Friday, July 10, 2026
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तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार गंभीर रूप से घायल, चालक फरार

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देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
सलेमपुर-देवरिया मुख्य मार्ग पर अहिल्यापुर के पास भारौली चौराहे के समीप मंगलवार दोपहर को एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने मोटरसाइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सलेमपुर की ओर से आ रही कार ने रोड क्रॉस करने हेतु कट के पास पिपरिया, थाना रामपुर कारखाना निवासी 40 वर्षीय बालेश्वर गुप्ता पुत्र शारदा गुप्ता की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बालेश्वर उछलकर दूर जा गिरे। उनके दोनों पैर कई जगह से टूट गए तथा सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल को देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

दुर्घटना के बाद कार चालक मौका पाकर फरार हो गया। कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई ।मौके पर पहुंची पुलिस आगे की कार्यवाही में जुटी हुई है ।

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सिद्धिदात्री पूजा-विधि, कथा और महत्व: क्यों है नवरात्रि का नवां दिन खास?


नवरात्रि का नवां दिन अध्यात्म, भक्ति और साधना का चरम माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के नवम स्वरूप “सिद्धिदात्री” की पूजा-अर्चना की जाती है।
पौराणिक मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री समस्त सिद्धियों और कल्याणकारी शक्तियों की दात्री हैं। भक्तजन इस दिन विशेष विधि से पूजन कर सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
🔱 मां सिद्धिदात्री का स्वरूप और महत्व
मां सिद्धिदात्री, देवी दुर्गा का अंतिम और सर्वोच्च स्वरूप हैं। “सिद्धि” का अर्थ है अद्भुत शक्ति और “दात्री” का अर्थ है दान करने वाली। शास्त्रों के अनुसार:
मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को अष्ट सिद्धियां (अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व) तथा नव निधियां प्रदान करती हैं।
शिवपुराण में वर्णन है कि भगवान शिव ने इन्हीं की कृपा से अर्धनारीश्वर रूप धारण किया।
मां की चार भुजाएं हैं, वे कमल पर विराजमान होती हैं और हाथों में गदा, चक्र, शंख और कमल धारण करती हैं।
🙏 नवमी पूजन-विधि
नवरात्रि की नवमी तिथि पर पूजा का विशेष महत्व है। संपूर्ण विधि इस प्रकार है –

  1. प्रातः स्नान कर घर के पूजा स्थल को शुद्ध करें।
  2. मां सिद्धिदात्री की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर दीप प्रज्वलन और कलश स्थापना करें।
  3. देवी को लाल वस्त्र, पुष्प, चंदन, अक्षत और धूप-दीप अर्पित करें।
  4. भोग में हलवा-पूरी, पंचामृत, नारियल और मौसमी फल अर्पित करें।
  5. कन्या पूजन (कन्याओं को भोजन व दक्षिणा देना) नवमी का अनिवार्य अंग माना गया है।
  6. अंत में दुर्गा सप्तशती या देवी माहात्म्य का पाठ करें।
    📖 नवमी की पौराणिक कथा
    कथा है कि जब दैत्यों ने त्रिलोक में आतंक मचाया, तब देवताओं ने मां दुर्गा का आह्वान किया। मां सिद्धिदात्री ने प्रकट होकर देवताओं को दिव्य शक्तियां और सिद्धियां प्रदान कीं। इन्हीं शक्तियों के प्रभाव से देवताओं ने असुरों का नाश कर धर्म की पुनः स्थापना की।
    🛕 प्रमुख सिद्धिदात्री मंदिर
    भारत में कई स्थानों पर मां सिद्धिदात्री की विशेष पूजा होती है –
    वैष्णो देवी धाम (जम्मू-कश्मीर) – नवदुर्गा पूजन का केंद्र।
    चामुंडा देवी मंदिर (कांगड़ा, हिमाचल) – नवमी पर भव्य आयोजन।
    कातरमल सूर्य मंदिर (उत्तराखंड) – देवी के दिव्य दर्शन का पावन स्थान।
    सिद्धिदात्री मंदिर (वाराणसी, उत्तर प्रदेश) – जहां नवमी पर विशेष पूजन का महत्व है।
    🌺 देवी सिद्धिदात्री का माहात्म्य
    मां सिद्धिदात्री की उपासना से भक्तों को –
    सभी प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है।
    मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
    घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
    साधक को आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष मार्ग का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
    नवरात्रि की नवमी केवल पूजा-पाठ का दिन नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन, शक्ति और सिद्धि प्राप्त करने का अवसर है। मां सिद्धिदात्री की आराधना से भक्त सांसारिक सुखों के साथ आध्यात्मिक उत्थान और मोक्ष की ओर अग्रसर होते हैं।
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राहुल गांधी ने केंद्र से की लद्दाख हिंसा पर बातचीत की मांग, कहा – “देशभक्ति का इनाम मौत नहीं होना चाहिये

