Monday, July 6, 2026
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हांगकांग एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा: लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसला कार्गो विमान, 2 की मौत

​हांगकांग/बीजिंग (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। चीन के हांगकांग इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Hong Kong International Airport) पर सोमवार तड़के एक गंभीर हवाई हादसा हो गया। लैंडिंग के दौरान एक कार्गो विमान (Cargo Plane) रनवे से फिसल गया और पास के समुद्र में जा गिरा।

​इस हादसे में कम से कम दो लोगों की दुखद मौत हो गई है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, विमान में कुल छह क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें से चार को सुरक्षित रूप से बचा लिया गया है और उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​हादसे के बाद एयरपोर्ट और बचाव दल तुरंत हरकत में आए। रनवे से विमान के फिसलने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। यह हादसा हांगकांग एयरपोर्ट पर विमान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

हांगकांग एयरपोर्ट की सुरक्षा पर सवाल

​फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह हादसा खराब मौसम, तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि के कारण हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही इस बड़े हादसे के सटीक कारण का पता चल पाएगा।

बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने दिवाली-रविवार को की बंपर कमाई, ‘सनी संस्कारी…’ का भी दम बरकरार

​मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दिवाली के जश्न और रविवार की छुट्टी का फायदा साउथ सुपरस्टार ऋषभ शेट्टी (Rishab Shetty) की फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ (Kantara Chapter 1) को जबरदस्त तरीके से मिला है। 18वें दिन भी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखी और बंपर कमाई की। वहीं, वरुण धवन (Varun Dhawan) और जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor) स्टारर रॉम-कॉम फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ (Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari) ने भी वीकेंड पर अच्छा प्रदर्शन किया।

​’कांतारा चैप्टर 1′ ने किया $17.5 करोड़ का कलेक्शन

​सिनेमाघरों में 18 दिन पूरे कर चुकी ‘कांतारा चैप्टर 1’ का क्रेज दर्शकों के बीच कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

  • रविवार (18वां दिन) का कलेक्शन: $17.5 करोड़ रुपये
  • शनिवार (17वां दिन) का कलेक्शन: $12.9 करोड़ रुपये
  • कुल इंडियन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: $524.28 करोड़ रुपये

​फिल्म अब तेजी से $550 करोड़ के क्लब की ओर बढ़ रही है। इस सप्ताह फिल्म का प्रदर्शन देखना दिलचस्प होगा।

​’सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ ने भी बनाए रखे दर्शक

​वरुण और जान्हवी की इस रॉम-कॉम फिल्म को रिलीज हुए 18 दिन हो चुके हैं, लेकिन यह अभी भी ठीक-ठाक कमाई कर रही है। फिल्म में सान्या मल्होत्रा और रोहित शराफ भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।

  • रविवार का कलेक्शन: $1.34 करोड़ रुपये
  • शनिवार का कलेक्शन: $1.09 करोड़ रुपये
  • कुल कलेक्शन: $58.53 करोड़ रुपये

​फिल्म ने $50 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है और अपनी लागत वसूलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

टैरिफ विवाद का असर: अमेरिका को भारत का निर्यात घटा, 24 देशों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

​नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। टैरिफ (Tariff) को लेकर अमेरिका (USA) के साथ चल रहे गतिरोध के कारण भारत के निर्यात (India Export) पर असर पड़ा है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में अमेरिका को होने वाले माल निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, भारतीय निर्यातकों ने बाजार विविधीकरण (Market Diversification) की मजबूत रणनीति अपनाते हुए 24 अन्य देशों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।

​क्रिसिल (Crisil) की अक्टूबर रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 में उच्च टैरिफ के चलते अमेरिका को भारत का माल निर्यात 11.9% घटकर $5.5 अरब रह गया, जबकि अगस्त में इसमें 7% की वृद्धि हुई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि टैरिफ बढ़ने से पहले माल की त्वरित आपूर्ति (Frontloading) नहीं की जाती तो यह गिरावट और भी अधिक हो सकती थी।

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गैर-अमेरिकी बाजारों में निर्यात 10.9% बढ़ा

​इसके विपरीत, गैर-अमेरिकी बाजारों (Non-US Markets) को होने वाले निर्यात में जबरदस्त उछाल आया है। सितंबर में इन बाजारों को निर्यात 10.9% बढ़ा, जो अगस्त में दर्ज 6.6% की वृद्धि से काफी अधिक है।

$129 अरब की सकारात्मक वृद्धि दर्ज

​भारतीय निर्यातकों के लिए 24 देशों का समूह सकारात्मक वृद्धि का केंद्र बना है। जिन प्रमुख देशों में निर्यात बढ़ा है उनमें दक्षिण कोरिया, यूएई (UAE), जर्मनी, बेल्जियम, इटली, मिस्र, वियतनाम, रूस, कनाडा, मेक्सिको और ब्राजील शामिल हैं।

​अप्रैल-सितंबर 2025-26 के दौरान इन 24 देशों को किए गए निर्यात में $129.3 अरब की सकारात्मक बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जो भारत के कुल निर्यात का 59% है।

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अफ्रीका और मध्य पूर्व पर निर्यातकों का फोकस

​निर्यातकों ने अब अपनी रणनीति बदलते हुए अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व (Middle East) जैसे नए बाजारों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। इसी बीच, अमेरिका और भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर बातचीत कर रहे हैं।

