Monday, July 13, 2026
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पुरी जगन्नाथ मंदिर में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध, एसजेटीए का बड़ा फैसला

पुरी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में अब अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और सेवादारों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला शनिवार शाम मंदिर प्रशासन की ‘छत्तीसा निजोग’ बैठक में लिया गया।श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार पाधी ने जानकारी देते हुए कहा कि इस प्रतिबंध को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में मंदिर के अंदर पुलिस और अधिकारियों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी।

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इसके बाद इसका दायरा सेवादारों तक भी बढ़ाया जाएगा।पाधी ने बताया कि अधिकारियों को आपात स्थिति या आवश्यक संदेशों के आदान-प्रदान के लिए मंदिर परिसर में बनाए गए निर्दिष्ट स्थानों पर ही मोबाइल इस्तेमाल की अनुमति होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर के अंदर किसी को भी खुलेआम मोबाइल फोन का प्रयोग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।उन्होंने कहा, “श्री जगन्नाथ मंदिर की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।

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अगर कोई अनुशासनहीनता में पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”गौरतलब है कि श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल फोन और कैमरे मंदिर परिसर में पहले से ही प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मोबाइल उपयोग को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को देखते हुए एसजेटीए ने यह अहम फैसला लिया है।पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर देश के चार प्रमुख धामों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। खासकर रथ यात्रा के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या करोड़ों तक पहुंच जाती है। ऐसे में प्रशासनिक अनुशासन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोबाइल फोन प्रतिबंध को बेहद अहम माना जा रहा है।

नवरात्रि के नौ दिनों में माता को चढ़ाएं विशेष भोग

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा के लिए पंडित धनेश मिश्र की प्रस्तुति) सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि का पर्व अत्यंत पावन और शुभ माना जाता है। इस वर्ष नवरात्रि का शुभारंभ 22 सितंबर 2025, सोमवार से हो रहा है। इन नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा और उनकी नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि में सच्चे मन से किए गए व्रत-उपवास और अर्पित भोग से मां दुर्गा प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। इसलिए प्रत्येक दिन देवी को विशेष भोग अर्पित करने का विधान है।

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नौ दिनों का भोग क्रम

प्रथम दिवस – मां शैलपुत्री
इस दिन माता को घी का भोग अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि इससे जीवन में स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्राप्ति होती है।

  1. द्वितीय दिवस – मां ब्रह्मचारिणी
    माता को चीनी और मिश्री का भोग चढ़ाना शुभ माना जाता है। यह भोग समृद्धि और शांति का प्रतीक है।
  2. तृतीय दिवस – मां चंद्रघंटा
    इन्हें दूध और दूध से बने व्यंजन जैसे खीर का भोग लगाया जाता है। इससे जीवन में सुख और वैभव की प्राप्ति होती है।
  3. चतुर्थ दिवस – मां कूष्मांडा
    माता को मालपुआ या कद्दू का भोग अर्पित करना उत्तम है। इससे घर में समृद्धि और प्रसन्नता आती है।
  4. पंचम दिवस – मां स्कंदमाता
    इन्हें केला अत्यंत प्रिय है। केले का भोग चढ़ाने से संतान सुख और परिवार में सुख-शांति का वास होता है।
  5. षष्ठम दिवस – मां कात्यायनी
    माता को शहद का भोग चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन में सुख और सौहार्द बना रहता है।
  6. सप्तम दिवस – मां कालरात्रि
    माता को गुड़ और तिल का भोग अर्पित करना चाहिए। इससे भय और रोगों का नाश होता है।
  7. अष्टम दिवस – मां महागौरी
    इन्हें नारियल और नारियल से बने प्रसाद का भोग प्रिय है। इससे जीवन में पवित्रता और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।
  8. नवम दिवस – मां सिद्धिदात्री
    माता को तिल और हलवा का भोग अर्पित करना चाहिए। इससे सभी सिद्धियां प्राप्त होती हैं और कार्य सिद्ध होते हैं।

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  1. नवरात्रि के इन पावन नौ दिनों में माता को प्रतिदिन अलग-अलग भोग चढ़ाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। भक्तजन चाहे तो इन व्यंजनों को फलाहार रूप में भी ग्रहण कर सकते हैं। इस प्रकार श्रद्धा और भक्ति से किए गए व्रत-उपवास से मां दुर्गा प्रसन्न होकर अपने भक्तों का जीवन मंगलमय कर देती हैं।

