Wednesday, July 1, 2026
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“एग्ज़ाम में हर बार दोहराए गए सवाल: कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान के 10 सालों के सबसे भरोसेमंद प्रश्न”

कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उन प्रश्नों की होती है जो हर वर्ष दोहराए जाते हैं या किसी न किसी रूप में बार-बार पूछे जाते हैं। सामाजिक विज्ञान एक ऐसा विषय है जिसमें अध्यायों का दायरा बड़ा होने के बावजूद कुछ विषय और अवधारणाएँ लगातार परीक्षा में दिखाई देती हैं। छात्रों के बेहतर प्रदर्शन और उच्च अंक प्राप्त करने के उद्देश्य से पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण कर ऐसे प्रमुख प्रश्नों की सूची तैयार की गई है, जो आगामी बोर्ड परीक्षा में भी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। विषयवार विभाजन के साथ तैयार यह सूची छात्रों की तैयारी को आसान, सटीक और परीक्षा-उन्मुख बनाने में मदद करेगी।

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान: पिछले 10 वर्षों के सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न (विषयवार संकलन)

इतिहास (History)

  1. राष्ट्रवाद का उदय क्या था? इसके प्रमुख कारण लिखिए।
  2. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में गांधीजी की भूमिका का वर्णन कीजिए।
  3. वस्त्र उद्योग के विकास ने भारतीय अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित किया?
  4. प्रिंट संस्कृति के विकास से समाज में क्या परिवर्तन आए?
  5. औद्योगिक क्रांति के प्रभावों का वर्णन करें।

भूगोल (Geography)

  1. भारत में मृदा के प्रकार तथा उनके उपयोग लिखिए।
  2. जल संसाधनों का संरक्षण क्यों आवश्यक है? कारण बताइए।
  3. खनिज के प्रकार व उनके प्रमुख उत्पादक राज्य लिखिए।
  4. भारत के प्रमुख कृषि उत्पाद और उनसे जुड़े जलवायु कारकों का वर्णन करें।
  5. राष्ट्रीय राजमार्गों का महत्व समझाइए।

अर्थशास्त्र (Economics)

  1. विकास (Development) की अवधारणा क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
  2. वैश्वीकरण का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव लिखिए।
  3. उपभोक्ता अधिकार क्या हैं? विस्तार से बताइए।
  4. ऋण और उसकी आवश्यकताओं को उदाहरण सहित समझाएं।
  5. संगठित और असंगठित क्षेत्र में अंतर लिखिए।

नागरिक शास्त्र / राजनीतिक विज्ञान (Political Science / Civics)

  1. लोकतंत्र की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें।
  2. संघवाद (Federalism) क्या है? भारत में इसके लागू रूप कौन-कौन से हैं?
  3. लैंगिक भेदभाव के कारण और उसके समाधान लिखिए।
  4. निर्वाचन प्रणाली क्या है? भारत की चुनाव प्रक्रिया समझाइए।
  5. सत्ता का विकेंद्रीकरण क्यों आवश्यक है? कारण लिखिए।

🔶 17 नवंबर को जन्मे महान व्यक्तित्व — इतिहास के पन्नों पर अमर नाम

1️⃣ सीरिल रामाफोसा (जन्म: 1952) — दक्षिण अफ्रीका के जननायक राष्ट्रपति
सीरिल रामाफोसा दक्षिण अफ्रीका की राजनीति और मानवाधिकार आंदोलन का वह चमकता सितारा हैं, जिसने अपने संघर्ष और दूरदर्शी नेतृत्व से देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत किया। 1952 को जन्मे रामाफोसा ने अपने जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की और धीरे-धीरे एंटी-अपार्थाइड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए। उनके नेतृत्व ने दक्षिण अफ्रीका को नस्लभेद की भयावह दीवारों को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई। दक्षिण अफ्रीका के पाँचवें राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने आर्थिक सुधार, सामाजिक समानता और मज़दूर वर्ग के अधिकारों को प्राथमिकता दी। व्यवसायिक दृष्टिकोण और राजनीतिक अनुभव का अनोखा मिश्रण उन्हें एक प्रभावशाली वैश्विक नेता बनाता है।
2️⃣ कपिल कपूर (जन्म: 1940) — भारतीय भाषा-विज्ञान जगत का दैदीप्यमान नाम
1940 को जन्मे कपिल कपूर भारतीय भाषाओं, साहित्य और सांस्कृतिक विमर्श के सम्मानित स्तंभ हैं। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के अंग्रेज़ी केंद्र में प्रोफेसर के रूप में वर्षों तक अध्यापन किया और भारतीय भाषाविज्ञान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी शोध-यात्रा भारतीय परंपरा, साहित्यिक सिद्धांतों, लोक-संस्कृति और भाषिक विविधता पर आधारित रही है। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों में प्रस्तुत करने की क्षमता ने उन्हें विद्वानों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा किया। उनकी पुस्तकों और शोध लेखों ने विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पाठकों को भारतीय साहित्य और भाषा के नए आयामों से परिचित कराया।

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3️⃣ पद्मजा नायडू (जन्म: 1900) — राष्ट्रसेवा का उज्ज्वल प्रतीक
1900 में जन्मी पद्मजा नायडू एक ऐसी प्रेरणादायक राजनीतिक हस्ती थीं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्रहित और समाजसेवा को समर्पित कर दिया। देश की महान कवयित्री और स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू की पुत्री होने के बावजूद, उन्होंने अपनी पहचान संघर्ष और कर्म के माध्यम से बनाई। पद्मजा नायडू भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहीं और बाद में लंबे समय तक वेस्ट बंगाल की राज्यपाल के रूप में सेवा की। राष्ट्र निर्माण, महिलाओं के उत्थान, सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है। कोमल हृदय और दृढ़ संकल्प का यह अनोखा संगम उन्हें भारतीय राजनीति की प्रतिष्ठित शख्सियतों में शामिल करता है।
🔷17 नवंबर का दिन विश्व को ऐसे प्रेरणादायक नेता, विद्वान और समाजसेवक देने के लिए जाना जाता है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ी। इन महान व्यक्तित्वों ने यह सिद्ध किया कि जन्म तिथि चाहे कोई भी हो, कर्म की रोशनी दुनिया के हर कोने में फैल सकती है।

