Thursday, July 16, 2026
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गोरखपुर में ‘मंथन-25’ क्षेत्रीय शिक्षा सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन

(गोरखपुर) “स्कूली शिक्षा की पुनर्कल्पना- भविष्य के लिए तैयार भारत की नींव को मजबूत करना” विषय पर केंद्रित ‘मंथन-25, क्षेत्रीय-शिक्षा-सम्मेलन’ का आयोजन स्कूल्स एसोसिएशन गोरखपुर द्वारा दिनांक 07 सितम्बर 2025, दिन रविवार को प्रातः 09:00 बजे से अपराह्न 02:00 बजे तक पूर्वोत्तर रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय के समीप स्थित रेलवे सभागार, गोरखपुर में आयोजित किया जा रहा है।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सीबीएसई, दिल्ली के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज उपस्थिति रहेगी और कार्यक्रम की अध्यक्षता सीबीएसई के प्रयागराज क्षेत्र के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अनिल जैन द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में गोरखपुर क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक शिवासिम्पी चन्नप्पा होंगे
गोरखपुर जैसे शिक्षानुरागी नगर में पहली बार आयोजित हो रहा यह क्षेत्रीय शिक्षा सम्मेलन,शैक्षणिक जगत के लिए न केवल एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह स्थानीय व राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के उन्नयन, नवाचार और परिवर्तनशील सोच को भी एक नई दिशा प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है ।
कार्यक्रम में शिक्षा नीति, मूल्य आधारित शिक्षा, समावेशी शिक्षण, एवं तकनीकी एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जिससे शिक्षक, शैक्षणिक प्रशासन, एवं नीति-निर्माताओं को सार्थक दिशा मिलेगी।
‘मंथन 25’ का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सामयिक परिवर्तनों और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक प्रणाली का सुदृढ़ीकरण करना है, ताकि भारत को वैश्विक स्तर पर शैक्षिक नेतृत्व के लिए तैयार किया जा सके।
उक्त आशय की जानकारी स्कूल्स एसोसिएशन गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. संजयन त्रिपाठी एवं महामंत्री श्री माधवेन्द्र पांडेय ने दी।

किशोर स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

देवरिया,(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)
महिला कल्याण विभाग, देवरिया के तत्वावधान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) के सहयोग से किशोर अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिक (Adolescent Friendly Health Clinics) पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सलेमपुर में किया गया।

कार्यक्रम में हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन, देवरिया की जेंडर स्पेशलिस्ट मंशा सिंह ने किशोर एवं किशोरियों को प्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ते हुए विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने क्लीनिकों के कार्य संचालन, परामर्श सेवाओं, स्वास्थ्य परीक्षण, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, नशा मुक्ति परामर्श तथा प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं पर चर्चा की। साथ ही किशोरियों को अपने स्वास्थ्य और भविष्य के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी।

स्वास्थ्य विभाग के अभिसरण से आयोजित विशेष जागरूकता सत्र का विषय था— मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management)। इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक नीतू भारती ने किशोरियों को मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों और कुप्रथाओं के बारे में जानकारी दी तथा स्वच्छता बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए।

वन स्टॉप सेंटर की मनोवैज्ञानिक मीनू जायसवाल ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित कानूनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जागरूकता ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है और किशोरावस्था में सही दिशा-निर्देश से भविष्य सुरक्षित हो सकता है।

कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिभागी किशोरियों को निःशुल्क सेनेटरी पैड्स का वितरण भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता को व्यवहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित करना और किशोरियों के स्वास्थ्य की रक्षा करना था।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में किशोर-किशोरियाँ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं स्थानीय समुदाय के लोग उपस्थित रहे।

स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करने वालों पर होगी सख़्त कार्रवाई : एसडीओ

सिकंदरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखंड सिकंदरपुर अजय कुमार सरोज ने कहा है कि स्मार्ट मीटर से डिस्कनेक्शन के बाद अलग से केबल जोड़कर लाइन चलाने की शिकायतें विभाग के संज्ञान में आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि चेकिंग के दौरान ऐसे उपभोक्ता पकड़े जाने पर उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा एसडीओ ने कहा कि यह अपराध न केवल दंडनीय है बल्कि इससे विभाग को भारी आर्थिक क्षति भी होती है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी की जांच की जाएगी। इसमें जो भी उपभोक्ता दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी और साथ ही उनके नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिजली का उपयोग पूरी तरह वैधानिक तरीके से करें, बिल समय से जमा करें और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि से दूर रहें। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा जताई ताकि क्षेत्र में निर्बाध और सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

चुनावी रंजिश में प्रधान पति पर हमला, कोर्ट के आदेश पर 16 पर मुकदमा दर्ज

थाने में रिपोर्ट न दर्ज होने पर पीड़ित ने लगाई थी न्यायालय से गुहार

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के महुली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत धवरेपार बढ़या के राजस्व गांव जसरौली भैसही में जुलाई माह में प्रधान पति और उनके भतीजे पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
ग्राम जसरौली भैसही निवासी कीर्ति प्रकाश यादव ने न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि 10 जुलाई 2025 की सुबह वह बोलेरो से मरीज को दिखाने अस्पताल जा रहा था। गांव में बाइक खड़ी होने से रास्ता अवरुद्ध था। जब उसने बाइक हटाई तो विवाद हो गया। आरोप है कि चुनावी रंजिश को लेकर निशोर समेत 16 लोगों ने एकराय होकर उस पर लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों और चाकू से हमला किया। बीच बचाव करने पहुंचे उसके पिता, चाचा और पड़ोसी भी मारपीट में घायल हुए। हमलावरों ने बोलेरो को क्षतिग्रस्त कर जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़ित का कहना है कि थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पर पुलिस ने आरोपियों के दबाव में उसकी तहरीर और मेडिकल नहीं लिया, बल्कि उसे और उसके चाचा को शांति भंग में जेल भेज दिया तथा परिवार के 10 सदस्यों पर कार्रवाई कर दी।
प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया। थानाध्यक्ष महुली रजनीश राय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी निशोर सहित सभी 16 हमलावरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 191(2), 191(3), 115(2), 352, 351(3), 324(4) व 118(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

ब्याजखोर की करतूत कर्मचारी से वसूला चार गुना ब्याज धमकी भी दी

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार को ग्राम नोनारी, दक्षिण टोला निवासी सफाई कर्मी विजय कुमार साहनी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही एक ब्याजखोर पर, अवैध वसूली व जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने गांव के ही विभूषण यादव से 30 हजार रुपये पाँच प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार लिए थे। लेकिन आरोपी ने बारह प्रतिशत ब्याज जोड़कर हर माह उनसे चार गुना ब्याज की वसूली की। जब इस अवैध वसूली पर उन्होंने आपत्ति जताई तो ब्याजखोर ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे ब्याजखोर आम जनता को लूटते हैं और पुलिस की शरण में ही दबंगई दिखाते हैं।

गांव के लोगों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर अंकुश न लगाया गया तो गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों का जीना दुर्भर हो जाएगा।

मोदी ने ट्रंप की “हमेशा दोस्त” टिप्पणी पर जताया आभार, कहा– भारत-अमेरिका साझेदारी दूरदर्शी व मज़बूत

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि “वह हमेशा मोदी के दोस्त रहेंगे।” प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा– “राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और हमारे संबंधों के सकारात्मक आकलन की गहराई से सराहना करता हूँ और उनका पूरी तरह से सम्मान करता हूँ। भारत और अमेरिका के बीच एक बहुत ही सकारात्मक और दूरदर्शी व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है।”