🪔 नवरात्रि 2025: शॉपिंग से लेकर भक्ति और भोजन तक – जानें सब कुछ


नवरात्रि का आगाज
22 सितंबर से पूरे भारत में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस दौरान पूरा देश भक्ति, उमंग और उत्साह से सराबोर हो जाता है। मां दुर्गा के पंडाल सजते हैं, रामलीला के मंचों पर धार्मिक कथाएं जीवंत होती हैं और डांडिया-गरबा की धुनों पर लोग झूम उठते हैं। नवरात्रि सिर्फ पूजा का पर्व नहीं, बल्कि शॉपिंग, स्वाद और संस्कृति का भी अनोखा संगम है।
🛍️ नवरात्रि शॉपिंग – दिल्ली के मशहूर बाजार
त्योहार पर नए कपड़े, घर की सजावट और पूजा सामग्री खरीदना शुभ माना जाता है। दिल्ली के ये बाजार आपकी नवरात्रि शॉपिंग के लिए बेस्ट हैं:
चांदनी चौक – पारंपरिक साड़ियां, लहंगे और ज्वेलरी के लिए मशहूर।
लाजपत नगर – डांडिया नाइट्स के लिए ट्रेंडी आउटफिट्स और एक्सेसरीज का हॉटस्पॉट।
सरोजिनी नगर – बजट-फ्रेंडली फैशन शॉपिंग के लिए सबसे लोकप्रिय।
करोल बाग – पूजा सामग्री, सजावटी सामान और एथनिक वियर की बड़ी रेंज।

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🙏 भक्ति और पूजन विधि
नवरात्रि में मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित की जाती है और घट स्थापना की जाती है। सुबह-शाम दीपक जलाकर आरती और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बेहद फलदायी माना जाता है। नौ दिनों तक अलग-अलग रूपों में मां दुर्गा की पूजा होती है:
पहला दिन – मां शैलपुत्री
दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी
तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा… इसी क्रम में नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है।

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🍴 व्रत में क्या खाएं?
नवरात्रि का व्रत केवल भक्ति नहीं बल्कि सेहत से भी जुड़ा होता है। व्रत के दौरान सात्विक भोजन का खास महत्व है।
फलाहार – सेब, केला, अनार, पपीता जैसे फल।
आटे के विकल्प – कुट्टू का आटा, सिंहाड़े का आटा और राजगिरा।
हेल्दी स्नैक्स – साबूदाना खिचड़ी, आलू टिक्की, समा चावल की खीर।
ड्रिंक्स – नारियल पानी, नींबू शर्बत और दूध से बने पेय।
💃 डांडिया नाइट्स और सांस्कृतिक रंग
दिल्ली और बड़े शहरों में नवरात्रि की शामें डांडिया और गरबा नाइट्स से जगमगाती हैं। रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़ों में सजे लोग संगीत की धुन पर नाचते हैं। ये सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और उत्सव का प्रतीक है।
नवरात्रि 2025 सिर्फ पूजा-पाठ का पर्व नहीं है, बल्कि यह शॉपिंग, स्वाद, संस्कृति और सामूहिक भक्ति का अनोखा संगम है। अगर आप दिल्ली या किसी बड़े शहर में हैं, तो इस नवरात्रि शॉपिंग, डांडिया नाइट्स और मां दुर्गा की भक्ति का आनंद जरूर लें।

रोज़ाना की दुविधा खत्म! उबले राजमा से बनाएं दो स्वादिष्ट और हेल्दी डिशेज – चाट और कटलेट

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा के लिए सुषमा की प्रस्तुति) हर घर की सबसे आम परेशानी यही होती है कि आज खाने में क्या बनाया जाए। महिलाएं अक्सर दिनभर सोचती रहती हैं कि बच्चों और बड़ों के लिए ऐसा क्या पकाएं जो टेस्टी भी हो और हेल्दी भी। अगर आप भी रोज़ यही सोचकर परेशान होती हैं, तो अब आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

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आज हम आपको बताने जा रहे हैं उबले राजमा से बनने वाली दो आसान डिशेज – राजमा चाट और राजमा कटलेट। इन्हें आप नाश्ते, स्नैक्स टाइम या शाम की चाय के साथ भी परोस सकती हैं।

क्यों है राजमा हेल्दी?