17 नवंबर का ऐतिहासिक सफर: सभ्यता, संघर्ष और उपलब्धियों का अनमोल दिन

17 नवंबर का इतिहास: समय की धारा पर अमिट छाप छोड़ने वाली घटनाओं की अद्भुत गाथा

भारत और विश्व के इतिहास में 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ वह अध्याय हैं जो समय के पन्नों में स्थायी रूप से दर्ज हैं। यह तिथि राजनीति, समाज, विज्ञान, युद्ध, कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंधों, खेल, साहित्य और तकनीक—हर क्षेत्र में अविस्मरणीय घटनाओं की साक्षी रही है। 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ केवल तथ्यों की सूची नहीं बल्कि मानव सभ्यता की दिशा बदलने वाले फैसलों, संघर्षों और उपलब्धियों की सजीव कहानी हैं।
चलिए, इस तिथि पर घटी ऐतिहासिक घटनाओं को क्रमवार समझते हैं…
1278 – इंग्लैंड में 680 यहूदियों की गिरफ्तारी और 293 की फांसी
17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ धार्मिक असहिष्णुता और राजनीतिक साजिशों की नमूना भी रही हैं। इंग्लैंड में यहूदियों पर फर्जी मुद्रा का आरोप लगाकर 680 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 293 को फांसी दे दी गई। यह घटना मध्यकालीन यूरोप की कटु मानसिकता और धार्मिक भेदभाव का दुखद उदाहरण है।

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1525 – बाबर का भारत में पाँचवीं बार प्रवेश
भारत के इतिहास में 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाओं में यह घटना अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुगल साम्राज्य की नींव रखने वाले बाबर ने सिंध के रास्ते भारत में पाँचवीं बार प्रवेश किया। यह वही दौर था जिसने पानीपत की ऐतिहासिक लड़ाई और आगे मुगल शासन की लंबी कहानी को जन्म दिया।
1831 – इक्वाडोर और वेनेजुएला का ग्रेटर कोलंबिया से अलग होना
दक्षिण अमेरिका की राजनीतिक संरचना को बदलने वाली 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में से यह घटना निर्णायक थी। ग्रेटर कोलंबिया का विघटन हुआ और इक्वाडोर व वेनेजुएला स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अलग हुए। यह कदम क्षेत्रीय पहचान और स्वायत्तता की नई शुरुआत थी।
1869 – जेम्स मूरी की पहली 13 हजार किमी साइकिल रेस में जीत
17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ खेल इतिहास में भी दर्ज हैं। इंग्लैंड के जेम्स मूरी ने दुनिया की पहली 13,000 किमी लंबी साइकिल रेस जीतकर मानव धैर्य व साहस का अतुलनीय उदाहरण पेश किया। यह आधुनिक साइक्लिंग की नींव माना जाता है।
1932 – तीसरे गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत
भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ बेहद अहम हैं। तीसरा गोलमेज सम्मेलन लंदन में शुरू हुआ, जिसमें भारतीय नेताओं ने संवैधानिक सुधारों और स्वशासन की मांग को दृढ़ता से रखा। यह सम्मेलन भारतीय आजादी की राह का एक बड़ा अध्याय बना।
1933 – अमेरिका ने सोवियत संघ को मान्यता दी
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ का यह मोड़ बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिका ने पहली बार सोवियत संघ को आधिकारिक मान्यता दी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार व रणनीतिक संबंधों का नया अध्याय प्रारंभ हुआ।
1966 – रीता फारिया बनीं मिस वर्ल्ड: एशिया की पहली विजेता
17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ भारतीय महिलाओं के गौरव की स्वर्णिम तारीख भी है। भारत की रीता फारिया ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीतकर पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया और पहली एशियाई विजेता बनने का इतिहास रचा।
1970 – लुनाखोद-1 का चंद्रमा पर उतरना
अंतरिक्ष इतिहास में 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में सोवियत अंतरिक्ष यान लुनाखोद-1 का चंद्रतल पर उतरना महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। यह चांद पर चलने वाला पहला रोबोटिक रोवर था जिसने भविष्य के मिशनों की दिशा तय की।
रानी लक्ष्मीबाई का ऐतिहासिक पत्र ब्रिटिश लाइब्रेरी में मिला
स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई द्वारा लॉर्ड डलहौज़ी को लिखा गया एक महत्वपूर्ण पत्र 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में नया ऐतिहासिक खुलासा है। ब्रिटिश लाइब्रेरी में मिले इस पत्र ने उनके संघर्ष और तर्कों का नया पक्ष सामने रखा।
1993 – अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने नाफ्टा को मंजूरी दी
17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में अंतरराष्ट्रीय व्यापार का यह फैसला बेहद असरदार रहा। नाफ्टा समझौता अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के लिए मुक्त व्यापार के नए युग की शुरुआत थी।
1995 – ओसाका में APEC का सातवां शिखर सम्मेलन
एशिया-प्रशांत देशों के आर्थिक सहयोग को मजबूत करने वाली 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में यह सम्मेलन बड़ा मोड़ था। इसमें वैश्विक व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय साझेदारी के नए लक्ष्य तय हुए।
1999 – यूनेस्को ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को मंजूरी दी
17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ सांस्कृतिक संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण रहीं। इस निर्णय ने भाषाई विविधता को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाया।
2004 – रामेश्वर ठाकुर बने उड़ीसा के राज्यपाल
राजनीतिक घटनाओं में 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में यह महत्वपूर्ण बदलाव था जिसने प्रदेश की दिशा में नई प्रशासनिक शुरुआत की।
2005 – श्रीलंका चुनाव, इटली संविधान संशोधन और वोल्कर समिति मामलों में हलचल
इस दिन कई देशों में राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी पर रहीं। श्रीलंका में चुनाव सम्पन्न हुए, इटली ने बड़े संवैधानिक बदलावों को मंजूरी दी और संयुक्त राष्ट्र पर वोल्कर समिति दस्तावेज जारी करने का दबाव बढ़ा। यह 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ को बहुआयामी बनाता है।
2006 – भारत-अमेरिका परमाणु संधि को सीनेट की मंजूरी
17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में यह भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत करने वाला ऐतिहासिक फैसला था। इस संधि ने भारत की परमाणु ऊर्जा नीति और अमेरिकी सहयोग में बड़ा मोड़ दिया।
2007 – श्रीलंका में मुठभेड़ और ऑस्कर विजेता पीटर जीनर का निधन
श्रीलंका के जाफना क्षेत्र में मुठभेड़ में 11 LTTE उग्रवादी मारे गए। इसी दिन फिल्म उद्योग की कलात्मक विरासत में योगदान देने वाले ऑस्कर विजेता पीटर जीनर का भी निधन हुआ। दोनों घटनाएँ 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में दर्ज रहती हैं।
2008 – उद्योग, न्याय और खेल से जुड़ी कई बड़ी घटनाएँ
यह दिन कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय रहा—JSW स्टील का नया संयंत्र, ATS की नई रिपोर्ट, मालेगांव ब्लास्ट की कार्यवाही, भारत की क्रिकेट में जीत और चंद्रयान-2 परियोजना को मंजूरी। यह 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ को बहुआयामी स्वरूप देता है।
2009 – न्यायमूर्ति टी. एस. ठाकुर की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति
न्यायपालिका के इतिहास में 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में यह नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण रही। टी. एस. ठाकुर आगे चलकर भारत के मुख्य न्यायाधीश भी बने।
2012 – मिस्र में दर्दनाक रेल दुर्घटना
17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में यह बेहद दुखद घटना रही। मेनफॉल्ट क्षेत्र में रेल दुर्घटना में कम से कम 50 स्कूली छात्रों ने जान गंवाई।
2013 – रूस के कजान हवाईअड्डे पर विमान दुर्घटना इस घटना में 50 लोग मारे गए। यह 17 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएँ में दर्ज सबसे दुखद अंतरराष्ट्रीय घटनाओं में से एक है।