सुरक्षित और स्वच्छ दीपावली: खुशियों की रोशनी में जिम्मेदारी का उजाला

दीपावली — यह शब्द सुनते ही आँखों के सामने जगमग रोशनी, खुशियों की चमक, मिठाइयों की खुशबू और अपनों की मुस्कान तैर जाती है। दीपावली न सिर्फ रोशनी का पर्व है, बल्कि यह अच्छाई पर बुराई की विजय, प्रकाश पर अंधकार की जीत और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
परंतु इन खुशियों के बीच सुरक्षा, पर्यावरण और स्वच्छता की जिम्मेदारी को भूलना हमारे समाज और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। इस दीपावली पर आइए संकल्प लें —
“हम मनाएँगे सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-हितैषी दीपावली, ताकि हमारी खुशियाँ किसी के लिए परेशानी न बनें।”
🪔 1. दीपावली का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व
दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यह आत्मा के अंधकार को मिटाकर भीतर के प्रकाश को जगाने का प्रतीक है।
यह वह दिन है जब भगवान श्रीराम ने चौदह वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे। अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया, और तभी से यह पर्व “दीपावली” कहलाया।
इसके अलावा यह माता लक्ष्मी की पूजा का भी दिन है — जो धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी मानी जाती हैं।
लेकिन यह समृद्धि तभी सार्थक है जब उसके साथ सामाजिक संवेदनशीलता और पर्यावरण-जागरूकता जुड़ी हो।
🧹 2. दीपावली की शुरुआत स्वच्छता से
कहावत है — “जहाँ स्वच्छता, वहाँ लक्ष्मी का वास।”
दीपावली की तैयारियाँ घर की सफाई से ही शुरू होती हैं।
परंतु आज सफाई का मतलब केवल घर की दीवारें चमकाना नहीं, बल्कि अपने आस-पास के वातावरण को भी स्वच्छ रखना है।
🏠 सफाई के महत्वपूर्ण सुझाव:
पुराने, अनुपयोगी वस्त्र या सामान को दान करें। इससे जरूरतमंदों को सहायता मिलेगी और आपका घर भी हल्का महसूस करेगा।
रासायनिक क्लीनर की जगह प्राकृतिक विकल्पों का उपयोग करें — जैसे नींबू, सिरका, बेकिंग सोडा आदि।
कूड़े-कचरे को इधर-उधर न फेंकें। स्थानीय निकाय द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही डालें।
दीपावली के बाद प्लास्टिक या पॉलिथीन में लिपटे फूल-मालाओं को नदी या नालों में न डालें।
🪷 3. पूजा-पाठ में रखें ये सावधानियाँ
दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का विशेष महत्व होता है। यह पूजा सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि कृतज्ञता और श्रद्धा का भाव है।
✨ सुरक्षित पूजा के उपाय:
घी या सरसों के तेल से बने दीपक का उपयोग करें, यह पर्यावरण के लिए बेहतर है।
अगरबत्ती या कपूर जलाते समय बच्चे या पालतू जानवरों को दूर रखें।
पूजा स्थल पर इलेक्ट्रिक लाइट और दीपक दोनों साथ न जलाएँ।
पूजा के बाद जलते दीपक unattended न छोड़ें।
🎇 4. पटाखे फोड़ने से पहले जानें ये जरूरी बातें
दीपावली की रात बच्चों के लिए सबसे खास होती है — चमचमाते पटाखे, रॉकेट, फुलझड़ियाँ और अनार का आनंद हर कोई लेना चाहता है।
लेकिन यह आनंद सुरक्षा नियमों के पालन से ही स्थायी बन सकता है।
⚠️ पटाखों से पहले ये ध्यान रखें:

1. कानूनी सीमा में रहें:


केवल ग्रीन क्रैकर्स (पर्यावरण-अनुकूल पटाखे) ही फोड़ें।
रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति होती है (कई राज्यों में यही नियम लागू)।

2. सुरक्षित स्थान चुनें:


खुली जगह पर, बिजली की तारों, गैस सिलिंडर या सूखी घास से दूर पटाखे जलाएँ।

3. सुरक्षा उपकरण पहनें:


बच्चों को सूती कपड़े पहनाएँ, सिंथेटिक कपड़े नहीं।
आँखों पर सुरक्षात्मक चश्मा और हाथों में दस्ताने पहनना बेहतर है।

4. पहले सुरक्षा, फिर मनोरंजन:


जलते पटाखे के पास न झुकें।
असफल पटाखे को दोबारा जलाने का प्रयास न करें।
पास में पानी की बाल्टी या रेत अवश्य रखें।
🌱 5. पर्यावरण का ध्यान रखें — प्रकृति भी परिवार है
हर साल दीपावली के बाद वायु प्रदूषण कई गुना बढ़ जाता है। धुआँ, शोर और प्लास्टिक का कचरा हमारे बच्चों की साँसों और धरती के स्वास्थ्य पर भारी पड़ता है।
इस बार कोशिश करें कि खुशियाँ प्रकृति के साथ बाँटी जाएँ, उसके खिलाफ नहीं।
🍃 पर्यावरण बचाने के उपाय:
ग्रीन पटाखे ही जलाएँ या साउंड-फ्री फुलझड़ियों से त्योहार मनाएँ।
मिट्टी या गोबर के दीपक उपयोग में लाएँ, ये जैविक रूप से नष्ट हो जाते हैं।
बिजली की झालरों की जगह घी के दीपक या सोलर लाइट्स का प्रयोग करें।
पौधे लगाकर या किसी पेड़ की देखभाल कर ‘ग्रीन दिवाली’ का संकल्प लें।
💖 6. दीपावली पर संवेदनशीलता और समाजसेवा
दीपावली की असली रोशनी तब फैलती है जब हम किसी के जीवन में उजाला भरते हैं।
अपने आस-पास के गरीब, असहाय, सफाईकर्मियों, या जरूरतमंद बच्चों को मिठाई, कपड़े या दीप भेंट करें।
एक दीप उनके द्वार पर जलाकर देखें — आपके मन में जो संतोष और सुकून मिलेगा, वह किसी आतिशबाज़ी से अधिक चमकदार होगा।
🕯️ 7. दीपावली बाद की सफाई और जिम्मेदारी
अक्सर हम त्योहार के अगले दिन सड़कों पर फैले कचरे, जले पटाखों के अवशेष और प्लास्टिक देख उदास हो जाते हैं।
पर याद रखिए — सफाई केवल सरकार या नगरपालिका की जिम्मेदारी नहीं, यह हर नागरिक का कर्तव्य है।
जले हुए पटाखों को खुले में न फेंकें, सुरक्षित तरीके से नष्ट करें।
बिजली की झालरों और सजावट की वस्तुओं को अगले साल के लिए सुरक्षित रखें।
आसपास सफाई अभियान में बच्चों और युवाओं को शामिल करें।
🌼 दीपावली का असली अर्थ है — अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ना, अज्ञान से ज्ञान की ओर चलना और असावधानी से जिम्मेदारी की ओर लौटना।
इस बार अपने भीतर के दीप को जलाएँ —
जो सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि दिलों को भी रोशन करे।
मनाएँ ऐसी दिवाली जो खुशियों से धूम मचाए, पर किसी को दुख न पहुँचाए।

सीबीआई रडार पर रोपड़ रेंज के 5 IPS, निलंबित DIG भुल्लर की बेनामी संपत्तियां होंगी जब्त

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चंडीगढ़/रोपड़ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पंजाब में रिश्वतखोरी के मामले में फंसे निलंबित डीआईजी (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर (Harcharan Singh Bhullar) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई (CBI) चंडीगढ़ अब रोपड़ रेंज में तैनात पांच और आईपीएस (IPS) अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, ये सभी अधिकारी भुल्लर के अधीन कार्यरत थे और उनसे डीआईजी के रिश्वतकांड और बिचौलिए कृष्णू को लेकर सवाल-जवाब किए जाएंगे।

​जांच में सामने आया है कि भुल्लर इन अधिकारियों को सर्विस के दौरान कुछ ‘जांच के योग्य’ निर्देश देते थे।

ईडी ने मांगे दस्तावेज, मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दर्ज हो सकता है केस

​इस हाई-प्रोफाइल रिश्वतकांड में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो गई है। ईडी ने भुल्लर की संपत्तियों से जुड़े सभी दस्तावेज सीबीआई से मांगे हैं। सीबीआई मंगलवार तक रेड के दौरान बरामद सभी सामानों और दस्तावेजों की कॉपी ईडी को सौंप देगी। उम्मीद है कि ईडी जल्द ही इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर सकती है।