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के प्रमुख राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह लद्दाख के स्थानीय लोगों से तत्काल बातचीत शुरू करे। उन्होंने सरकार से हिंसा और डर की राजनीति को बंद करने का आह्वान किया और लेह में हुई हालिया हिंसा की निष्पक्ष जांच की माँग की।

लेह में 24 सितंबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। स्थानीय भाजपा कार्यालय में आग लगने की इस घटना में चार लोगों की जान चली गई। राहुल गांधी ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि इन मृतकों में से एक सैनिक परिवार का जवान था। उन्होंने कहा, “पिता सैनिक, बेटा भी सैनिक – खून में देशभक्ति दौड़ने वाले, फिर भी भाजपा सरकार ने लद्दाख और उसके अधिकारों के लिए खड़े इस युवा की जान ले ली। पिता की दर्दभरी आँखें बस एक ही सवाल पूछ रही हैं – क्या आज देश सेवा का यही इनाम है?”

घटना के दो दिन बाद, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया। उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है।

लद्दाख के नागरिक केंद्र शासित प्रदेश को संविधान की अनुसूची VI में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। इस अनुसूची में अनुच्छेद 244(2) और 275(1) का उल्लेख है, जो असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन संबंधी प्रावधानों से संबंधित हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच और स्थानीय लोगों से संवाद ही लद्दाख में स्थायी शांति और भरोसा स्थापित कर सकता है।

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पैगंबर पर आपत्तिजनक पोस्ट के विरोध में युवक गिरफ्तार


देहरादून (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) पटेलनगर क्षेत्र में सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद को लेकर कथित आपत्तिजनक पोस्ट के विरोध में सोमवार देर रात लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक 19 वर्षीय युवक को हिरासत में ले लिया और स्थिति को नियंत्रण में किया।

पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिया गया युवक गुलशन सिंह है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला है और फिलहाल पटेलनगर में रहता है। गुलशन द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए कथित आपत्तिजनक स्क्रीनशॉट ने स्थानीय समुदाय के बीच आक्रोश पैदा कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप लोग क्षेत्र में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से विवादास्पद स्क्रीनशॉट को तुरंत हटा दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने बताया कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या अराजकता फैलाने का प्रयास करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने सोशल मीडिया पर संवेदनशील सामग्री और सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बीच संतुलन की आवश्यकता को फिर से उजागर कर दिया है। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

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अयोध्या धाम: हनुमानगढ़ी मंदिर के प्रसाद पर सवाल, बेसन लड्डू और देशी घी फेल – खाद्य सुरक्षा विभाग की सघन जांच

अयोध्या (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। नवरात्रि और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अयोध्या धाम में प्रसाद की गुणवत्ता की जांच की। इस दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर समेत कई जगहों पर बिकने वाले बेसन के लड्डू, पेड़ा और देशी घी की क्वालिटी मानकों पर खरी नहीं उतरी।

सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि विभाग ने शहर की 31 दुकानों से नमूने लिए। इनमें से तीन सैंपल—लड्डू, बेसन और देशी घी—जांच में फेल पाए गए। खासकर देशी घी में रैसिडिटी (बासीपन) की मात्रा अधिक पाई गई।

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जांच में यह भी सामने आया कि कुछ दुकानदार प्रसाद में कृत्रिम रंग मिला रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रसाद में किसी भी प्रकार का रंग मिलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

त्योहारों पर अयोध्या धाम में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और प्रसाद चढ़ाते हैं। ऐसे में विभाग ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि वे केवल शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का ही उपयोग करें, वरना सख्त कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।