दरअसल, ट्रंप ने मीडिया से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी दीर्घकालिक मित्रता को दोहराया था। उन्होंने मोदी को “एक महान प्रधानमंत्री” बताते हुए आश्वस्त किया कि भारत और अमेरिका के गहरे रिश्तों को कोई खतरा नहीं है। ट्रंप ने किसी भी तरह के गंभीर तनाव की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका संबंध “एक बहुत ही विशेष रिश्ता” बने हुए हैं।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, “मैं हमेशा तैयार रहूँगा। मैं हमेशा (प्रधानमंत्री) मोदी का दोस्त रहूँगा। वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। मैं हमेशा उनका दोस्त रहूँगा, लेकिन मुझे इस समय वह जो कर रहे हैं, वह पसंद नहीं है।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मोदी के किन कार्यों से उन्हें आपत्ति है।

ट्रंप ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वैश्विक साझेदारों के बीच समय-समय पर असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन इससे रिश्तों की बुनियाद प्रभावित नहीं होती। उन्होंने मौजूदा मतभेदों को केवल अस्थायी “क्षण” करार देते हुए कहा कि इसमें चिंता की कोई वजह नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की ताज़ा प्रतिक्रियाओं से साफ है कि दोनों नेता व्यक्तिगत मित्रता के साथ-साथ भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की मज़बूती पर विश्वास जताते हैं, और इसे भविष्य में और आगे ले जाने के पक्षधर हैं।

यूरिया खाद की किल्लत व कालाबाज़ारी को लेकर किया प्रदर्शन

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)शनिवार को समाजवादी पार्टी के युवा फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर के सुभाष चौक पर देवरिया सहित पूरे प्रदेश में यूरिया खाद की किल्लत एवं कालाबाज़ारी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान युवा कार्यकर्ताओं ने अपने सिर पर खाद की बोरियां, बैनर एवं स्लोगन लिखी तख्तीया लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी की।इस दौरान प्रदर्शन को संबोधित करते हुए समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने कहा कि जिले में किसान इस समय यूरिया खाद की भारी कमी से जूझ रहे हैं। धान की फसल के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण समय है, लेकिन बाजार और समितियों से यूरिया गायब है। किसान लगातार भटक रहे हैं, जिससे उनकी फसल बर्बाद होने के कगार पर है। जिले में खाद की कालाबाजारी जोरों पर है जिससे किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। महंगी खाद,बीज एवं महंगी बिजली होने से पहले से ही किसान परेशान है। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार भले ही यूरिया की कमी न होने का दावा कर रही है,लेकिन जमीन पर स्थिति बिल्कुल उलट है। खाद न मिल पाने से किसान हताश हैं और सरकार के दावों पर सवाल उठा रहे हैं। समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि किसान संकट का सामना कर रहे हैं लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार को किसानों की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। भाजपा ने किसानों को ठगने का काम किया है। मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष खुर्शीद आलम अंसारी ने कहा कि यदि जल्द किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हुआ तो समाजवादी नौजवान बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान धीरज यादव, जावेद अंसारी, आज़म अहमद, मुराद, गिरीश जायसवाल, संजीव, रामविश्वाश, अनीश कुशवाहा, बबलू, विनोद, सुहेल, लारेब रहमान, देवेश, जयराम, सुनील, सुजीत पटेल, शादिक, अशोक चौहान, सूरज प्रताप, सूरज, मनीष सैथवार, हरिकेश, देवेंद्र मुलायम, रोहित, दिग्विजय, बलवंत, अशोक यादव, राहुल यादव, सद्दाम, अजय यादव, अमित,रितेश, ऋषिकेश, हैदर अली,धर्मेंद्र, विनोद यादव आदि मौजूद रहे।

जिलाधिकारी देवरिया ने नीति आयोग के विकसित भारत स्ट्रेटजी रूम में साझा किए अनुभव

देवरिया,(राष्ट्र की परम्परा)देवरिया ज़िले की जिलाधिकारी, दिव्या मित्तल ने 4 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली स्थित नीति आयोग के विकसित भारत स्ट्रेटजी रूम में प्रतिभाग कर जिले के अनुभव एवं फीडबैक साझा किए। इस महत्वपूर्ण बैठक में देशभर से चुनिंदा जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न राज्यों के योजना विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने आधुनिक उपकरणों और डेटा आधारित तकनीकी प्रणालियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। जिलाधिकारी देवरिया ने स्थानीय प्रशासनिक अनुभवों के आधार पर नीतिगत सुझाव दिए ताकि योजनाएँ अधिक व्यावहारिक, जन-केंद्रित और परिणामोन्मुखी बन सकें।

