Wednesday, July 1, 2026
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हमदर्द बनकर युवाओं का ब्रेनवॉश करती थी डॉ. शाहीन, एटीएस ने किया बड़ा खुलासा

Lucknow News: उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने एक बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि डॉ. शाहीन हमदर्द का रूप लेकर युवाओं को आतंकी गतिविधियों (Terror Links) की ओर भटकाने का काम कर रही थी। वह मेडिकल छात्रों के साथ-साथ मुस्लिम मरीजों का भी ब्रेनवॉश (Brainwash) करती थी और उन्हें कट्टरपंथी संगठनों से जोड़ने की कोशिश करती थी।

एटीएस को मिले अहम सुराग

एटीएस अधिकारियों के अनुसार, डॉ. शाहीन की आतंकी नेटवर्क से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों के प्रमाण मिले हैं। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि वह ‘अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट’ (AQIS) मॉड्यूल से जुड़े लोगों के संपर्क में थी।
टीम ने शाहीन के दिल्ली और कश्मीर कनेक्शन की भी जांच शुरू कर दी है।

पहले भी सामने आ चुका है डॉक्टरों का आतंकी कनेक्शन

यह कोई पहला मामला नहीं है जब डॉक्टरों की आतंकियों से नजदीकियां सामने आई हों।
अगस्त 2024 में दिल्ली पुलिस और यूपी एटीएस ने मिलकर एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था, जिसमें रांची के डॉ. इश्तियाक अहमद को गिरफ्तार किया गया था।
वह अलकायदा मॉड्यूल का सरगना था और देशभर से 14 लोगों को पकड़ा गया था।
अब शाहीन के मामले में भी उसी मॉड्यूल से कनेक्शन की जांच हो रही है।

विदेश में पढ़ने वाली छात्राओं को बनाती थी निशाना

सूत्रों के मुताबिक, डॉ. शाहीन विदेश में पढ़ने वाली मुस्लिम छात्राओं से ऑनलाइन संपर्क करती थी।
वह खुद को गाइडेंस काउंसलर बताकर बातचीत शुरू करती और धीरे-धीरे ‘जमात-उल-मोमिनात’ संगठन से जोड़ने के लिए ब्रेनवॉश करती थी।
कई छात्राओं को उसने ‘हमदर्दी दिखाने’ के बहाने कट्टरपंथी विचारधारा की ओर मोड़ने की कोशिश की।

जम्मू-कश्मीर से भी जुड़े तार

एटीएस को यह भी जानकारी मिली है कि शाहीन ने कई बार जम्मू-कश्मीर की यात्राएं की थीं।
वह आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट (Logistic Support) मुहैया कराती थी — यानी ठिकाना, संपर्क और संसाधन उपलब्ध कराना।
फिलहाल एटीएस की टीम दिल्ली और अन्य राज्यों में छानबीन कर रही है ताकि मॉड्यूल के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

UPPSC RO ARO Mains Exam Date 2026: आरओ – एआरओ मुख्य परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी को, देखें पूरा शेड्यूल और नोटिस

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UPPSC RO/ARO Mains Exam 2026 Date Out: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) भर्ती 2023 की मुख्य परीक्षा तिथि (Mains Exam Date) जारी कर दी है। आयोग की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस http://uppsc.up.nic.in पर देखा जा सकता है।

यह परीक्षा केवल उन्हीं उम्मीदवारों के लिए होगी जिन्होंने 27 जुलाई 2025 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया है।

UPPSC RO ARO Mains Exam 2026 Schedule

आयोग के अनुसार, परीक्षा दो दिनों तक आयोजित की जाएगी —
🗓️ 31 जनवरी 2026 (शनिवार) और 1 फरवरी 2026 (रविवार) को।

👉 पहला दिन — 31 जनवरी 2026

पेपर 1 (सामान्य अध्ययन): सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक

पेपर 2 (सब्जेक्टिव-ऑब्जेक्टिव): दोपहर 2:00 बजे से 4:30 बजे तक

तीसरा सत्र (लघु परीक्षा सत्र): 4:30 बजे से 5:00 बजे तक

👉 दूसरा दिन — 1 फरवरी 2026

हिन्दी निबंध पेपर: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक

आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यक हुआ तो विशेष परिस्थितियों में परीक्षा तिथियों में परिवर्तन संभव है।

एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख

RO/ARO Mains Exam Admit Card 2026 परीक्षा से कुछ दिन पहले UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे uppsc.up.nic.in पर नियमित रूप से विजिट करते रहें ताकि किसी भी महत्वपूर्ण अपडेट से वे वंचित न रहें।

कुल उम्मीदवार और रिक्तियां

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 411 पदों को भरा जाएगा।

Prelims परीक्षा परिणाम 16 सितंबर 2025 को जारी हुआ था।

कुल 7,509 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए पात्र घोषित किए गए हैं।

