Wednesday, July 8, 2026
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मेरठ में गोकशी की बड़ी घटना: श्मशान घाट में मिले पशुओं के अवशेष, पुलिस पर लगे सबूत मिटाने के आरोप

मेरठ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र में गोकशी की एक बड़ी घटना सामने आई है। उलधन-पांची संपर्क मार्ग स्थित उलधन गांव के श्मशान घाट में रविवार सुबह आठ स्थानों पर पशुओं के अवशेष, रस्से और खून के निशान मिलने से सनसनी फैल गई।

ग्रामीणों ने घटना को देखकर हंगामा किया और पुलिस पर मामले को छिपाने का आरोप लगाया। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ किठौर प्रमोद कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और जांच का आश्वासन दिया।

श्मशान घाट में मिला गोकशी का सबूत

रविवार सुबह गांव के कुछ युवक श्मशान घाट के पास क्रिकेट खेलने पहुंचे थे। वहां उन्होंने देखा कि आवारा कुत्ते किसी पशु के अवशेष नोंच रहे थे। जब बच्चे पास गए तो उन्हें कई जगह गोवंश के अवशेष और खून के निशान दिखाई दिए।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों का आरोप — पुलिस ने सबूत हटाए

ग्रामीणों का कहना है कि भीड़ के पहुंचने से पहले ही पुलिस ने घटनास्थल की सफाई कराई।
उनके मुताबिक, पुलिसकर्मी खाल और सिर को बोरों में भरकर गाड़ी में लादकर वहां से हटवा ले गए।
मौके से आठ रस्से और आठ स्थानों पर गोवंश के अवशेष मिलने की पुष्टि हुई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं, बल्कि इलाके में पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मामले दबा देती है।

पुलिस ने जांच के आदेश दिए

घटना की जानकारी मिलते ही सीओ किठौर प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि “जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”

गांव में तनाव, प्रशासन सतर्क

घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
पुलिस ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

गोरखपुर चिड़ियाघर में बब्बर शेर ‘भरत’ की मौत, हाल ही में मनाया था 5वां जन्मदिन; जानिए क्या थी वजह

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान (गोरखपुर जू) से दुखद खबर सामने आई है। बब्बर शेर ‘भरत’ ने रविवार शाम अंतिम सांस ली। इटावा लायन सफारी से लाया गया यह शेर पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा था।
भरत की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के प्रयास किए गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश के बावजूद वह नहीं बच सका।

इटावा लायन सफारी से आया था ‘भरत’

भरत को एक साल पहले इटावा लायन सफारी से गोरखपुर लाया गया था। इससे पहले शेरनी मरियम की मौत के बाद गोरखपुर चिड़ियाघर का बाड़ा खाली हो गया था।
चिड़ियाघर प्रशासन ने संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए, जिसके बाद प्रदेश सरकार की पहल पर बब्बर शेर ‘भरत’ और शेरनी ‘गौरी’ को इटावा से गोरखपुर भेजा गया।

मीट केक काटकर मनाया गया था 5वां जन्मदिन

भरत का 5वां जन्मदिन 26 जून 2024 को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया था।
चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने उसके लिए मीट से बना विशेष केक तैयार किया था और उस दिन सैकड़ों लोग उसे देखने पहुंचे थे।

भरत गोरखपुर जू के आगंतुकों के बीच काफी लोकप्रिय था। बच्चे और पर्यटक अक्सर उसकी दहाड़ सुनने के लिए उत्सुक रहते थे।

कैसे हुई मौत – पोस्टमार्टम से होगा खुलासा

चिड़ियाघर प्रशासन के मुताबिक, भरत की तबीयत रविवार दोपहर अचानक बिगड़ी। शाम तक उसने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम चिड़ियाघर के पोस्टमार्टम हाउस में किया जाएगा ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भरत लंबे समय से संक्रमण और कमजोरी से जूझ रहा था।

अब सिर्फ ‘पटौदी’ बचा है दर्शकों के लिए

भरत की मौत के बाद अब गोरखपुर चिड़ियाघर में केवल एक बब्बर शेर ‘पटौदी’ ही बचा है।
चिड़ियाघर प्रशासन ने कहा है कि शेरों की संख्या बढ़ाने के लिए नए प्रयास शुरू किए जाएंगे ताकि दर्शकों को दोबारा जोड़ी में शेर देखने का अवसर मिल सके।

UP News: बिजली निजीकरण के विरोध में कर्मचारी लामबंद, मुंबई में होगी बड़ी बैठक; देशव्यापी आंदोलन की तैयारी तेज