सम्मेलन में डेटा पर आधारित नीति निर्माण, सतत विकास, डिजिटल परिवर्तन और सामाजिक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के सुझावों और प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली।
मित्तल का इस मंच पर चयन और सक्रिय योगदान उनकी प्रशासनिक दक्षता, सेवा-समर्पण और अभिनव सोच को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक और डेटा-आधारित शासन मॉडल से योजनाओं के सुगम क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन में तेजी आएगी।

देवरिया ज़िले की यह भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जिला प्रशासन शासन को और अधिक पारदर्शी, सहभागी और प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसे राष्ट्रीय स्तर के मंचों से मिले अनुभव स्थानीय स्तर पर सुशासन को मजबूत करने, विकास योजनाओं की गुणवत्ता सुधारने और जनकल्याणकारी नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होंगे।

जीवन की वास्तविकता!

प्रकृति की ख़ूबसूरती पेड़ पौधों,
उनके पल्लव पुष्पों से दिखती है,
इन्सानी ख़ूबसूरती वैसे ही उनके
विचार व्यवहार पर निर्भर करती है।

नीचा दिखाने वाले सरे राह मिलेंगे,
लड़ने झगड़ने वाले हर ठौर मिलेंगे,
ईर्ष्या द्वेष करने वाले व जलने वाले
हमारे जीवन में हमेशा मिलते रहेंगे।

हमारा जीवन सुखद तब होगा,
जब ऐसे लोगों से दूर ही रहोगे,
सुनोगे उनकी व सबकी हर बात,
परंतु अपने दिल की बात करोगे।

किसी ने जीवन को स्वप्न कहा है,
किसी ने पहेली, किसी को लगता है,
इस जीवन में जो कुछ भी होना है,
सब इंसान के भाग्य से ही होता है।

कुछ लोग हैं जो पुरुषार्थ परिश्रम,
मेहनत को अत्यंत महत्व देते हैं,
वहीं भाग्य के मानने वाले हर बात
हेतु भाग्य को ज़िम्मेदार ठहराते हैं।

परंतु कर्मशील इंसान हमेशा ही
अपने भाग्य का निर्माण करता है,
यही मतभेद इंसान की दुविधा है,
तो जीवन की वास्तविकता क्या है।

इस दुविधा को अध्यात्म मिटाता है
जीवन के सत्य से पर्दा उठाता है,
आदित्य दुःख- सुख मानव जीवन
के नियत पहलू हैं यह बतलाता है।

डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’

बजाज चीनी मिल इकाई प्रतापपुर द्वारा शरद कालिन गन्ना बुवाई का शुभारंभ

भाटपार रानी/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
गत दिनांक 5/सितंबर/025 को बनकटा ब्लाक स्थित ग्राम इंगुरी सरॉय मे शरद कालिन गन्ना बुवाई का शुभारम्भ बजाज चीनी मिल इकाई प्रतापपुर द्वारा किया गया।
वहीं इस शरद कालीन गन्ना बुवाई में फैक्ट्री के से सीनियर गन्ना अधिकारी राणा प्रताप सिंह, सहायक गन्ना अधिकारी सुशील निषाद की उपस्थिति मे बुवाई का शुभारंभ किया गया।
जो कृषक सम्भु सिंह ग्राम इंगुरी सराय के प्लाट में शरद कालिन गन्ना बुवाई का सुभारम्भ किया गया जो कि गन्ना प्रजाति Colk 94184 का बीज एक ऑख का काट कर गन्ना बीज को THIOPHANATE METHYL 70% WP से उपचारित कर के बुवाई कराया गया
कृषक को शरद कालिन बुवाई से होने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी दिया गया प्लाट पर मौजूद कृषक हंसनाथ, जगरनाथ, अफजल, डाँ रविन्द्र उपस्थिति रहे कृषक को शरद कालिन गन्ना बुवाई पसन्द आया , शरद कालिन गन्ना बुवाई में दोहरी फसल भी हम लगा सकते हैं जैसे सरसो, मटर, चना, आलू, गोभी, धनिया, लेहसुन, गेहूं इत्यादि फसल को उगाया जा सकता है और दोहरा लाभ कमाया जा सकता है।

