बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। बुधवार को नगर पालिका परिषद गौरा बरहज के कान्हा गौशाला पर शासन के निर्देशानुसार”गोपाष्टमी” (बुद्धष्टमी) पर्व पर नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल की देख-रेख में, पूरे विधि-विधान के साथ गौमाता का पूजन अर्चन किया गया और फल खिलाया गया।कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी निरुपमा प्रताप,डाक्टर अजय कुमार जायसवाल( सी बी ओ) देवरिया,अशोक कुमार पाण्डेय(पशु प्रसार अधिकारी) सहित पालिका कार्यालय/कान्हा गौशाला के सभी सम्मानित कर्मचारीगण तथा माँ गौ-शक्ति समूह,माँ अन्नपूर्णा समूह की सभी महिलाएं उपस्थित रहीं।
निर्माण श्रमिक, नवीनीकरण हेतु 15 नवम्बर तक करें आवेदन
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने बताया कि उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (श्रम विभाग) के अन्तर्गत पंजीकृत एवं अद्यतन नवीनीकृत निर्माण श्रमिकों को बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, सन्त रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, अटल आवासीय विद्यालय योजना, गम्भीर बीमारी सहायता योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना में निर्धारित पात्रता के अनुसार बोर्ड के पोर्टल www.upbocw.in पर आवेदन करने पर योजनाओं से लाभान्वित किया जाता है। बोर्ड की योजनाओं में लाभ हेतु निर्माण श्रमिकों को अपना पंजीयन निर्धारित समय पर निर्धारित अंशदान पोर्टल पर जमा करने पर नवीनीकरण भी कराना पडता है।
यह भी पढ़ें – “स्वदेशी जूते, वैश्विक पहचान: घरेलू उत्पादकों को चाहिए सरकारी सहारा”
उन्होंने निर्माण श्रमिकों को अवगत कराया है कि उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत पंजीकृत श्रमिक जिनका नवीनीकरण / अंशदान पिछले 04 वर्ष से लम्बित है और अभी तक अपना नवीनीकरण/अंशदान जमा नही किये है कृपया सहज जन सेवा केन्द्रों/upbocw पोर्टल के माध्यम से 15.11.2025 तक अपना नवीनीकरण अवश्य करा लें अन्यथा बोर्ड के निर्देशानुसार उनका पंजीकरण स्वतः निष्क्रिय हो जायेगा।
यह भी पढ़ें – देवरिया में 08 पेटी देशी शराब के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार
देवरिया में 08 पेटी देशी शराब के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में अवैध शराब तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना श्रीरामपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बिहार ले जाई जा रही 08 पेटी देशी शराब (ब्रांड बंटी बबली) के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
अभियान के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व और क्षेत्राधिकारी भाटपार रानी अंशुमान श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में, आज दिनांक 29 अक्टूबर 2025 को थाना श्रीरामपुर पुलिस ने संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई की।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने मिश्रौली कुर्मी टोला गांव के पास से एक दोपहिया वाहन (हीरो स्प्लेंडर, रजिस्ट्रेशन नंबर BR29AS8367, सही नंबर BR28AA8543) को रोका। तलाशी लेने पर उसमें से कुल 08 पेटी देशी शराब बरामद हुई।
यह भी पढ़ें – खेल भावना को नमन — स्व. राजनाथ राय स्मृति राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का 31 अक्टूबर को होगा भव्य आगाज
पुलिस ने मौके से अभियुक्त सनीस कुमार भगत पुत्र किशुन देव भगत, निवासी खलवा थाना नौतन जिला सीवान (बिहार) को गिरफ्तार कर लिया।