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में बिजली निजीकरण को लेकर विरोध तेज हो गया है। अब बिजली कर्मचारी और अभियंता संगठनों ने देशव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है।
रविवार को आयोजित नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (NCCOEEE) की ऑनलाइन बैठक में यह फैसला लिया गया कि 4 और 5 नवंबर को मुंबई में होने वाली डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट (DUM) के दौरान जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।

निजीकरण का हर स्तर पर होगा विरोध

बैठक में देशभर के अभियंता संगठनों के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि बिजली वितरण के निजीकरण का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुंबई में होने वाली DUM मीट का मुख्य उद्देश्य बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों को बढ़ावा देना है। इसलिए, इस मीट के विरोध में हजारों बिजली कर्मचारी और इंजीनियर मुंबई पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे।

बैठक में कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकारों की बिजली निजीकरण नीति आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के हितों के खिलाफ है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि नीति वापस नहीं ली गई, तो देशभर में हड़ताल और आंदोलन शुरू किया जाएगा।

नेताओं ने क्या कहा

बैठक को ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने संबोधित करते हुए कहा—

“बिजली क्षेत्र में निजीकरण का मतलब जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाना है। हम किसी भी कीमत पर यह कदम स्वीकार नहीं करेंगे।”

इसके अलावा पी. रत्नाकर राव, आर.के. त्रिवेदी, मोहन शर्मा, कृष्णा भौयूर, सुदीप दत्त, सुभाष लांबा और समर सिन्हा ने भी निजीकरण नीति का कड़ा विरोध किया।
बैठक में यह भी तय हुआ कि केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर को ज्ञापन सौंपकर निजीकरण का निर्णय रद्द करने की मांग की जाएगी।

UP में संगठन का पुनर्गठन, नीरज बिंद बने अध्यक्ष

निजीकरण विरोधी आंदोलन के बीच राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन (पूर्वांचल इकाई) का नए सिरे से गठन भी किया गया।
इसमें नीरज बिंद को अध्यक्ष और शिवम चौधरी को सचिव चुना गया।
इसके अलावा:

राम सिंह – उपाध्यक्ष, शिवब्रत यादव – संगठन सचिव, ज्योति भास्कर सिन्हा – प्रचार सचिव, अविनाश कुमार – वित्त सचिव, अरुण कुमार पांडे – लेखा निरीक्षक

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने कहा कि वे बिजली कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।

UP News: आलू और केले के छिलके अब कचरा नहीं, सेहत सुधारने वाला ‘रेसिस्टेंट स्टार्च’ बनाएंगे लविवि के वैज्ञानिक

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक अनोखा शोध कर दिखाया है। अब आलू और केले के छिलके, चावल की भूसी और कृषि अपशिष्ट जैसी बेकार चीजें कचरा नहीं रहेंगी, बल्कि इनसे बनने वाला रेसिस्टेंट स्टार्च (Resistant Starch) लोगों की सेहत सुधारने में मदद करेगा।

वनस्पति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप कुमार ने इस अभिनव तकनीक को विकसित किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। उनका यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल Bioresource Technology में प्रकाशित हुआ है।

खाद्य अपशिष्ट से सेहतमंद उत्पाद

डॉ. प्रदीप के अनुसार, उनकी टीम ने एंजाइम तकनीक, अल्ट्रासाउंड विधि और थर्मल प्रोसेसिंग जैसी पर्यावरण अनुकूल (ग्रीन टेक्नोलॉजी) विधियों का प्रयोग कर एक ऐसा रेसिस्टेंट स्टार्च तैयार किया है जो:

ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है,

पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है,

और लंबे समय तक भूख न लगने में मदद करता है।

उन्होंने बताया कि यह तकनीक सरल, सस्ती और टिकाऊ है, जबकि वर्तमान में उपलब्ध विधियां महंगी और जटिल हैं।

क्या है रेसिस्टेंट स्टार्च?