चयन प्रक्रिया और अंतिम मेरिट

अंतिम चयन मुख्य परीक्षा (Mains) के अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें उम्मीदवारों की लेखन योग्यता, सामान्य अध्ययन और विषयगत समझ का मूल्यांकन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में RO/ARO पदों पर नियुक्त किया जाएगा।

NSO रिपोर्ट: जीएसटी दरों में कटौती से अक्तूबर में खुदरा महंगाई घटकर 0.25% के ऐतिहासिक निचले स्तर पर

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बिज़नेस (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) ने नया रिकॉर्ड बनाया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्तूबर 2025 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर सिर्फ 0.25% रही — जो वर्तमान श्रृंखला (आधार वर्ष 2012) की अब तक की सबसे कम दर है।

सितंबर 2025 में खुदरा महंगाई 1.44% थी, जबकि अक्तूबर 2024 में यह 6.21% पर थी। रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी दरों में कटौती के कारण खाने-पीने की वस्तुओं, सब्जियों, फलों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली।

खाद्य महंगाई शून्य से नीचे पहुंची

एनएसओ के अनुसार, अक्तूबर में खाद्य महंगाई (-)5.02% पर रही, जबकि सितंबर में यह (-)2.33% और पिछले वर्ष अक्तूबर में 10.87% थी। सब्जियों, अनाज, फलों और अंडों की कीमतों में कमी ने कुल मुद्रास्फीति को नीचे खींचा।

ग्रामीण और शहरी इलाकों में राहत

ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 1.07% से घटकर (-)0.25% हो गई, जबकि शहरी इलाकों में यह 0.88% रही। दोनों ही इलाकों में लोगों को उपभोग वस्तुओं की कीमतों में राहत मिली।

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राज्यों में महंगाई दर

रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी-बिहार समेत पांच राज्यों में महंगाई दर सबसे कम रही —

बिहार: (-1.97%)

उत्तर प्रदेश: (-1.71%)

मध्य प्रदेश: (-1.62%)

असम: (-1.50%)

ओडिशा: (-1.39%)

वहीं केरल में महंगाई दर सबसे अधिक 8.56% दर्ज की गई।

दिसंबर में रेपो दर घटने की संभावना

इक्रा (ICRA) की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि खाद्य कीमतों में नरमी और जीएसटी कटौती के असर से आरबीआई (RBI) दिसंबर में रेपो दर में 0.25% की कटौती पर विचार कर सकता है। उनका कहना है कि अगर दूसरी तिमाही में GDP वृद्धि बहुत अधिक नहीं रही, तो यह कदम और पुख्ता होगा।

ईंधन-बिजली कीमतें स्थिर

ईंधन और बिजली की महंगाई दर 1.98% पर स्थिर रही, जिससे कुल मुद्रास्फीति में कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।

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कला, राजनीति और साहित्य के अमर नायक

🌟 13 नवंबर को जन्मे महान व्यक्तित्व: जिन्होंने अपने कार्यों से देश के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी 🌟


भारत का इतिहास ऐसे अनेक रत्नों से भरा हुआ है, जिन्होंने अपनी प्रतिभा, समर्पण और योगदान से देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक जीवन को नई दिशा दी। 13 नवंबर का दिन भी कुछ ऐसे ही महान व्यक्तित्वों की याद दिलाता है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में अद्भुत कार्य किए।
🎬 जूही चावला (जन्म 1968 – लुधियाना, पंजाब)
जूही चावला का जन्म 13 नवंबर 1968 को पंजाब के लुधियाना जिले में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा के अंबाला से प्राप्त की और आगे चलकर मिस इंडिया (1984) का खिताब जीतकर फिल्म जगत में कदम रखा। जूही चावला ने ‘कयामत से कयामत तक’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘इश्क’ जैसी फिल्मों से दर्शकों के दिलों में अमिट स्थान बनाया। उनकी अभिनय प्रतिभा और सरल व्यक्तित्व ने हिंदी सिनेमा में महिला सशक्तिकरण की एक नई पहचान बनाई।

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🎥 मीनाक्षी शेषाद्रि (जन्म 1967 – धनबाद, झारखंड)
13 नवंबर 1967 को जन्मी मीनाक्षी शेषाद्रि का जन्म धनबाद (झारखंड) में हुआ। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने मिस इंडिया का ताज जीता और फिल्मों में अभिनय की शुरुआत की। मीनाक्षी ने ‘हीरो’, ‘घायल’, ‘दमिनी’ जैसी फिल्मों से न केवल अभिनय का लोहा मनवाया बल्कि भारतीय सिनेमा में सामाजिक मुद्दों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बनीं। विशेष रूप से ‘दमिनी’ में उनका अभिनय भारतीय नारी की आवाज़ बनकर उभरा।
🏛️ प्रियरंजन दासमुंशी (जन्म 1945 – दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल)
प्रियरंजन दासमुंशी का जन्म पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर में हुआ। उन्होंने राजनीतिक विज्ञान में स्नातक किया और कांग्रेस पार्टी से जुड़कर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वे संचार मंत्री रहे और ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष के रूप में भारतीय फुटबॉल को नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभाई। उनका योगदान भारतीय खेल जगत और राजनीति दोनों में ही प्रेरणादायक रहा।