थाना श्रीरामपुर पुलिस ने बरामद शराब और वाहन को कब्जे में लेकर, अभियुक्त के खिलाफ मु0अ0सं0-196/2025, धारा 317(2), 341(4) बीएनएस व 60,72 उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम:
- उ0नि0 झीनेलाल पासवान – थाना श्रीरामपुर
- हे0का0 शहनवाज अली – थाना श्रीरामपुर
- का0 अजीत यादव – थाना श्रीरामपुर
यह भी पढ़ें – बुजुर्गों का सहारा बनें योगी सरकार — ₹100 प्रतिदिन पेंशन की मांग ने जनभावना को झकझोरा
गुरुवार : गोपाष्टमी व्रत, करें ये शुभ कार्य, जीवन में आएगी समृद्धि
🌞 30 अक्टूबर 2025 का दैनिक पंचांग
“आज का दिन शक्ति, श्रद्धा और सफलता का संदेश लेकर आया है — जानें क्या करें और क्या न करें ताकि हर कार्य बने मंगलमय।”
🕉️ पंचांग विवरण — 30 अक्टूबर 2025, गुरुवार
तिथि: कार्तिक शुक्ल पक्ष अष्टमी प्रातः 10:06 AM तक, तत्पश्चात नवमी
🌸 नक्षत्र: श्रवण संध्या 6:33 PM तक, बाद में धनिष्ठा
🧘♂️ योग: शूल 7:20 AM तक, तत्पश्चात गण्ड 6:15 AM तक, बाद वृद्धि योग
🌼 करण: बव 10:07 AM तक, बालव 10:11 PM तक, तत्पश्चात कौलव
🕕 सूर्योदय: 6:35 AM
🌇 सूर्यास्त: 5:46 PM
🌝 चन्द्रोदय: 1:38 PM
🌚 चन्द्रास्त: 12:56 AM
📖 विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
📖 शक संवत: 1947 (विश्वावसु संवत्सर)
📖 चन्द्र मास: कार्तिक (शुक्ल पक्ष)
📖 द्रिक ऋतु: हेमंत
📖 सूर्य राशि: तुला
📖 चन्द्र राशि: मकर
🪔 आज के पर्व एवं व्रत
ये भी पढ़ें –
- दुर्गाष्टमी व्रत – मां दुर्गा की आराधना से शक्ति और संरक्षण की प्राप्ति।
- गोपाष्टमी – इस दिन गौसेवा, गोपूजन व दान का अत्यंत शुभ फल मिलता है।
☀️ शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 11:48 AM – 12:32 PM
अमृत काल: 07:56 AM – 09:37 AM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:59 AM – 05:47 AM
आनन्दादि योग: ध्वजा (केतु) संध्या 6:33 PM तक, तत्पश्चात श्रीवत्स योग (अत्यंत मंगलकारी) - ये भी पढ़ें – बुजुर्गों का सहारा बनें योगी सरकार — ₹100 प्रतिदिन पेंशन की मांग ने जनभावना को झकझोरा
- 🌑 अशुभ काल
राहुकाल: 1:34 PM – 2:58 PM (इस समय नया कार्य आरंभ न करें)
यमगण्ड: 6:35 AM – 7:58 AM
कुलिक काल: 9:22 AM – 10:46 AM
दुर्मुहूर्त: 10:18 AM – 11:03 AM एवं 2:47 PM – 3:31 PM
वर्ज्य काल: 10:36 PM – 12:13 AM
🧭 यात्रा दिशा एवं उपाय
🚩 आज की शुभ यात्रा दिशा: पश्चिम दिशा
⛔ आज यात्रा से बचें: उत्तर दिशा
✅ यात्रा से पहले खाएं: दही-शक्कर या गुड़ के साथ घी — यह यात्रा को मंगलमय बनाएगा।
💠 यात्रा से पहले करें: “ॐ गणेशाय नमः” का 11 बार जाप, सभी विघ्न दूर होंगे। - ये भी पढ़ें – खेल भावना को नमन — स्व. राजनाथ राय स्मृति राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का 31 अक्टूबर को होगा भव्य आगाज”
🌕 क्या करें आज
गौसेवा करें — जीवन में धन, सौभाग्य और शांति का वास होगा।
माता दुर्गा को लाल फूल और दीप अर्पित करें।
पीपल या तुलसी को जल दें — पितृ कृपा प्राप्त होगी।
शनि देव को तेल अर्पित करें — मकर राशि में चंद्रमा के कारण शनि का प्रभाव रहेगा।
🌘 क्या न करें आज
राहुकाल में नया कार्य, निवेश या विवाद से बचें।बिना आवश्यकता यात्रा न करें, विशेषकर उत्तर दिशा की।
क्रोध या वाणी से किसी का दिल न दुखाएं — ग्रहों की स्थिति संयम की मांग कर रही है। - ये भी पढ़ें – 🗳️ बिहार चुनाव में गरमी तेज: राहुल-तेजस्वी की जोड़ी मैदान में, योगी का तीखा वार – ‘ओसामा’ पर छिड़ी सियासी जंग!