सोम प्रदोष व्रत 17 नवंबर 2025: पूजा मुहूर्त और महत्व

17 नवंबर 2025, सोमवार
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
सूर्य वृश्चिक – चंद्रमा: कन्या से तुला में परिवर्तन
📌 आज का विस्तृत पंचांग — 17 नवंबर 2025
तिथि: कृष्ण पक्ष त्रयोदशी

⏳ 04:47 AM – 18 नवंबर 07:12 AM तक
नक्षत्र:चित्रा — 02:11 AM – 05:01 AM
स्वाति — 05:01 AM – 18 नवंबर 07:59 AM
योग:प्रीति —07:22 AM तक
आयुष्मान —07:22 AM–18 नवंबर 08:08 AM
करण:गर — 04:48 AM – 05:59 PM
वणिज — 05:59 PM – 18 नवंबर 07:12 AM
वार: सोमवार
त्योहार/व्रत: सोम प्रदोष व्रत, प्रदोष व्रत
🌞 सूर्य एवं चंद्र ग्रहणीय समय
सूर्योदय: 6:46 AM
सूर्यास्त: 5:37 PM
चन्द्रोदय: 4:03 AM
चन्द्रास्त: 3:43 PM

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📌 ग्रह स्थिति
सूर्य: वृश्चिक राशि
चंद्रमा: 03:35 PM तक कन्या → उपरांत तुला
अशुभ काल (Avoid Timings)
राहुकाल: 8:07 AM – 9:28 AM
यमगण्ड: 10:50 AM – 12:11 PM
कुलिक: 1:33 PM – 2:54 PM
दुर्मुहूर्त: 12:33 PM – 1:16 PM, 2:43 PM – 3:27 PM
वर्ज्य: 11:08 AM – 12:55 PM

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शुभ काल (Auspicious Timings)
अभिजीत मुहूर्त: 11:50 AM – 12:33 PM
अमृत काल: 09:51 PM – 11:38 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:10 AM – 05:58 AM
🌙 चंद्र बल (Rashi ChandraBalam)
03:35 PM तक चंद्रबल – इन राशियों को शुभ फल: मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
03:35 PM के बाद चंद्रबल:मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर

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ताराबल (Nakshatra Tarabalam)
05:01 AM तक:भरणी, रोहिणी, आद्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती
05:01 AM के बाद:
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा
🌟 शुभ योग
द्विपुष्कर योग: 02:11 AM – 04:48 AM
(अमृतसिद्धि व सर्वार्थसिद्धि योग आज उपलब्ध नहीं)
🕒 दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)
अमृत — 06:46 AM – 08:07 AM
काल — 08:07 AM – 09:28 AM
शुभ — 09:28 AM – 10:50 AM
रोग — 10:50 AM – 12:11 PM
उद्बेग — 12:11 PM – 01:33 PM
चर — 01:33 PM – 02:54 PM
लाभ — 02:54 PM – 04:16 PM
अमृत — 04:16 PM – 05:37 PM
🌙 रात का चौघड़िया (Night Choghadiya)
चर — 05:37 PM – 07:16 PM
रोग — 07:16 PM – 08:54 PM
काल — 08:54 PM – 10:33 PM
लाभ — 10:33 PM – 12:12 AM
उद्बेग — 12:12 AM – 01:50 AM
शुभ — 01:50 AM – 03:29 AM
अमृत — 03:29 AM – 05:08 AM
चर — 05:08 AM – 06:46 AM
🧭 आज की यात्रा दिशा शुभ यात्रा दिशा:
➡ उत्तर और पूर्व दिशा में यात्रा शुभ
अशुभ यात्रा दिशा:
⬅ दक्षिण दिशा में यात्रा से बचें
🍀 आज घर से निकलते समय क्या खाएँ?
यात्रा मंगलमय हो इसके लिए —
दही-चीनी या गुड़ का सेवन शुभ माना गया है।
🔔 बिगड़े काम बनाने वाला विशेष मंत्र
घर से निकलते समय यह मंत्र 11 बार जपें –
“ॐ नमः शिवाय”
यह मंत्र मन को स्थिर करता है और कार्यों में सफलता प्रदान करता है।

जन्मतिथि बताएगी आपका शुभ भविष्य

✨ पंडित सुधीर तिवारी द्वारा आज का अंक राशिफल: जानें आपके अंकों में छिपा भविष्य ✨


अंक ज्योतिष व्यक्ति के स्वभाव, चुनौतियों और अवसरों को समझने का एक प्राचीन माध्यम है। जन्म तिथि से निकले मूलांक के आधार पर आज के दिन का मार्गदर्शन मिलता है। यदि आप ये जानना चाहते हैं कि आज ग्रह-अंक आपके लिए कौन से संकेत दे रहे हैं, तो पढ़िए—आज का अंक राशिफल, तैयार पंडित सुधीर तिवारी द्वारा सरल भाषा में।

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मूलांक निकालने का आसान तरीका
जन्म तारीख के अंकों का कुल योग = मूलांक
उदाहरण: 23 → 2+3 = 5
मूलांक हमेशा 1 से 9 के बीच होता है।
आज का अंक राशिफल (Aaj Ka Ank Rashifal)

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🔹 अंक 1
आज का दिन आपको नए अवसरों की ओर ले जाएगा। व्यक्तित्व में चमक बढ़ेगी। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है, इसलिए सावधानी बरतें। विद्यार्थी नए विषयों में रुचि लेंगे। निवेश से लाभ के योग बन रहे हैं।
शुभ अंक: 22
शुभ रंग: क्रीम

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🔹 अंक 2
आज का दिन आपके लिए बेहद खास साबित होगा। विवाह या रिश्तों से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। पुराने परिचितों से मुलाकात होगी। परिवार और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
शुभ अंक: 27
शुभ रंग: वॉयलेट

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🔹 अंक 3
बीती बातों का बोझ मन पर रह सकता है। बच्चों के भविष्य को लेकर सोचेंगे। परिवार के साथ छोटी यात्रा संभव है। धन का उपयोग सोच-समझकर करें।
शुभ अंक: 15
शुभ रंग: गुलाबी

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🔹 अंक 4
आज का दिन संतुलित रहेगा। आपकी मेहनत आपका सम्मान बढ़ाएगी। कार्य समय पर निपटेंगे। उधार दिया हुआ पैसा वापस मिल सकता है।
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: ग्रे

