूप से प्रतिभाग करने का अवसर मिला ।
प्रशासनिक अधिकारी/ उप प्रधानाचार्य शत्रुघ्न जायसवाल, जिला पीएमडीटी एन्ड टीबी-एचआईवी समन्वयक चन्द्रशेखर यादव, लिंक वर्कर स्कीम के अमित मिश्रा, प्रवक्ता अंकुर मिश्रा, प्रवक्ता आर के भट्ट, रानी सिंह,के देख रेख में सम्पन्न हुआ इस अवसर पर शिवकांत गुप्ता व नागेन्द्र गुप्ता आदि उपस्थित रहे ।

बलिया जिले में इंस्पायर अवार्ड 2025 की सबसे खराब स्थिति

हर विद्यालय से पांच नामांकन अनिवार्य

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। इंस्पायर मानक अवार्ड 2025 में बलिया जिले की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में बलिया अब तक नामांकन के मामले में सबसे पीछे चल रहा है। इस लापरवाही पर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) देवेंद्र कुमार गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक विद्यालय से कम से कम पांच छात्रों का नामांकन हर हाल में कराया जाए। डीआईओएस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी विद्यालय से पांच से कम नामांकन किए गए तो उन्हें सीधे रिजेक्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद की रैंकिंग लगातार नीचे जा रही है और उच्च स्तर से बलिया की समीक्षा हो रही है। यदि विद्यालय गंभीरता नहीं दिखाते हैं तो जिले की छवि पूरे प्रदेश में धूमिल होगी। नामांकन प्रक्रिया को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यालयों को छात्र का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, कक्षा, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम, आईएफएससी कोड, जाति और छात्र का पासपोर्ट साइज फोटो एकत्र कर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। एक साथ पांच छात्रों का नामांकन पूरा होने पर ही उसे जिला प्राधिकारी को फॉरवर्ड किया जाएगा। साथ ही नामांकन की एक्नॉलेजमेंट रसीद डाउनलोड कर विद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करनी होगी।
डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों व विज्ञान शिक्षकों को चेतावनी दी है कि अब बहानेबाजी नहीं चलेगी। यह अंतिम मौका है, अन्यथा जिला और राज्य स्तर से नामांकन रिजेक्ट होने के लिए तैयार रहें। उन्होंने साफ कहा कि बलिया को हर हाल में टॉप-10 जिलों में लाना है। नामांकन में समस्या आने पर जिला स्तर पर नामित अधिकारी अतुल तिवारी और ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। स्पष्ट है कि इस बार इंस्पायर अवार्ड योजना में बलिया की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। यदि विद्यालय समय रहते गंभीरता नहीं दिखाते हैं तो जिले को पूरे प्रदेश में शर्मसार होना तय है।

2 सितम्बर को संयुक्त शिक्षा निदेशक की समीक्षा बैठक

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। माध्यमिक विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु संयुक्त शिक्षा निदेशक, आज़मगढ़ मण्डल की अध्यक्षता में 2 सितम्बर को कुँवर सिंह इंटर कॉलेज में बैठक होगी।जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र कुमार गुप्ता ने सभी राजकीय, सहायता प्राप्त एवं स्ववित्त पोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। अनुपस्थित पाए जाने वालों पर कार्रवाई तय मानी जाएगी। बैठक दो चरणों में होगी—सुबह 11 से 1 बजे तक बेल्थरा, सिकन्दरपुर व बैरिया की 320 विद्यालयों की समीक्षा, जबकि दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक सदर, बांसडीह व रसड़ा की 293 विद्यालयों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में शैक्षिक कैलेंडर, पठन-पाठन, नामांकन, परीक्षाफल व विभागीय योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा होगी।

31 अगस्त तक हर हाल में पूरा हो पीएम आवास का वेरीफिकेशन कार्य – ग्राम्य विकास आयुक्त