🌟 विशेष ज्योतिषीय संकेत
चन्द्रमा मकर राशि में होने से कर्मप्रधान दिन रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता और निर्णय शक्ति बढ़ेगी।
गण्ड योग के बाद वृद्धि योग आने से रुके हुए कार्य बनेंगे और उन्नति के संकेत मिलेंगे।
गोपाष्टमी पर गाय की सेवा से समस्त दोषों का नाश होता है और परिवार में सुख-शांति आती है।
🌺 आज का संदेश
“गाय, माता दुर्गा और गुरु के चरणों में श्रद्धा रखने वाला व्यक्ति कभी कष्ट में नहीं रहता।
आज का दिन भक्ति, विनम्रता और कर्म की शक्ति को समर्पित करें।”
खेल भावना को नमन — स्व. राजनाथ राय स्मृति राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का 31 अक्टूबर को होगा भव्य आगाज”
✨ बिहार, गोरखपुर समेत कई जनपदों की टीमें मचाएंगी धूम, कोपागंज का मैदान बनेगा रोमांच और उत्साह का केंद्र
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)खेल भावना और युवा जोश को समर्पित “स्वर्गीय राजनाथ राय स्मृति राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता” का भव्य शुभारंभ 31 अक्टूबर, शुक्रवार दोपहर 12 बजे कोपागंज क्षेत्र स्थित बापू इंटर कॉलेज के खेल मैदान में होगा।
इस प्रतिष्ठित आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, मैदान की साज-सज्जा, दर्शक दीर्घा और स्वागत मंच को आकर्षक रूप देने में आयोजक दिन-रात जुटे हुए हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा द्वारा किया जाएगा। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्रीय भाजपा अध्यक्ष गोरखपुर क्षेत्र सहजानंद राय, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी और भाजपा मऊ प्रभारी रमेश सिंह मौजूद रहेंगे।
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता में बिहार, गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, बनारस और मऊ जनपदों की आधा दर्जन से अधिक टीमें भाग ले रही हैं। समापन समारोह 1 नवम्बर दोपहर 2 बजे आयोजित होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में कामेश्वर सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा) शामिल होंगे।
इस मौके पर मधुबन विधायक रामबिलास चौहान और भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य विशिष्ट अतिथि होंगे।
प्रतियोगिता के संरक्षक शंकर प्रसाद जायसवाल (अध्यक्ष, बापू इंटर कॉलेज) एवं मनोज राय (जिला पंचायत अध्यक्ष व प्रबंधक, बापू इंटर कॉलेज) हैं। आयोजन की कमान प्रधानाचार्य रविन्द्र राम के नेतृत्व में संभाली जा रही है।
खेल प्रेमियों में इस प्रतियोगिता को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन स्व. राजनाथ राय की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने समाज सेवा और खेल प्रोत्साहन में अविस्मरणीय योगदान दिया।
कोपागंज का मैदान इन दिनों सजीव ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक बन गया है, जहां खेल भावना, अनुशासन और युवा ऊर्जा का संगम देखने को मिलेगा।
🗳️ बिहार चुनाव में गरमी तेज: राहुल-तेजस्वी की जोड़ी मैदान में, योगी का तीखा वार – ‘ओसामा’ पर छिड़ी सियासी जंग!
देवरिया/पटना (RKP NEWS)।बिहार की सियासत में बुधवार का दिन पूरी तरह चुनावी जंग में तब्दील हो गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज मुजफ्फरपुर और दरभंगा में जनसभाओं के साथ महागठबंधन के प्रचार अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी। उनके साथ महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव मंच साझा करते नजर आए। दोनों नेताओं ने मिलकर जनता से “बदलाव और बेरोजगारी मुक्त बिहार” का वादा किया।
ये भी पढ़ें –जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय
महागठबंधन ने मंगलवार को अपना घोषणापत्र “बिहार का तेजस्वी प्रण” जारी किया था, जिसमें हर परिवार के लिए सरकारी नौकरी और आरक्षण की 50% सीमा हटाने जैसे वादों को प्रमुखता दी गई है। इस बार राजद, कांग्रेस, वामपंथी दलों और वीआईपी पार्टी ने मिलकर चुनावी मोर्चा तैयार किया है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और आरएलएम एकजुट होकर एनडीए के तहत मैदान में हैं।
ये भी पढ़ें –जानिए आपका भाग्यांक क्या कहता है
इसी बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीवान जिले के रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में अपनी पहली जनसभा कर महागठबंधन पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “महागठबंधन ने ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं जिनका नाम भी ओसामा है। कांग्रेस और आरजेडी ने बिहार को अपराध का अड्डा बनाया था।”