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🔹 अंक 5
दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव आएंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा। जीवनसाथी से खुशखबरी मिलने के संकेत हैं। नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी।
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: पीला

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🔹 अंक 6
स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रह सकता है। क्रोध से बचें, वरना विवाद हो सकता है। योग-ध्यान मन को शांत रखेगा। यात्रा लाभदायक रहेगी, पर वाहन सावधानी से चलाएं।
शुभ अंक: 29
शुभ रंग: गुलाबी
🔹 अंक 7
पुरानी बीमारी परेशान कर सकती है। मानसिक तनाव से दूर रहें। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। बचत बढ़ेगी।
शुभ अंक: 19
शुभ रंग: बैंगनी
🔹 अंक 8
नए प्रोजेक्ट के लिए यात्रा करनी पड़ सकती है। घर में किसी नए सदस्य के आने की संभावनाएं हैं। माता-पिता का सहयोग आत्मबल बढ़ाएगा।
शुभ अंक: 86
शुभ रंग: सफेद
🔹 अंक 9
परिवार, खासकर भाई-बहनों का प्रेम मिलेगा। कार्यस्थल पर बॉस से किसी बात पर मतभेद संभव है। किसी अजनबी पर भरोसा करने से नुकसान हो सकता है।
शुभ अंक: 22
शुभ रंग: ग्रे
🔻 महत्वपूर्ण सूचना
इस अंक ज्योतिष को राष्ट्र की परम्परा प्रमाणित नहीं करता। अपनी जन्मकुंडली अवश्य विशेषज्ञ से दिखाएं।

“बदलती पीढ़ी, बदलती पढ़ाई: शिक्षा में सुधार की दौड़ में स्कूल–कॉलेजों की बड़ी चुनौती”

देश की शिक्षा व्यवस्था इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है। तकनीक की तेज रफ्तार, बदलते पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच स्कूल और कॉलेजों के सामने शिक्षा को अधिक उपयोगी, रोजगारपरक और आधुनिक बनाने की चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही सरकार से लेकर शिक्षण संस्थानों तक, सभी स्तरों पर सुधार, पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास तेज हो गए हैं।

शैक्षणिक सुधारों की दिशा में राज्य और केंद्र सरकारों ने इस वर्ष कई बड़े निर्णय लिए हैं। डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने से लेकर कौशल आधारित शिक्षा मॉडल लागू करने तक, हर स्तर पर बदलाव स्पष्ट दिख रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच शिक्षा की खाई कम करने के लिए ई-क्लास, स्मार्ट लैब और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लर्निंग टूल्स की शुरुआत ने छात्रों को नई संभावनाओं का रास्ता दिखाया है।

इसी के साथ, बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, परीक्षा-पद्धति को सरल बनाने और विद्यालयों की आधारभूत सुविधाएँ मजबूत करने पर भी सरकार का फोकस बढ़ा है। शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी अधिक आधुनिक और परिणाम-आधारित बनाया जा रहा है ताकि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित हो सके।

अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस: युवाओं की ऊर्जा और आकांक्षाओं का उत्सव

पुनीत मिश्र

हर वर्ष 17 नवंबर को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस युवाओं की प्रतिभा, जिज्ञासा और संघर्षशीलता को सलाम करने का अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति उसकी कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और अध्ययन–कक्षों में तैयार हो रही नई सोच पर निर्भर करती है। छात्र ही वे चेहरे हैं जो आज पढ़ रहे हैं और कल देश को दिशा देंगे।
अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह बताता है कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि दृष्टि खोलने का द्वार है। छात्र विचारों का विस्तार करते हैं, सवाल उठाते हैं और नए समाधान तलाशते हैं। दुनिया में किसी भी बड़े परिवर्तन के पीछे विद्यार्थियों की सोच और हिम्मत नजर आती है। यह दिन विद्यार्थियों की आकांक्षाओं, अधिकारों और सुरक्षा को समझने और उन्हें प्राथमिकता देने का संदेश देता है।
भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। यह वही युवा शक्ति है जो तकनीक, विज्ञान, स्टार्टअप, खेल, कला और नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है। आज का विद्यार्थी अवसर खोजने वाला नहीं, बल्कि अवसर बनाने वाला बन चुका है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लेकर स्पेस रिसर्च तक, डिजिटल भारत से लेकर उद्यमिता तक—हर क्षेत्र में भारतीय छात्रों की दमदार मौजूदगी दिखाई देती है। यह बदलाव बताता है कि देश की नई पीढ़ी न केवल सपने देखती है बल्कि उन्हें साकार करने की क्षमता भी रखती है।
समाज में सबसे तेज़ी से बदलाव को समझने और स्वीकार करने की क्षमता छात्रों में ही होती है। वे परंपराओं को चुनौती देने का साहस रखते हैं और नए विचारों को अपनाते हैं। इतिहास में छात्र आंदोलनों ने कई निर्णायक मोड़ दिए हैं और आज भी विश्वविद्यालयों में होने वाली चर्चाएं तथा संवाद समाज को सजग और जीवंत बनाए रखते हैं। एक जागरूक छात्र केवल अपने करियर की ही चिंता नहीं करता, बल्कि अपने आसपास के माहौल और सामाजिक ढांचे को बेहतर बनाने में भी योगदान देता है।
डिजिटल युग में सीखने के अवसर बढ़े हैं, लेकिन चुनौतियाँ भी कई गुना बढ़ी हैं। बेहतर शिक्षा तक समान पहुंच, मानसिक स्वास्थ्य, कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता, रोजगार की अनिश्चितता और तेजी से बदलती तकनीक—यह सब आज के विद्यार्थियों के सामने गंभीर मुद्दे बनकर खड़े हैं। इन परिस्थितियों में आवश्यक है कि शिक्षा को केवल पठन-पाठन तक सीमित न रखकर उसे जीवन–कौशल, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ा जाए।
ज्ञान व्यक्ति को सक्षम बनाने के साथ-साथ उसे अपनी राह चुनने का आत्मविश्वास भी देता है। आज का विद्यार्थी न सिर्फ अपनी जिंदगी गढ़ रहा है, बल्कि अपनी सोच और रचनात्मकता से समाज और देश के भविष्य का आकार भी दे रहा है। पर्यावरण, तकनीक, सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, कृषि हर क्षेत्र में युवाओं की सक्रियता और संवेदनशीलता नई उम्मीद जगाती है।
अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस नई पीढ़ी की उस असीम क्षमता को सलाम करने का अवसर है, जो देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। भारत का युवा आज ऊर्जा, कौशल और संकल्प से भरा है। यदि उसे सही मार्गदर्शन, अवसर और वातावरण मिले, तो उसके सपने केवल उसकी नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की दिशा बदल सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। नई पीढ़ी के सपनों से ही उज्ज्वल होगा भारत का कल।