लेह में कर्फ्यू में चार घंटे की ढील: दुकानदारों और आवश्यक सेवाओं के लिए राहत की खबर

लेह(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लेह शहर में पिछले एक हफ्ते से जारी कर्फ्यू के बीच मंगलवार को अधिकारियों ने चार घंटे के लिए ढील देने का ऐलान किया है। इस ढील के दौरान शहर के दुकानदार अपनी दुकानें खोल सकेंगे और आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।

लेह के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गुलाम मोहम्मद ने बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे से चार घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी जाएगी। इस दौरान किराने की दुकानों, सब्जी की दुकानों, हार्डवेयर स्टोर्स और अन्य आवश्यक सेवाओं को खोलने की अनुमति होगी।

अधिकारियों ने कहा कि पिछले बुधवार को हुई हिंसा को छोड़कर पूरे शहर में अब तक कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। सभी बल कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

लेहवासियों और दुकानदारों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय के भीतर ही अपने कार्य करें और शांति बनाए रखें। प्रशासन का कहना है कि इस ढील का उद्देश्य लोगों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना और साथ ही सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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उत्तराखंड युवा प्रदर्शन: धामी ने दी राहत की खबर

देहरादून (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार दोपहर देहरादून परेड ग्राउंड में युवा प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उन्हें यूकेएसएसएससी परीक्षा के पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। यह विरोध प्रदर्शन 8 दिन से चल रहा था, और युवा 21 सितंबर को आयोजित परीक्षा के दौरान कथित पेपर लीक की जांच की मांग कर रहे थे।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि त्योहारों के सीजन में इस तरह के विरोध प्रदर्शन से युवाओं को असुविधा हो रही है, जिसे वे समझते हैं। उन्होंने यह भी जताया कि उनकी भलाई हमेशा उनकी प्राथमिकता है, और इतनी गर्मी में युवाओं को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते देखना उनके लिए कठिन है।

धामी ने आश्वासन दिया कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाएगा और जांच प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। उन्होंने युवाओं से संयम और शांति बनाए रखने की अपील भी की।

इस मुलाकात के दौरान युवा प्रदर्शनकारी अपने मुद्दों को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख सके और आश्वासन पाकर शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई।

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जटायु राम संवाद का मंच देख आत्म विभोर हो उठे श्रोता

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
नगर के आजाद नगर दक्षिणी में चल रहे भव्य रामलीला में हनुमान चालीसा के साथ राम की आरती हुई, जिसमें समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद कनकलता सिंह ने रामजी, सीता जी और लक्ष्मण जी की श्रद्धा के साथ आरती कर प्रभु से आशीर्वाद प्राप्त की। उसके बाद रामलीला देखने आये भक्तो को भी प्रणाम किया।
कनकलता सिंह ने नवरात्रि के पावन पर्व पर अपने निवास स्थान पर मंचन किये जा रहे रामलीला और बरहज के रामलीला नाट्य समिति की प्रसंसा की। उन्होंने कहा की यह रामलीला वर्षो से बरहज मे आयोजित किया जा रहा है यह परम्परा को जीवंत रखने रखने मे हमारी सम्मानित जनता का महत्वपूर्ण योगदान है।
नाटकीय कलाकारों ने राम और जटायु संवाद किया जिसको देखकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए ।
कलाकारों ने बताया की किस प्रकार से भगवान राम वनवास के समय अपने स्त्री के वियोग में विलाप कर रहे थे। इस समय जटायू माता सीता जानकी को बचाने में असमर्थ हो जाता है और केवल अपने प्राण को बचाए रखता है कि वह प्रभु को सारी बात बता दे।
वनवास के दौरान गिद्धराज जटायु से प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण मिलते हैं, मरणासन्न अवस्था में जटायु भगवान श्री राम को बताते हैं कि रावण ने माता सीता का हरण कर लिया है
अपनी जान गंवाकर भी सीता को बचाने का प्रयास करने के बाद, वे श्री राम से सीता की रक्षा करने और रावण से उनका बदला लेने का आग्रह करते हैं। श्रीराम, जटायु के इस बलिदान से अत्यंत दुखी होते हैं और उन्हें पुत्रवत अंतिम विदाई करते है।इस अवसर पर मनोज गुप्ता, अंगेश यादव, वीरेंद्र सोनकर, अनिल वर्नवाल, सुदामा वर्मा, रामकेश्वर जायसवाल, प्रदीप आदि भक्त मौजूद रहे।