यह हमला राजद द्वारा शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को उम्मीदवार बनाए जाने पर था। योगी ने कहा कि बिहार की जनता अब सुशासन और राष्ट्रवाद की सरकार चाहती है, जो केवल एनडीए ही दे सकती है।
ये भी पढ़ें –अमर दीपकों की स्मृति, जिन्होंने अपने कर्म से भारत का नाम रोशन किया
बिहार में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।
चुनावी माहौल में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
कांग्रेस नेता उदित राज का दावा है कि तेजस्वी यादव की रैलियों में “मोदी और नीतीश की तुलना में 10 से 15 गुना ज्यादा भीड़ उमड़ रही है।”
ये भी पढ़ें – 🧠 “स्ट्रोक पर काबू: जागरूकता और होम्योपैथी से जीवन की नई उम्मीद”
वहीं, भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि “उन्होंने बिहार को उपेक्षित किया और महागठबंधन में कांग्रेस को हाशिए पर धकेल दिया है।”
बिहार की राजनीति में अब राहुल-तेजस्वी बनाम मोदी-नीतीश-योगी का मुकाबला पूरी रफ्तार पर है।
जनता की नजर अब इस बात पर है कि ‘बदलाव का प्रण’ भारी पड़ता है या ‘सुशासन का वादा’ फिर से इतिहास दोहराता है।
अमर दीपकों की स्मृति, जिन्होंने अपने कर्म से भारत का नाम रोशन किया
29 अक्टूबर का इतिहास के उनके याद में
भारत का इतिहास उन महान विभूतियों से भरा है जिन्होंने अपने जीवनकाल में समाज, संस्कृति, राजनीति और कला को नई दिशा दी। 29 अक्टूबर का दिन ऐसे ही कई प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों के निधन की तिथि के रूप में स्मरण किया जाता है, जिन्होंने अपने योगदान से देश की अमिट पहचान बनाई। आइए जानते हैं उन महान आत्माओं के जीवन, योगदान और संघर्ष के प्रेरक प्रसंग।
ये भी पढ़ें – जानिए आपका भाग्यांक क्या कहता है
श्यामा चरण पति – छऊ नृत्य को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने llवाले कला साधक
श्यामा चरण पति का जन्म झारखंड के सुदूर क्षेत्र में हुआ था, जहाँ छऊ नृत्य की परंपरा लोक संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने छोटी उम्र से ही नृत्य की शिक्षा ली और बाद में इस पारंपरिक नृत्य शैली को न केवल भारतीय मंचों पर बल्कि विश्व के विभिन्न देशों तक पहुँचाया। उन्होंने छऊ नृत्य को आधुनिक अभिव्यक्ति और नाट्य रूपांतरण से जोड़ा। इसके माध्यम से झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिली। 2020 में उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी कला आज भी छऊ नर्तकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
केशुभाई पटेल – जनसेवा और स्वच्छ राजनीति के प्रतीक नेता
गुजरात के विसनगर (जिला महेसाणा) में 24 जुलाई 1928 को जन्मे केशुभाई पटेल भारतीय राजनीति के एक ईमानदार और समर्पित चेहरा थे। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरित होकर जनसंघ के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। गुजरात के दसवें मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने ग्रामीण विकास, जल प्रबंधन और औद्योगिक प्रगति के कई उल्लेखनीय कार्य किए। उनकी प्रशासनिक नीति “सुशासन और स्वच्छता” पर आधारित थी। 29 अक्टूबर 2020 को उनका निधन हुआ, परंतु वे आज भी गुजरात की राजनीति में आदर्श नेतृत्व के प्रतीक के रूप में याद किए जाते हैं।
ये भी पढ़ें – 🧠 “स्ट्रोक पर काबू: जागरूकता और होम्योपैथी से जीवन की नई उम्मीद”
सैयद मोहम्मद अहमद काज़मी – स्वतंत्र भारत की प्रथम लोकसभा के जननायक
सैयद मोहम्मद अहमद काज़मी का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे एक शिक्षित और समाजसेवी व्यक्ति थे जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को मजबूत करने में योगदान दिया। 1952 में वे पहली लोकसभा के सदस्य के रूप में चुने गए। उन्होंने संसद में किसानों, मजदूरों और शिक्षा के मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। उनका राजनीतिक दृष्टिकोण सदैव जनकल्याण पर आधारित रहा। 1959 में उनका निधन हुआ, पर उनकी विचारधारा आज भी भारतीय लोकतंत्र की नींव में गूंजती है।
ये भी पढ़ें – जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय
कमलादेवी चट्टोपाध्याय – भारतीय हस्तकला की पुनर्जागरणकर्ता और समाज सुधारक