कोलकाता में चोटिल हुए शुभमन गिल को अस्पताल से मिली छुट्टी, गुवाहाटी टेस्ट में खेलने पर संशय बरकरार

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खेल (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान गर्दन में चोट के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। रविवार को सीएबी अध्यक्ष सौरव गांगुली ने वुडलैंड्स मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में पहुंचकर गिल का हालचाल जाना। हालांकि टीम को 30 रन की हार झेलनी पड़ी और दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

गुवाहाटी टेस्ट में गिल की उपलब्धता पर संशय जारी

गिल को मैच के दूसरे दिन बल्लेबाजी करते समय गर्दन में चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें तीसरे दिन ही पहले टेस्ट से बाहर कर दिया गया था। गिल दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध नहीं थे, जब भारत 93 रन पर ढेर हो गया। टीम मैनेजमेंट उनकी रिकवरी पर नजर बनाए हुए है। गुवाहाटी में 22 नवंबर से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में उनकी उपलब्धता पर अभी भी अनिश्चितता है। भारतीय टीम मंगलवार को गुवाहाटी रवाना होगी।

दूसरी पारी में भारत की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप

दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी तीसरे दिन 153 रन पर सिमटी, जिससे भारत के सामने जीत के लिए 124 रन का लक्ष्य था।
लेकिन भारतीय बल्लेबाज चुनौतीपूर्ण पिच पर टिक नहीं सके और टीम सिर्फ 93 रन पर ऑलआउट हो गई।

छह बल्लेबाज दहाई अंक तक भी नहीं पहुंचे। भारतीय टीम पूरे दो सत्र भी नहीं झेल सकी। टीम का संघर्ष पूरे मैच में जारी रहा और बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह बिखर गया।

15 साल बाद भारत में दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट जीत

यह जीत दक्षिण अफ्रीका के लिए ऐतिहासिक है। आखिरी बार दक्षिण अफ्रीका ने भारत की सरजमीं पर फरवरी 2010 में टेस्ट जीता था, जब उसने पारी और 6 रन से जीत दर्ज की थी।

उसके बाद से भारत में खेले 8 टेस्ट मैचों में दक्षिण अफ्रीका को एक भी जीत नहीं मिली थी (7 हार, 1 ड्रॉ)। तेंबा बावुमा की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका ने 15 साल का सूखा खत्म करते हुए ईडन गार्डन्स में बड़ी उपलब्धि हासिल की।

पंजाब केसरी लाला लाजपत राय: राष्ट्रवाद की प्रचंड ज्वाला और जन–जागरण के अमर नायक

भारत के स्वाधीनता इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं, जिनकी विचार–दीप्ति और त्याग–साधना ने पूरे राष्ट्र के मन में स्वतंत्रता की लौ प्रज्वलित की। लाला लाजपत राय, जिन्हें पूरा देश ‘पंजाब केसरी’ के नाम से जानता है, ऐसे ही महान राष्ट्रपुरुष थे। वे केवल राजनीतिक नेता ही नहीं, बल्कि विचारक, समाज-सुधारक, शिक्षाविद, लेखक और क्रांतिकारी चेतना के संवाहक थे। उनका जीवन संघर्ष, साहस और राष्ट्रनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है।
लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को पंजाब के मोगा ज़िले के धुदिके गाँव में हुआ। उनके पिता राधाकृष्ण अग्रवाल स्कूल शिक्षक थे और माता गुलाब देवी अत्यंत धार्मिक तथा संस्कारवान थीं। परिवार का सादा जीवन, भारतीय संस्कृति के प्रति गहरा अनुराग और समाज सेवा की प्रेरणा ने उनके व्यक्तित्व में सत्यनिष्ठा, साहस और कर्तव्यपरायणता के बीज बचपन से ही रोप दिए। लाहौर में पढ़ाई के दौरान उन्होंने कानून की पढ़ाई की और आर्य समाज के संपर्क में आकर स्वाभिमान तथा स्वदेश-प्रेम की नई धारा को अपनाया।
स्वाधीनता आंदोलन में उनका योगदान असाधारण रहा। वे ‘लाल–बाल–पाल’ की राष्ट्रवादी त्रयी—लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल के प्रमुख स्तंभ थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध असर्टिव नेशनलिज़्म की धारा को मजबूत आधार दिया। पंजाब में ब्रिटिश दमन के विरुद्ध आंदोलनों का संचालन हो या बंग-भंग के खिलाफ देश में जागृति फैलाने की बात, हर मोर्चे पर लाजपत राय अग्रिम पंक्ति में दिखाई देते हैं। उनके नेतृत्व ने स्वदेशी आंदोलन को नई दिशा दी और भारतीय उद्योगों तथा आत्मनिर्भरता के विचार को सुदृढ़ किया। अंग्रेज़ सरकार ने कई बार उन्हें जेल भेजकर उनके उभार को रोकने की कोशिश की, परंतु उनका संकल्प कभी नहीं डगमगाया।
राजनीतिक संघर्ष के साथ-साथ उन्होंने समाज-सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए। दयानंद एंग्लो वैदिक महाविद्यालयों के विस्तार में उनका योगदान प्रसिद्ध है। लाला लाजपत राय ट्रस्ट की स्थापना, वंचित वर्गों के उत्थान की पहल और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में उनकी सक्रियता ने समाज को नई दिशा दी। वे मानते थे कि स्वतंत्रता की वास्तविक मजबूती तभी सुनिश्चित होगी जब समाज शिक्षित, जागरूक और समान अवसरों वाला बनेगा।
विदेश प्रवास के दौरान उन्होंने भारत की स्वतंत्रता को वैश्विक मंच पर बुलंद आवाज दी। अमेरिका और इंग्लैंड में रहकर उन्होंने भारतीयों को संगठित किया, अनेक व्याख्यानों के माध्यम से विश्व को भारत की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया और ‘यंग इंडिया’ जैसे प्रकाशनों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिलाया।
1928 में साइमन कमीशन के बहिष्कार के दौरान उन्होंने लाहौर में विशाल और ऐतिहासिक प्रदर्शन का नेतृत्व किया। पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर क्रूर लाठीचार्ज किया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। तब उन्होंने कहा “मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला देगी।” यही चोटें आगे चलकर उनके बलिदान का कारण बनीं और 17 नवंबर 1928 को उनका देहावसान हो गया। उनकी शहादत ने राष्ट्र को झकझोर दिया और स्वतंत्रता आंदोलन, विशेषकर क्रांतिकारी धारा, को नई ऊर्जा प्रदान की।
लालालाजपत राय एक गंभीर और प्रभावशाली लेखक भी थे। उनकी पुस्तकों “यंग इंडिया”, “अनहैप्पी इंडिया”, “स्वराज्य और सामाजिक सुधार” में भारतीय समाज, उपनिवेशवाद और स्वराज के प्रश्नों पर गहन चिंतन मिलता है। उनका लेखन आत्मसम्मान, जागृति और संगठन की प्रेरणा देता है।
उनकी संपूर्ण जीवन-यात्रा भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष की एक ऐसी ज्योति है जो आने वाली पीढ़ियों को साहस, निरंतर संघर्ष और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का संदेश देती है। लाला लाजपत राय आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, साहस की मिसाल, त्याग का प्रतीक और राष्ट्रवाद की अमर लौ।