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✍️ गजानन माधव मुक्तिबोध (जन्म 1917 – श्योपुरी, मध्य प्रदेश)
गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म मध्य प्रदेश के श्योपुरी जिले में हुआ। वे हिन्दी के प्रगतिशील कवि, आलोचक और विचारक थे। उनकी कविताएँ समाज के यथार्थ और संघर्ष को दर्शाती हैं। ‘अंधेरे में’ जैसी रचना ने उन्हें अमर बना दिया। उनकी लेखनी ने हिंदी साहित्य में नई चेतना और क्रांतिकारी दृष्टिकोण का संचार किया।
🏫 वसंतदादा पाटिल (जन्म 1917 – सांगली, महाराष्ट्र)
महाराष्ट्र के सांगली जिले में जन्मे वसंतदादा पाटिल एक दृढ़ इच्छाशक्ति वाले नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़कर किसानों और श्रमिकों के हित में अनेक कार्य किए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने ग्रामीण विकास और शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए।

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📚 राय कृष्णदास (जन्म 1892 – वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
13 नवंबर 1892 को वाराणसी में जन्मे राय कृष्णदास हिंदी साहित्य के उत्कृष्ट गद्यकार और कहानीकार थे। उन्हें ‘भारत भारती’ जैसी साहित्यिक संस्थाओं के माध्यम से हिन्दी संस्कृति के संरक्षण का श्रेय जाता है। वे काशी के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के अग्रदूतों में से एक रहे।
⚖️ मुकुन्द रामाराव जयकर (जन्म 1873 – पुणे, महाराष्ट्र)
मुकुन्द रामाराव जयकर का जन्म पुणे में हुआ। वे प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री, समाजसेवक और न्यायविद थे। भारतीय संविधान सभा के सदस्य के रूप में उन्होंने स्वतंत्र भारत के संवैधानिक ढांचे को मजबूत करने में योगदान दिया। उन्होंने सामाजिक सुधार और शिक्षा के प्रसार में जीवनभर सक्रिय भूमिका निभाई।

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🏰 महाराजा रणजीत सिंह (जन्म 1780 – गुजरांवाला, पंजाब, वर्तमान पाकिस्तान)
13 नवंबर 1780 को गुजरांवाला में जन्मे महाराजा रणजीत सिंह, सिख साम्राज्य के संस्थापक और पंजाब के महान शासक थे। उन्होंने उत्तर भारत को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया। उनकी नीति धर्मनिरपेक्ष और जनहितकारी थी। लाहौर को राजधानी बनाकर उन्होंने प्रशासन, सेना और कला के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत की।
🌹 13 नवंबर को जन्मे ये सभी व्यक्तित्व अपने क्षेत्र के आदर्श स्तंभ हैं। किसी ने साहित्य से समाज को जागरूक किया, किसी ने राजनीति से राष्ट्र निर्माण किया, तो किसी ने कला से भावनाओं को स्वर दिया। इनका जीवन हमें यह सिखाता है कि समर्पण, साहस और कर्मनिष्ठा से ही व्यक्ति इतिहास में अमर बनता है।

खपत के दम पर दूसरी तिमाही में 7.2% की रफ्तार से बढ़ेगी GDP, निजी उपभोग में 8% की तेज बढ़ोतरी

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बिजनेस (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देश की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन की ओर कदम बढ़ाया है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में भारत की GDP वृद्धि दर 7.2% रहने का अनुमान है। यह रफ्तार मुख्य रूप से निजी खपत (Private Consumption) में आई 8% की बढ़ोतरी के कारण संभव हुई है।

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) की रिपोर्ट के अनुसार, निजी खपत में आई यह उछाल उच्च और निम्न आय वाले दोनों वर्गों की स्थिर वास्तविक आय में सुधार और आयकर में मिली राहत से संभव हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आयकर कटौती ने उपभोग मांग को मजबूत समर्थन दिया।

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8% रही थी, जो पिछले पांच तिमाहियों में सबसे तेज थी। वहीं, पिछले साल की दूसरी तिमाही में यह केवल 5.6% थी।

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इंडिया रेटिंग्स के अर्थशास्त्री और कार्यकारी निदेशक पारस जसराय ने बताया कि अगर GST दरों के युक्तिकरण के चलते उपभोक्ताओं ने खरीदारी को टालने का निर्णय न लिया होता, तो निजी उपभोग और भी तेजी से बढ़ सकता था।

उन्होंने आगे कहा कि विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्र (Services Sector) ने भी दूसरी तिमाही में GDP को सहारा दिया। माल निर्यात में वृद्धि और सरकारी पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) की मजबूती ने निवेश मांग (Investment Demand) को 7.5% तक पहुंचा दिया है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) 28 नवंबर को आधिकारिक तौर पर दूसरी तिमाही की GDP वृद्धि दर जारी करेगा।