रेसिस्टेंट स्टार्च (Resistant Starch) एक विशेष प्रकार का कार्बोहाइड्रेट होता है जो छोटी आंत में नहीं पचता और सीधे बड़ी आंत में पहुंचता है। वहां यह गुड बैक्टीरिया (लाभकारी जीवाणुओं) के लिए भोजन का काम करता है।
इसके फायदे:

ब्लड शुगर नियंत्रण, इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार, आंत और पाचन स्वास्थ्य बेहतर बनाना

आलू, कच्चे केले, फलियां, और ओट्स जैसे खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से रेसिस्टेंट स्टार्च पाया जाता है।

डॉ. प्रदीप कुमार के शोध को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

डॉ. प्रदीप ने कहा कि यह शोध न केवल स्वास्थ्य लाभ के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और खाद्य अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भी उपयोगी है।
उनके मुताबिक, यदि इस विधि का औद्योगिक स्तर पर उपयोग किया जाए तो कृषि अपशिष्ट से हेल्दी फूड प्रोडक्ट्स तैयार किए जा सकते हैं।

लविवि प्रवक्ता ने क्या कहा

लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि यह शोध एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। उन्होंने कहा,

“यदि खाद्य अपशिष्ट का सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो इससे न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी बल्कि स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों का निर्माण भी संभव है।”

🌞 06 अक्टूबर 2025 का राशिफल: सितारों का इशारा, आज किसकी किस्मत देगी साथ और कौन रहेगा सतर्क?

आज का दिन 12 राशियों के लिए अवसरों और चुनौतियों का अनूठा संगम लेकर आया है।

कुछ राशि वाले धन, सम्मान और प्रेम के नए शिखर छूएंगे, जबकि कुछ को धैर्य और संयम की परीक्षा देनी होगीदेखें, आपकी राशि के सितारे आज क्या कहते हैं।

मेष राशि (Aries)
आज का दिन मेहनत और आत्मविश्वास का संगम रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई योजनाओं पर सफलता मिलेगी।
💰 आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, व्यापार में लाभ संभव।
❤️ जीवनसाथी के साथ मधुर समय बिताएंगे।
उपाय: लाल वस्त्र धारण करें।
वृषभ राशि (Taurus)
काम का दबाव बढ़ सकता है, जिससे मानसिक थकान रहेगी।
💸 खर्चों पर नियंत्रण रखें अन्यथा आर्थिक असंतुलन संभव।
🏠 परिवार में विवाद से बचें और शांति बनाए रखें।
उपाय: सफेद वस्त्र पहनें, मां लक्ष्मी की आराधना करें।
मिथुन राशि (Gemini)
दिन शुभ समाचार लेकर आएगा। नौकरीपेशा लोगों को नई सफलता का आशीर्वाद मिलेगा।
🎨 रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
💞 प्रेम जीवन में नजदीकियां बढ़ेंगी।
उपाय: हरे फल का दान करें।
कर्क राशि (Cancer)
कामकाज में सतर्कता जरूरी है, किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
💰 धन लेन-देन में सावधानी रखें।
🏥 छोटी सेहत संबंधी परेशानी को अनदेखा न करें।
उपाय: शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं।
सिंह राशि (Leo)
आज का दिन नेतृत्व और आत्मविश्वास का प्रतीक रहेगा।
💵 अचानक धनलाभ संभव है।
💑 प्रेम और वैवाहिक जीवन में गर्माहट बढ़ेगी।
उपाय: तांबे के पात्र में जल अर्पित करें।
कन्या राशि (Virgo)
कार्यस्थल पर मेहनत रंग लाएगी।
💸 आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, लाभ की संभावना।
💔 प्रेम जीवन में गलतफहमी दूर करने की जरूरत।
उपाय: तुलसी को जल दें।
तुला राशि (Libra)
भाग्य का साथ मिलेगा, पुराने अधूरे कार्य पूर्ण होंगे।
💰 नौकरी में उन्नति के योग हैं।
⚕️ सेहत का ध्यान रखें, तनाव से दूरी बनाएँ।
उपाय: गणेश जी की आराधना करें।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
दिन भावनात्मक उतार-चढ़ाव भरा रहेगा।
😠 गुस्से पर नियंत्रण रखें नहीं तो रिश्तों में दूरी आ सकती है।
💞 प्रेम जीवन में स्पष्टता बनाए रखें।
उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु राशि (Sagittarius)
चुनौतियों के बीच भाग्य का प्रबल साथ मिलेगा।
💰 अतिरिक्त आय के योग बनेंगे।
👪 परिवार का सहयोग और बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय: पीले वस्त्र धारण करें और बृहस्पति देव की पूजा करें।
मकर राशि (Capricorn)
आज का दिन उपलब्धियों से भरा रहेगा।
💵 आर्थिक स्थिति सशक्त, पदोन्नति के योग।
💖 प्रेम जीवन में सौहार्द और उत्साह रहेगा।
उपाय: शनि देव के मंदिर में तेल चढ़ाएं।
कुंभ राशि (Aquarius)
कामकाज में नई उपलब्धियां संभव।
💰 धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे।
💑 प्रिय के साथ मधुर समय व्यतीत होगा।
उपाय: नीले वस्त्र पहनें और गरीबों में दान करें।
मीन राशि (Pisces)
दैनिक जीवन में सकारात्मकता और सफलता का संगम रहेगा।
💸 खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन लाभ भी मिलेगा।
👪 परिवार में आयोजन से खुशी का माहौल रहेगा।
उपाय: विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
🔯 आज का विशेष संदेश:
“धैर्य और विश्वास से आज के ग्रहयोग को अपने पक्ष में मोड़ें।
जोश नहीं, सोच से होगा दिन का आरंभ सफल!”
🪔 आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त:
अभिजीत मुहूर्त: 11:46 से 12:33 तक
राहुकाल: 07:54 से 09:21 तक