राजमा प्रोटीन, फाइबर और आयरन से भरपूर होता है। यह शरीर को ऊर्जा
देता है, वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है और बच्चों की ग्रोथ के लिए भी फायदेमंद है।
1️⃣ राजमा चाट रेसिपी

सामग्री: उबले हुए राजमा – 1 कप प्याज – 1 बारीक कटा टमाटर – 1 बारीक कटा हरी मिर्च – 1 नींबू का रस – 1 चम्मच नमक, काला नमक, चाट मसाला – स्वादानुसार हरी धनिया पत्ती – सजावट के लिए

विधि:

  1. एक बाउल में उबले राजमा डालें।
  2. इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और धनिया मिलाएं।
  3. ऊपर से नींबू का रस, नमक और चाट मसाला डालकर अच्छे से मिक्स करें।
  4. तैयार है हेल्दी और टेस्टी राजमा चाट, जिसे बच्चे और बड़े दोनों चाव से खाएंग

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2️⃣ राजमा कटलेट रेसिपी

सामग्री: उबले हुए राजमा – 1 कप उबले आलू – 2 अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 चम्मच हरी मिर्च – 1 ब्रेड क्रम्ब्स – ½ कप ,नमक, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला – स्वादानुसार,तेल – shallow fry के लिए

विधि:

  1. उबले राजमा और आलू को मसलकर एकसार कर लें।
  2. इसमें हरी मिर्च, अदरक-लहसुन पेस्ट, मसाले और ब्रेड क्रम्ब्स डालकर अच्छे से मिला लें।
  3. कटलेट का आकार देकर हल्के तेल में दोनों तरफ से गोल्डन ब्राउन होने तक सेंकें।
  4. हरी चटनी या टमाटर सॉस के साथ परोसें।

नतीजा

अगर आप रोज़ाना यह सोचकर परेशान होती हैं कि आज क्या पकाएं, तो उबले राजमा आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। इससे बनी चाट और कटलेट स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषण से भरपूर हैं। ये डिशेज बच्चों के टिफिन, शाम के नाश्ते या अचानक आए मेहमानों के लिए भी परफेक्ट हैं।

पार्टी लुक के लिए ब्रोकेड पैंट्स: हर महिला के वार्डरोब की शानब्रोकेड पैंट्स क्यों हैं खास?

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)फैशन की दुनिया में ब्रोकेड पैंट्स का अपना अलग ही आकर्षण है। इनका टेक्सचर, डिजाइन और शाइनी लुक किसी भी आउटफिट को तुरंत रॉयल टच दे देता है। जब बात पार्टी, फेस्टिव या इंडो-वेस्टर्न ड्रेसिंग की हो, तो ब्रोकेड पैंट्स महिलाओं के लिए सबसे बेहतरीन ऑप्शन बन जाते हैं।
ये पैंट्स न केवल आरामदायक होते हैं बल्कि आपको क्लासी और मॉडर्न लुक भी देते हैं। यही वजह है कि फैशन एक्सपर्ट्स हर महिला और लड़की को अपनी वॉर्डरोब में कम से कम एक ब्रोकेड पैंट जरूर रखने की सलाह देते हैं।

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पार्टी के लिए ब्रोकेड पैंट्स कैसे करें स्टाइल?