कमलादेवी चट्टोपाध्याय का जन्म 3 अप्रैल 1903 को मैंगलोर, कर्नाटक में हुआ था। वे न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थीं बल्कि भारतीय हस्तकला और हथकरघा उद्योग के पुनर्जागरण की सबसे प्रमुख आवाज़ बनीं। उन्होंने ऑल इंडिया हैंडीक्राफ्ट्स बोर्ड की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कला को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया। वे गांधीवादी विचारधारा की प्रबल समर्थक थीं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत रहीं। 29 अक्टूबर 1988 को उनका निधन हुआ, लेकिन वे आज भी भारत की सांस्कृतिक चेतना की प्रतीक हैं।
ये भी पढ़ें – जानिए आपका भाग्यांक क्या कहता है
वी. आर. खानोलकर – भारतीय चिकित्सा विज्ञान के अग्रदूत रोग विज्ञानी
डॉ. वी. आर. खानोलकर का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था। वे भारत में पैथोलॉजी (रोग विज्ञान) के क्षेत्र में अग्रणी वैज्ञानिकों में से एक थे। उन्होंने भारतीय कैंसर अनुसंधान केंद्र की स्थापना की और देश में चिकित्सा अनुसंधान की नई दिशा तय की। उनका शोध कार्य कैंसर, रक्त संबंधी बीमारियों और संक्रमण रोगों की पहचान में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ। वे चिकित्सा शिक्षा में भारतीय संदर्भों को शामिल करने के पक्षधर थे। 29 अक्टूबर 1978 को उनका निधन हुआ, परंतु उनके वैज्ञानिक योगदान आज भी चिकित्सा जगत में मार्गदर्शक है।
29 अक्टूबर का दिन भारतीय इतिहास में उन विभूतियों की स्मृति को संजोए रखता है जिन्होंने समाज, संस्कृति, विज्ञान और राजनीति के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए। इन महान आत्माओं ने दिखाया कि कर्म और समर्पण ही वह दीप हैं जो समय के अंधकार में भी राष्ट्र को आलोकित करते हैं।
जानिए आपका भाग्यांक क्या कहता है
🔆आज का अंक राशिफल — पंडित सुधीर तिवारी द्वारा🔆
(संख्या बताए आपके दिन की दिशा)
अंक ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के जीवन पर उसके जन्मांक का गहरा प्रभाव होता है। आज जानिए 1 से 9 तक के मूलांकों का दिन कैसा रहेगा और कौन-सा उपाय आपको भाग्यशाली बनाएगा।
🌞 मूलांक – 1 : सूर्य का आशीर्वाद
(जन्म तिथि – 1, 10, 19, 28)
आज कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। अधिकारी आपके निर्णयों से प्रसन्न रहेंगे। नेतृत्व क्षमता से आप टीम को सफलता की ओर ले जाएंगे। व्यापार में भी नई संभावनाएं मिलेंगी।
उपाय: सोना धारण करें, आत्मविश्वास बढ़ेगा।
ये भी पढ़ें – योगी सरकार का बड़ा फैसला: गन्ने का दाम बढ़ा, व्यापारियों को भी राहत
🌙 मूलांक – 2 : चंद्रमा की शीतल छाया
(जन्म तिथि – 2, 11, 20, 29)
आज सहयोगियों से पूरा साथ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और समझदारी की सराहना होगी। परिवार में सामंजस्य बढ़ेगा और कोई नया निवेश लाभ देगा।
उपाय: पीपल के वृक्ष पर दूध चढ़ाएं, मानसिक शांति मिलेगी।
🌕 मूलांक – 3 : बृहस्पति का आशीर्वाद
(जन्म तिथि – 3, 12, 21, 30)
आज परिवार के साथ आनंदमय समय बीतेगा। मनोरंजन और यात्रा की योजना बन सकती है। विवाह योग्य जातकों के लिए अच्छे प्रस्ताव आएंगे। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी।
उपाय: केले का दान करें, भाग्य प्रबल होगा।
ये भी पढ़ें – पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल: कई थानेदारों के कार्यक्षेत्र बदले, नई तैनाती से बढ़ेगी कानून व्यवस्था की मजबूती
🌫️ मूलांक – 4 : राहु की चाल
(जन्म तिथि – 4, 13, 22, 31)
काम का बोझ अधिक रहेगा, जिससे थकान महसूस होगी। दांपत्य जीवन में हल्का तनाव संभव है, पर संवाद से स्थिति सुधरेगी। धैर्य और संयम से कार्य करें।
उपाय: खोटे सिक्के जल में प्रवाहित करें, नकारात्मकता दूर होगी।
🌿 मूलांक – 5 : बुध की ऊर्जा
(जन्म तिथि – 5, 14, 23)
आज आप जोश और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। नई योजनाओं पर कार्य आरंभ होगा। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, पर काम की अधिकता से थकान संभव है।
उपाय: हरी सब्जियों का सेवन करें, मानसिक स्थिरता बनी रहेगी।
ये भी पढ़ें – रूदलापुर में कूड़ा निस्तारण बना बड़ी समस्या, जलभराव से सड़क बनी तालाब
🌸 मूलांक – 6 : शुक्र का सौंदर्य
(जन्म तिथि – 6, 15, 24)
आज करियर में शुभ समाचार मिल सकता है। प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आपके व्यक्तित्व से लोग प्रभावित होंगे।
उपाय: नहाने के पानी में गुलाब जल डालें, आकर्षण और सौभाग्य बढ़ेगा।
🔮 मूलांक – 7 : केतु की रहस्यमयी शक्ति
(जन्म तिथि – 7, 16, 25)
व्यापारियों के लिए दिन लाभदायक रहेगा। पुराने निवेश से लाभ मिलेगा और नए संपर्क बनेंगे। किसी रिश्तेदार के साथ साझेदारी शुरू हो सकती है।
उपाय: तिल का तेल दान करें, सफलता मार्ग प्रशस्त होगा।