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कटक में मूर्ति विसर्जन के दौरान बवाल: उपद्रवियों ने पुलिस पर किया हमला, डीसीपी समेत कई घायल; इंटरनेट सेवा 24 घंटे के लिए बंद

कटक/ओडिशा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान ओडिशा के कटक शहर में शनिवार रात हिंसा भड़क उठी। दो गुटों के बीच शुरू हुई झड़प ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया। उपद्रवियों ने न सिर्फ एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की, बल्कि पुलिस पर भी हमला कर दिया। इस हमले में डीसीपी ऋषिकेश खिल्लारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन ने पूरे शहर में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।

कब और कैसे भड़की हिंसा

सूत्रों के अनुसार, यह घटना 4 अक्तूबर की रात करीब 1 बजे की है, जब भुसानी टाइम पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस निकाला जा रहा था। उसी दौरान दो समुदायों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। भीड़ ने पत्थर और बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं।

पुलिस जब स्थिति संभालने मौके पर पहुंची तो उपद्रवियों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि डीसीपी ऋषिकेश खिल्लारी को भी चोटें आईं। शहर में फिलहाल तनाव का माहौल है।

कटक में इंटरनेट सेवा बंद, सोशल मीडिया पर रोक

प्रशासन ने गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी कर कहा कि कटक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, कटक डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) और 42 मौजा क्षेत्र में
5 अक्टूबर शाम 7 बजे से 6 अक्टूबर शाम 7 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।

इस दौरान व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।

अग्निशमन विभाग ने बताया – कई जगहों पर लगाई गई थी आग

सहायक अग्निशमन अधिकारी संजीव कुमार बेहरा ने बताया कि गौरीशंकर पार्क के पास दंगाइयों ने लगभग 8-10 जगहों पर आग लगा दी थी। हालांकि, सभी स्थानों पर आग पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने बताया कि दमकलकर्मियों पर भी पत्थरबाजी की गई थी, लेकिन स्थिति अब नियंत्रण में है।

छह गिरफ्तार, शहर में अलर्ट जारी

कटक एडिशनल पुलिस कमिश्नर नरसिंह भोलो ने जानकारी दी कि अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शहरभर में अलर्ट जारी कर दिया है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही, पुलिस छतों और मुख्य मार्गों से स्थिति पर नजर रख रही है ताकि कोई नई घटना न हो।

पूर्व सीएम नवीन पटनायक की अपील – शांति और सौहार्द बनाए रखें

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने कटक की घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान भाईचारे और सामाजिक सौहार्द से रही है, जिसे बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

बीजेडी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पटनायक ने सभी पक्षों से संयम और शांति बरतने की अपील की है, ताकि स्थिति और न बिगड़े।

प्रशासन की अपील – अफवाहों पर ध्यान न दें

जिलाधिकारी (डीएम) कटक ने कहा कि सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ और अफवाह फैलाने वाले संदेश वायरल हो रहे थे, जिससे माहौल और बिगड़ सकता था। इसलिए एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद की गई है।
प्रशासन ने कहा है कि शहर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह काबू में है और लोगों को अफवाहों से दूर रहना चाहिए।

मंदिर में पूजा-अर्चना रोकने के विवाद पर हिंदू महासंघ सख्त

प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद शंकर पाठक बोले– आस्था पर प्रहार बर्दाश्त नहीं

प्रशासन से मंदिर में लाउडस्पीकर लगाने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग

संतकबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत नेतारी के राजस्व ग्राम छोटी अक्लोहि में मंदिर में पूजा-अर्चना और लाउडस्पीकर लगाने को लेकर उपजे विवाद का अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासंघ भारत ने संज्ञान लिया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद शंकर पाठक और जिलाध्यक्ष शशि सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को गांव का दौरा किया। टीम ने पीड़ित ग्रामीणों से मुलाकात की और संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर समाधान की मांग की।