भुल्लर की 71 अचल संपत्तियां होंगी अटैच

​पंजाब सरकार ने भी इस मामले में सख्त रुख अपना लिया है। सीबीआई रेड में सामने आईं भुल्लर की 71 अचल संपत्तियों, जिनमें कुछ बेनामी भी हैं, पर सरकार ने जांच शुरू कर दी है। राजस्व विभाग सीबीआई से दस्तावेज लेकर वेरिफिकेशन करेगा और इसके बाद इन संपत्तियों को अटैच (Attach) करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अमेरिका से आया फोन, जमीन हड़पने का आरोप

​रिश्वतकांड के मामले में स्क्रैप डीलर आकाश बत्ता का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने बताया कि सीबीआई की कार्रवाई के बाद उसे अमेरिका से एक व्यक्ति का फोन आया था। उस व्यक्ति ने डीआईजी भुल्लर पर दो भाइयों में झगड़ा करवाकर उनकी जमीन कौड़ियों के भाव खरीदने का गंभीर आरोप लगाया है।

दीपावली पर राशि अनुसार करें विशेष पूजन: जानें कौन-सा लग्न, कौन-सा मंत्र, कौन-सा भोग और कैसा दीपक बनाएगा भाग्यशाली

दीपावली न केवल लक्ष्मी पूजा का पर्व है, बल्कि यह भाग्य जागरण और ग्रह संतुलन का भी श्रेष्ठ अवसर है। इस दिन किया गया पूजन व्यक्ति के लग्न और राशि के अनुरूप हो तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानते हैं — किस राशि और लग्न के जातक किस मंत्र, भोग, दीपक और विधि से पूजा करें ताकि सुख-समृद्धि और भाग्य का दीप प्रज्ज्वलित हो सके।
🔯 मेष लग्न / मेष राशि (Aries)
देवता: श्री गणेश एवं मां महालक्ष्मी
मंत्र: “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
जप संख्या: 108 बार
भोग: गुड़ से बने लड्डू, चने की दाल का हलवा
तेल: सरसों का तेल
दीपक: मिट्टी के दीप में सरसों तेल डालें, चार बातियों वाला दीपक पूरब दिशा में रखें।
विशेष उपाय: लाल वस्त्र धारण करें, “श्री सूक्त” का पाठ करें।
भाग्य उदय का समय: सायं 7:30 से 9:00 बजे तक।
🪔 वृषभ लग्न / वृषभ राशि (Taurus)
देवता: देवी लक्ष्मी व कुबेर जी
मंत्र: “ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः”
जप संख्या: 108 या 216 बार
भोग: दूध से बनी खीर, मिश्री
तेल: देसी घी
दीपक: पीतल के दीपक में घी डालें, उत्तर दिशा में रखें।
विशेष उपाय: तांबे के कलश में जल रखकर चांदी के सिक्के डालें।
भाग्य समय: शाम 6:15 से 8:00 बजे तक।
💫 मिथुन लग्न / मिथुन राशि (Gemini)
देवता: श्री गणेश व विष्णु जी
मंत्र: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
जप संख्या: 108 बार
भोग: हरे मूंग की दाल का हलवा, इलायची मिश्रित दूध
तेल: तिल का तेल
दीपक: कांसे के दीपक में तिल का तेल, पश्चिम दिशा में रखें।
विशेष उपाय: तुलसी पत्र चढ़ाकर दीप जलाएं।
भाग्य काल: शाम 5:45 से 7:00 बजे।
🌸 कर्क लग्न / कर्क राशि (Cancer)
देवता: मां लक्ष्मी एवं चंद्रदेव
मंत्र: “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः”
जप संख्या: 108 बार
भोग: दूध-पेडा या नारियल की बर्फी
तेल: घी
दीपक: चांदी या मिट्टी के दीप में घी, उत्तर दिशा में रखें।
विशेष उपाय: घर के मुख्य द्वार पर दो दीपक जलाएं — एक अंदर, एक बाहर।
भाग्य समय: रात 8:00 से 9:30 तक।
🧿 सिंह लग्न / सिंह राशि (Leo)
देवता: सूर्य देव और मां दुर्गा
मंत्र: “ॐ आदित्याय नमः”
जप संख्या: 11 माला
भोग: गुड़-घी से बने चूरमा लड्डू
तेल: सरसों का तेल
दीपक: तांबे के दीप में चार बत्तियाँ, पूर्व दिशा में रखें।
विशेष उपाय: लाल पुष्प अर्पित करें, तांबे के कलश से जल चढ़ाएं।
भाग्य काल: सुबह 6:00 से 7:30 तक।
🌼 कन्या लग्न / कन्या राशि (Virgo)
देवता: भगवान विष्णु
मंत्र: “ॐ नमो नारायणाय”
जप संख्या: 108 बार
भोग: मूंग दाल हलवा, तुलसी पत्र सहित प्रसाद
तेल: तिल का तेल
दीपक: पीतल या कांसे के दीपक में तिल तेल, दक्षिण दिशा में रखें।
विशेष उपाय: खीर का भोग लगाकर लक्ष्मी चालीसा पढ़ें।
भाग्य समय: सायं 7:00 से 8:15 तक।
🪙 तुला लग्न / तुला राशि (Libra)
देवता: देवी लक्ष्मी
मंत्र: “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद”
जप संख्या: 216 बार
भोग: मालपुआ, मिश्री
तेल: घी
दीपक: चांदी के दीप में घी, पश्चिम दिशा में रखें।
विशेष उपाय: सफेद वस्त्र पहनें और गुलाबी पुष्प चढ़ाएं।
भाग्य काल: सायं 6:45 से 8:30 तक।
🔱 वृश्चिक लग्न / वृश्चिक राशि (Scorpio)
देवता: मां काली, हनुमान जी
मंत्र: “ॐ ह्रीं क्रीं कालीकायै नमः”
जप संख्या: 108 बार
भोग: गुड़ और केले का भोग
तेल: सरसों का तेल
दीपक: मिट्टी के दीप में सरसों तेल, दक्षिण दिशा में रखें।
विशेष उपाय: रुद्राक्ष धारण कर पाठ करें।
भाग्य काल: रात्रि 8:00 से 10:00 तक।
🕉️ धनु, मकर, कुंभ व मीन राशि
धनु: “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः गुरुवे नमः”, घी का दीपक, पीली मिठाई
मकर: “ॐ शं शनैश्चराय नमः”, तिल तेल दीपक, उड़द का प्रसाद
कुंभ: “ॐ हं हनुमते नमः”, सरसों तेल दीपक, गुड़-चना भोग
मीन: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”, घी दीपक, नारियल-खीर भोग
🌠 सारांश एवं ज्योतिषीय संदेश
दीपावली का रात्रिकाल “अमावस्या” का होता है, अतः यह समय आध्यात्मिक ऊर्जा संचार का श्रेष्ठ काल है। अपने लग्न व राशि के अनुसार मंत्र जाप और पूजन करने से न केवल धन की वृद्धि होती है, बल्कि कर्म, भाग्य और ग्रह दोषों का भी निवारण होता है।
दीपावली की रात्रि में घर के चारों कोनों, तुलसी चौरा, रसोई और तिजोरी में दीपक अवश्य जलाएं — इससे धन स्थायित्व और सौभाग्य बना रहता है।
विशेष -यह सुझाव इसका पुष्टि Rkpnews नहीं करता किसी योग्य धार्मिक ज्ञाता से सलाह जरुर लें।