  1. क्रॉप टॉप या शॉर्ट कुर्ती के साथ
    पार्टी लुक में सबसे आसान और स्टाइलिश तरीका है ब्रोकेड पैंट्स को शॉर्ट कुर्ती या फिर स्टाइलिश क्रॉप टॉप के साथ पहनना। इससे आपको एक इंडो-वेस्टर्न टच मिलेगा।
  2. लॉन्ग जैकेट या श्रग के साथ
    अगर आप थोड़ा एलिगेंट और रॉयल लुक चाहती हैं, तो ब्रोकेड पैंट्स के साथ सिल्क या कॉटन लॉन्ग जैकेट कैरी करें। यह स्टाइल खासतौर पर शादी और रिसेप्शन जैसे फंक्शंस के लिए परफेक्ट है।
  3. सिल्क या शिफॉन टॉप के साथ
    ब्रोकेड का टेक्सचर पहले से ही काफी रिच होता है। इसलिए इसे सिंपल और सॉफ्ट फैब्रिक वाले टॉप या ब्लाउज के साथ पेयर करने से बैलेंस्ड और आकर्षक लुक मिलता है।
  4. हील्स और स्टाइलिश फुटवियर
    ब्रोकेड पैंट्स को पहनते समय फ्लैट्स की बजाय स्टाइलिश हील्स या पंप्स चुनें। इससे आपकी पर्सनैलिटी और भी निखरकर सामने आएगी।
  5. एक्सेसरीज का कम इस्तेमाल
    ब्रोकेड पैंट्स खुद में ही एक स्टेटमेंट आउटफिट हैं। इसलिए भारी-भरकम ज्वेलरी की जगह हल्की और मिनिमल ज्वेलरी का चुनाव करें।
    क्यों चुनें ब्रोकेड पैंट्स?
    यह हर उम्र की महिलाओं के लिए परफेक्ट है।
    शादी, पार्टी और फेस्टिव सीजन में यह आपको ग्लैमरस लुक देता है।
    सिंपल टॉप या कुर्ती के साथ भी यह पैंट्स बेहद स्टाइलिश दिखते हैं।
    फैशन में ये कभी आउटडेटेड नहीं होते।
    अगर आप पार्टी में खुद को सबसे अलग और आकर्षक दिखाना चाहती हैं, तो ब्रोकेड पैंट्स को अपने वार्डरोब का हिस्सा जरूर बनाइए। यह न केवल आपको एक सिंपल लेकिन क्लासी लुक देगा बल्कि भीड़ में आपकी पर्सनैलिटी को अलग और स्पेशल बना देगा।
    अगली बार जब आप पार्टी या शादी में जाएं, तो ब्रोकेड पैंट्स के साथ इंडो-वेस्टर्न लुक जरूर ट्राई करें।

बच्चों में सोशल मीडिया की लत: मानसिक स्वास्थ्य पर खतरनाक असर और बचाव के उपाय

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)डिजिटल युग में सोशल मीडिया बच्चों और युवाओं के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स ने संवाद, मनोरंजन और रचनात्मकता को बढ़ावा तो दिया है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव भी तेजी से सामने आ रहे हैं।

कई शोधों में पाया गया है कि कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया की लत से तनाव, आत्मग्लानि, अनिद्रा और अवसाद जैसे गंभीर मानसिक रोगों का शिकार हो रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह लत बच्चों के आत्मविश्वास और पढ़ाई-लिखाई पर भी गहरा असर डाल रही है।

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📌 बच्चों में सोशल मीडिया की लत के खतरे

  1. तनाव और अवसाद – लगातार स्क्रॉलिंग और लाइक्स की होड़ बच्चों में मानसिक दबाव बढ़ाती है।
  2. आत्मग्लानि और तुलना – दूसरों की जिंदगी देखकर बच्चे खुद को कमजोर मानने लगते हैं।
  3. नींद की कमी – देर रात तक ऑनलाइन रहने से नींद का पैटर्न बिगड़ जाता है।
  4. साइबर बुलिंग का खतरा – ऑनलाइन तानों और ट्रोलिंग से बच्चे मानसिक रूप से टूट सकते हैं।
  5. शैक्षणिक गिरावट – पढ़ाई की बजाय बच्चे समय का बड़ा हिस्सा फोन और इंटरनेट पर खर्च कर देते हैं।
    📌 बच्चों को सोशल मीडिया की लत से कैसे छुड़ाएं?
    ✔️ समय सीमा तय करें – बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल का समय रोज़ाना 1-2 घंटे तक सीमित करें।
    ✔️ खुले संवाद करें – उनसे सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान पर बातचीत करें।
    ✔️ ऑफलाइन गतिविधियों को बढ़ावा दें – खेलकूद, पेंटिंग, किताबें और परिवार संग समय बिताने की आदत डालें।
    ✔️ डिजिटल डिटॉक्स – हफ्ते में एक दिन “नो सोशल मीडिया डे” रखें।
    ✔️ माता-पिता की निगरानी – बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट यूज़ करना सिखाएं।
    🧠 विशेषज्ञों की राय
    मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में सोशल मीडिया की लत धीरे-धीरे नशे की तरह असर करती है। इसलिए समय रहते जागरूकता और नियंत्रण बेहद ज़रूरी है।

UPPSC LT ग्रेड प्रारंभिक परीक्षा 2025: 6 विषयों के लिए शेड्यूल जारी, परीक्षा 6 दिसंबर से शुरू