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प्रदेश उपाध्यक्ष श्री पाठक ने कहा कि हिंदू धर्म के खिलाफ किसी को बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की घटना दोहराई गई तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान गांव के कुछ मुस्लिम लोगों ने मंदिर में लाउडस्पीकर बजाने और जन्माष्टमी मनाने का विरोध किया था। इसके बाद से गांव में निवास कर रहे अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों में भय का माहौल बन गया और लोग मंदिर में पूजा-अर्चना करने से भी हिचकने लगे।

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शुरुआती दिनों में भयवश किसी ने शिकायत नहीं की, परंतु बाद में कुछ ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को मामले की जानकारी दी तथा इसे सोशल मीडिया पर भी साझा किया। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासंघ भारत के प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद शंकर पाठक और जिलाध्यक्ष शशि सिंह सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
श्री पाठक ने पुलिस व प्रशासन के उच्चाधिकारियों से बातचीत कर मंदिर में शीघ्र लाउडस्पीकर लगाने और हिंदू समाज को सुरक्षित वातावरण में पूजा-पाठ की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार में किसी भी समाज विशेष का उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जिले में कहीं भी ऐसी घटना की पुनरावृत्ति हुई, तो परिणाम गंभीर होंगे और उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

मंदिर में पूजा-अर्चना रोकने के विवाद पर हिंदू महासंघ सख्त

प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद शंकर पाठक बोले– आस्था पर प्रहार बर्दाश्त नहीं

प्रशासन से मंदिर में लाउडस्पीकर लगाने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत नेतारी के राजस्व ग्राम छोटी अक्लोहि में मंदिर में पूजा-अर्चना और लाउडस्पीकर लगाने को लेकर उपजे विवाद का अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासंघ भारत ने संज्ञान लिया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद शंकर पाठक और जिलाध्यक्ष शशि सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को गांव का दौरा किया। टीम ने पीड़ित ग्रामीणों से मुलाकात की और संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर समाधान की मांग की।
प्रदेश उपाध्यक्ष श्री पाठक ने कहा कि हिंदू धर्म के खिलाफ किसी को बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की घटना दोहराई गई तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान गांव के कुछ मुस्लिम लोगों ने मंदिर में लाउडस्पीकर बजाने और जन्माष्टमी मनाने का विरोध किया था। इसके बाद से गांव में निवास कर रहे अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों में भय का माहौल बन गया और लोग मंदिर में पूजा-अर्चना करने से भी हिचकने लगे।
शुरुआती दिनों में भयवश किसी ने शिकायत नहीं की, परंतु बाद में कुछ ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को मामले की जानकारी दी तथा इसे सोशल मीडिया पर भी साझा किया। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासंघ भारत के प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद शंकर पाठक और जिलाध्यक्ष शशि सिंह सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
श्री पाठक ने पुलिस व प्रशासन के उच्चाधिकारियों से बातचीत कर मंदिर में शीघ्र लाउडस्पीकर लगाने और हिंदू समाज को सुरक्षित वातावरण में पूजा-पाठ की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार में किसी भी समाज विशेष का उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जिले में कहीं भी ऐसी घटना की पुनरावृत्ति हुई, तो परिणाम गंभीर होंगे और उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

बलिया में प्रसूता की मौत का मामला: सीएमओ ने डीप लोक अस्पताल सीज किया, सात दिन में जांच के निर्देश

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बलिया जिले के सिकंदरपुर स्थित डीप लोक हॉस्पिटल में प्रसूता की संदिग्ध मौत के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। घटना के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील वर्मन रविवार को स्वयं मौके पर पहुंचे और अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई त्रुटियां और गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर सीएमओ ने अस्पताल को सीज करने का आदेश दे दिया।

जांच में उजागर हुई अनियमितताएं

सीएमओ डॉ. वर्मन ने अस्पताल के अभिलेख, भर्ती रजिस्टर, ऑपरेशन रजिस्टर और मरीजों के उपचार से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
जांच में पाया गया कि अस्पताल प्रशासन ने उचित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया था।
सीएमओ ने कहा कि —

“प्राथमिक जांच में लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है। प्रसूता पूजा चौरसिया की मौत गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का परिणाम प्रतीत होती है।”

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परिजनों ने लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