दिवाली पर मेट्रो का समय बदला: आज रात 10 बजे तक ही चलेगी आखिरी मेट्रो, दिनभर सेवाएं रहेंगी सामान्य

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दिवाली के मौके पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने मेट्रो सेवाओं के समय में बदलाव किया है। डीएमआरसी के मुताबिक, सोमवार को सभी मेट्रो लाइनों से अंतिम ट्रेन रात 10 बजे प्रस्थान करेगी। आम दिनों में यह सेवा रात 11 बजे तक उपलब्ध रहती है।

डीएमआरसी के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन विभाग के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने बताया कि दीपावली की रात यात्रियों की संख्या कम होने और सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, दिनभर मेट्रो सेवाएं सामान्य समय पर चलेंगी ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।

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यह व्यवस्था ब्लू, येलो, रेड, ग्रीन, वायलेट, पिंक, मैजेंटा, ग्रे और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन सहित सभी रूट्स पर लागू होगी। डीएमआरसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने यात्रा समय की पहले से योजना बना लें।

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बिहार के राजनीतिक-मंच पर हलचल: सत्ता की दहलीज पर कौन, कैसे और क्यों?

बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक परिदृश्य जहाँ परंपरागत समीकरणों से बाहर जाकर नया मोड़ ले रहा है, वहीं यह स्पष्ट भी है कि मतदाता अब सिर्फ जाति-धर्म के धड़ों में बँधने को तैयार नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और राजनीतिक जवाबदेही को भी अपनी प्राथमिकता बना चुका है। इस अंकन-रिपोर्ट में हम यह विश्लेषित करेंगे कि इस बार जनता कहाँ झुकी हुई है, किस दल या गठबंधन को समर्थन मिल रहा है, कौन सबसे अधिक शोर मचा रहा है, सत्ता-गठबंधन की स्थिति क्या है, विपक्ष किस ओर उठ रहा है और कौन औपचारिक प्रतिपक्ष/निर्दलीय सितारों से घिरे मोर्चे पर खड़ा हो सकता है।
समाज-वर्गों में बदलाव और समर्थन की दिशा
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि बिहार की राजनीति अब सिर्फ बड़ी जातियों (जैसे यादव-मुस्लिम) के मोर्चे पर नहीं टिकी है। एक प्रामाणिक विश्लेषण कहता है कि “ये सिर्फ नीतीश कुमार या तेजस्वी यादव नहीं है जो बिहार की दिशा तय करेंगे, बल्कि 11 महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक-निर्माण-बल हैं”।
उदाहरण के लिए: दलित वोट बैंक (~20 %) अब सक्रिय एजेंडा बन गया है।
पिछड़ी जातियों (EBC) के भीतर जागरूकता बढ़ी है, जो अब सिर्फ खानदान-नाम पर नहीं बल्कि आजीविका-अवसर-प्रशासन-वक्फा के सवाल पर मतदान कर रहे हैं।
युवा मतदाता (18-35 वर्ष) सामाजिक-मीडिया, नौकरी-आवाज-उम्मीद के साथ जुड़कर राजनीति में अलग भूमिका निभा रहे हैं।
इसलिए, समर्थन की दिशा पहले जितनी साफ जाति-रेखा में नहीं बँधी है, बल्कि यह अब विकास-वोट, क्षेत्र-वोट, जाति-वोट, नेतृत्व-वोट का मिश्रण बन चुकी है।
कौन मचा रहा है शोर – सक्रिय राजनीतिक मोर्चे
दो प्रमुख गठबंधनों — राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) व महागठबंधन (MGB) — की तैयारियाँ तीव्र हैं।
NDA की ओर:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा साथ ही वहाँ की सरकार में प्रमुख भूमिका निभा रहे नीतीश कुमार की छवि है। लेकिन साथ ही उन्हें “ज्यादा वर्षों से सत्ता में” होने का बोझ भी है।
NDA ने सीट-बाँट के फार्मूले को जल्दी लगभग तय कर लिया है। उदाहरण के लिए भाजपा और जदयू को 101-101 सीटें दी गयी हैं।
शोर इसलिए भी मचा रहा है क्योंकि उन्हें “विकास-वोट” और “उर्स रोजगार” जैसे मुद्दों पर जनसमर्थन बनाने का प्रयास है, जबकि विरोधी दल “अंतिम अवसर” का कार्ड खेल रहे हैं।
महागठबंधन की ओर:
RJD के युवा नेता तेजस्वी यादव CM चेहरे के रूप में सामने हैं और कांग्रेस समेत कई दलों ने उन्हें समर्थन दिया है।
लेकिन अंदरूनी दरार, सीट-बाँट विवाद और गठबंधन-सहमति की चुनौतियाँ स्पष्ट हैं।
शोर इसलिए कि यहाँ भी “रूपांतरण” का दावा हो रहा है — पुरानी MY (मुस्लिम-यादव) को छोड़कर अन्य OBCs, दलितों और युवा वोटरों में संभावित खिसकाव की बातें हो रही हैं।
इस तरह, दोनों ओर राजनीतिक रणभूमि काफी गरम है — शोर-शराबा, रैलियाँ, घोषणाएँ, प्रत्याशी बदलना-टिकट काटना-टकराव बढ़ना — ये सब संकेत हैं कि जनता का समर्थन स्थिर नहीं, बल्कि लहर में है।
सत्ता किसके हाथों में? – सरकार-बनने की संभावना
जब यह देखा जाए कि किस गठबंधन के हाथों में सत्ता बनने की संभावना अधिक है — तो निम्न बात-विचार सामने आते हैं:
इन्कमबेंसी फैक्ट‍र: नीतीश कुमार लगभग 20 वर्षों से सत्ता में थे। अब “निरंतरता” की परछाई, सरकार-प्रशासन-उम्मीदों में ठहराव और बदलाव की चाह दिख रही है।
घिराव-वोट और विकल्प: तेजस्वी यादव और महागठबंधन को “नए विकल्प” की छवि मिली है, विशेष रूप से युवा और उन वर्गों में जो बदलाव चाहते हैं।
गठबंधन-कौशल: सरकार बनने के लिए सीटों का सटीक बँटवारा, गठबंधन में एकजुटता व वोट ट्रांसफर बेहद अहम है। NDA ने इसे जल्दी तय किया, लेकिन MGB में अभी अनिश्चितता है।
माध्यमिक दलों और नई पार्टियों का प्रभाव: जैसे जन सुराज पार्टी (JSP) का उभार, जो पारंपरिक दलों को चुनौती दे सकता है — इससे भाजपा-जदयू का वोट खिसकने का डर है।
इन सब को मिलाकर देखेंगे तो यह संभावना अधिक दिखती है कि NDA के पक्ष में एक हल्की बढ़त बनी हुई है — लेकिन यह बढ़त कितनी होगी और संघ-संगठन इसे कितनी कुशलता से सत्ता-आयाम तक ले जा पाएगा, यह सवाल खड़ा है। वहीं महागठबंधन को चाहिए कि सीट-बाँट विवादों को तुरंत सुलझाए, गठबंधन दबाव में न दिखे और “तेजस्वी CM” चेहरे का भरोसा मोटे तौर पर बनाए रखे।
विपक्ष में कौन? – परिसीमन और नेतृत्व
नतीजा चाहे जैसा हो, विपक्षी भूमिका and भूमिका निभानेवाले दल-गठबंधनों के लिए कई संभावनाएँ खुली हुई हैं:
अगर NDA सत्ता में आता है तो महागठबंधन सीधे विपक्ष में बैठ सकता है। इस पर तेजस्वी यादव-मुकाबलेदार दलों को नेतृत्व देने का सुअवसर है।
लेकिन अगर महागठबंधन सरकार बना लेता है — तब क्या होगा? NDA में शामिल दलों में सत्ता-विभाजन होगा, शायद जदयू प्रमुख भूमिका में, भाजपा एक साझेदार के रूप में। ऐसे में भाजपा को विपक्ष-भाग में जाना पड़ सकता है।