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दुर्गा मूर्ति विसर्जन मार्गों पर लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
नगर निगम क्षेत्र में लाइट व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के लिए अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने निगम कार्यालय में जेई व एई के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि दुर्गा मूर्ति विसर्जन क्षेत्र सहित पूरे नगर निगम क्षेत्र की मुख्य सड़कों, मोहल्लों और गलियों में एक-एक पोल की जांच कराई जाए और आज ही सभी खराब लाइटों को दुरुस्त कर दिया जाए।
अपर नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पोल पर बुझी हुई लाइट नहीं मिलनी चाहिए। यदि कहीं भी अंधेरा पाया गया तो संबंधित अधिकारी व लाइनमैन के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान लाखों लोग मूर्ति विसर्जन देखने निकलते हैं, ऐसे में अंधेरा रहने से दुर्घटना और अव्यवस्था की आशंका रहती है।
उन्होंने क्षेत्रवार टीमें बनाकर तुरंत निरीक्षण करने के आदेश दिए और कहा कि मौके पर मौजूद लाइनमैन से उसी समय लाइट ठीक कराई जाए। इसके साथ ही निगम स्तर पर कंट्रोल रूम को सक्रिय करने और आम नागरिकों से लाइट संबंधी शिकायतें तुरंत लेने का निर्देश दिया।
निरंकार सिंह ने कहा कि नागरिक सुविधाओं में लाइट व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। शहर के सभी वार्डों में नियमित रूप से पोल की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में लाइटों की कमी है, वहां शीघ्र नए पोल और एलईडी लाइटें लगाई जाएं।
त्योहारों और विशेष आयोजनों को देखते हुए अपर नगर आयुक्त ने यातायात और सुरक्षा की दृष्टि से भी लाइट व्यवस्था को अहम बताया। उन्होंने कहा कि सड़कों, चौराहों और गलियों में अंधेरा रहने पर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है और अपराध की संभावना भी बढ़ जाती है। उन्होंने साफ कहा कि इस बार दुर्गा विसर्जन के दौरान शहर की लाइट व्यवस्था एक आदर्श उदाहरण बननी चाहिए।
अपर नगर आयुक्त ने अंत में अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। हर मोहल्ले और गली तक रोशनी पहुंचे, यह नगर निगम की जिम्मेदारी है और इसे पूरी तत्परता से निभाया जाए।

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बहेरवां की टूटी,सड़क न बनने से ग्रामीणों का गुस्सा फूटा

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बरसों से बदहाल मार्ग ने बढ़ाई मुसीबत, महिलाओं-बच्चों पर सबसे ज्यादा असर

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। सदर विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बागापार टोला बहेरवां की उत्तर दिशा में जाने वाली सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने कहा कि यह मार्ग वर्षों से उनकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है। बरसात के दिनों में सड़क पर पानी और कीचड़ भर जाने से स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क गांव को न केवल तहसील और मुख्य बाजार से जोड़ती है, बल्कि पास के विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और खेत-खलिहानों तक पहुंचने का भी प्रमुख रास्ता है। लेकिन लंबे समय से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया ।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मुद्दे को कई बार जिला, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर उठाया गया, लेकिन हर बार सिर्फ़ आश्वासन मिला। अब उन्होंने साफ कहा है कि जब तक सड़क का निर्माण नहीं होगा, वे चुप नहीं बैठेंगे।
समाजसेवी उमेश चन्द मिश्र,काशी प्रसाद, दृगपाल चौधरी, राम चन्दर, अमरजीत, मोहम्मद कैश, नियाज अहमद, नासिर अली, विपिन चौधरी, हसमत अली और वाजिद अली समेत ग्रामीणों ने कहा कि यह सड़क सिर्फ़ एक रास्ता नहीं, बल्कि बहेरवां गांव की जीवनरेखा है। यदि समय रहते इसका निर्माण हो गया तो सैकड़ों परिवारों की जिंदगी बदल सकती है।