मृतका के पति चंदन चौरसिया ने सीएमओ से मुलाकात कर कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने बिना विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में ऑपरेशन किया, जिसके कारण उनकी पत्नी की जान चली गई।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की।

सीएमओ ने अस्पताल को किया सीज, 7 दिन में रिपोर्ट मांगी

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज और बयान प्रस्तुत करें।
साथ ही जांच पूरी होने तक डीप लोक हॉस्पिटल को सीज कर दिया गया है।

सीएमओ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि —

अस्पताल के सभी उपकरण, दवाएं और रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं।

जांच में बाधा डालने की कोई कोशिश न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि लापरवाही साबित होती है तो डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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स्थानीय लोगों में आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और सनसनी फैल गई है।
लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में लापरवाही के मामले बार-बार सामने आते हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से ऐसे हादसे दोहराए जा रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और क्या मृतका के परिजनों को न्याय मिल पाता है।

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Gurugram Cyber Fraud: फर्जी चालान के नाम पर ठगे 62 हजार, जानिए कैसे बचें ठगों से

गुरुग्राम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। साइबर अपराधियों ने चालान के नाम पर गुरुग्राम निवासी युवक से 62 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पीड़ित के मोबाइल पर फर्जी चालान लिंक (APK फाइल) भेजी, जिसे डाउनलोड करते ही उसका बैंक खाता हैक कर लिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर साइबर थाना पश्चिम में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

व्हाट्सएप पर आया फर्जी चालान मैसेज

शिवजी पार्क निवासी राजेश वर्मा ने पुलिस को बताया कि 10 अगस्त को उनके व्हाट्सएप पर एक नंबर से मैसेज आया, जिसमें उनकी गाड़ी का चालान होने की जानकारी दी गई थी।
मैसेज में वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर बिल्कुल सही था, जिससे उन्हें भरोसा हो गया कि चालान असली है।

इसके बाद ठगों ने राजेश को एक APK फाइल भेजी और कहा कि इसके जरिए चालान का भुगतान किया जा सकता है। राजेश ने फाइल को डाउनलोड कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन पासवर्ड डालते ही उनका मोबाइल हैंग हो गया।

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सात बार में खाते से उड़ाए 62 हजार रुपये

कुछ देर बाद राजेश को बैंक से लगातार ट्रांजेक्शन अलर्ट आने लगे। जब उन्होंने अकाउंट चेक किया तो पाया कि आईसीआईसीआई बैंक खाते से सात बार में कुल 62,000 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए थे।

पीड़ित ने तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक रकम दूसरे खातों में जा चुकी थी।

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साइबर थाना पश्चिम में मामला दर्ज

राजेश वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल APK फाइल या अज्ञात लिंक डाउनलोड न करें, क्योंकि साइबर अपराधी इसी तरीके से फोन और बैंक डिटेल्स तक पहुंच बना लेते हैं।

पुलिस की अपील

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि —

व्हाट्सएप या SMS से आए चालान लिंक पर क्लिक न करें।

किसी भी चालान की जांच केवल सरकारी वेबसाइट http://echallan.parivahan.gov.in पर करें।

किसी अज्ञात व्यक्ति या वेबसाइट को बैंक विवरण साझा न करें।

विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान अंतर्गत निकाली गई जागरूकता रैली