लंबे समय से बीमार युवक का निधन, गांव में पसरा मातम

भाटपार रानी, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
भाटपार रानी तहसील के अंतर्गत बनकटा ब्लॉक क्षेत्र के ग्रामसभा प्रतापछापर में उस समय गहरा शोक छा गया जब ग्राम पंचायत सदस्य नागेंद्र यादव के 32 वर्षीय पुत्र सुनील कुमार का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।

परिजनों के अनुसार, सुनील कुमार की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ स्थित ग्लोब अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 20 दिनों तक लगातार चला उपचार भी उनकी जान नहीं बचा सका और शुक्रवार, 05 सितंबर 2025 को उन्होंने अंतिम सांस ली।

मृतक का अंतिम संस्कार शनिवार, 06 सितंबर को बिहार राज्य के सिवान जिले के गुठनी क्षेत्र अंतर्गत मैरीटार गांव स्थित श्मशान घाट पर संपन्न हुआ। अंतिम यात्रा में परिवारजन, रिश्तेदारों और क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

अचानक हुई इस असामयिक मृत्यु की खबर से गांव ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शोकाकुल परिजनों के प्रति लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

भारत की चिप क्रांति सपनों से साकार होती हकीकत

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उम्मीदों की चिप ने दिए आत्मगौरव और नवाचार को पंख

भारत आज उस ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है जहाँ तकनीकी आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक प्रगति का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गर्व और वैश्विक नेतृत्व की दिशा भी बन गई है। दशकों तक चिप और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में केवल उपभोक्ता के रूप में पहचाने जाने वाला भारत अब निर्माता और आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन केवल तकनीकी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मगौरव का भी प्रतीक है। सेमीकंडक्टर मिशन, वैश्विक सहयोग, और शिक्षा व अनुसंधान में निवेश ने भारत की चिप क्रांति को साकार रूप दिया है।
भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विश्व स्तर पर अपनी तकनीकी पहचान बनाई है। गुजरात और कर्नाटक में चिप पार्क, विदेशी निवेश और शिक्षा संस्थानों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को गति दी है। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन 2025 में भारत ने सुरक्षा, संपर्क और अवसर के तीन स्तंभों पर बल देकर तकनीक को साझा भविष्य का आधार बताया। यह चिप क्रांति न केवल आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त कर रही है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, नवाचार और आत्मगौरव की नई उड़ान भी भर रही है।

भारत आज उस ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है जहाँ सपने केवल सपने नहीं रह गए हैं, बल्कि नये यथार्थ का रूप ले चुके हैं। दशकों तक जिस देश को तकनीक के क्षेत्र में उपभोक्ता भर समझा जाता था, वही देश आज निर्माता, आपूर्तिकर्ता और नवप्रवर्तक बनने की राह पर तेज़ी से बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण की दिशा में भारत के प्रयास इसी परिवर्तन की सबसे सशक्त गवाही देते हैं। यह केवल तकनीकी विकास का संकेत नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय आत्मगौरव, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की उड़ान भी है।

चिप अथवा सेमीकंडक्टर आज के युग की सबसे अनिवार्य धुरी है। बीसवीं शताब्दी में तेल ने जैसे विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था को संचालित किया था, उसी प्रकार इक्कीसवीं शताब्दी में चिप वैश्विक शक्ति संतुलन का आधार बन चुकी है। आधुनिक जीवन का कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। मोबाइल फ़ोन, कंप्यूटर, स्मार्ट यंत्र, वाहन, रेल, हवाई जहाज़, रक्षा उपकरण, उपग्रह, स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नत यंत्र, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोट तक—हर क्षेत्र में चिप की अनिवार्यता स्पष्ट दिखाई देती है। इसीलिए जो राष्ट्र इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त है, वही आने वाले समय में विश्व की राजनीति और अर्थव्यवस्था में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