युवती ने जहरीला पदार्थ खाया हालत गंभीर रेफर

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डेइडीहा/बरहज(राष्ट्र की परम्परा)
मंगलवार की सुबह एक युवती ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जहरीला पदार्थ खाने से उसकी हालत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ता देख परिजन इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज पहुंचाया।
डाक्टर ने प्राथमिक इलाज कर हालत की गंभीरता को देखते हुए महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया।
थाना क्षेत्र के देईडीहा निवासिनी राजनंदनी 18 पुत्री अर्जुन प्रसाद ने किसी कारण बस जहरीला पदार्थ खा लिया जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी।डाक्टरों ने देवरिया मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।

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दुबहर थाने के कांस्टेबल अभय प्रताप पटेल का असामयिक निधन, शादी से पहले परिवार में छाया मातम

फाइल फोटो अभय पटेल

बलिया (राष्ट्र की परम्परा) – दुबहर थाना प्रभारी क्षेत्र में तैनात कांस्टेबल अभय प्रताप पटेल का सोमवार रात असामयिक निधन होने से पुलिस विभाग और उनके परिचितों में गहरा शोक व्याप्त है। प्रतापगढ़ जनपद के मूल निवासी अभय प्रताप पटेल वर्ष 2021 में आरक्षी पद पर भर्ती हुए थे। अपने मिलनसार और व्यवहार कुशल स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले वे जल्दी ही हर किसी के बीच आत्मीय संबंध बना लेते थे।

कुछ दिन पहले ही उनकी पोस्टिंग ओक्टेनगंज चौकी से दुबहर थाने पर हुई थी। पांच दिन की छुट्टी पूरी कर वे ड्यूटी पर लौटे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, वे टाइफाइड से पीड़ित थे। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

इस दुखद घटना से न केवल उनके विभागीय साथी, बल्कि गांव और आसपास के लोग भी स्तब्ध हैं। सबसे बड़ी पीड़ा यह रही कि कांस्टेबल अभय प्रताप पटेल की शादी मात्र एक महीने बाद होने वाली थी। परिवार अचानक आए इस हादसे से टूट गया है। परिजन तुरंत प्रतापगढ़ से बलिया के लिए रवाना हो गए।

उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार ने उनके असामयिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। विभाग की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में साहस और शक्ति प्राप्त हो।

यह असामयिक निधन न केवल पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि उनके परिवार और परिचितों के लिए भी एक गहरा झटका है।

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मध्य पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में ट्रंप की योजना को वैश्विक समर्थन

प्रधानमंत्री मोदी और विश्व नेताओं ने ट्रंप के गाजा शांति प्रस्ताव का किया स्वागत, क्षेत्रीय स्थिरता की उम्मीदें बढ़ीं

नई दिल्ली/वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तुत गाजा में युद्ध समाप्त करने के 20-सूत्रीय शांति प्रस्ताव का स्वागत किया। पीएम मोदी ने इसे क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में एक ठोस कदम बताया।

प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा, “हम आशा करते हैं कि सभी संबंधित पक्ष राष्ट्रपति ट्रंप की इस पहल के पीछे एकजुट होंगे और गाजा संघर्ष को समाप्त करने तथा स्थायी शांति सुनिश्चित करने में इसका समर्थन करेंगे।”

इस दौरान इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी ट्रंप की घोषणा के समय मौजूद थे। ट्रंप और नेतन्याहू ने सोमवार को इस योजना पर सहमति जताई, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि हमास इसे स्वीकार करेगा या नहीं।

पीएम मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापक योजना फलस्तीनी और इज़राइली दोनों समुदायों के लिए, साथ ही व्यापक पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास का एक व्यवहार्य मार्ग प्रदान करती है।”

इस प्रस्ताव का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भी स्वागत किया और ट्रंप के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वि-राज्य समाधान के समर्थन में पूरी तरह खड़ा है।

सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, इंडोनेशिया, तुर्की, कतर और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने भी संयुक्त बयान जारी कर ट्रंप के प्रयासों की सराहना की और इसे गाजा के पुनर्निर्माण तथा पश्चिमी तट पर इज़राइल के कब्जे को रोकने का एक सकारात्मक कदम बताया।