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पूजा, व्रत और दान का महत्व

🕉️ पंचांग 13 नवंबर 2025, गुरुवार : मार्गशीर्ष कृष्ण नवमी का शुभ-अशुभ योग और राहुकाल


हिन्दू पंचांग के अनुसार 13 नवंबर 2025, गुरुवार को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन कई योग और नक्षत्रों के संयोग बन रहे हैं जो पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश और शुभ कार्यों के लिए मार्गदर्शक होते हैं। आइए जानें इस दिन का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ समय और राहुकाल।
🌅 दिनांक एवं विवरण
दिनांक: 13 नवंबर 2025 (गुरुवार)
माह: मार्गशीर्ष (कृष्ण पक्ष)
तिथि: नवमी तिथि – रात 11:34 बजे तक, उसके बाद दशमी
नक्षत्र: मघा रात्रि 7:38 बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी
योग: ब्रह्म योग प्रातः 6:57 तक, उसके बाद इन्द्र योग और वैधृति योग
करण: तैतिल 11:11 AM तक, फिर गर और वणिज
चंद्र राशि: सिंह राशि में चंद्रमा का गोचर
सूर्य राशि: तुला राशि
☀️ सूर्य एवं चंद्र समय
सूर्योदय: 6:43 AM
सूर्यास्त: 5:38 PM
चंद्रोदय: 12:35 AM
चंद्रास्त: 1:41 PM
द्रिक ऋतु: हेमंत
अयन: दक्षिणायन
🪔 शुभ समय (मुहूर्त)
अभिजीत मुहूर्त: 11:49 AM – 12:32 PM
अमृत काल: 5:21 PM – 7:01 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 5:07 AM – 5:55 AM
चौघड़िया शुभ काल:
शुभ – 6:43 AM से 8:05 AM
लाभ – 12:11 PM से 1:33 PM
अमृत – 1:33 PM से 2:55 PM
⚠️ अशुभ समय (राहुकाल एवं यमगण्ड)
राहुकाल: 1:33 PM – 2:55 PM
यमगण्ड: 6:43 AM – 8:05 AM
कुलिक काल: 9:27 AM – 10:49 AM
दुर्मुहूर्त: 10:21 AM – 11:05 AM और 2:43 PM – 3:27 PM
वर्ज्य: 7:06 AM – 8:46 AM तथा 4:12 AM – 5:55 AM
इन समयों में किसी भी शुभ कार्य या यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
🌙 विशेष ज्योतिषीय स्थिति
चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा — जिससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी।
सूर्य तुला राशि में है — जिससे संतुलन और व्यवहारिक दृष्टिकोण बढ़ेगा।
गण्डमूल नक्षत्र: मघा नक्षत्र (6:35 PM तक)
चंद्रबल राशियाँ: मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ और मीन
🧘‍♀️ दिन का आध्यात्मिक महत्व
मार्गशीर्ष कृष्ण नवमी तिथि को ध्यान, जप, साधना और दान-पुण्य के कार्य करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना से आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है।
साथ ही, हनुमान जी की पूजा करने से ग्रहदोषों और शत्रु बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

🔮 13 नवंबर 2025 का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। दोपहर का समय राहुकाल से ग्रसित रहेगा, इसलिए नए कार्यों की शुरुआत से परहेज़ करें। प्रातःकाल और सायंकाल का समय पूजा, आराधना और पारिवारिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ रहेगा।

श्रीहरि विष्णु की कथा: जब-जब धरती पर बढ़ा अधर्म, तब-तब हुआ उनका अवतार

विष्णु भगवान की दिव्य लीला: सृष्टि के पालनहार की अनंत महिमा

🌿 सनातन धर्म के त्रिदेवों में भगवान विष्णु को पालनहार की उपाधि प्राप्त है। जहां ब्रह्मा जी सृष्टि की रचना करते हैं और भगवान शिव उसका संहार करते हैं, वहीं श्रीहरि विष्णु समस्त ब्रह्मांड का पालन-पोषण करते हैं। उनका प्रत्येक अवतार किसी विशेष उद्देश्य से जुड़ा है — जब-जब अधर्म बढ़ता है और धर्म संकट में आता है, तब-तब प्रभु विष्णु स्वयं अवतरित होकर संसार में संतुलन स्थापित करते हैं। हम भगवान विष्णु की दिव्य लीलाओं, उनके अवतारों की रहस्यमयी गाथाओं और उनके आराधन से मिलने वाले आध्यात्मिक फलों पर विस्तृत प्रकाश डालेंगे।