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का शुभारम्भ आज कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, से आशा कार्यकत्रीयों की जन जागरूकता रैली को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। साफ-सफाई एवं संचारी रोगों से बचाव हेतु जन-जागरुकता अभियान के उद्देश्य के नारों की तक्थिया ले कर आशाएं रैली में आगे बढ़ रही थीं जिन पर जन-जागरूकता के नारे (बुखार में देरी-पडेगी भारी, सुकर मच्छर गंदा पानी-संचारी रोोगें की रचे ये कहानी, चुहा मच्छर और छछुन्दर आने ना दो घर के अन्दर, हम सबने ठाना है-संचारी रोग भगाना है) प्रदर्शित किये गये थे। रैली कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिसर से रविन्द्र नगर चौराहे से होते हुए वापस कार्यालय परिसर में आकर स्वास्थ्य शिक्षा देकर समाप्त हुई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंद्र प्रकाश ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान (दिनांक 05 अक्टूबर 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक) का मुख्य उद्देश्य दिमागी बुखार एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण सहित जल जनित रोगों एवं दस्त रोग से बचाव हेतु सघन अंतर्विभागीय गतिविधियां सम्पादित करनी है। इस अभियान से जुड़े 12 विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसमें पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में वेक्टर नियंत्रण गतिविधियां साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, नालियों की सफाई, शुद्ध पेय जल की उपलब्धता सहित वेक्टर नियंत्रण हेतु लार्वीसाईड का छिडकाव एवं फागिंग का कार्य किया जायेगा। जबकि शहरी क्षेत्र में नगर पालिका एवं नगर पंचायत द्वारा साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, नालियों की सफाई, शुद्ध पेय जल की उपलब्धता सहित वेक्टर नियंत्रण हेतु लार्वीसाईड का छिडकाव एवं फागिंग का कार्य किया जायेगा। सभी विभाग स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी हाई रिस्क क्षेत्रों की सूची वाले गावों/मुहल्लों में अपनी अंतर्विभागीय गतिविधि सघनता के साथ सम्पादित करेंगे।दस्तक अभियान (दिनांक 11 अक्टूबर 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक) के अन्तर्गत आशा एवं आंगनबाडी कार्यकत्री घर-घर भ्रमण कर बुखार के रोगियों एवं टी०बी० कुष्ठ, कालाजार, कुपोषित बच्चों की सूची, आभा आई०डी० का सृजन करेंगी। साथ ही स्वच्छ पेय जल के उपयोग तथा मच्छर जनित रोगों एवं जल जनित रोगों से बचाव के बारे में जागरूक करेंगी व 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चें एवं संदिग्ध टी०बी० रोगियों के घर पर स्टीकर लगायेंगी व संचारी रोगों से बचाव हेतु जन- जागरुकता फैलाने का कार्य करेंगी।जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि दिनांक 05 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक संचारी रोग के अन्तर्गत जनपद के 12 संबंधित विभाग आपसी सहयोग से स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनायेगे इस रैली में मुख्य चिकित्साधिकारी डा० चन्द्र प्रकाश, जिला मलेरिया अधिकारी संजीव कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी न०पा०प० पडरौना एवं जनपद के समस्त संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

पंजाब में तीन दिन का बारिश अलर्ट: भाखड़ा बांध के चार फ्लड गेट खोले, जालंधर में तूफान से पंडाल गिरा

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चंडीगढ़ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पंजाब में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। रविवार सुबह से ही फिरोजपुर, जालंधर, पठानकोट समेत कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चली। वहीं, भाखड़ा बांध के चारों फ्लड गेट खोल दिए गए ताकि संभावित जलभराव से निपटा जा सके।

जालंधर में तूफान से पंडाल गिरा, बड़ा हादसा टला

जालंधर के अली मोहल्ला क्षेत्र में रविवार सुबह आंधी-तूफान के कारण भगवान वाल्मीकि मंदिर के बाहर लगा पंडाल गिर गया।
सोमवार को भगवान वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर शोभायात्रा निकाली जानी है। सौभाग्य से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वाल्मीकि उत्सव कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचे और पंडाल को ठीक करवाया।

भाखड़ा बांध से छोड़ा गया पानी, सतलुज में बढ़ेगा जलस्तर

बारिश के अलर्ट को देखते हुए भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने शनिवार को भाखड़ा बांध के चारों फ्लड गेट दो-दो फीट तक खोल दिए।
बांध से करीब 7,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, ताकि आने वाले दिनों में जलस्तर नियंत्रित रहे।

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि भाखड़ा बांध का वर्तमान जलस्तर 1672.62 फीट है, जो खतरे के निशान से लगभग 7 फीट नीचे है।
उन्होंने कहा कि नंगल बांध और श्री आनंदपुर साहिब नहरों में 20,000 क्यूसेक तथा सतलुज दरिया में 16,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
भाखड़ा से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद सतलुज में लगभग आधा फीट तक जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

पौंग बांध से भी छोड़ा गया पानी

भारी बारिश की चेतावनी के चलते पौंग बांध के स्पिलवे से 7,422 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बीबीएमबी के अनुसार, 4 अक्टूबर को 32,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना तय था, लेकिन कैचमेंट एरिया में कम बारिश के कारण मात्रा घटा दी गई।
हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने पर निकासी में बढ़ोतरी की जा सकती है।

मौसम विभाग ने जारी किए अलर्ट

मौसम विभाग ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लिए —

5-6 अक्टूबर को ऑरेंज अलर्ट

7 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

पंजाब सरकार का बड़ा एक्शन: पराली जलाने पर अब नोडल अधिकारियों पर भी होगी कानूनी कार्रवाई, लगेगा जुर्माना