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (LT) पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह भर्ती सात साल के लंबे इंतजार के बाद आई है। कुल 15 विषयों में से फिलहाल 6 विषयों – गणित, हिंदी, विज्ञान, संस्कृत, गृह विज्ञान और वाणिज्य – की परीक्षा तिथियां घोषित की गई हैं।

​आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पाण्डेय के मुताबिक, इन 6 विषयों की परीक्षा 6 दिसंबर से 21 दिसंबर तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9 से 11 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक होगी।

​6 विषयों का विस्तृत परीक्षा शेड्यूल:
  • 6 दिसंबर:
    • पहली पाली: गणित
    • दूसरी पाली: हिंदी
  • 7 दिसंबर:
    • पहली पाली: विज्ञान
    • दूसरी पाली: संस्कृत
  • 21 दिसंबर:
    • पहली पाली: गृह विज्ञान
    • दूसरी पाली: वाणिज्य
​शेष विषयों की परीक्षा तिथि जल्द होगी घोषित

​UPPSC ने स्पष्ट किया है कि शेष 9 विषयों के लिए परीक्षा की तारीखों की घोषणा बाद में अलग से एक विज्ञप्ति के माध्यम से की जाएगी।

​इस भर्ती के लिए आयोग ने 28 जुलाई से 28 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए थे। कुल 7466 पदों के लिए 12.36 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।

  • पुरुष शाखा: 4860 पद
  • महिला शाखा: 2525 पद
  • दिव्यांगजन: 81 पद
  • कुल पद: 7466
​परीक्षा केंद्रों का भी निर्धारण शुरू

​परीक्षा की तारीखों के साथ ही, आयोग ने परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। परीक्षा केंद्र के रूप में राजकीय माध्यमिक विद्यालय, राजकीय महाविद्यालय, राज्य/केंद्रीय विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक कॉलेज, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, राजकीय मेडिकल कॉलेज और वित्त पोषित शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया जाएगा।

​आयोग ने इन संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए उनसे सहमति पत्र जारी किए हैं, जिसमें उन्हें उपलब्ध व्यवस्थाओं और सीसीटीवी जैसी जानकारियों को उपलब्ध कराना है।

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ऑस्कर 2026 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री: ‘नीरज घेवान’ की ‘होमबाउंड’ का नामांकन

​मुंबई/महाराष्ट्र (राष्ट्र की परम्परा)। नीरज घेवान की निर्देशित फिल्म ‘होमबाउंड’ को ऑस्कर 2026 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना गया है। यह फिल्म एक परिवार की कहानी पर आधारित है जो कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान एक साथ रहने को मजबूर होता है। फिल्म में मुख्य भूमिकाएं मनोज बाजपेयी, कोंकणा सेन शर्मा और गजराज राव ने निभाई हैं।

​’होमबाउंड’ ने पहले ही कई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में प्रशंसा बटोरी है। फिल्म को समीक्षकों द्वारा इसकी यथार्थवादी कहानी और कलाकारों के दमदार अभिनय के लिए सराहा गया है। ‘होमबाउंड’ ऑस्कर में “सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म” श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।

​यह फिल्म एक साधारण कहानी को असाधारण तरीके से पेश करती है, जो दर्शकों को भावुक कर देती है। फिल्म का निर्देशन नीरज घेवान ने किया है, जो ‘मसान’ और ‘रहस्य’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। ‘होमबाउंड’ की ऑस्कर में एंट्री से भारतीय सिनेमा जगत में खुशी का माहौल है।

अब मोबाइल से घर और दुकान का रेंट एग्रीमेंट बनेगा मिनटों में, जानें आसान प्रक्रिया

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)।
भारत में घर या दुकान का किराया नाम (Rent Agreement) बनवाना पहले बड़ी सिरदर्दी हुआ करता था। लोगों को स्टाम्प पेपर के लिए लंबी लाइनें लगानी पड़ती थीं, वकील और दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और फिर भी हस्तलिखित एग्रीमेंट अदालत में टिक नहीं पाता था। लेकिन अब यह झंझट खत्म हो चुका है।
आज के डिजिटल दौर में आप घर बैठे ही मोबाइल से रेंट एग्रीमेंट तैयार कर सकते हैं और यह पूरी तरह से कानूनी मान्यता प्राप्त भी होगा। अब न तो अलग से स्टाम्प पेपर ढूँढ़ने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरने की।
कैसे बनेगा मोबाइल से रेंट एग्रीमेंट? सबसे पहले किसी रजिस्टर्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या मोबाइल ऐप पर लॉगिन करें।