ये भी पढ़ें – निरंजन शुक्ला — जिनकी थाली में भरी है उम्मीद की रोटी और इंसानियत की खुशबू”
⚖️ मूलांक – 8 : शनि का न्याय
(जन्म तिथि – 8, 17, 26)
आज नई आय के स्रोत खुलेंगे। समाज सेवा से प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में सुधार और नए अवसर मिलेंगे। मेहनत का उचित फल मिलेगा।
उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें, ग्रह बाधा दूर होगी।
🔥 मूलांक – 9 : मंगल की ऊर्जा
(जन्म तिथि – 9, 18, 27)
सरकारी कर्मचारियों को मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है। निजी क्षेत्र में नई टीम के साथ काम का अवसर मिलेगा। संपत्ति से जुड़े मामलों में सतर्क रहें।
उपाय: बूंदी का प्रसाद हनुमान जी को अर्पित करें, कार्यसिद्धि होगी।
⚠️ अस्वीकरण:
यह अंक ज्योतिषीय जानकारी केवल सामान्य अध्ययन हेतु है। “राष्ट्र की परम्परा” इस अंक राशिफल को प्रमाणित नहीं करता। अपने जीवन से जुड़े निर्णय अपनी जन्मकुंडली किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से अवश्य दिखाकर ही करें।
जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय
विश्व स्ट्रोक दिवस 2025
(World Stroke Day 2025)
हर साल 29 अक्टूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस (World Stroke Day) मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों में स्ट्रोक (Stroke) यानी मस्तिष्क आघात के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके रोकथाम, लक्षणों की पहचान और त्वरित उपचार के महत्व को समझाना है। इस दिन विश्वभर में स्वास्थ्य संगठन, चिकित्सक, और सामाजिक संस्थाएँ मिलकर अभियान चलाते हैं ताकि लोग इस जानलेवा बीमारी के खतरे को गंभीरता से लें।
🧠 स्ट्रोक क्या है?
स्ट्रोक को आम भाषा में “लकवा मारना” कहा जाता है। यह तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त प्रवाह अचानक रुक जाता है या किसी नस में रक्त का थक्का (Blood Clot) बन जाता है। मस्तिष्क को ऑक्सीजन और पोषक तत्व न मिलने के कारण मस्तिष्क कोशिकाएँ (Brain Cells) कुछ ही मिनटों में नष्ट होने लगती हैं।
मुख्यतः स्ट्रोक दो प्रकार का होता है –
ये भी पढ़ें-महागठबंधन का प्रण पत्र: वादों की बौछार या जनता के मुद्दों का समाधान?
इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke) – यह सबसे आम प्रकार है, जिसमें मस्तिष्क की रक्त वाहिका ब्लॉक हो जाती है।
- हेमरेजिक स्ट्रोक (Hemorrhagic Stroke) – इसमें रक्त वाहिका फट जाती है और रक्त मस्तिष्क में फैल जाता है।
⚠️ स्ट्रोक के लक्षण
स्ट्रोक के लक्षण अचानक दिखाई देते हैं, इसलिए समय पर पहचान बहुत जरूरी है। प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं –
चेहरे, हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन
बोलने में कठिनाई या अस्पष्ट भाषा
एक या दोनों आंखों से देखने में परेशानी
सिरदर्द या चक्कर आना
शरीर के किसी एक हिस्से का नियंत्रण खोना
“BE FAST” फॉर्मूला स्ट्रोक की पहचान के लिए बहुत उपयोगी है –
B – Balance (संतुलन): अचानक गिरना या चलने में परेशानी
E – Eyes (आंखें): दृष्टि धुंधली होना
F – Face (चेहरा): चेहरा टेढ़ा होना
A – Arms (भुजाएँ): हाथ उठाने में असमर्थता
S – Speech (वाणी): बोलने में परेशानी
T – Time (समय): तुरंत चिकित्सा सहायता लें - ये भी पढ़ें – रूदलापुर में कूड़ा निस्तारण बना बड़ी समस्या, जलभराव से सड़क बनी तालाब
- 🩺 रोकथाम के उपाय
स्ट्रोक से बचाव संभव है यदि हम कुछ बातों पर ध्यान दें –
रक्तचाप (BP) और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएँ
नियमित व्यायाम करें
नमक और तैलीय भोजन का सेवन सीमित करें
तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें
वार्षिक स्वास्थ्य जांच कराएँ - ये भी पढ़ें – रूदलापुर में कूड़ा निस्तारण बना बड़ी समस्या, जलभराव से सड़क बनी तालाब
- 🌍 विश्व स्ट्रोक दिवस का उद्देश्य
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और World Stroke Organization (WSO) के अनुसार, हर साल लगभग 1.3 करोड़ लोग स्ट्रोक का शिकार बनते हैं और 60 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु हो जाती है। इस दिवस का लक्ष्य लोगों को यह समझाना है कि समय पर इलाज मिलने पर अधिकांश स्ट्रोक रोगी स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