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चंडीगढ़ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पंजाब में पराली जलाने के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए सरकार ने अब कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अब सिर्फ किसानों पर ही नहीं, बल्कि संबंधित नोडल अधिकारियों पर भी कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के आदेशों के बाद यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। राज्य सरकार ने सभी डिप्टी कमिश्नरों (DC) और जिला मजिस्ट्रेटों को कार्रवाई की शक्ति दे दी है।

पराली जली तो जिम्मेदार अधिकारी पर केस

नए निर्देशों के तहत अब जिले के डिप्टी कमिश्नर उन अधिकारियों पर कार्रवाई कर सकेंगे जिनके क्षेत्र में पराली जलाने के मामले सामने आएंगे।

इनमें स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO), पर्यवेक्षी अधिकारी और नोडल अधिकारी शामिल हैं। ऐसे मामलों में डीसी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दाखिल कर सकेंगे।

CAQM की सख्त चेतावनी के बाद बढ़ी निगरानी

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने हाल ही में पंजाब समेत सभी राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
इसमें पराली जलाने पर रोक और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया था। आयोग ने खरीफ सीजन शुरू होने से पहले ही पंजाब के हॉटस्पॉट जिलों का दौरा भी किया था।

अमृतसर बना हॉटस्पॉट, 95 मामले दर्ज

शुक्रवार को पंजाब में पराली जलाने के 95 नए मामले दर्ज हुए।
इनमें अकेले अमृतसर जिले से 55 मामले, तरनतारन से 11 और पटियाला से 10 मामले सामने आए।

सरकार ने ढाई लाख रुपये का पर्यावरणीय हर्जाना वसूला है और 65 अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी किए हैं।

पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का फोकस

सरकार का कहना है कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण में तेज़ी आती है, जिससे दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तरी भारत में स्मॉग की स्थिति बनती है।
इसलिए राज्य में कानूनी सख्ती और जुर्माने की नीति को कड़ाई से लागू किया जाएगा।

संचारी रोगों पर प्रहार: संत कबीर नगर में ‘दस्तक अभियान’ का आगाज, जनजागरूकता की गूंज हर गांव तक

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)।
जिले में जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने और संचारी रोगों पर काबू पाने के लिए रविवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तृतीय चरण की शुरुआत की गई।
मुख्य समारोह मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जहां जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव ने हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया।

यह जनस्वास्थ्य कार्यक्रम 5 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक पूरे जिले में चलेगा। शुभारंभ के अवसर पर निकली वाहन रैली ने लोगों को साफ-सफाई, जलजमाव रोकने और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव का संदेश दिया।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस मौके पर उपस्थित नागरिकों को स्वच्छता और रोग नियंत्रण की शपथ दिलाई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने बताया कि “अभियान के दौरान स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव जाकर दिमागी बुखार, डेंगू, मलेरिया और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर जनजागरूकता फैलाएंगी।”

इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (वीबीडी) डॉ. वी.पी. पांडेय, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राम प्रसाद मौर्या, जिला मलेरिया अधिकारी राकेश कुमार, टेक्निकल असिस्टेंट शशिचंद पांडेय, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक अतिन कुमार श्रीवास्तव, यूनिसेफ प्रतिनिधि रितेश कुमार सिंह, दीपक यादव एवं प्रेम प्रकाश कुमार सहित विभागीय अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

अभियान का लक्ष्य है—
✔️ गांव-गांव तक स्वच्छता का संदेश फैलाना
✔️ जलजमाव खत्म कर मच्छरों के प्रजनन स्थलों का नाश करना
✔️ संचारी रोगों से मुक्त स्वस्थ जनपद की दिशा में कदम बढ़ाना

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तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल, नीतीश की मानसिक स्थिति है खराब ?

भाजपा सहयोगियों पर नीतीश के खाने में मिलावट के आरोप

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) । राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। यादव ने मुख्यमंत्री के ‘अनियमित’ व्यवहार को लेकर उनके मानसिक स्वास्थ्य और सरकार चलाने की क्षमता पर सवाल उठाए।

तेजस्वी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मुख्यमंत्री की हालिया हरकतें चिंता जनक हैं और इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ करीबी सहयोगी भाजपा के इशारे पर मुख्यमंत्री के खाने में मिलावट कर रहे हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अब नीतीश कुमार बिहार को ठीक से नहीं चला पा रहे। कुछ नेता उनके चेहरे का इस्तेमाल अपनी तिजोरियां भरने के लिए कर रहे हैं। आने वाले समय में सबका असली चेहरा सामने आएगा।”

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