इस योजना को लेकर वैश्विक स्तर पर उम्मीदें बढ़ी हैं कि यह लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने और मध्य पूर्व में स्थिरता स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

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गुर्दे के संक्रमण से बच्चों की मौत: प्रशासन और मुख्यमंत्री सक्रिय, त्वरित उपचार जारी

छिंदवाड़ा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पिछले 22 दिनों में गुर्दे के संक्रमण से सात बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार में चिंता बढ़ा दी। प्रभावित बच्चों को तत्काल इलाज और नागपुर एम्स में रेफरल की व्यवस्था की जा रही है।
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में पिछले 22 दिनों के दौरान गुर्दे के संक्रमण (Kidney Infection) से सात बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य और प्रशासनिक तंत्र में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जिला प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरतते हुए तुरंत उपचार की दिशा में कदम उठाए हैं।

जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह ने अधिकारियों और चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि संक्रमण के संकेत दिखने वाले बच्चों को हरसंभव चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को तत्काल उन्नत उपचार की आवश्यकता है, उन्हें नागपुर स्थित एम्स में रेफर किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर मध्यप्रदेश सरकार की पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के जरिए भी बचाव कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने व्यक्तिगत रूप से जिलाधिकारी से फोन पर बात की और बच्चों को सर्वोत्तम एवं त्वरित उपचार सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक पटेल ने बताया कि अब तक एक से सात साल के सात बच्चों की मौत इस संक्रमण के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की टीम प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रही है और परीक्षण के लिए नमूने जुटाए जा रहे हैं।

भोपाल से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी प्रभावित घरों से पानी के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें पुणे की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संक्रमण और मौतों के सही कारण का पता चलेगा।

कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) नरेश गुन्नाडे ने बताया कि संक्रमण का पहला संदिग्ध मामला 24 अगस्त को सामने आया और पहली मौत 7 सितंबर को हुई। प्रारंभिक लक्षणों में तेज बुखार और पेशाब में कठिनाई प्रमुख हैं।

वर्तमान में, छिंदवाड़ा में तीन और नागपुर में चार बच्चे उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

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उत्तर प्रदेश में जाति सम्मेलन पर रोक के बाद राजनीतिक दल बदल रहे हैं आयोजन का नाम, सामाजिक क्रांति की ओर बढ़ रहा फोकस

सपा, बसपा और कांग्रेस समेत छोटे दल कर रहे हैं रणनीति, पासी, गुर्जर और अन्य जातियों के लिए अब नए नाम से कार्यक्रम होंगे

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश में जाति सम्मेलन पर रोक लगने के बाद राजनीतिक दल अब आयोजन के नाम बदलकर कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीति अपना रहे हैं। समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के साथ-साथ राज्य के छोटे राजनीतिक दल भी अब नए नामों के तहत जातियों को जोड़ने की योजना बना रहे हैं।

सपा ने पहले अलग-अलग समुदायों के सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई थी। इसी योजना का एक हिस्सा गुर्जर चौपाल आयोजित करना भी था। लेकिन सरकार द्वारा जाति सम्मेलन पर रोक लगाते ही यह योजना प्रभावित हुई।

सपा 25 दिसंबर को बड़े पैमाने पर पासियों का सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी कर रही थी। कार्यक्रम के संयोजक सचिन रावत के अनुसार, अब यह आयोजन “सामाजिक क्रांति सम्मेलन” के नाम से होगा। सचिन ने बताया कि यह कार्यक्रम महाराजा बिजली पासी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।

इस आदेश के बाद छोटे राजनीतिक दल जैसे अपना दल, सोनेलाल निषाद पार्टी, सुभाष की पार्टी और अन्य दल भी अपने आयोजनों के नाम बदलने की योजना में हैं। राष्ट्रीय लोक दल जैसे दल अभी भी इस तरह की जातिगत बैठकों से दूर रहते हैं और जाट समुदाय के लिए बड़े सम्मेलन आयोजित नहीं करते।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के बदलाव दलों को समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और अपने राजनीतिक संदेश को फैलाने का मौका देंगे, जबकि सरकार की रोक के कारण सार्वजनिक विवाद से बचा जा सकेगा।

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