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🌺 श्रीहरि विष्णु की लीला का सार
विष्णु भगवान की महिमा का वर्णन वेद, पुराण और उपनिषदों में असंख्य रूपों में मिलता है। उनकी लीला अनंत है — न आदि है, न अंत। वे स्वयं कहते हैं कि “मैं ही सृष्टि का कारण हूं, मुझसे ही सब प्राणी उत्पन्न होते हैं और अंततः मुझमें ही लीन हो जाते हैं।”
समुद्र मंथन की कथा इसका अद्भुत उदाहरण है — जब देवता और असुर अमृत पाने के लिए मंथन कर रहे थे, तब प्रभु ने कूर्म अवतार लेकर सागर के भीतर मेरु पर्वत को स्थिर किया। यही नहीं, जब अमृत कलश असुरों के हाथ लगने का संकट आया, तब भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत प्रदान किया।
इन लीलाओं से यह सिद्ध होता है कि भगवान विष्णु न केवल सृष्टि के रक्षक हैं, बल्कि धर्म की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहते हैं।

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🌼 विष्णु के प्रमुख अवतारों की अद्भुत गाथा
भगवान विष्णु के दस प्रमुख अवतारों में से प्रत्येक अवतार किसी विशेष उद्देश्य से हुआ —
मत्स्य अवतार में उन्होंने वेदों की रक्षा की,
कूर्म अवतार में सृष्टि का संतुलन बनाया,
वराह अवतार में पृथ्वी को जल से बाहर निकाला,
नरसिंह अवतार में भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए राक्षस हिरण्यकशिपु का अंत किया,
वामन अवतार में उन्होंने राजा बलि को विनम्रता का पाठ पढ़ाया,
परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि अवतार तक, हर युग में विष्णु भगवान ने धर्म की स्थापना की है।
प्रत्येक अवतार एक संदेश देता है — “अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है।”

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🌸 भक्ति का मार्ग और श्रीहरि का स्मरण
भगवान विष्णु की आराधना करने वाला व्यक्ति जीवन में कभी भी भय, दुर्भाग्य या दुख से परास्त नहीं होता। श्रीहरि के नाम का जाप, विशेषकर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का स्मरण मन को स्थिरता, आत्मिक शांति और जीवन में दिशा प्रदान करता है।
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है। इस दिन पीले वस्त्र धारण कर, तुलसी पत्र और पीले पुष्पों से उनकी पूजा करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है और नकारात्मक शक्तियाँ दूर भागती हैं।

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🌿 विष्णु और लक्ष्मी: दिव्य युगल का अद्भुत संतुलन
जहां भगवान विष्णु संरक्षण के प्रतीक हैं, वहीं माता लक्ष्मी समृद्धि और सौभाग्य की प्रतीक हैं। दोनों का संगम ही जीवन में पूर्णता लाता है। पुराणों के अनुसार जब विष्णु भगवान शेषनाग पर शयन करते हैं, तो लक्ष्मी जी उनके चरणों की सेवा में रहती हैं। यह दृश्य हमें त्याग और समर्पण का अद्भुत संदेश देता है — कि सच्चा प्रेम ईश्वर की भांति निस्वार्थ होता है।

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🌻 विष्णु की उपासना से जीवन में परिवर्तन
जो व्यक्ति श्रद्धा, प्रेम और विश्वास के साथ विष्णु भगवान की भक्ति करता है, उसके जीवन से सारे क्लेश स्वतः समाप्त हो जाते हैं। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से मानसिक शांति, धन और वैभव की प्राप्ति होती है।
यह भी कहा गया है कि जो व्यक्ति विष्णु भगवान के नाम का ध्यान करके दिन की शुरुआत करता है, उसका दिन मंगलमय रहता है।
भगवान विष्णु सिखाते हैं कि धर्म का मार्ग कठिन अवश्य है, परंतु वही मुक्ति का पथ है।

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🌺विष्णु भगवान केवल एक देवता नहीं, बल्कि जीवन के संतुलन के प्रतीक हैं। उनकी हर कथा हमें यह सिखाती है कि सत्य, करुणा और कर्तव्य का पालन ही सर्वोच्च भक्ति है।
जब-जब मन विचलित हो, विष्णु के नाम का स्मरण करें, क्योंकि श्रीहरि की कृपा से असंभव भी संभव हो जाता है।
भगवान विष्णु का यह संदेश सदा गूंजता रहे —
“धर्मो रक्षति रक्षितः।”
(जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।)

डॉ. उमर की साजिश बेनकाब: 26/11 जैसा हमला कर दिसंबर में दिल्ली को दहलाना चाहता था, तुर्किये से जुड़े आतंकी तार

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। लाल किले के पास सोमवार शाम हुए कार ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, धमाका पुलवामा निवासी डॉ. उमर नबी ने अंजाम दिया था। डीएनए जांच से पुष्टि हो गई है कि कार में मिले अवशेष उसी के हैं। जांच में सामने आया है कि उमर 6 दिसंबर (बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी) के दिन मुंबई 26/11 जैसे आतंकी हमले की साजिश रच रहा था।

दिल्ली को दहलाने की थी योजना

एनआईए और दिल्ली पुलिस को मिले सुरागों के अनुसार, उमर और उसके साथियों के निशाने पर लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर थे। वहीं, देशभर में रेलवे स्टेशन और शॉपिंग मॉल्स को भी निशाना बनाने की योजना थी।