इसके अतिरिक्त, यदि कोई तीसरा मोर्चा (जैसे जन सुराज या अन्य क्षेत्रीय दल) मजबूत हो गया तो वह नीतिगत-वाद के रूप में “नेता­निर्धारित” दल की भूमिका में आ सकता है। इस तरह ‘निर्दलीय या संवैधानिक प्रगतिशील गठबंधन’ का स्वरूप सामने आ सकता है।
विशेष ध्यान इस बात पर कि नेतृत्व-चेहरा कैसे तय होता है: महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को CM चेहरे के रूप में घोषित करने की ओर संकेत दिया है।
इसलिए, विपक्ष-भाग में बैठे-बैठे निष्क्रिय नहीं बैठने बल्कि सक्रिय भूमिका निभाने की बारी है — चाहे वह सरकार में हो या बाहर।
बेहतरीन अवसर या जटिल चुनौती?
बिहार की राजनीति आज सिर्फ सत्ता-दौड़ नहीं लगा रही — यह परिवर्तन-संकेत, वर्ग-सुधार और भविष्य-अपेक्षा का मैथमेटिक्स बना हुआ है। विकास-मुद्दे, रोजगार-आवाज, युवा-उम्मीदें, जाति-समानता — ये सब आज मतदाता की ताल में बजते हैं।
यदि NDA ने अपनी organisational ताकत, सोशल इंजीनियरिंग (दलित-युवा-EBC) और विकास-वोट को ठीक तरह से पकड़ा तो उन्हें लाभ हो सकता है।
यदि महागठबंधन ने सीट-वाँट और गठबंधन-आंतरिक मतभेद जल्दी नहीं सुलझाए, तो उनका अवसर छिन सकता है।
किसी भी दल-गठबंधन को यह भूलना नहीं चाहिए कि वोट जंगल की बातें नहीं सुनता, बल्कि मानव-आवाज, परिवर्तन-उम्मीद और भरोसे को सुनता है। आज बिहार में “परिवर्तन का क्रेडिट” ज्याड़ा मायने रखता है।
इसलिए, जनता का समर्थन फिलहाल लहर में दिख रहा है — स्थिर नहीं। इस लहर को थामने वाला 2025 का विधानसभा चुनाव तय करेगा कि कौन सत्ता की गद्दी पर बैठेगा, कौन विपक्षीय दीवार से चिपक जाएगा और कौन भविष्य को लेकर राजनीति-मंच पर अगला शोर मचाएगा।

“धरती की ओर नमन: 21 अक्टूबर को गोवर्धन-अन्नकूट का अनुपम संदेश

गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव,भारतीय संस्कृति की कृषि प्रधानता,पशुधन के प्रति संवेदना और सामूहिकता की भावना का प्रतीक है-एडवोकेट किशन सनमुखदास

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत की सांस्कृतिक परंपराएँ केवल अनुष्ठानों या धार्मिक विधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें जीवन, प्रकृति और मानवता का गहरा दर्शन निहित है। दीपावली का पंचदिवसीय महापर्व भारतीय जीवनके विविध आयामों को उजागर करताहै,धनतेरस से आरंभ होकर नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज तक यह श्रृंखला हर दिन एक नए आध्यात्मिक संदेश को जन-जीवन में प्रसारित करती है।21अक्टूबर 2025,मंगलवार, को जब कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा, तब यह दीपावली के चौथे रत्न के रूप में आस्था और प्रकृति संरक्षण का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करेगा।इस दिन को कई प्रदेशों में“पड़वा” या “प्रतिपदा” भी कहा जाता है और इसे अन्नकूट पर्व के रूप में भी मनाया जाता है,जिसका अर्थ है,“अन्न का विशाल पर्वत” अर्थात् समृद्धि कृतज्ञता और धरती माता के प्रति श्रद्धा का उत्सवसरकारें अब“इको-टूरिज्म” और “स्पिरिचुअल टूरिज्म” के रूप में ऐसे त्योहारों को वैश्विक ब्रांडिंग दे रही हैं।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यहमानता हूं कि 2025 का गोवर्धन पर्व इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वर्ष जलवायु परिवर्तन, खाद्य असमानता और ऊर्जा संकट जैसे वैश्विक मुद्दों के मध्य आ रहा है।ऐसे में यह पर्व मानवता को यह संदेश देगा कि “प्रकृति से युद्ध नहीं, संवाद आवश्यक है।”भारत सरकार और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय हिंदू संगठनों द्वारा इस वर्ष ‘गोवर्धन पर्वत संरक्षण अभियान’,‘अन्नकूट फूड शेयरिंग मिशन’ और ‘गौसंवर्धन जागरूकता सप्ताह’ जैसी पहलें चलाए जाने की ज़रूरत है,जो इस पर्व को वैश्विक चेतना से जोड़ेंगी।संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में“ज़ीरो हंगर”, “क्लाइमेट एक्शन” और “लाइफ ऑन लैंड” प्रमुख लक्ष्य हैं। गोवर्धन पूजा इन तीनों का प्रतीक है,अन्नकूट से भोजन के प्रति सम्मान और समान वितरण,गोवर्धन आराधना से प्रकृति संरक्षण,और पशुपालन पूजन से पारिस्थितिक संतुलन की भावना प्रकट होती है।इस प्रकार यह भारतीय पर्व वैश्विक सतत विकास का सांस्कृतिक प्रतीक बन चुकाहै।चूँकि दीपावली का चौथा माणिक- गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव 21 अक्टूबर 2025- प्रकृति,पशुधन और मानवता के संतुलन का उत्सव हैँ इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, गोवर्धन पूजा और अन्नकूट,हमें याद दिलाता हैँ कि विकास तभी सार्थक है जब वह धरती,अन्न, जल व पशु जीवन के प्रति कृतज्ञता से भरा हो।ऐसे में यह पर्व मानवता को यह संदेश देगा कि “प्रकृति से युद्ध नहीं, संवाद आवश्यक है।” 