💬 स्ट्रोक एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जो किसी भी उम्र में, खासकर अस्वस्थ जीवनशैली वाले लोगों को प्रभावित कर सकती है। इसलिए इसका इलाज नहीं, बल्कि जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। विश्व स्ट्रोक दिवस हमें याद दिलाता है कि कुछ मिनटों की तत्परता से किसी की ज़िंदगी बचाई जा सकती है।
🧠 “स्ट्रोक पर काबू: जागरूकता और होम्योपैथी से जीवन की नई उम्मीद”
(विश्व स्ट्रोक दिवस 2025 विशेष लेख)
हर साल 29 अक्टूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस (World Stroke Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में स्ट्रोक यानी मस्तिष्क आघात के प्रति जागरूकता बढ़ाना और यह समझाना है कि समय पर उपचार, जीवनशैली में सुधार और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियाँ किस तरह जीवन बचा सकती हैं।
स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है — चाहे रक्त का थक्का जमने से (इसकी स्थिति को इस्केमिक स्ट्रोक कहा जाता है) या किसी रक्त वाहिका के फटने से (हेमरेजिक स्ट्रोक)। इस वजह से मस्तिष्क की कोशिकाएँ ऑक्सीजन से वंचित हो जाती हैं और व्यक्ति को लकवा, बोलने में कठिनाई या चेतना खोने जैसी गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं।
ये भी पढ़ें – आज का मौसम: सुबह रहेगी हल्की ठंड, दोपहर में निकलेगी धूप, शाम तक लौटेगी ठंडक — जानें कैसा रहेगा तापमान
⚠️ स्ट्रोक के शुरुआती संकेत – इन्हें पहचानना जरूरी है
स्ट्रोक की पहचान समय पर हो जाए तो जीवन बचाना संभव है। कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं —
चेहरे का एक हिस्सा अचानक झुक जाना या मुस्कुराने में कठिनाई
हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नता महसूस होना
बोलने में दिक्कत या अस्पष्ट भाषा
दृष्टि धुंधली होना
अचानक तेज सिरदर्द या चक्कर
संतुलन खो देना या चलने में परेशानी
“टाइम इज ब्रेन” — यानी हर सेकंड मस्तिष्क की कोशिकाएँ मरती हैं। इसलिए ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाएँ।
ये भी पढ़ें – रुद्रपुर में घरेलू विवाद में भाई-भाभी पर चाकू हमला, तीन घायल
💊 होम्योपैथी की भूमिका – पुनर्वास में नई उम्मीद
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. गिरिजेश मिश्र बताते हैं कि –
“स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति में प्रारंभिक अवस्था में एलोपैथिक चिकित्सा (थ्रोम्बोलाइसिस, न्यूरो केयर आदि) से रोगी की जान बचाई जा सकती है। परंतु जब रोगी स्थिर हो जाए और पुनर्वास (Rehabilitation) का चरण शुरू हो, तब होम्योपैथी अत्यंत प्रभावी सहायक चिकित्सा के रूप में कार्य करती है।”
वे बताते हैं कि होम्योपैथी की औषधियाँ मस्तिष्क के तंत्रिका तंत्र पर कोमल किन्तु गहरा प्रभाव डालती हैं। यह नसों की कार्यक्षमता पुनः सक्रिय करने, मांसपेशियों की जकड़न कम करने, तथा भाषा, संतुलन और स्मरण शक्ति को लौटाने में मदद करती हैं।
ये भी पढ़ें – “ट्रेनें, उड़ानें ठप – यातायात पर ‘मोंथा’ की मार”
🌿 प्रमुख होम्योपैथिक औषधियाँ जो स्ट्रोक के बाद सहायक हो सकती हैं
(डॉक्टर की देखरेख में ही इनका उपयोग करें)
Aconite 30 – उपचार में कारगर सिद्ध होती है।
Arnica montana – मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं की चोट या रक्तस्राव के बाद लाभकारी।
Causticum – लकवा या अंगों में कमजोरी की स्थिति में सहायक।
Nux vomica – तनाव, उच्च रक्तचाप या अधिक शराब सेवन से हुए स्ट्रोक के बाद राहत देती है।
Belladonna – अचानक सिरदर्द, चेहरे में खिंचाव या चक्कर आने की स्थिति में उपयोगी।
डॉ. मिश्र बताते हैं,
“होम्योपैथी व्यक्ति की प्रकृति, मानसिक स्थिति और लक्षणों के आधार पर काम करती है। इसलिए एक ही बीमारी के लिए हर व्यक्ति की दवा अलग हो सकती है।”
ये भी पढ़ें – “हिंदी प्रश्न पत्र में लाएं शानदार अंक: हाई स्कूल के छात्रों के लिए सफलता का मंत्र”
🧘♀️ जीवनशैली सुधार: स्ट्रोक से बचाव के सुनहरे उपाय
स्ट्रोक का खतरा मुख्यतः उन लोगों में बढ़ता है जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, धूम्रपान, तनाव या अनियमित दिनचर्या से जूझ रहे हैं।
स्ट्रोक से बचने के कुछ आसान उपाय —
- रक्तचाप व शुगर की नियमित जांच करें।
- धूम्रपान व शराब से परहेज रखें।
- संतुलित आहार लें – फाइबर, फल, हरी सब्जियाँ, और ओमेगा–3 युक्त भोजन।
- नियमित व्यायाम या योगाभ्यास करें।
- पर्याप्त नींद और तनावमुक्त जीवन अपनाएँ।
- किसी भी चेतावनी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें — तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
💬 होम्योपैथी और आधुनिक चिकित्सा का संतुलन ही सफलता की कुंजी