फरीदाबाद से पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल के आठ संदिग्धों से पूछताछ में इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। अधिकारियों के अनुसार, उमर कार बम तैयार करने में जुटा था और इंटरनेट से इसके लिए तकनीकी जानकारी जुटा रहा था। 10 नवंबर को उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद वह बौखला गया और जल्दबाजी में धमाका कर बैठा।

तुर्किये कनेक्शन आया सामने

जांच में खुलासा हुआ कि डॉ. मुजम्मिल गनई, जो फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा था, ने जनवरी 2025 में कई बार लाल किले की रेकी की थी। उसके मोबाइल डाटा और सीसीटीवी फुटेज से यह बात साबित हुई है।
जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि उमर और मुजम्मिल दोनों तुर्किये गए थे, जहां उनके किसी विदेशी हैंडलर से मिलने की आशंका है। तुर्किये सरकार ने हालांकि आतंकी गतिविधियों से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।

अल फलाह विश्वविद्यालय और डॉक्टरों पर शिकंजा

संदिग्धों में कई डॉक्टर शामिल हैं, जिनमें कुछ अल फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े बताए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि उनका आरोपियों से केवल “पेशेवर संबंध” था और वे राष्ट्र के साथ खड़े हैं।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जमात-ए-इस्लामी से जुड़े 500 से अधिक ठिकानों पर छापे मारे और 12 डॉक्टरों को हिरासत में लिया। इनमें से कई दक्षिण कश्मीर के हैं।

मेवात से मौलवी गिरफ्तार, विस्फोटक बरामद

हरियाणा के मेवात से मौलवी इश्तियाक को पकड़ा गया है, जिसके घर से 2,500 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुआ। यह आतंकी नेटवर्क से जुड़ा नौवां आरोपी है। फरीदाबाद से उमर की लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार भी जब्त की गई है, जिससे इलाके के घर खाली कराए गए।

एनआईए ने संभाली जांच, सरकार की सख्त प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और एक विशेष दल गठित किया है। वहीं, केंद्र सरकार ने इस हमले को “जघन्य आतंकी वारदात” करार देते हुए शून्य सहनशीलता की नीति दोहराई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पारित कर आतंकवाद की निंदा की गई और मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।

तालिबान का बड़ा फैसला: पाकिस्तान को दिया करारा झटका, व्यापार और ट्रांजिट पर लगाई रोक — जानिए वजह

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। अफगानिस्तान के आर्थिक मामलों के डिप्टी प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने पाकिस्तान के साथ व्यापार और ट्रांजिट रोकने का ऐलान किया है। यह फैसला तालिबान ने पाकिस्तान की ओर से दी जा रही हमले की धमकियों के बीच लिया है।

तालिबान ने व्यापारियों को दी सख्त चेतावनी

मुल्ला बरादर ने अफगान उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ बैठक में कहा कि अब समय आ गया है कि अफगानी व्यापारी पाकिस्तान के बजाय वैकल्पिक व्यापार मार्गों की तलाश करें। उन्होंने कहा,

“देश की गरिमा और अफगान व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस्लामिक अमीरात ने पाकिस्तान के रास्ते होने वाले व्यापार को रोकने का निर्णय लिया है। पाकिस्तान बार-बार व्यापार मार्गों को बंद कर गैर-राजनीतिक मुद्दों को राजनीतिक टूल की तरह इस्तेमाल करता रहा है।”

बरादर ने आगे कहा कि यदि कोई व्यापारी इस आदेश की अनदेखी करते हुए पाकिस्तान के रास्ते व्यापार करता है, तो सरकार उसकी मदद नहीं करेगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी —

“जो व्यापारी इस फैसले का पालन नहीं करेंगे, उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।”

क्यों बढ़ा पाकिस्तान-अफगानिस्तान का विवाद?

दरअसल, हालिया तनाव की जड़ कुर्रम जिला है, जो पहले फेडरली एडमिनिस्टरड ट्राइबल एरिया (FATA) का हिस्सा था। यह इलाका घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा है और यहां पश्तून कबीलों का दबदबा है।

ब्रिटिश हुकूमत ने 1893 में ड्यूंड लाइन बनाकर अफगानिस्तान और ब्रिटिश भारत को अलग किया था, लेकिन पश्तून कबीलों ने कभी इस सीमा को नहीं माना।
पाकिस्तान ने 2018 में FATA को खैबर पख्तूनख्वा में मिला दिया, जिससे पश्तून समुदाय नाराज है। इसी विवादित सीमा क्षेत्र में झड़पें होती रहती हैं, जिन्हें पाकिस्तान अपने ऊपर हमला मानता है — और यही मौजूदा तनाव की बड़ी वजह है।

तालिबान का यह फैसला दोनों देशों के रिश्तों में और कड़वाहट ला सकता है। पाकिस्तान पहले से ही आतंकी हमलों और सीमा विवादों से जूझ रहा है, वहीं अब अफगानिस्तान की यह आर्थिक नाकेबंदी जैसी कार्रवाई दक्षिण एशिया की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।