  • नवनीत मिश्र

माज सदाकत के हरफनमौला खेल से पाकिस्तान ए की दमदार जीत, एशिया कप राइजिंग स्टार्स की अंक तालिका में बड़ा बदलाव

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खेल (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में पाकिस्तान ए ने भारत ए को 8 विकेट से हराया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 19 ओवर में 136 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में पाकिस्तान ए ने माज सदाकत की धमाकेदार नाबाद पारी के दम पर 13.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

ग्रुप बी पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान शीर्ष पर

इस जीत के साथ पाकिस्तान ए ने ग्रुप बी की अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है।

पाकिस्तान ए: 2 मैच, 2 जीत, 4 अंक

भारत ए: 2 अंक के साथ दूसरे स्थान पर

भारत ए ने अपने पहले मैच में यूएई को 148 रन से हराया था।

माज सदाकत की मैच-विनिंग पारी

137 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत मजबूत रही।

माज सदाकत और मोहम्मद नईम ने पहले विकेट के लिए 55 रनों की साझेदारी की।

नईम 14 रन बनाकर आउट हुए, जबकि यासिर खान भी 11 रन बनाकर लौटे।

इसके बाद सदाकत ने तेज तर्रार अंदाज में बल्लेबाजी जारी रखी और मोहम्मद फाइक के साथ टीम को जीत दिलाई।

माज सदाकत: 79 रन (नाबाद)*, मोहम्मद फाइक: 16 रन*

भारतीय बल्लेबाजी की नाकामी, 136 पर ढेर हुई टीम

भारत ए की शुरुआती बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। पाकिस्तानी गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा।

वैभव सूर्यवंशी ने 28 गेंदों पर 45 रन की पारी खेली, नमन धीर: 35 रन, हर्ष दुबे: 19 रन

चार भारतीय बल्लेबाज दहाई तक नहीं पहुंच पाए, जबकि दो बिना खाता खोले आउट हुए।


पाकिस्तान ए की गेंदबाजी का जलवा

शाहिद अजीज: 3 विकेट, साद मसूद: 2 विकेट, माज सदाकत: 2 विकेट, उबैद शाह, अहमद दानियाल और सुफियान मुकीम को 1-1 विकेट मिला।

Bigg Boss 19 Top 9 Final! जानें इस हफ्ते घर से कौन हुआ बेघर और रोहित शेट्टी वाले एपिसोड में क्या-क्या हुआ खास

मनोरंजन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। ‘बिग बॉस 19’ का लेटेस्ट वीकेंड एपिसोड इस बार सलमान खान के बिना रोहित शेट्टी ने होस्ट किया और अपनी एनर्जी, ह्यूमर और दमदार स्टाइल से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। पूरे एपिसोड में रोहित ने कंटेस्टेंट्स को मजेदार टास्क करवाए, उनके गेम पर आईना दिखाया और हंसी का तड़का भी लगाया। इसी बीच शो ने अपने टॉप 9 कंटेस्टेंट्स भी घोषित कर दिए।

प्रणित मोरे ने रोहित शेट्टी की रोस्टिंग से जीता दिल

एपिसोड की शुरुआत स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे की एंट्री से हुई, जिन्होंने रोहित शेट्टी की मजेदार रोस्टिंग की। उन्होंने कंटेस्टेंट्स को रोहित की फिल्मों में फिट करने के मजेदार बहाने बताए, जिस पर घर ठहाकों से गूंज उठा। रोहित खुद भी हंसते-हंसते लोटपोट हो गए।

‘शॉक बैंड’ टास्क बना एपिसोड की हाइलाइट

इसके बाद रोहित ने एक धमाकेदार टास्क कराया जिसमें कंटेस्टेंट्स को ‘शॉक बैंड’ पहनकर सवालों का जवाब देना था।

फरहाना भट ने ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने पर ‘हां’ कहा और तुरंत झटका लगा।

शहबाज बदेशा, प्रणीट, अमाल और तान्या ने भी इस टास्क में हिस्सा लिया, जिससे पूरा घर मस्ती से भर गया।

फरहाना के कमेंट्स से बढ़ी तकरार

एक गेम के दौरान फरहाना ने मालती चाहर और गौरव खन्ना को ‘फ्लॉप फिल्म’ जैसे कंटेस्टेंट बताया।
इसके बाद कुनिका ने गौरव पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ ग्रुपिंग के दम पर गेम में टिके हुए हैं और पीठ पीछे बातें करते हैं। उन्होंने उन्हें ‘फट्टू’ भी कहा।
गौरव ने जवाब दिया कि वह कुनिका को गंभीरता से लेते ही नहीं हैं।

इस हफ्ते कोई एविक्शन नहीं—टिकट टू टॉप 9

हालांकि 8 कंटेस्टेंट नॉमिनेट थे, लेकिन रोहित शेट्टी ने घोषणा की कि इस हफ्ते कोई एविक्शन नहीं होगा।
नॉमिनेशन के वोट अगले हफ्ते कैरी फॉरवर्ड किए जाएंगे।

टॉप 9 कंटेस्टेंट फाइनल:
गौरव खन्ना, प्रणित मोरे, अमाल, अशनूर, कुनिका, तान्या, फरहाना भट, मालती चाहर और शहबाज बदेशा।

फरहाना का इमोशनल ब्रेकडाउन

एपिसोड के अंत में ज्योतिषी जया मदान घर में पहुंचीं। उन्होंने फरहाना भट से उनके पिता से रिश्तों पर बात की।
फरहाना ने बताया कि उनके रिश्ते पहले से तनावपूर्ण हैं, जिस पर ज्योतिषी ने उन्हें बातचीत से सुधार की सलाह दी।
इसके बाद फरहाना रो पड़ीं और तान्या भी इमोशनल हो गईं।

01 नवंबर से बदला बैंकिंग नॉमिनेशन सिस्टम: अब जोड़ सकेंगे 4 नॉमिनी, जानें प्राइमरी और सक्सेसिव नॉमिनी किसे बनाएं

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सरकार ने 01 नवंबर 2025 से बैंकिंग नॉमिनेशन सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं। इसका उद्देश्य खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को पैसा मिलने की प्रक्रिया को सरल, तेज और विवाद-रहित बनाना है। नए नियमों के तहत अब ग्राहक हर खाते में चार नॉमिनी जोड़ सकते हैं, जिन्हें प्राइमरी और सक्सेसिव क्रम में चुना जा सकेगा।

कौन बने प्राइमरी नॉमिनी?