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  1. उसमें मकान मालिक और किराएदार की पूरी जानकारी भरें।
  2. किराए की रकम, जमा राशि, बिजली-पानी का बिल और अन्य शर्तें तय करें।
  3. एग्रीमेंट का ड्राफ्ट अपने मोबाइल पर तैयार हो जाएगा।
  4. फिर ई-स्टाम्प और ई-साइन के जरिए इसे कानूनी मान्यता मिल जाएगी।
    क्यों है यह तरीका बेहतर?
    कोर्ट में मान्य और पूरी तरह से सुरक्षित
    समय और पैसे दोनों की बचत
    बिना किसी एजेंट या दलाल के
    कहीं से भी 24×7 उपलब्ध
    आज के समय में घर या दुकान का किराया नाम मोबाइल से बनवाना न सिर्फ आसान है बल्कि कानूनी रूप से भी सुरक्षित है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग अब डिजिटल रेंट एग्रीमेंट को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज राजस्थान दौरे पर, देंगे विकास परियोजनाओं की सौगात

जयपुर/दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज राजस्थान के दौरे पर रहेंगे। उनका यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शाह का यह दौरा राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की रणनीति को और मजबूत कर सकता है।

कार्यक्रम की रूपरेखा

अमित शाह आज सुबह विशेष विमान से जयपुर पहुंचेंगे। यहां से वह सीधे उदयपुर जाएंगे, जहां उनका मुख्य कार्यक्रम निर्धारित है।

उदयपुर में जनसभा: शाह उदयपुर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह केंद्र सरकार की पिछले नौ सालों की उपलब्धियों को गिनाएंगे और राज्य की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साध सकते हैं।

विकास परियोजनाओं का शिलान्यास: खबरों के अनुसार, गृहमंत्री इस दौरे पर राजस्थान के लिए कई नई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर सकते हैं, जिनमें सड़क, रेल और जल परियोजनाओं से जुड़ी घोषणाएं शामिल हैं।

संगठनात्मक बैठकें: जनसभा के बाद शाह राजस्थान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम बैठक भी कर सकते हैं। इस बैठक में चुनावी तैयारियों, बूथ प्रबंधन और आगामी रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

राजनीतिक महत्व

शाह का यह दौरा राजस्थान में भाजपा के लिए नई ऊर्जा भरने का काम करेगा। यह दौरा चुनावी माहौल को गरमाने के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान शाह राजस्थान में भाजपा के चुनावी अभियान को एक नई दिशा दे सकते हैं।राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा इस चुनाव में कांग्रेस को हराकर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।

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SC ने मैसूर दशहरा में मुस्लिम लेखक की भागीदारी का विरोध करने वाली याचिका खारिज की।

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​नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। सुप्रीम कोर्ट ने मैसूर दशहरा उत्सव के उद्घाटन समारोह में एक मुस्लिम लेखक की भागीदारी का विरोध करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यह फैसला भारत के संवैधानिक मूल्यों, विशेषकर धर्मनिरपेक्षता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, को मजबूती प्रदान करता है।

​क्या था मामला?

​एक याचिका में मैसूर दशहरा के उद्घाटन के लिए बुकर पुरस्कार विजेता मुस्लिम लेखक को आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई गई थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि एक हिंदू त्योहार के उद्घाटन में किसी मुस्लिम व्यक्ति को शामिल करना धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है।

​सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

​याचिका की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे तुरंत खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “हमारा संविधान धर्मनिरपेक्षता (Secularism), विचार की स्वतंत्रता और समानता के आदर्शों पर आधारित है। इस तरह की याचिकाएं हमारे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हैं।”

​न्यायाधीशों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को उसके धर्म के आधार पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकना संविधान के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है।

​सांस्कृतिक एकता और सहिष्णुता की जीत

​यह फैसला न केवल मैसूर दशहरा जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक उत्सवों में सभी धर्मों के लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित करता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि भारत का सांस्कृतिक ताना-बाना विभिन्न धर्मों और विचारों के आपसी सम्मान से ही मजबूत होता है।