किसानों के फसलों की बर्बादी का शीघ्र मिले मुआवजा: राकेश सिंह

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पिछले दिनों बारिश में किसानों की हुई है भारी क्षति

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जिले में 12 दिन पहले बे मौसम बारिश तेज़ हवाओं आंधी पानी से किसानों की धान की फसल की हुई भारी क्षति से पीड़ित किसानों ने दिन में 12 बजे जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष व भाजपा किसान नेता राकेश सिंह के नेतृत्व में खंड विकास अधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर क्षेत्रीय किसानों ने जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी के नाम का पत्रक खंड विकास अधिकारी विवेक सिंह को ज्ञापन दिया। राकेश सिंह ने कहा कि धान की हुई क्षति का सर्वे इस ब्लॉक में राजस्व कर्मी नहीं कर रहे हैं इससे किसानों में बहुत ही आक्रोश है, लगता है कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी और जिलाधिकारी के आदेश को इस ब्लॉक के राजस्व कर्मी तवज्जो नहीं दे रहे हैं। इस बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर बहुत ही आर्थिक क्षति पहुंचाई है जिन किसानों ने आलू, सरसों, मटर, मसूर को खेतों में बोया था वो बारिश होने से सड़ गया है ।किसानों ने ज्ञापन में मांगकी है कि रतनपुरा ब्लाक के 18 गांवों में धान की फसल पानी में सड़ रही क्योंकि सिंचाई विभाग की खड़िया ड्रेन में मखना गांव के पास मछली मारने वाले अवैध बंधे डालकर पानी के बहाव को रोक दिया है जिसके कारण गाढा और इटौरा ताल के पानी का बहाव रुक गया है । इस क्षेत्रके किसानों का धान तो मछली मारनेवालों के कारण डूब ही गया, अब रबी की गेहूं ,सरसों, मटर, मसूर आदि की खेती भी नहीं हो पायेंगी,। इन मछली मारने वालों के बांधों को नहीं हटाया गया तो रतनपुरा ब्लाक के 18गावो के किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति आ जएगी।इस अवसर पर निसार अहमद,अजय तिवारी,बृजेश सिंह, परमात्मा सिंह, विनोदसिह, विजय तिवारी घुरा चौहान,बबन सिंह प्रेम नारायण सिंह, अनिल यादव,संजयसिंह, रमेश यादव, राणा प्रताप सिंह, श्याम बहादुर चौहान, राधेश्याम यादव,कामता मौर्य, सावित्री देवी, रामबचनचौहान, शिवकुमारी, रामाश्रय राम, नाजीर चौहान, रामप्यारे गौतम, रामबली चौहान, महात्म शर्मा,धरूव सिंह, अशोक पांडेय, जंगी राजभर, फेकू राम, रामचंद्र सिंह रमेशचंद्र रतनपुरी, मनजीत राम, सिपाही सिह, विजय शंकर प्रजापति, सुरेश राजभर, घनश्याम, राजेश सिंह,सदन यादव, ध्रुव सिंह, शिवापरकाश सिंह, गुड्डू चौहान, राम जी, बंशी चौहान आदि किसान उपस्थित रहे। ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर किसानों ने फसल की क्षति का मुआवजा दो,,, हमारी मांगे पूरी हो,,,, खड़िया ड्रेन के अबैध बन्धो को हटाओ,,,, भारत माता की जय,,,, जय जवान -जय किसान आदि नारा लगाए।

घुघली के चंद्रशेखर त्रिपाठी बने अनुभाग अधिकारी, क्षेत्र में खुशी की लहर

उ.प्र.सचिवालय लखनऊ में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में मिली अहम जिम्मेदारी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महराजगंज के विकास खंड घुघली क्षेत्र के ग्राम पंचायत जोगिया निवासी चंद्रशेखर त्रिपाठी ने अपने उत्कृष्ट कार्य व निष्ठा से एक नई उपलब्धि हासिल की है। उन्हें उत्तर प्रदेश सचिवालय, लखनऊ में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में अनुभाग अधिकारी पद पर प्रोन्नति मिली है।
इससे पूर्व
त्रिपाठी परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह के साथ परिवहन विभाग में समीक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। उनकी इस सफलता से जोगिया ही नहीं, पूरा जनपद गौरवान्वित महसूस कर रहा है।उनकी पदोन्नति पर क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई है। शुभकामनाएं देने वालों में प्रमुख संघ के पूर्व जिला महासचिव नागेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोहन सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी शरद कुमार सिंह (बबलू सिंह), नगर पंचायत घुघली के पूर्व चेयरमैन वीरेन्द्र सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान कमलेश सिंह (गुड्डू सिंह), ब्रह्मस्थान मठ जोगिया एवं रावत मंदिर अयोध्या के महंत बालकदास, योगेश त्रिपाठी, विवेक त्रिपाठी, न्यायाधीश मनीष द्विवेदी, तथा बलिया निवासी आलोक कुमार सिंह शामिल हैं। सभी ने उनके इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