प्राइमरी नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जिसे बैंक सबसे पहले भुगतान करता है। सक्सेसिव नॉमिनी तभी सक्रिय होता है जब पहला नॉमिनी जीवित न हो।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि—

जीवनसाथी या मुख्य आश्रित को प्राइमरी नॉमिनी बनाएं

बच्चों या अन्य रिश्तेदारों को सक्सेसिव नॉमिनी में रखें

शादी, बच्चे का जन्म या मृत्यु जैसी किसी भी बड़ी घटना पर नॉमिनेशन अपडेट करना न भूलें

नए नॉमिनेशन सिस्टम के फायदे

चार नॉमिनी जोड़ने से परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

पहला नॉमिनी न होने पर बैंक तुरंत दूसरे नॉमिनी को अधिकार दे सकेगा।

भुगतान क्रम स्पष्ट होने से परिवार में विवाद कम होंगे।

RBI ने बैंक को सभी दस्तावेज मिलने के 15 दिन के भीतर दावा निपटाने का निर्देश दिया है।

परिवार को कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

सिमुल्टेनियस और सक्सेसिव—दो नए विकल्प

  1. Simultaneous Nomination

जब आप पैसा दो या अधिक लोगों में एक साथ बांटना चाहते हैं

जैसे: पत्नी और बेटे को 50–50 फीसदी हिस्सा

  1. Successive Nomination

जब पैसा क्रम से दिया जाए

जैसे: पहले पत्नी → फिर बेटा → उसके बाद तीसरा व्यक्ति

लॉकर और सेफ कस्टडी में केवल सक्सेसिव नॉमिनेशन की अनुमति है।

क्या कहते हैं वित्त विशेषज्ञ?

नेक्सजेन के फाउंडर-डायरेक्टर डॉ. दीपक जैन के अनुसार नए नियम नॉमिनेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और लचीला बनाते हैं। सही नॉमिनेशन रणनीति अपनाकर ग्राहक सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनकी मेहनत की कमाई बिना रुकावट सही व्यक्ति तक पहुंचे।

आने वाले IPO की लिस्टिंग तिथि

18 नवंबर: PhysicsWallah Ltd (₹3,480 करोड़), Emmvee Photovoltaic Power Ltd (₹2,900 करोड़)

19 नवंबर: Tenneco Clean Air India Ltd (₹3,600 करोड़)

20 नवंबर: Fujiyama Power Systems Ltd (₹828 करोड़)

कंपनियों के तिमाही नतीजे / घोषणाएं

18 नवंबर: नैटको फार्मा, गारवारे हाईटेक फिल्म्स, गुडईयर इंडिया, भरतिया इंटरनेशनल

21 नवंबर: मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस PMI

डिस्क्लेमर: यह खबर विभिन्न विशेषज्ञों और फर्मों की राय पर आधारित है। निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें। किसी भी नुकसान के लिए अखबार या प्रबंधन जिम्मेदार नहीं होगा।

चंद्रमा की उत्पत्ति—दैवी लीला या ब्रह्मांडीय टक्कर का अनकहा रहस्य?

आकाश की नीरवता में टंगा वह शांत, सौम्य और चिर—परिचित चंद्रमा मानव भावनाओं का सबसे पुराना साथी माना जाता है। उसकी चाँदनी में प्रेमियों ने सपने बुने, कवियों ने रूपक गढ़े और ऋषियों ने उसके योग—नक्षत्रों में भविष्य के संकेत देखे। परंतु इन सबके बीच एक प्रश्न सदियों से मानव जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है—आख़िर यह चंद्रमा आया कहाँ से?
क्या यह किसी दैवी योजना का हिस्सा था, जैसा कि शास्त्र कहते हैं?
या फिर यह वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए किसी महान ‘कॉस्मिक इवेंट’—एक खगोलीय दुर्घटना का परिणाम है?

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यह प्रश्न जितना पुराना है, उसका उत्तर उतना ही रहस्यमय। एपिसोड-2 में हम आपको उसी रहस्यलोक में लिए चलते हैं—जहाँ विज्ञान और आध्यात्म, तथ्य और विश्वास, तर्क और अनुभूति—all एक अद्भुत संगम रचते हैं।
🌑 शास्त्रों में चंद्रमा—देवताओं का उज्ज्वल प्रतीक
भारतीय ग्रंथ चंद्रमा को एक देव रूप में देखते हैं—शीतलता, शांति और चेतना के प्रतीक के रूप में। चंद्रमा मन का अधिपति माना गया है—“चंद्रमा मनसो जातः”—मन से उत्पन्न।
चंद्रमा को सोम, रोहिणी के पति, और अमृत के वाहक का दर्जा दिया गया है।

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वेदों में वर्णित है कि चंद्र तेज से आकाश प्रकाशित रहता है और जल, औषधियों तथा ऋतुओं के चक्र को नियंत्रित करता है।
इन ग्रंथों में चंद्रमा किसी दुर्घटना या विनाश का परिणाम नहीं, बल्कि सृष्टि की सुविचारित योजना का अंग माना गया है—एक ‘दैवी लीला’, जिसने प्रकृति को संतुलन दिया।

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परंतु विज्ञान की कहानी बिल्कुल अलग दिशा में ले जाती है…
🌔 विज्ञान की दृष्टि: एक महाविनाश जिसने जन्म दिया चांद को
विज्ञान की सबसे स्वीकार्य थ्योरी है—

The Giant Impact Hypothesis (महाटक्कर सिद्धांत)
लगभग 4.5 अरब वर्ष पहले, जब पृथ्वी अभी नवयुवा थी—धधकती, पिघली हुई, रूप लेती हुई—तभी उसके साथ हुआ इतिहास का सबसे बड़ा खगोलीय हादसा।

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📌 यह हादसा कैसे हुआ?
एक मंगल आकार की वस्तु—जिसे वैज्ञानिक ‘थीया (Theia)’ कहते हैं—अंतरिक्ष में तेजी से घूमते हुए नवगठित पृथ्वी से टकराई।
यह टक्कर इतनी भीषण थी कि—
पृथ्वी का बड़ा हिस्सा पिघलकर अंतरिक्ष में उछल गया,
लाखों–करोड़ों टन सामग्री पृथ्वी की कक्षा में फैल गई,
कुछ ही समय में उस सामग्री से एक रिंग बनी,
और फिर धीरे-धीरे उन कणों के जुड़ने से बना—हमारा चंद्रमा।
विज्ञान कहता है कि चंद्रमा एक विनाश से पैदा हुआ… पर वह विनाश हमारे लिए वरदान साबित हुआ।

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🌕 पृथ्वी के जीवन में चंद्रमा क्यों है अनिवार्य?
यदि चंद्रमा न होता, तो पृथ्वी का जीवन वैसा नहीं होता जैसा हम देखते हैं।