आज के समय में सबसे बड़ा संदेश यही है कि होम्योपैथी को मुख्य उपचार के स्थान पर नहीं बल्कि पूरक चिकित्सा (Complementary Therapy) के रूप में अपनाना चाहिए।
प्रारंभिक स्ट्रोक उपचार में आधुनिक चिकित्सा की त्वरित भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जबकि दीर्घकालिक सुधार व जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने में होम्योपैथी सहयोगी भूमिका निभाती है।
🌈 जागरूकता से ही जीवन की राह आसान
विश्व स्ट्रोक दिवस का मूल संदेश यही है कि —
“सावधानी ही सुरक्षा है, और जागरूकता ही जीवन की नई उम्मीद।”
स्ट्रोक का त्वरित उपचार, समय पर चिकित्सा सलाह, संतुलित जीवनशैली, और होम्योपैथी जैसी वैकल्पिक पद्धतियों का समन्वय मिलकर रोगी के जीवन में नयी ऊर्जा और आत्मविश्वास भर सकता है।
समय पर कदम उठाएँ — क्योंकि आपकी जागरूकता किसी की ज़िंदगी बचा सकती है।
योगी सरकार का बड़ा फैसला: गन्ने का दाम बढ़ा, व्यापारियों को भी राहत
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गन्ना किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। मंगलवार को सरकार ने गन्ने के समर्थन मूल्य (SAP) में बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए किसानों को राहत दी है। अब अगैती प्रजाति के गन्ने का मूल्य ₹400 प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य ₹390 प्रति क्विंटल तय किया गया है।
इस बढ़ोतरी से राज्य के लाखों गन्ना किसान लाभान्वित होंगे। योगी सरकार का यह कदम प्रदेश में गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
व्यापारियों और उद्यमियों को भी बड़ी राहत
इसी के साथ, प्रदेश सरकार ने व्यापार जगत के लिए भी बड़ा निर्णय लिया है। कैबिनेट ने “उत्तर प्रदेश सुगम व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश-2025” को मंजूरी दी है। इस अध्यादेश के तहत 13 प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक अधिनियमों में लगभग 99% आपराधिक प्रावधान खत्म कर दिए गए हैं।
अब मामूली उल्लंघनों पर उद्यमियों को जेल भेजने की बजाय आर्थिक दंड या प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य “Ease of Doing Business” को बढ़ावा देना और निवेश का माहौल और अनुकूल बनाना है।
अध्यादेश के अंतर्गत आने वाले प्रमुख अधिनियमों में फैक्ट्री अधिनियम, दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट, बोइलर अधिनियम और अनुबंध श्रमिक अधिनियम शामिल हैं। इन सभी में पुराने कठोर प्रावधानों को सरल किया गया है।
यह कदम प्रदेश में उद्योगों, व्यापार और रोजगार सृजन को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल: कई थानेदारों के कार्यक्षेत्र बदले, नई तैनाती से बढ़ेगी कानून व्यवस्था की मजबूती
बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बलिया जिले के पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक ओम वीर सिंह ने कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस कार्यप्रणाली में तेजी लाने के उद्देश्य से कई निरीक्षकों व उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है।
जारी सूची के अनुसार विभिन्न थानों के प्रभारी निरीक्षकों को नई तैनाती दी गई है। सूत्रों के मुताबिक यह कदम आगामी त्योहारों और जनपद में बढ़ती सामाजिक गतिविधियों को देखते हुए उठाया गया है, ताकि पुलिसिंग को और प्रभावी बनाया जा सके।
जिन अधिकारियों का कार्यकाल लंबा हो गया था, उन्हें अन्य थानों में स्थानांतरित किया गया है, जबकि कुछ नवनियुक्त अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस प्रशासनिक कार्रवाई से पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। कई थाना प्रभारियों ने अपने-अपने नए थानों में पदभार ग्रहण कर लिया है और क्षेत्रीय जनता से समन्वय स्थापित करने में जुट गए हैं।
यह भी पढ़ें – रूदलापुर में कूड़ा निस्तारण बना बड़ी समस्या, जलभराव से सड़क बनी तालाब
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया है कि सभी अधिकारी अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनता से संवाद को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
पुलिस विभाग का कहना है कि यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य कार्यकुशलता बढ़ाना और बेहतर कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
इस फेरबदल से उम्मीद जताई जा रही है कि बलिया में अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
यह भी पढ़ें – डिग्री नहीं, कौशल चाहिए: क्यों बदल रही है युवाओं की सोच