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस सर्वेक्षण 2024 के सेल्फ सर्वे डाटा पुष्टिकरण और अस्सिटेड सर्वे के डाटा वेरीफिकेशन का कार्य अब अंतिम चरण में पहुँच गया है। ग्राम्य विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि यह कार्य हर हाल में 31 अगस्त तक पूरा होना चाहिए। इसी क्रम में ग्राम्य विकास आयुक्त उत्तर प्रदेश जी.एस. प्रियदर्शी ने गुरुवार को एक सख्त आदेश जारी करते हुए सभी मुख्य विकास अधिकारियों, जिलाधिकारियों, संयुक्त विकास आयुक्तों और परियोजना निदेशकों को चेतावनी दी है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि चेकर द्वारा सत्यापन का कार्य समयसीमा से आगे नहीं बढ़ना चाहिए। मंडल स्तर पर संयुक्त विकास आयुक्तों को प्रतिदिन समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। वहीं जिलाधिकारियों और परियोजना निदेशकों को भी हिदायत दी गई है कि कार्य की सतत निगरानी कर यह सुनिश्चित किया जाए कि 31 अगस्त से पहले शत-प्रतिशत कार्य पूरा हो। ग्राम्य विकास विभाग का मानना है कि इस योजना के तहत गृहविहीन परिवारों की सटीक पहचान और वास्तविक लाभार्थियों का चयन ही सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यदि वेरीफिकेशन समय पर पूरा नहीं हुआ, तो पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं। इधर, समस्त खंड विकास अधिकारियों को भी पत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में समयबद्ध रूप से कार्य की प्रगति सुनिश्चित करें और 31 अगस्त से पूर्व सभी स्तरों पर सत्यापन कार्य पूर्ण कर लें।

ई-रिक्शा : सुविधा से बढ़कर अब बनते जा रहे राष्ट्रीय संकट

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। महानगरों नगरपालिका नगरपंचायत की सड़कों पर तेज़ी से बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या अब यातायात व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है। कभी सस्ती और सुविधाजनक सवारी के रूप में लोकप्रिय हुए ये वाहन अब हर गली-नुक्कड़ और चौक-चौराहे पर जाम और अव्यवस्था का कारण बनते नज़र आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ई-रिक्शा चालकों की सबसे बड़ी समस्या है—अनियमित ड्राइविंग। नियम-कायदों की परवाह किए बिना ये वाहन अक्सर अचानक मुड़ जाते हैं या बीच सड़क पर ही रुक जाते हैं। यातायात पुलिस के लिए भी यह सिरदर्द साबित हो रहा है क्योंकि अधिकांश ई-रिक्शा बिना पंजीकरण, बीमा और कभी-कभी तो बिना नंबर प्लेट के ही चलते मिलते हैं। शहरों में इनकी संख्या इतनी तेज़ी से बढ़ रही है कि लोग मज़ाक में कहते हैं—”सरकार जन्म प्रमाणपत्र के साथ ई-रिक्शा परमिट भी बाँट रही है।” यही कारण है कि हर धार्मिक स्थल, बाजार और मुख्य सड़क पर ई-रिक्शा का जमावड़ा देखने को मिलता है।
यात्री भले ही सस्ते और छोटे सफर के लिए ई-रिक्शा चुनते हों, लेकिन सड़क पर इनकी उपस्थिति ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। चौक-चौराहों पर कई बार इनका समूह ऐसा दृश्य बना देता है मानो कोई अनुष्ठान चल रहा हो। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो ई-रिक्शा की यह “संस्कृति” केवल यातायात ही नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर समस्या खड़ी कर सकती है। जनता अब यही सवाल पूछ रही है कि आखिर कब तक यह “सुविधा” राष्ट्रीय आपदा का रूप लेती रहेगी?

निपुण भारत मिशन के अंतर्गत पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण सम्पन्न

सादुल्लानगर/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। निपुण भारत मिशन के तहत बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान तथा एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन ब्लॉक संसाधन केंद्र रेहरा बाजार में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों में भाषा और गणितीय दक्षता विकसित करने हेतु नवीन तकनीकों और नवाचारों से अवगत कराया गया। खंड शिक्षा अधिकारी रेहरा बाजार रमेश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षकों द्वारा दिए गए प्रशिक्षण से शिक्षण की गुणवत्ता में निश्चय ही सकारात्मक बदलाव आएगा। शिविर में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में नीरज पांडेय, राजेंद्र प्रसाद वर्मा, दिनेश त्रिपाठी, लोकेशपति त्रिपाठी एवं अमित कुमार त्रिपाठी की विशेष उपस्थिति रही। इन्होंने प्रतिभागी शिक्षकों को कार्यशालाओं और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण के नये आयाम समझाए।
प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागी शिक्षकों ने विद्यालयों में अर्जित ज्ञान को लागू कर बच्चों के समग्र विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।