साथियों बात अगर हम गोवर्धन पर्व और अन्नकूट की पौराणिक उत्पत्ति जब भगवान ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश को समझने की करेंतो,भारत के ग्रामीण इलाकों में आज भी इस दिन गाय, बैल और कृषि उपकरणों की पूजा की जाती है। लोग अपने घरों के सामने गोबर से गोवर्धन पर्वत का प्रतीक बनाते हैं, जिसे फूलों, धान, गन्ने, तुलसी और रंगोली से सजाया जाता है।गोवर्धन पूजा की कथा का मूल आधार श्रीकृष्ण और इंद्र के मध्य का संवाद है, जिसने भारतीय समाज को प्रकृति के प्रति कर्तव्यबोध सिखाया। द्वापर युग में जब ब्रज के लोग इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए यज्ञ करते थे ताकि वर्षा हो, तब बालक कृष्ण ने उनसे कहा, “हमारी समृद्धि का मूल इंद्र नहीं, बल्कि गोवर्धन पर्वत हैजो हमारे गायों के लिए चारा,जल और जीवन देता है।” इस विचार ने प्रकृति-पूजा को ईश्वरीय दर्जा दिया।जब ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोड़कर गोवर्धन की आराधना की, तब इंद्र क्रोधित होकर प्रचंड वर्षा ले आए। तब श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा अंगुली पर सात दिन तक गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की। इस घटना ने न केवल मानवता को एकता और सहयोग का पाठ पढ़ाया बल्कि यह भी सिखाया कि प्रकृति ही असली देवता है, और उसका संरक्षण ही सच्ची पूजा है।आध्यात्मिक संदेश- अहंकार का दमन और विनम्रता का उत्सव-गोवर्धन पूजा केवल प्रकृति का नहीं, बल्कि अहंकार पर विजय का पर्व भी है। जब इंद्र का अहंकार टूटा और उन्होंने श्रीकृष्ण से क्षमा माँगी, तो यह शिक्षा दी गई कि शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सेवा और करुणा ही ईश्वरीय गुण हैं।आज जब राष्ट्र, व्यक्ति और समाज सत्ता के घमंड में खो रहे हैं, तब यह पर्व हमें याद दिलाता है“ अहंकार अंततः विनाश की जड़ है, जबकि विनम्रता सृजन की।”अन्नकूट का अर्थ और वैश्विक प्रतीकवाद-कृतज्ञता का पर्व अन्नकूट शब्द दो भागों से मिलकर बना है,‘अन्न’ अर्थात् भोजन और ‘कूट’ अर्थात् ढेर या पर्वत। इस दिन मंदिरों में विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भव्य अन्नकूट तैयार किया जाता है, जिसमें सैकड़ों तरह के पकवान, मिठाइयाँ और प्रसाद भगवान को अर्पित किए जाते हैं।यह पर्व अन्न के प्रति सम्मान और धरती की उदारता का उत्सव है। आधुनिक संदर्भ में देखा जाए तो यह त्योहार फूड सिक्योरिटी, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर और वेस्टेज-फ्री कंजम्प्शन जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी प्रकाश डालता है।जब दुनिया खाद्य असमानता, भुखमरी और जलवायु संकट से जूझ रही है, तब अन्नकूट का यह संदेश, 2025 का गोवर्धन पर्व इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वर्ष जलवायु परिवर्तन, खाद्य असमानता और ऊर्जा संकट जैसे वैश्विक मुद्दों के मध्य आ रहा है।ऐसे में यह पर्व मानवता को यह संदेश देगा कि “प्रकृति से युद्ध नहीं, संवाद आवश्यक है।”अन्न का आदर करो, प्रकृति का आभार मानो”वैश्विक स्तर पर अत्यंत प्रासंगिक है। 

साथियों बात अगर हम गोवर्धन पूजा का वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व को समझने की करें तो,यदि धार्मिक आस्था से ऊपर उठकर इस पर्व को वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए, तो गोवर्धन पूजा इकोलॉजिकल बैलेंस और एग्रो-इकोनॉमिक रिलेशन की याद दिलाती है।यह त्योहार मनुष्य को यह सिखाता है कि उसकी समृद्धि का मूल आधार प्रकृति और पशु हैं। खेतों में काम आने वाले बैलों, गायों, और कृषि भूमि की सफाई और सजावट का भाव कृषि उत्पादकता को भी बढ़ाता है।आज जब ग्लोबल वार्मिंग, डीफॉरेस्टेशन और एनिमल क्रुएल्टी जैसे संकट बढ़ रहे हैं, तब गोवर्धन पूजा हमें याद दिलाती है कि “धरती हमारी माता है, और उसका संरक्षण हमारी संतान धर्म है।”अब गोवर्धन पूजा केवल भारत तक सीमित नहीं रही। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, मॉरीशस, नेपाल, थाईलैंड  मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बसे भारतीय समुदाय इसे बड़े उत्साह से मनाते हैं।लंदन के भक्तिवेदांता मनोर टेम्पल में हर वर्ष हजारों भक्त अन्नकूट महोत्सव में भाग लेते हैं, जहाँ लगभग 1000 से अधिक व्यंजन भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किए जाते हैं। न्यूयॉर्क, टोरंटो, और सिडनी के मंदिरों में भी इसी परंपरा के तहत “गोवर्धन अन्नाकुट फेस्टिवल” आयोजित किया जाता है।यह उत्सव न केवल भारतीय संस्कृति की प्रतिष्ठा बढ़ाता है,बल्कि विश्व को यह संदेश देता है कि आध्यात्मिकता और पर्यावरण संरक्षण एक ही सूत्र में बंधे हैं।

साथियों बात अगर हम गोवर्धन पूजा और आर्थिकसमृद्धि का संबंध को समझने की करें तो,धनतेरस,दीपावली और गोवर्धन पूजा,ये तीनों पर्व आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। गोवर्धन पूजा के दिन व्यापारी अपने नए खातों की शुरुआत करते हैं,कृषक अपने पशुओं और खेतों को पुनःपूजते हैं और गृहस्थ महिलाएँ अपने रसोईघर की समृद्धि के लिए अन्न का आदर करती हैं।यह परंपरा बताती है कि भारतीय संस्कृति में आर्थिक प्रगति और आध्यात्मिक श्रद्धा को विरोधी नहीं, बल्कि पूरक माना गया है।वर्तमान में जब दुनिया उपभोक्तावाद में डूबी है, तब यह त्योहार सिखाता है कि सच्ची समृद्धि “देने” और “साझा करने” में है, न कि केवल उपभोग उपभोग नहीं करना होगा 

अतःअगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि गोवर्धन पूजा 2025-मानवता, प्रकृति और भक्ति का संतुलित उत्सव 21 अक्टूबर 2025 का गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव दीपावली श्रृंखला का वह चौथा माणिक है,जो आध्यात्मिकता, पारिस्थितिकी और मानवता को एक सूत्र में बाँधता है।यह दिन हमें याद दिलाता है कि सच्चा धर्म केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि खेतों, पशुओं, पर्वतों और भोजन में भी बसता है।जब हम गोवर्धन की पूजा करते हैं, तो वास्तव में हम प्रकृति, अन्न और जीवन के प्रति अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं।दुनिया के लिए यह पर्व भारत की उस सनातन दृष्टि का प्रतीक है जो कहती है->“यत्र सर्वे भूतानि आत्मन्येवानुपश्यति, स पश्यति।”अर्थात् जो हर प्राणी में अपने ही आत्मा को देखता है, वही सच्चा दृष्टा है।गोवर्धन पूजा इसी दृष्टि का उत्सव है,भक्ति में पर्यावरण,और पर्यावरण में भक्ति का दिव्य समागम।यह पर्व हमें यह सिखाता है कि प्रकृति ही गोवर्धन है, अन्न ही ईश्वर है, और मानवता ही पूजा है।

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतर्राष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि सीए, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावानानी गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

Ukraine-Russia Crisis: ट्रंप ने जेलेंस्की से कहा – पुतिन की शर्तें मान लें, वरना तबाह हो जाएगा यूक्रेन

वॉशिंगटन/कीव (राष्ट्र की परम्परा)। यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने reportedly यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से कहा कि वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शर्तें मान लें, वरना यूक्रेन को भारी तबाही झेलनी पड़ेगी। यह खुलासा फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस में शुक्रवार को हुई बैठक के दौरान ट्रंप ने जेलेंस्की से कहा कि वे डोनबास क्षेत्र रूस को सौंप दें, जिससे युद्ध खत्म किया जा सके। ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने एक दिन पहले पुतिन से फोन पर बातचीत की थी। हालांकि, जेलेंस्की ने उन्हें समझाया कि युद्ध को मौजूदा मोर्चों पर रोकना ही बेहतर विकल्प है।

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बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि “दोनों पक्षों को यहीं युद्ध रोक देना चाहिए,” जिस पर जेलेंस्की ने भी सहमति जताई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि पुतिन ने ट्रंप से बातचीत में खेरसॉन और जापोरीझिया के कुछ हिस्सों के बदले डोनबास क्षेत्र रूस को देने का प्रस्ताव रखा था। ट्रंप और पुतिन के बीच अगली शिखर वार्ता बुडापेस्ट में दो सप्ताह के भीतर होने की संभावना है।

इस बीच, जेलेंस्की ने ट्रंप से अपील की है कि वे पुतिन पर और कड़ा दबाव बनाएं। एनबीसी न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा, “पुतिन भी कुछ-कुछ हमास जैसे हैं, लेकिन उनसे ज्यादा ताकतवर हैं, इसलिए उन पर और ज्यादा दबाव डालने की जरूरत है।” जेलेंस्की ने यह भी पुष्टि की कि वह बुडापेस्ट शांति सम्मेलन में शामिल होने के लिए तैयार हैं।

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धनतेरस की रात चोरों का तांडव: एक ही गांव के तीन घरों में सेंध, नकदी और जेवरात पर हाथ साफ

परशुरामपुर/बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। धनतेरस की रात जहां लोग खुशियों की तैयारी में जुटे थे, वहीं नागपुर कुंवर गांव में चोरों ने तीन घरों में चोरी कर सनसनी फैला दी। चोरों ने जेवरात और नकदी चोरी कर ग्रामीणों में दहशत फैला दी है।

पहली वारदात गुरु प्रसाद के घर में हुई, जहां खिड़की तोड़कर घुसे चोरों ने सोने की चेन, झुमकी, अंगूठी और 8 हजार रुपये नकद चुरा लिए। दूसरी चोरी हृदय राम के घर में हुई, जहां दरवाजे की कुंडी तोड़कर चोरों ने सोने-चांदी के जेवर और 10 हजार रुपये उड़ा लिए।

तीसरी वारदात श्रीराम वर्मा के घर में हुई। चोर दीवार फांदकर अंदर घुसे और अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण व 20 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।

थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों मामलों की जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है।

ब्लिंकिट की मालिक कंपनी इटर्नल पर 128 करोड़ का जीएसटी नोटिस, यूपी कर विभाग ने लगाया टैक्स गड़बड़ी का आरोप

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। यूपी के वाणिज्य कर विभाग ने फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जोमैटो और ब्लिंकिट की मालिक कंपनी इटर्नल को 128 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी डिमांड नोटिस जारी किया है। यह नोटिस अप्रैल 2023 से मार्च 2024 की अवधि के दौरान टैक्स भुगतान में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी किया गया है।

विभाग के अनुसार, इटर्नल ने इस अवधि में आउटपुट टैक्स का कम भुगतान और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अधिक उपयोग किया है। आदेश में 64.17 करोड़ रुपये का जीएसटी, उतनी ही राशि का ब्याज और जुर्माना जोड़कर कुल 128 करोड़ रुपये से अधिक की मांग की गई है।

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कंपनी ने नियामकीय फाइलिंग में कहा है कि वह इस आदेश के खिलाफ अपील करेगी, क्योंकि लगाए गए आरोपों और गणनाओं से वह सहमत नहीं है।
गौरतलब है कि मार्च 2025 में जोमैटो ने अपना नाम बदलकर इटर्नल किया था, जबकि जोमैटो और ब्लिंकिट दोनों इसी कंपनी के स्वामित्व में हैं।

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दलित युवक से दबंगों की दरिंदगी: जूते चटवाए, हाथ तोड़ा — 12 दिन बाद SP के आदेश पर दर्ज हुई FIR

उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उन्नाव जिले से शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां दबंगों ने अनुसूचित जाति के एक युवक को बेरहमी से पीटा, उसका हाथ तोड़ दिया और जूते चटवाकर अमानवीय अत्याचार किया। पुलिस पर आरोप है कि उसने पीड़ित की फरियाद पर 12 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की। आखिरकार एसपी के आदेश पर मामला दर्ज किया गया।

मामला क्या है?