​इस फैसले से यह भी साबित होता है कि देश की सबसे बड़ी अदालत भारतीय समाज में सांस्कृतिक एकता (Cultural Unity) और सहिष्णुता के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

KVS मे भर्ती: 3 अक्टूबर से आवेदन, दिसम्बर में होगी लिखित परीक्षा

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने शिक्षण, गैर-शिक्षण और विशेष शिक्षक (Special Educator) पदों पर नियुक्तियों के लिए विशेष भर्ती परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है। इस संबंध में संगठन मुख्यालय, नई दिल्ली से 17 सितम्बर को आदेश जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार विज्ञापन संख्या 21/2025 आगामी 3 अक्टूबर 2025 को जारी किया जाएगा। इसी दिन से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी प्रारंभ हो जाएगी। अभ्यर्थी निर्धारित तिथि से पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि के बाद लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा का कार्यक्रम दिसम्बर 2025 में प्रस्तावित है।
यह विशेष भर्ती परीक्षा सीबीएसई (CBSE) के सहयोग से कराई जाएगी। इसमें केन्द्रीय विद्यालयों में आवश्यक शैक्षिक व प्रशासनिक पदों को शीघ्र भरा जाएगा, ताकि विद्यालयों में पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतरता बनी रहे।
केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने स्पष्ट किया है कि इस भर्ती प्रक्रिया का उद्देश्य देशभर के विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक, गैर-शिक्षक और विशेष शिक्षक की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। समय पर चयन प्रक्रिया पूरी होने से शिक्षा सत्र में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
इस विशेष परीक्षा के आयोजन से हजारों अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलने की संभावना है। भर्ती संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश, योग्यता मानदंड और अन्य विवरण विज्ञापन जारी होने पर उपलब्ध होंगे।

एशिया कप 2025: भारत-पाकिस्तान के बीच सुपर 4 का महामुकाबला आज, जानें लाइव स्ट्रीमिंग और प्रसारण की पूरी जानकारी

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दुबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी प्रतिद्वंदिता एक बार फिर मैदान पर उतरने जा रही है। एशिया कप 2025 के सुपर 4 चरण में आज भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरा महामुकाबला खेला जाएगा। यह मैच दोनों टीमों के लिए फाइनल की राह आसान करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

मैच का विवरण:

  • दिनांक: 21 सितंबर 2025 (रविवार)
  • स्थान: दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम, दुबई
  • समय: भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे
  • सीधे प्रसारण: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और डिज़्नी+ हॉटस्टार पर लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी।

क्या है दांव पर?

​पहला सुपर 4 मैच जीत चुकी भारतीय टीम अगर आज पाकिस्तान को हराती है तो वह फाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर लेगी। वहीं, पाकिस्तान के लिए यह मैच ‘करो या मरो’ जैसा है, क्योंकि पिछले मैच में उसे श्रीलंका के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

​क्रिकेट प्रेमियों को एक हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा, जहाँ भारत अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगा, वहीं पाकिस्तान वापसी के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

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21 सितंबर का इतिहास

21 सितंबर का दिन इतिहास में कई अहम घटनाओं, जन्मदिनों और पुण्यतिथियों के लिए याद किया जाता है। इस दिन को विश्व स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस, विश्व अल्जाइमर दिवस और विश्व आभार दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

ऐतिहासिक घटनाएँ (विश्व स्तर पर)

1784 : अमेरिका का पहला दैनिक अखबार पेनसिलवेनिया पैकेट एंड जनरल एडवरटाइजर प्रकाशित हुआ।

1792 : फ्रांस ने राजशाही का अंत कर प्रथम गणराज्य की घोषणा की।

1857 : बहादुर शाह द्वितीय ने अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

1937 : जे.आर.आर. टॉल्किन की मशहूर किताब The Hobbit प्रकाशित हुई।

1949 : चीन में चीनी जन राजनीतिक परामर्श सम्मेलन की शुरुआत हुई, जिसने जनवादी गणराज्य चीन की नींव रखी।

1964 : माल्टा ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता हासिल की।

1965 : गाम्बिया संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बना।

1991 : आर्मेनिया ने सोवियत संघ से स्वतंत्रता की घोषणा की।

2001 : 9/11 हमलों के बाद न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज दोबारा खोला गया।

