Tuesday, April 21, 2026
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UP News: बिजली निजीकरण के विरोध में कर्मचारी लामबंद, मुंबई में होगी बड़ी बैठक; देशव्यापी आंदोलन की तैयारी तेज

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में बिजली निजीकरण को लेकर विरोध तेज हो गया है। अब बिजली कर्मचारी और अभियंता संगठनों ने देशव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है।
रविवार को आयोजित नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (NCCOEEE) की ऑनलाइन बैठक में यह फैसला लिया गया कि 4 और 5 नवंबर को मुंबई में होने वाली डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट (DUM) के दौरान जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।

निजीकरण का हर स्तर पर होगा विरोध

बैठक में देशभर के अभियंता संगठनों के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि बिजली वितरण के निजीकरण का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुंबई में होने वाली DUM मीट का मुख्य उद्देश्य बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों को बढ़ावा देना है। इसलिए, इस मीट के विरोध में हजारों बिजली कर्मचारी और इंजीनियर मुंबई पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे।

बैठक में कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकारों की बिजली निजीकरण नीति आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के हितों के खिलाफ है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि नीति वापस नहीं ली गई, तो देशभर में हड़ताल और आंदोलन शुरू किया जाएगा।

नेताओं ने क्या कहा

बैठक को ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने संबोधित करते हुए कहा—

“बिजली क्षेत्र में निजीकरण का मतलब जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाना है। हम किसी भी कीमत पर यह कदम स्वीकार नहीं करेंगे।”

इसके अलावा पी. रत्नाकर राव, आर.के. त्रिवेदी, मोहन शर्मा, कृष्णा भौयूर, सुदीप दत्त, सुभाष लांबा और समर सिन्हा ने भी निजीकरण नीति का कड़ा विरोध किया।
बैठक में यह भी तय हुआ कि केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर को ज्ञापन सौंपकर निजीकरण का निर्णय रद्द करने की मांग की जाएगी।

UP में संगठन का पुनर्गठन, नीरज बिंद बने अध्यक्ष

निजीकरण विरोधी आंदोलन के बीच राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन (पूर्वांचल इकाई) का नए सिरे से गठन भी किया गया।
इसमें नीरज बिंद को अध्यक्ष और शिवम चौधरी को सचिव चुना गया।
इसके अलावा:

राम सिंह – उपाध्यक्ष, शिवब्रत यादव – संगठन सचिव, ज्योति भास्कर सिन्हा – प्रचार सचिव, अविनाश कुमार – वित्त सचिव, अरुण कुमार पांडे – लेखा निरीक्षक

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने कहा कि वे बिजली कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।

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