जिले में मच्छरों का आतंक, फॉगिंग न होने से बढ़ी चिंता

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l नगर पंचायत सिकंदरपुर सहित आसपास की सभी ग्राम पंचायतों में इन दिनों मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। शाम होते ही गलियों और घरों में मच्छरों की भरमार से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अब तक फॉगिंग की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात खत्म होने के बाद जलभराव और गंदगी के चलते मच्छरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। स्कूलों, बाजारों और मोहल्लों में छोटे बच्चे व बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं। लोगों ने अपने स्तर से अगरबत्ती, कॉइल और स्प्रे का उपयोग शुरू कर दिया है, लेकिन इनका असर सीमित समय तक ही रहता है। निवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन केवल कागजों पर सफाई और फॉगिंग का दावा करता है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति तो और भी बदतर है, जहां महीनों से कोई सफाईकर्मी नहीं पहुंचा है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मांग की है कि नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों में तुरंत फॉगिंग अभियान चलाया जाए, नालियों की सफाई की जाए और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपाय सुनिश्चित किए जाएं।नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मनोज पांडेय ने बताया कि “एक-दो दिन में पूरे नगर क्षेत्र में फॉगिंग कराई जाएगी।”

सुबह-सुबह टहलने निकली महिला से चैन स्नैचिंग, बाइक सवार दो बदमाश फरार

नौतनवां कस्बे में वारदात, पुलिस जांच में जुटी

महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा )। कस्बा नौतनवां में बुधवार सुबह बाइक सवार दो युवकों ने महिला से चैन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार लोहिया नगर वार्ड निवासी दीप्ति गर्ग, पत्नी विश्व प्रसाद गर्ग, रोजाना की तरह सुबह टहलने के लिए निकली थीं। जब वे रेलवे स्टेशन चौराहा के आगे पिंक शौचालय के पास पहुंचीं, तभी इंटर कॉलेज की ओर से आ रही एक बाइक पर सवार दो युवकों ने उन्हें निशाना बना लिया।
पीड़िता ने बताया कि बाइक के पीछे बैठा युवक अचानक पास आया और गले में पड़ी सोने की चैन पर झपट्टा मार दिया। चैन का आधा हिस्सा उनके पास रह गया जबकि आधी चैन लेकर युवक फरार हो गया। घटना के समय बाइक सवार चालक ने हेलमेट और पीछे बैठे युवक ने मास्क लगा रखा था। इतना ही नहीं, पीछे बैठे युवक ने अपने पैर से बाइक की नंबर प्लेट ढक रखी थी, ताकि पहचान न हो सके।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस आस- पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

सदर क्षेत्र के गांवों में बिक रही देशी शराब, आबकारी निरीक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल

घुघली थाना क्षेत्र के गोपाला मार्ग पर 45 टेट्रा पैक देशी शराब के साथ एक गिरफ्तार

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज सदर तहसील क्षेत्र में देशी मदिरा की अवैध बिक्री तेजी से बढ़ती जा रही है। लाइसेंसी दुकानों के अलावा अब गांवों में भी शराब की बिक्री आम बात हो गई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई किराने की दुकानों, चाय की दुकानों और छोटी गुमटियों पर देशी मदिरा आसानी से उपलब्ध हो रही है, जिससे क्षेत्र में नशाखोरी की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि कुछ दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये लेकर शराब बेच रहे हैं, जबकि बताया जाता है कि आबकारी नियमों के तहत एक व्यक्ति को एक दिन में अधिकतम 1.5 लीटर देशी शराब ही खरीदने की अनुमति है। बावजूद इसके, बड़े पैमाने पर बिक्री से यह सवाल उठता है कि आखिर इतनी मात्रा में मदिरा लाइसेंसी दुकानों से बाहर कैसे पहुंच रही है? स्थानीय लोगों ने आबकारी निरीक्षक सदर से औचक निरीक्षण बढ़ाने की मांग की है ताकि गांवों में चल रही अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाई जा सके। वही पुलिस विभाग हरकत में आयी और बुधवार को पुलिस अधीक्षक महराजगंज के निर्देशन में चलाए जा रहे अवैध शराब बिक्री व परिवहन विरोधी अभियान के तहत थाना घुघली पुलिस टीम ने बड़ी सफलता हासिल की। अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कार्यरत टीम ने पुरैना खण्डीचौरा से गोपाला मार्ग पर एक व्यक्ति को 45 टेट्रा पैक देशी शराब (ब्रांड बन्टी बबली) के साथ गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान पिंटू पुत्र रामदुलारे, निवासी ग्राम सिरसिया, थाना घुघली, जनपद महराजगंज, उम्र लगभग 40 वर्ष के रूप में हुई। उसके खिलाफ मु.अ.सं. 407/25 धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक धर्मेंद्र जैन, हेड कॉन्स्टेबल विनय कुमार सिंह और कॉन्स्टेबल राहुल कुमार शामिल रहें।