भारत की स्थिति लंबे समय तक इस क्षेत्र में कमजोर रही। भारी पूंजी निवेश, लगातार ऊर्जा और जल संसाधनों की आवश्यकता, प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी और अनुसंधान की उपेक्षा जैसे कारणों से भारत पिछड़ता रहा। चीन, ताइवान, अमेरिका और कोरिया जैसे देशों ने इस स्थिति का लाभ उठाकर वैश्विक बाज़ार पर प्रभुत्व कायम किया और भारत को केवल एक विशाल उपभोक्ता बाज़ार के रूप में देखा जाने लगा। किन्तु राष्ट्रों के जीवन में भी ऐसे क्षण आते हैं जब परिस्थितियाँ बदली हुई राह पर चलने को बाध्य करती हैं। भारत के लिए भी यही अवसर बीते कुछ वर्षों में आया और उसने चुनौती को अवसर में बदलने का संकल्प लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारम्भ हुए ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसे अभियानों ने तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में नया उत्साह जगाया। इन अभियानों ने यह संदेश दिया कि भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता भी बनेगा। वर्ष 2021 में घोषित भारत सेमीकंडक्टर मिशन ने इस संकल्प को ठोस आधार प्रदान किया। इसके अंतर्गत गुजरात और कर्नाटक में चिप निर्माण पार्क स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रारम्भ हुआ। ताइवान, जापान और अमेरिका की कंपनियों ने भारत में निवेश और सहयोग की इच्छा प्रकट की। अरबों डॉलर के निवेश प्रस्ताव आए और अनुसंधान संस्थानों को सीधे इस अभियान से जोड़ा गया।

कोविड महामारी ने वैश्विक आपूर्ति शृंखला की कमजोरियों को उजागर कर दिया। जब चीन और ताइवान के कारखाने ठप पड़े तो पूरी दुनिया में मोबाइल, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का संकट खड़ा हो गया। कीमतें बढ़ीं, उत्पादन ठप हुआ और उपभोक्ताओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उस कठिन दौर में भारत ने महसूस किया कि तकनीकी आत्मनिर्भरता केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का भी प्रश्न है। तभी भारत ने यह अवसर पहचाना और अपने को आपूर्ति शृंखला का विश्वसनीय केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए।

वर्ष 2025 में चीन के तियानजिन नगर में सम्पन्न शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन इस संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। भारत ने यहाँ अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए सुरक्षा, संपर्क और अवसर के तीन स्तंभ प्रस्तुत किए। भारत ने कहा कि तकनीक केवल व्यापार और उद्योग का विषय नहीं, बल्कि साझा सुरक्षा, स्थायी संपर्क और सामूहिक अवसर का आधार है। सेमीकंडक्टर विकास और डिजिटल नवाचार को सामूहिक प्राथमिकता बनाने का भारत का आह्वान इस सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। तियानजिन घोषणा पत्र में भारत की यह दृष्टि परिलक्षित हुई, जिससे यह प्रमाणित हो गया कि विश्व समुदाय भारत के बढ़ते तकनीकी महत्व को स्वीकार कर रहा है।

भारत ने इस प्रयास को केवल उद्योग तक सीमित नहीं रखा है। शिक्षा संस्थानों, अनुसंधान केन्द्रों और स्टार्टअप्स को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। आईआईटी, एनआईटी और अन्य विश्वविद्यालयों में चिप डिजाइनिंग, नैनोटेक्नोलॉजी और एंबेडेड सिस्टम से जुड़े पाठ्यक्रम आरम्भ किए गए हैं। युवाओं को अनुसंधान और नवाचार की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है। इस प्रकार आने वाली पीढ़ी को तकनीकी नेतृत्व सौंपने की ठोस तैयारी की जा रही है।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत का यह अभियान रोज़गार सृजन और औद्योगिक विकास का भी आधार बनेगा। अनुमान है कि आने वाले दस वर्षों में इस क्षेत्र से दस लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा होंगे। निर्माण, डिजाइनिंग, परीक्षण और वितरण के स्तर पर नये उद्योग और स्टार्टअप्स उभरेंगे। यह केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम होगा।

इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है। रक्षा उपकरणों और उपग्रह तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ने से भारत की रणनीतिक स्थिति सुदृढ़ होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा में भी भारत का प्रभाव बढ़ेगा। स्पष्ट है कि चिप निर्माण केवल उद्योग की आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता से भी गहरे रूप से जुड़ा है।

हालाँकि, चुनौतियाँ अभी भी शेष हैं। बिजली और जल की सतत आपूर्ति, अनुसंधान में निरंतर निवेश, वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धा और पर्यावरणीय संतुलन जैसी बाधाएँ इस यात्रा को कठिन बना सकती हैं। किंतु सरकार, उद्योग और समाज के संयुक्त प्रयास से इन चुनौतियों का समाधान अवश्य होगा। भारत ने जिस आत्मविश्वास और संकल्प के साथ इस यात्रा का आरम्भ किया है, उससे यह स्पष्ट है कि वह पीछे मुड़कर देखने वाला नहीं।

आज भारत की चिप क्रांति केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता की कहानी नहीं, बल्कि यह आत्मगौरव, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की महागाथा भी है। उम्मीदों की चिप सचमुच हौसलों को पंख दे चुकी है। बीसवीं शताब्दी में तेल ने जैसे विश्व व्यवस्था को बदला, उसी प्रकार इक्कीसवीं शताब्दी में चिप और तकनीक वैश्विक नेतृत्व का निर्धारण करेगी। भारत ने इस क्षेत्र में अपने कदम दृढ़तापूर्वक बढ़ा दिए हैं और अब उसका सपना धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है।

डॉ सत्यवान सौरभ-हिसार

संयुक्त राष्ट्र महासभा : पीएम मोदी नहीं, विदेश मंत्री जयशंकर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महासभा के वार्षिक उच्च-स्तरीय सत्र की आम बहस को संबोधित नहीं करेंगे। उनकी जगह भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर करेंगे। संयुक्त राष्ट्र में जारी संशोधित वक्ताओं की सूची में यह स्पष्ट कर दिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र 9 सितंबर से आरंभ हो रहा है, जबकि उच्च-स्तरीय आम बहस 23 से 29 सितंबर तक चलेगी। परंपरा के अनुसार, बहस की शुरुआत ब्राज़ील करेगा। इसके बाद अमेरिका की बारी होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 23 सितंबर को अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार संयुक्त राष्ट्र के मंच से विश्व नेताओं को संबोधित करेंगे।

वैश्विक संकटों के बीच सत्र

यह महासभा ऐसे समय हो रही है जब दुनिया कई गंभीर संकटों से जूझ रही है। पश्चिम एशिया में इज़राइल-हमास युद्ध, यूक्रेन संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शासन जैसे मुद्दे वैश्विक एजेंडे पर प्रमुखता से शामिल होंगे।

26 सितंबर को इज़राइल, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के शासनाध्यक्ष भी आम बहस में अपने विचार रखेंगे। इस वर्ष महासभा का विषय रखा गया है—
“एक साथ बेहतर: शांति, विकास और मानवाधिकारों के लिए 80 वर्ष और उससे भी अधिक।”

भारत की ओर से जयशंकर की भूमिका

अनुभवी राजनयिक और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। वे शांति, विकास, बहुपक्षीय सहयोग और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर भारत की आवाज़ उठाएंगे। जयशंकर का भाषण भारत की विदेश नीति के रुख और वैश्विक संकटों पर भारत के रचनात्मक समाधानों को स्पष्ट करेगा।