2013 : नैरोबी के वेस्टगेट शॉपिंग मॉल पर अल शबाब आतंकी हमला, 67 लोगों की मौत।

भारत से जुड़ी विशेष घटनाएँ

1857 : अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह ज़फर ने अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

1956 : सत्यजीत रे की फिल्म अपाराजितो को वेनिस फिल्म फेस्टिवल में “गोल्डन लायन अवॉर्ड” मिला।

1966 : भारत के तैराक मिहीर सेन ने बासफोरस चैनल तैरकर पार किया।

2000 : भारत और ब्रिटेन के बीच बेहतर संबंधों के लिए लिबरल डेमोक्रेटिक फ़्रेंड्स ऑफ़ इंडिया सोसायटी की स्थापना।

2003 : भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान-1 मिशन की योजना औपचारिक रूप से घोषित हुई।

2008 : रिलायंस के कृष्णा-गोदावरी बेसिन में तेल उत्पादन शुरू हुआ।

2012 : भारत सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को लेकर खुदरा क्षेत्र में बड़ा सुधार किया।

जन्म

1991 : दीपिका पल्लीकल, भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी।

1977 : करीना कपूर, बॉलीवुड अभिनेत्री।

1968 : महेन्द्र मुंजापारा, भाजपा नेता।

1954 : शिंजो आबे, जापान के प्रधानमंत्री (दिसंबर 2012)।

1947 : स्टीफन किंग, अमेरिकी लेखक।

1939 : स्वामी अग्निवेश, समाज सुधारक व आर्य समाजी नेता।

1929 : जीतेंद्र अभिषेकी, संगीतज्ञ।

1926 : नूरजहाँ, अभिनेत्री और गायिका।

1914 : भोला पासवान शास्त्री, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री।

1905 : उच्छंगराय नवलशंकर ढेबर, स्वतंत्रता सेनानी व सौराष्ट्र के मुख्यमंत्री।

1895 : अन्नपूर्णानन्द, हिन्दी के अग्रणी हास्य लेखक।

1866 : एच. जी. वेल्स, अंग्रेज़ लेखक।

निधन

2022 : राजू श्रीवास्तव, हास्य कलाकार व अभिनेता।

2021 : रामानुज प्रसाद सिंह, आकाशवाणी के समाचार वक्ता।

1985 : अमरनाथ विद्यालंकार, स्वतंत्रता सेनानी व सांसद।

1933 : एनी बेसेंट, स्वतंत्रता आंदोलन की समर्थक।

1860 : आर्थर शोपेनहॉवर, जर्मन दार्शनिक।

1832 : सर वॉल्टर स्कॉट, स्कॉटिश उपन्यासकार।

1743 : सवाई जयसिंह, आमेर के शासक व कूटनीतिज्ञ।

विशेष अवसर

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस (International Day of Peace)

विश्व अल्जाइमर दिवस (World Alzheimer’s Day)

विश्व आभार दिवस (World Gratitude Day)

आज लगेगा सूर्य ग्रहण: भारत में नहीं दिखेगा, जानें कब और कहाँ होगा असर

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। आज, 21 सितंबर 2025 को दुनिया एक दुर्लभ खगोलीय घटना की गवाह बनेगी। आज सूर्य ग्रहण लगने वाला है, लेकिन खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए यह जानना जरूरी है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

क्या है आज का सूर्य ग्रहण?

​यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण है, जिसका मतलब है कि चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ही ढकेगा। इस दौरान सूर्य एक चमकते हुए अर्धचंद्र की तरह दिखाई देगा।

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भारत में क्यों नहीं दिखेगा?

​यह ग्रहण भारत के समयानुसार दोपहर में शुरू होगा, लेकिन इसकी दृश्यता मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों तक ही सीमित रहेगी। इसलिए, भारत में रहने वाले लोग इस खगोलीय घटना को सीधे तौर पर नहीं देख पाएंगे।

ग्रहण का समय और प्रमुख बिंदु:

  • शुरुआत: भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे (IST) के आसपास।
  • अधिकतम प्रभाव: भारतीय समयानुसार शाम 4:00 बजे।
  • समाप्ति: भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे।

​इस दौरान सूर्य को नंगी आंखों से देखने से बचना चाहिए, भले ही यह आपके क्षेत्र में दिखाई न दे। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग इसे नासा या अन्य वैज्ञानिक संगठनों के लाइव स्ट्रीम पर देख सकते हैं।