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स्थिर अक्ष—स्थिर जीवन पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकी हुई है। यही झुकाव ऋतुएं बनाता है। चंद्रमा इस झुकाव को स्थिर रखता है।
बिना चंद्रमा के—पृथ्वी का झुकाव 0° से 85° तक बदल सकता था,
मौसम अनिश्चित होते,जीवन का विकास ठहर सकता था।

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समुद्र की लहरों का हृदय—ज्वार–भाटा चंद्रमा पृथ्वी के जल को खींचता है।ज्वार–भाटा समुद्री जीवन और मौसम चक्र के लिए जीवनरेखा हैं।रात्रि का प्राकृतिक प्रकाश सदियों तक चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र नाइट—लैंप रहा है।आदिकालीन मानव सभ्यता की रात्रि यात्राएं, पर्व, खेती, समय गणना—सभी कुछ चंद्रमा की रोशनी पर आधारित रहे।
🌖 चंद्रमा—आस्था और विज्ञान के बीच सेतु
दिलचस्प यह है कि जहाँ विज्ञान चंद्रमा को एक खगोलीय टक्कर का परिणाम बताता है, वहीं शास्त्र इसे स्थिरता, शांति और चेतना का प्रतीक मानते हैं।
पर दोनों की कहानियों में एक अद्भुत समानता है ।चंद्रमा न होता, तो पृथ्वी पर जीवन का संतुलन भी न होता।
विज्ञान कहता है—“चंद्रमा पृथ्वी को स्थिर रखता है।”शास्त्र कहते हैं—
“चंद्रमा मन और प्रकृति की स्थिरता का देव रूप है।”
दोनों इस सच्चाई पर मिलते हैं कि चंद्रमा पृथ्वी का ‘संरक्षक’ है—बाह्य स्तर पर भी और आध्यात्मिक स्तर पर भी।
🌒 भविष्य का चंद्रमा—क्या हम उसे फिर पहचान पाएंगे?
विज्ञान कहता है कि चंद्रमा धीरे-धीरे पृथ्वी से दूर जा रहा है—
हर साल 3.8 सेंटीमीटर।एक दिन, करोड़ों वर्ष बाद—ज्वार कमज़ोर हो जाएंगे,ग्रहण दुर्लभ हो जाएंगे,चंद्रमा आकाश में छोटा दिखाई देगा।
पर तब तक यह मानव सभ्यता को अनगिनत प्रेरणाएँ दे चुका होगा।
🌕 चंद्रमा: जन्म भी रहस्य, भविष्य भी रहस्य
चंद्रमा की उत्पत्ति की कहानी विनाश और सृजन दोनों का मिश्रण है।
शास्त्र इसे देवत्व का उद्गम कहते हैं, विज्ञान इसे आग और टक्कर का परिणाम बताता है। पर सच यह है कि—चंद्रमा पृथ्वी का मौन संरक्षक है,भावनाओं का चिरसखा है,और सौंदर्य का अनन्त प्रतीक।

दिल्ली ब्लास्ट पर भड़के बलूच नेता मीर यार बलोच, कहा — ‘यह पाकिस्तान की ओर से भारत को युद्ध का ऐलान’

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। लाल किला के पास दिल्ली में हुए आतंकी धमाके और उसके बाद श्रीनगर में हुए विस्फोट पर बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि भारत में हुए ये हमले “पाकिस्तान की ओर से युद्ध की घोषणा” जैसे हैं। मीर यार ने पाकिस्तान के पिछले 78 वर्षों के इतिहास, आतंकवाद और राजनीतिक-आर्थिक अस्थिरता पर भी तीखा प्रहार किया।

‘पाकिस्तान आतंकवाद छोड़ने वाला नहीं’ — मीर यार

मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बलूचिस्तान के संसाधनों के शोषण पर आधारित है और उसकी सेना दशकों से आतंकवादी संगठनों को पनाह और प्रशिक्षण देती रही है। उनके अनुसार, पाकिस्तान एक बार फिर भारत में 1990 के दशक जैसी स्थिति पैदा करने की तैयारी में है।

भारत को इजरायल जैसी निर्णायक कार्रवाई करने की सलाह

बलूच विश्लेषकों का हवाला देते हुए मीर यार ने कहा कि पाकिस्तान का आतंकवाद रोकने का कोई इरादा नहीं है, इसलिए भारत को इजरायल की तरह “बड़े पैमाने पर निर्णायक जवाब” देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान भारत के साथ एक महीने का भी सीधा सैन्य टकराव नहीं झेल पाएगा।

अफगानिस्तान में भारत को सैन्य एयरबेस बनाने का सुझाव

मीर यार बलोच ने सुझाव दिया कि भारत को अफगानिस्तान में बगराम समेत कम से कम दस अतिरिक्त हवाई अड्डे बनाने चाहिए, ताकि वहां से पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियानों को अंजाम दिया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान को डिफेंस सिस्टम और लंबी दूरी की मिसाइलें मुहैया कराने की भी वकालत की।

भारत-बालूच-अफगान त्रिपक्षीय सम्मेलन की मांग

मीर ने कहा कि दिल्ली और काबुल को मिलकर एक भारत-अफगानिस्तान-बलूचिस्तान त्रिपक्षीय सम्मेलन आयोजित करना चाहिए, ताकि पाकिस्तान द्वारा छेड़े गए आतंकवाद और प्रॉक्सी युद्ध का प्रभावी समाधान निकाला जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि बलूच नेताओं को भारत बुलाना “पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के ताबूत में आखिरी कील” साबित होगा। मीर के मुताबिक, भारत और अफगानिस्तान में स्थायी शांति तभी संभव है जब बलूचिस्तान एक स्वतंत्र राष्ट्र बने।

फरेन्दा पुलिस का बड़ा अभियान: 11 कुंतल लहन बरामद, मौके पर नष्ट — अवैध कच्ची शराब निर्माण पर करारा प्रहार

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। अवैध कच्ची शराब निर्माण के खिलाफ महराजगंज पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी सिलसिले में फरेन्दा थाना पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की। पुलिस अधीक्षक महराजगंज के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गठित टीम ने ग्राम भारीवैसी और निरनाम पश्चिमी में एक साथ दबिश देकर भारी मात्रा में लहन बरामद किया।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने करीब 11 कुंतल लहन पकड़ा, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। यह वही सामग्री है जिसका इस्तेमाल अवैध कच्ची शराब बनाने में किया जाता है। पुलिस को आशंका है कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध शराब की आपूर्ति की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण की गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई गई है। टीम ने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करते हुए स्पष्ट किया कि कच्ची शराब बनाने या बेचने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अभियान के बाद अवैध शराब कारोबारियों में खलबली मची हुई है। स्थानीय लोग पुलिस की इस कार्रवाई को सराह रहे हैं और इसे शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देख रहे हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शराब निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल स्थानीय थाने को सूचित करें।