विशेष बैठकें और शिखर सम्मेलन

इस बार महासभा का सत्र और भी खास है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र अपनी 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। इसी अवसर पर महासचिव की अध्यक्षता में जलवायु शिखर सम्मेलन और कई उच्च-स्तरीय चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें लैंगिक समानता, आर्थिक स्थिरता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विनियमन, स्वास्थ्य और अल्पसंख्यक अधिकार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।

संयुक्त राष्ट्र महासभा वर्ष का सबसे बड़ा कूटनीतिक आयोजन माना जाता है। यह मंच विश्व समुदाय को सामूहिक चुनौतियों के समाधान खोजने और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।

नोएडा से गिरफ्तार व्यक्ति, गणेश विसर्जन से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

मुंबई/नोएडा(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) गणेश उत्सव के बीच मुंबई पुलिस को मिली विस्फोटों की धमकी ने पूरे सुरक्षा तंत्र को हिला दिया। मुंबई पुलिस की ट्रैफिक हेल्पलाइन पर गुरुवार को भेजे गए एक व्हाट्सएप संदेश में दावा किया गया कि “लश्कर-ए-जिहादी” संगठन से जुड़े 14 पाकिस्तानी आतंकवादी शहर में प्रवेश कर चुके हैं। संदेश में कहा गया कि इन आतंकियों ने 34 वाहनों में करीब 400 किलो आरडीएक्स छिपा रखा है और अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन जुलूसों के दौरान एक करोड़ लोगों की जान लेने की योजना बनाई है।

इस धमकी संदेश से मुंबई पुलिस सकते में आ गई। चूँकि शनिवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर लाखों श्रद्धालु गणेश विसर्जन के लिए सड़कों पर उमड़ते हैं, पुलिस ने तुरंत खुफिया और एंटी-टेरर यूनिट को अलर्ट कर दिया।

जाँच में पाया गया कि संदेश नोएडा से भेजा गया था। साइबर ट्रैकिंग और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपी तक पहुँची पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी की मंशा और मानसिक स्थिति की जाँच की जा रही है।

वर्ली पुलिस थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 351 (आपराधिक धमकी) सहित उपधारा 2, 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मुंबई पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “धमकी वास्तविक है या शरारत, इसकी जाँच की जा रही है, लेकिन किसी भी स्थिति को हल्के में नहीं लिया जाएगा।” सुरक्षा एजेंसियों ने गणेश विसर्जन को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान, परिवहन सेवाओं में कई नई सौगातें

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को परिवहन सेवाओं को और अधिक सुलभ, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में कई अहम पहल की। मुख्यमंत्री ने 1.5 लाख जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से परिवहन सेवाओं का शुभारंभ किया। इस कदम से प्रदेश के आम नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण सहित परिवहन विभाग की अन्य सेवाएं अब गांव-गांव और कस्बों में आसानी से मिल सकेंगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने पीपीपी मॉडल पर 07 बस स्टेशनों तथा अनुदान आधारित 25 बस स्टेशनों/कार्यशालाओं का डिजिटल लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही प्रदेश में परिवहन प्रणाली को आधुनिक रूप देने के लिए एक्रेडिटेड ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी एवं नवीनतम ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन से जुड़े निवेशकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 11 महिला परिचालकों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इसके अलावा परिवहन विभाग की नई तकनीकी उपलब्धियों का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी ने –डिजिटल बस ट्रैकिंग ऐप “यूपी मार्गदर्शी” और सरल परिवहन हेल्पलाइन 149 को लॉन्च किया।इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की नई बुकलेट का विमोचन किया।डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस, इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी बस सहित नई 400 BS-6 बसों और परिवहन विभाग के 70 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई।

कार्यक्रम में प्रदेश सरकार ने परिवहन विभाग व आईआईटी, खड़गपुर के बीच एमओयू और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम व जन सेवा केंद्र के बीच एमओयू पर भी हस्ताक्षर कराए। इन समझौतों से शोध, तकनीकी सहयोग और सेवाओं के विस्तार को नया आयाम मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक को सुरक्षित, किफायती और आधुनिक परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। नई पहल से प्रदेश के परिवहन तंत्र को स्मार्ट और जनसुलभ बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।