घटना सुमेरपुर थाना क्षेत्र के सिमनौडी गांव की है। पीड़ित उमेश बाबू वर्मा ने बताया कि 5 अक्टूबर को वह बाजार जा रहा था, तभी रास्ते में गांव के ही अभय सिंह और उसके दो अज्ञात साथियों ने उसे रोक लिया।
पुराने विवाद — जिसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर फाड़े जाने की शिकायत की गई थी — को लेकर तीनों ने उमेश को जातिसूचक गालियां दीं और डंडों से बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, उन्होंने उसे अपने जूते चटवाए और जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित ने बताया कि उसकी मां केशकली और कुछ ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी भाग निकले, लेकिन तब तक उमेश का दाहिना हाथ फ्रैक्चर हो चुका था और शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं।

पुलिस ने नहीं की सुनवाई, SP के आदेश पर FIR दर्ज

उमेश ने आरोप लगाया कि उसने घटना के बाद सुमेरपुर पुलिस से शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उसने 17 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी।
एसपी डॉ. दीक्षा शर्मा के आदेश पर पुलिस ने अब SC/ST एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जूते से अपमानित करने के प्रयास की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन घटना की गहराई से जांच जारी है और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

IND W vs ENG W: इंग्लैंड ने भारत को हराकर अंकतालिका में मचाया धमाल, टीम इंडिया की सेमीफाइनल उम्मीदों पर संकट

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इंदौर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। महिला विश्व कप 2025 के 20वें मैच में इंग्लैंड की महिला टीम ने भारत को चार रन से हराकर टूर्नामेंट की अंकतालिका में बड़ा उलटफेर कर दिया। इंदौर में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड की कप्तान हीदर नाइट (109 रन) और एमी जोंस (56 रन) की बेहतरीन पारियों की बदौलत टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 288 रन बनाए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 50 ओवर में 6 विकेट पर 284 रन ही बना सकी और चार रन से मुकाबला गंवा बैठी।

भारत की ओर से स्मृति मंधाना (88 रन), हरमनप्रीत कौर (70 रन) और दीप्ति शर्मा (50 रन) ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सकीं। इंग्लैंड के लिए नैट सिवर-ब्रंट ने 2 विकेट लिए, जबकि लॉरेन बेल, लिंसी स्मिथ, चार्ली डीन और सोफी एक्लेस्टोन को एक-एक सफलता मिली।

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भारत की लगातार तीसरी हार, सेमीफाइनल की राह मुश्किल

भारतीय टीम को टूर्नामेंट में लगातार तीसरी हार झेलनी पड़ी है। इससे पहले टीम को ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने हराया था। अब तक भारत ने पांच मैचों में दो जीत और तीन हार दर्ज की है। चार अंकों और +0.526 नेट रन रेट के साथ भारत चौथे स्थान पर है।
सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को अब अपने दोनों शेष मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। दूसरी ओर, इंग्लैंड ने पांच में से चार मैच जीतकर नौ अंक हासिल किए हैं और +1.490 नेट रन रेट के साथ अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर और दक्षिण अफ्रीका तीसरे स्थान पर हैं — दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुकी हैं।

हीदर नाइट का शतक और दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी

इंग्लैंड की कप्तान हीदर नाइट ने 91 गेंदों पर 109 रन (15 चौके, 1 छक्का) की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत की नींव रखी। उनके साथ एमी जोंस ने भी 56 रन जोड़े।
भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 51 रन देकर 4 विकेट झटके, जबकि स्री चरनी ने 2 विकेट लिए।

तीन भारतीय अर्धशतक भी नहीं दिला सके जीत

भारत की शुरुआत खराब रही, लेकिन मंधाना और हरमनप्रीत ने तीसरे विकेट के लिए 125 रनों की साझेदारी कर मैच में वापसी कराई। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने भी 50 रन बनाकर टीम की उम्मीदें जिंदा रखीं। हालांकि, आखिरी ओवरों में इंग्लैंड की गेंदबाजों ने वापसी की और भारत की जीत की राह रोक दी।

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“अयोध्या ने रचा इतिहास — 26 लाख दीपों से जगमगाई धरती पर स्वर्ग की छवि”

🌸 “राम की नगरी अयोध्या फिर चमकी सुनहरी रोशनी में — 26 लाख दीयों ने रचा इतिहास, सरयू किनारे गूंजे वैदिक मंत्र”

✨ विश्व पटल पर फिर जगमगाई अयोध्या — दीपोत्सव 2025 बना दोहरा रिकॉर्डधारी उत्सव

अयोध्या (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जब भगवान श्रीराम चौदह वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, तब नगरवासियों ने दीपों से उनका स्वागत किया था। वही दिव्य परंपरा एक बार फिर सजी, जब सम्पूर्ण अयोध्या दीपों की अनगिनत लौ से स्वर्णिम हो उठी। दीपोत्सव 2025 ने इतिहास में एक बार फिर अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा लिया।
🪔 राम की पैड़ी पर 26 लाख 11 हजार दीपों से जगमगाई अयोध्या
अयोध्या ने एक बार फिर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार दीप एक साथ जलाकर अयोध्या ने लगातार 9वीं बार विश्व कीर्तिमान बनाया।

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ड्रोन से हुई गिनती के बाद गिनीज बुक के प्रतिनिधि स्वप्निल दंगारीकर और निश्चल बरोट ने मंच से इस अद्भुत रिकॉर्ड की औपचारिक घोषणा की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, और लाखों श्रद्धालु इस अद्वितीय पल के साक्षी बने। जैसे ही सरयू किनारे दीपों की रोशनी फैली, पूरा अयोध्या नगरी देवभूमि बन गई।
🔱 2100 वेदाचार्यों ने की सरयू आरती — बना दूसरा विश्व रिकॉर्ड
दीपों की जगमगाहट के साथ सरयू तट पर एक साथ 2100 वेदाचार्यों द्वारा की गई भव्य सरयू आरती ने दूसरा विश्व रिकॉर्ड बनाया।
वेदमंत्रों की ध्वनि और सरयू की लहरों के संगम ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया।

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यह दूसरा मौका है जब योगी सरकार ने इस भव्य आरती को विश्व रिकॉर्ड स्तर पर संपन्न कराया।
🕉️ योगी बोले — “जिन्होंने रामभक्तों पर गोली चलाई, वे रामलला के दर्शन नहीं कर सकते”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के मंच से कहा कि “जिन्होंने कभी अयोध्या को अंधेरे में रखा, वे अब इस उजाले को नहीं सह पा रहे हैं। जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं, वे रामलला के अभिषेक में शामिल होने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे।”
योगी ने कहा कि आज अयोध्या न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे विश्व के लिए धर्म, संस्कृति और एकता का प्रतीक बन चुकी है।
🌺 दीपों के महासागर में डूबी अयोध्या — श्रद्धा और आस्था का अनोखा संगम दीपोत्सव के दौरान आसमान में उड़ते ड्रोन से जब अयोध्या का दृश्य सामने आया, तो वह मानो स्वर्गिक लोक का दर्शन कराता प्रतीत हुआ।
हर गली, हर मंदिर, हर घाट से उठती दीप ज्योति ने एक ही संदेश दिया “जहां राम हैं, वहीं उजाला है।”